चंबल के गहरे पानी में समाए पिता-पुत्र, SDRF ने संभाला मोर्चा बाबू महाराज के दर्शन के लिए परिवार के साथ पहुंचे थे, नहाते समय गहराई में जाने से हुआ हादसा मुरैना। चिन्नौनी थाना क्षेत्र के कर्जोनी घाट पर रविवार को चंबल नदी में नहाना एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। नदी के गहरे पानी में चले जाने से पिता-पुत्र डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि ग्वालियर के बिरला नगर निवासी सदस्यों के साथ बाबू महाराज के दर्शन के लिए कर्जोनी घाट पहुंचे थे। इसी दौरान पिता-पुत्र चंबल नदी में नहाने चले गए। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। दोनों को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद SDRF की टीम ने नदी में उतरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम नदी के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। घटना के बाद घाट पर पहुंचे परिवार के बीच चीख-पुकार मच गई। परिजन नदी किनारे दोनों के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिलहाल पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं मिला है और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। गहरे पानी में सावधानी की जरूरत चंबल नदी के घाटों पर पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण नहाने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। कर्जोनी घाट की घटना ने एक बार फिर नदी में नहाते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।
चंबल के गहरे पानी में समाए पिता-पुत्र, SDRF ने संभाला मोर्चा बाबू महाराज के दर्शन के लिए परिवार के साथ पहुंचे थे, नहाते समय गहराई में जाने से हुआ हादसा मुरैना। चिन्नौनी थाना क्षेत्र के कर्जोनी घाट पर रविवार को चंबल नदी में नहाना एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। नदी के गहरे पानी में चले जाने से पिता-पुत्र डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि ग्वालियर के बिरला नगर निवासी सदस्यों के साथ बाबू महाराज के दर्शन के लिए कर्जोनी घाट पहुंचे थे। इसी दौरान पिता-पुत्र चंबल नदी में नहाने चले गए। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। दोनों को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद SDRF की टीम ने नदी में उतरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम नदी के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। घटना के बाद घाट पर पहुंचे परिवार के बीच चीख-पुकार मच गई। परिजन नदी किनारे दोनों के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिलहाल पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं मिला है और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। गहरे पानी में सावधानी की जरूरत चंबल नदी के घाटों पर पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण नहाने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। कर्जोनी घाट की घटना ने एक बार फिर नदी में नहाते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।
- गणेश उत्सव को लेकर पोरसा थाने में शांति समिति की बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने पर जोर, समितियों को व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पोरसा। गणेश उत्सव को लेकर थाना पोरसा परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी गणेश उत्सव के दौरान क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चर्चा की गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों से पर्व को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई। बैठक में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना, विसर्जन, जुलूस, यातायात व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा तथा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले आयोजनों को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि गणेश उत्सव आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसलिए आयोजन के दौरान सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अनुशासन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। जुलूस और विसर्जन को लेकर व्यवस्था पर चर्चा बैठक में गणेश प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक की व्यवस्थाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। गणेश उत्सव समितियों से कहा गया कि जुलूस के दौरान निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जाए और ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे आम लोगों को परेशानी हो। जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी समितियों से सहयोग की अपेक्षा की गई। विसर्जन के दौरान भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए सावधानी बरतने पर जोर दिया गया। नदी अथवा जलाशय में विसर्जन के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करने तथा बच्चों को गहरे पानी में जाने से रोकने की बात कही गई। डीजे और ध्वनि को लेकर भी रहेगी नजर गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी चर्चा की गई। समितियों से निर्धारित नियमों और समय-सीमा का पालन करने की अपील की गई, ताकि धार्मिक आयोजन के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील बैठक में सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक संदेश को बिना पुष्टि के आगे प्रसारित न करें। किसी विवाद अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की बात कही गई। समितियों से सहयोग की अपेक्षा पुलिस की ओर से गणेश उत्सव समितियों से आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों की व्यवस्था रखने, भीड़ को नियंत्रित करने और पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपील की गई। बैठक में मौजूद नागरिकों और समिति पदाधिकारियों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से गणेश उत्सव मनाने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का भरोसा दिलाया। पोरसा थाना प्रभारी जय दिप सिंह भदौरिया ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान पोरसा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आयोजक समितियों और आम नागरिकों के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराया जाएगा। बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि आस्था के इस पर्व में उत्साह के साथ अनुशासन और भाईचारा भी बना रहे।2
