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नीट परीक्षा के पेपर को 'युद्ध' स्तर पर संभाला गया, जिसकी सुरक्षा अंततः सेना के हवाले की गई। इस घटना को इस बात का प्रमाण बताया गया है कि सिस्टम और सरकार के हर स्तर पर प्रभावशाली भ्रष्ट लोग बैठे हुए हैं। साथ ही, यह आरोप लगाया गया है कि ये भ्रष्ट इतने शक्तिशाली हैं कि कोई उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता।
कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
नीट परीक्षा के पेपर को 'युद्ध' स्तर पर संभाला गया, जिसकी सुरक्षा अंततः सेना के हवाले की गई। इस घटना को इस बात का प्रमाण बताया गया है कि सिस्टम और सरकार के हर स्तर पर प्रभावशाली भ्रष्ट लोग बैठे हुए हैं। साथ ही, यह आरोप लगाया गया है कि ये भ्रष्ट इतने शक्तिशाली हैं कि कोई उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता।
- अखिलेश ज्योतिषीनरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेशयह सरकार की पारदर्शिता और सुशासन का प्रमाण है मोदी सरकार देश की प्रशासनिक व्यवस्था की जड़ों में बरसों से पैबस्त कांग्रेस शासन के जहरीले दीमक को समाप्त कर रही है ।2 hrs ago
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- करेली के सुभाष मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में धर्मलाभ अर्जित किया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली नगर के सुभाष मैदान में नौ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य और युवा विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (सहज) के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस आध्यात्मिक महापर्व में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया। समापन दिवस पर, सुबह भगवान श्री जिनेन्द्रदेव का अभिषेक, शांतिधारा और विशेष पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधिपूर्वक श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान में हिस्सा लिया। इस दौरान पूरे आयोजन स्थल पर मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण धर्ममय बना रहा। समापन के अवसर पर नगर में पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज की अगुवाई में एक भव्य एवं दिव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वजाएं लेकर शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें रथ के ऊपर भगवान जिनेन्द्रदेव की दिव्य प्रतिमाएं विराजमान थीं। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भक्ति भाव से भगवान जिनेंद्र देव की आरती की। पूरी रथयात्रा के दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए वीर प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर धार्मिक वातावरण में सराबोर हो गया। करेली पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की। आयोजन समिति ने बताया कि विश्वशांति, मानव कल्याण और आत्मोत्थान की भावना से आयोजित यह नौ दिवसीय धार्मिक महापर्व नगर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव नगर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 10 फीट ऊंची भव्य अष्टधातु प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल थे, जिन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस कलात्मक शौर्य स्तंभ का पर्दा हटाकर अनावरण किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल और विधायक महेंद्र नागेश सहित राजपूत क्षत्रिय समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में आम जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजपूत क्षत्रिय समाज के जिला अध्यक्ष ठाकुर इंद्र भूषण सिंह, तहसील अध्यक्ष द्वारका सिंह राजपूत, युवा अध्यक्ष राजेश राजपूत, राजू राजपूत, शक्ति राजपूत, वरिष्ठ पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गोटेगांव, नरसिंहपुर, करेली, गाडरवारा समेत अन्य नगरों से आए सैकड़ों गणमान्य नागरिकों के साथ वीर शिरोमणि के चरणों में पुष्प अर्पित किए। संपूर्ण कार्यक्रम स्थल 'जय राजपूताना' और 'वीर महाराणा प्रताप अमर रहें' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा। प्रतिमा अनावरण के बाद अपने संबोधन में मंत्री प्रहलाद पटेल ने महाराणा प्रताप की जीवनी और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'राणा' शब्द को उस सर्वोच्च त्याग, संघर्ष और जन-कल्याण की भावना का प्रतीक बताया, जिसे महाराणा प्रताप ने जंगलों में रहकर और घास की रोटी खाकर भी मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवंत रखा। मंत्री पटेल ने युवाओं से आह्वान किया कि महाराणा प्रताप के सिद्धांतों, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को केवल इतिहास में पढ़ने के बजाय अपने व्यावहारिक जीवन में उतारने की आवश्यकता है। गोटेगांव के नागरिकों और विशेषकर क्षत्रिय समाज में इस 10 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा की स्थापना से भारी हर्ष का माहौल है। समाज के प्रतिनिधियों ने इस शौर्य स्तंभ की स्थापना के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा और राष्ट्र स्वाभिमान की प्रेरणा देती रहेगी।