- मैं हर रोज पूजा नहीं करता! मगर हर रोज ऐसा कर्म करने का जरूर प्रयास करता हूं कि मेरे कर्मों से किसी के मन को ठेस, दुःख ना पहूंचे 🙏 खंडवा माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी ओंकारेश्वर घाट पर माँ नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं लोक-मंगल की कामना की। आस्था और श्रद्धा से सराबोर नर्मदा तट पर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। फोटो कैप्शन: माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाई 🙏🚩4
- माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी ओंकारेश्वर घाट पर माँ नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं लोक-मंगल की कामना की। आस्था और श्रद्धा से सराबोर नर्मदा तट पर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाई माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी,,,, अंबाह/ओंकारेश्वर घाट पर माँ नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं लोक-मंगल की कामना की। आस्था और श्रद्धा से सराबोर नर्मदा तट पर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। माँ नर्मदा की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाई।2
- 🚨⭐ थाना प्रभारी वीरेश सिंह कुशवाहा की सक्रियता से मिली सफलता फरार आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर थाना स्तर पर लगातार दबिश और तकनीकी व मुखबिर तंत्र के माध्यम से प्रयास किए जा रहे थे। थाना प्रभारी अम्बाह निरीक्षक वीरेश सिंह कुशवाहा के कुशल नेतृत्व, सतत निगरानी और टीम को लगातार दिए गए दिशा-निर्देशों के परिणामस्वरूप पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता मिली। 👇☝️ हत्या के प्रयास के फरार आरोपी को अम्बाह पुलिस ने दबोचा, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व 315 बोर का कट्टा बरामद अम्बाह। पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर एवं एसडीओपी अम्बाह श्री विजय भदौरिया के निर्देशन में थाना अम्बाह पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। थाना अम्बाह में अपराध क्रमांक 400/26 धारा 109(1), 296बी, 351(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज था। विवेचना के दौरान पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने 12 सितंबर 2026 को जरिये मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी सानन्द उर्फ मुक्ता उर्फ राधे शर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी नया पुरा थाना अम्बाह, को ग्राम महासुखापुरा के चंबल बीहड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, 315 बोर का कट्टा, मिस राउंड एवं खाली खोखा बरामद किया गया। प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 भी इजाफा की गई है। थाना प्रभारी वीरेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में अम्बाह पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की धरपकड़ और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए की जा रही लगातार कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है। 👮♂️ सराहनीय भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेश कुशवाहा, सउनि शैलेन्द्र सिंह चौहान, प्रआर रविन्द्र शर्मा, प्रआर स्वदेश (सायबर सेल), आर. राहुल सेंगर, आर. दिनेश जाट, आरक्षक लखनप्रताप जादौन, आरक्षक योगेन्द्र भदौरिया, आर. ओमप्रकाश राजावत, आरक्षक रूपेश सिंह एवं आरक्षक धर्मेन्द्र परमार की सराहनीय भूमिका रही। अम्बाह पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अपराध कर फरार होने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है।#nonfollowers #follower #followerseveryone #friendship #Facebook #facebookpost #facebookreels #viralvideo #FacebookPage1
- मोहब्बत की दुकान कार्यक्रम में पहुंचकर पूर्व मंत्रियों ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का किया आह्वान मोहब्बत की दुकान कार्यक्रम का आयोजन मां शारदा गार्डन गोहद में शनिवार को 4:00 बजे आयोजित किया गया जिसमें लगभग पांच सैकड़ा से अधिक लोग मौजूद रहे इस दौरान पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला एवं पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह विधायक केशव देसाई सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे पूर्व मंत्रियों ने कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का आह्वान किया1
- राजाखेड़ा में बाबू महाराज की दोज पर उमड़े श्रद्धालु,जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को लोक देवता बाबू महाराज की दोज बड़े श्रद्धाभाव और भक्ति के माहौल में मनाई गई। कस्बे के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के पीछे स्थित बाबू महाराज के प्राचीन थान पर सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर परिसर भक्तों से गूंज उठा और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह छाया रहा। श्रद्धालुओं ने बाबू महाराज को बूरा और शक्कर का पारंपरिक भोग लगाया। कई परिवारों ने अपनी मनोकामनाएं पूरी होने और घर-परिवार की खुशहाली के लिए मनौती मांगी। मंदिर प्रांगण में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े चाव से ग्रहण किया। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वातावरण में भक्ति के गीत और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। श्री बाबू महाराज मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामसेवक ठाकुर ने बताया कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दोज को हर वर्ष बाबू महाराज का मेला लगता है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु चीनी और बूरे का भोग लगाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। महंत ने कहा कि बाबू महाराज क्षेत्र के लोक देवता हैं और उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबू महाराज की दोज राजाखेड़ा और आसपास के गांवों में विशेष महत्व रखती है। हर वर्ष इस अवसर पर दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और थान पर श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। राजाखेड़ा में बाबू महाराज की दोज पर उमड़े श्रद्धालु,जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को लोक देवता बाबू महाराज की दोज बड़े श्रद्धाभाव और भक्ति के माहौल में मनाई गई। कस्बे के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के पीछे स्थित बाबू महाराज के प्राचीन थान पर सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचने लगे। मंदिर परिसर भक्तों से गूंज उठा और पूरे इलाके में धार्मिक उत्साह छाया रहा। श्रद्धालुओं ने बाबू महाराज को बूरा और शक्कर का पारंपरिक भोग लगाया। कई परिवारों ने अपनी मनोकामनाएं पूरी होने और घर-परिवार की खुशहाली के लिए मनौती मांगी। मंदिर प्रांगण में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने बड़े चाव से ग्रहण किया। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वातावरण में भक्ति के गीत और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। श्री बाबू महाराज मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामसेवक ठाकुर ने बताया कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दोज को हर वर्ष बाबू महाराज का मेला लगता है। यह परंपरा पिछले कई दशकों से चली आ रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु चीनी और बूरे का भोग लगाकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। महंत ने कहा कि बाबू महाराज क्षेत्र के लोक देवता हैं और उनकी कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबू महाराज की दोज राजाखेड़ा और आसपास के गांवों में विशेष महत्व रखती है। हर वर्ष इस अवसर पर दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और थान पर श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।1
- धौलाना थाने में सिपाही ने की आत्महत्या 15 दिन के अवकाश के बाद दो दिन पहले ही लौटा था ड्यूटी पर, आगरा के हीरापुरा गांव का था निवासी फतेहाबाद : धौलाना थाने में रविवार सुबह पहरा ड्यूटी पर तैनात 2025 बैच के सिपाही आशीष वर्मा ने अपनी सरकारी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज से थाना परिसर में हड़कंप मच गया। साथी पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आशीष वर्मा आगरा की फतेहाबाद तहसील के निबोहरा थाना क्षेत्र के गांव हीरापुरा का रहने वाला था। वह 27 अप्रैल से धौलाना थाने में तैनात था। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह मानसिक तनाव में चल रहा था। करीब 15 दिन का अवकाश लेकर वह दो दिन पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटा था। रविवार सुबह आशीष थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। गोली की आवाज सुनकर थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस ने आशीष के स्वजन को घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सिपाही के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1
- चंबल के गहरे पानी में समाए पिता-पुत्र, SDRF ने संभाला मोर्चा बाबू महाराज के दर्शन के लिए परिवार के साथ पहुंचे थे, नहाते समय गहराई में जाने से हुआ हादसा मुरैना। चिन्नौनी थाना क्षेत्र के कर्जोनी घाट पर रविवार को चंबल नदी में नहाना एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। नदी के गहरे पानी में चले जाने से पिता-पुत्र डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि ग्वालियर के बिरला नगर निवासी सदस्यों के साथ बाबू महाराज के दर्शन के लिए कर्जोनी घाट पहुंचे थे। इसी दौरान पिता-पुत्र चंबल नदी में नहाने चले गए। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। दोनों को बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद SDRF की टीम ने नदी में उतरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम नदी के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। घटना के बाद घाट पर पहुंचे परिवार के बीच चीख-पुकार मच गई। परिजन नदी किनारे दोनों के मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिलहाल पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं मिला है और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। गहरे पानी में सावधानी की जरूरत चंबल नदी के घाटों पर पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण नहाने के दौरान हादसे का खतरा बना रहता है। कर्जोनी घाट की घटना ने एक बार फिर नदी में नहाते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।1