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव स्थित देवरी कला निवासी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। इस आवेदन में उन्होंने संगापुर निवासी आकाश पटेल पर राशन वितरण में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगाया है। समूह की महिला अध्यक्ष ने बताया कि संगापुर निवासी व्यक्ति ने समूह की अध्यक्ष और सचिव को पैसे का लालच देकर राशन वितरण का काम अपने हाथों में ले लिया था। अब जब समूह की महिलाओं ने उनसे हिसाब माँगा है, तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। महिलाओं के अनुसार, वितरण मशीन में लगभग 120 क्विंटल अनाज चढ़ा हुआ दिख रहा है, जबकि वास्तव में इस राशन का वितरण नहीं किया गया है। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए, महिलाओं ने कलेक्टर से इस पूरे मामले की गहन जाँच करवाने की माँग की है।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने सूरज नामक व्यक्ति को चेक बाउंस के एक मामले में फिर से जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई तब हुई है जब सूरज हाल ही में जेल से बाहर आया था, जिसके बाद अब वह दोबारा सलाखों के पीछे पहुँच गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में पुलिस ने जुआ खिलाने वाले एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया और गोटेगांव में उसका जुलूस भी निकाला गया। गोटेगांव एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किया गया आरोपी नरेंद्र पटेल उर्फ पप्पू थाना ठेमी के ग्राम बड़ी सेमरी का रहने वाला है। वह आदतन अपराधी है और उसका एक लंबा आपराधिक इतिहास है। पुलिस को उसके खिलाफ लगातार जुआ खेलने और खिलाने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने आरोपी नरेंद्र पटेल उर्फ पप्पू के विरुद्ध 110 की कार्रवाई की है। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।1
- विश्व सिकल सेल दिवस का मुख्य उद्देश्य सिकल सेल रोग (SCD) नामक एक आनुवंशिकी रक्त बीमारी के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिवस के लिए वर्ष 2026 का थीम "जीवित रहने के अंतर को कम करना सिकल सेल रोग में समानता" निर्धारित किया गया है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2008 में मान्यता प्राप्त होने के बाद से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस बीमारी की खोज साल 1910 में जेम्स हैरिक द्वारा की गई थी, जब उन्होंने एक 20 वर्षीय लड़के में बुखार, श्वसन प्रणाली की समस्याएँ, पेट दर्द और अल्सर जैसी समस्याएँ देखीं, जो खून की कमी के कारण हो रही थीं। इसी दौरान उन्होंने इस आनुवंशिकी बीमारी के बारे में शोध किया। यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आती है और जीवन भर परेशान करती है, क्योंकि इसमें हीमोग्लोबिन हँसिये के आकार का हो जाता है, जिससे खून परिपक्व नहीं हो पाता। सिकल सेल रोग के प्रमुख लक्षणों में खून की कमी, भयंकर दर्द, थकान, स्ट्रोक और संक्रमण जैसी गंभीर समस्याएँ शामिल हैं। इस दिवस को मनाने का एक और उद्देश्य है कि इस गंभीर बीमारी के शुरुआती लक्षणों की जाँच, उपचार और समाज में इसके प्रति फैली कलंक को दूर किया जा सके। इसके इलाज में खून की कमी को पूरा करना, आयरन और फोलिक एसिड की दवाएँ नियमित रूप से लेना, तथा चुकंदर, पालक और मौसमी फल जैसे घरेलू उपाय शामिल हैं। गंभीर खून की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी किया जाता है, जिसके लिए सही समय पर डॉक्टर को दिखाना महत्वपूर्ण है।3
- नीट परीक्षा के पेपर को 'युद्ध' स्तर पर संभाला गया, जिसकी सुरक्षा अंततः सेना के हवाले की गई। इस घटना को इस बात का प्रमाण बताया गया है कि सिस्टम और सरकार के हर स्तर पर प्रभावशाली भ्रष्ट लोग बैठे हुए हैं। साथ ही, यह आरोप लगाया गया है कि ये भ्रष्ट इतने शक्तिशाली हैं कि कोई उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता।1