logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

राजस्थान के बाड़ी शहर में एक सूने मकान पर चोरों ने धावा बोला है। इस घटना से पूरे शहर में दहशत का माहौल फैल गया है।

2 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
2 hrs ago

राजस्थान के बाड़ी शहर में एक सूने मकान पर चोरों ने धावा बोला है। इस घटना से पूरे शहर में दहशत का माहौल फैल गया है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • टोंक जिले के दूनी तहसील मुख्यालय स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को जल संरक्षण को समर्पित 'वंदे गंगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पीएम श्री योजना के तहत चल रहे 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का हिस्सा था, जिसका निर्देशन शहरी संकुल शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य कैलाश वर्मा ने किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि देवड़ावास के प्रधानाचार्य भूपेश साहू रहे। मुख्य अतिथि भूपेश साहू ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया, जिसमें कुआं, तालाब और बावड़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के रखरखाव के साथ-साथ जल बचाने और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने का संकल्प दिलाया। प्राध्यापक गिरधारी लाल शर्मा ने गंगा दशहरा के अवसर पर राजा भागीरथी की तपस्या और गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथाएं सुनाकर गंगा के महत्व को समझाया। शिविर संचालक अशोक शर्मा ने बताया कि इस दौरान शिविरार्थियों के लिए जल संरक्षण पर आधारित पोस्टर, निबंध, रंगोली और कविता जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। वोकेशनल ट्रेनर मुरली सैनी और पंचायत सहायक श्वेता माथुर के मार्गदर्शन में 'जल है तो कल है' की थीम पर दूनी चौराहे पर एक रैली निकालकर जल बचाने का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय शिक्षक हेमराज बलाई, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी शंकर लाल मीणा, संगीता जैन, त्रिलोक चंद कलाल, मुकेश गुर्जर, प्रियंका गौतम, पूजा सेन, ट्रेनर सूर्य प्रताप सिंह नाथावत, प्रेरणा राव, आरती गुर्जर, श्रीराम गुर्जर सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में शिविरार्थी उपस्थित रहे।
    1
    टोंक जिले के दूनी तहसील मुख्यालय स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को जल संरक्षण को समर्पित 'वंदे गंगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पीएम श्री योजना के तहत चल रहे 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का हिस्सा था, जिसका निर्देशन शहरी संकुल शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य कैलाश वर्मा ने किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि देवड़ावास के प्रधानाचार्य भूपेश साहू रहे।

मुख्य अतिथि भूपेश साहू ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया, जिसमें कुआं, तालाब और बावड़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के रखरखाव के साथ-साथ जल बचाने और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने का संकल्प दिलाया। प्राध्यापक गिरधारी लाल शर्मा ने गंगा दशहरा के अवसर पर राजा भागीरथी की तपस्या और गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथाएं सुनाकर गंगा के महत्व को समझाया। शिविर संचालक अशोक शर्मा ने बताया कि इस दौरान शिविरार्थियों के लिए जल संरक्षण पर आधारित पोस्टर, निबंध, रंगोली और कविता जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। वोकेशनल ट्रेनर मुरली सैनी और पंचायत सहायक श्वेता माथुर के मार्गदर्शन में 'जल है तो कल है' की थीम पर दूनी चौराहे पर एक रैली निकालकर जल बचाने का संदेश प्रसारित किया गया।

इस अवसर पर राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय शिक्षक हेमराज बलाई, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी शंकर लाल मीणा, संगीता जैन, त्रिलोक चंद कलाल, मुकेश गुर्जर, प्रियंका गौतम, पूजा सेन, ट्रेनर सूर्य प्रताप सिंह नाथावत, प्रेरणा राव, आरती गुर्जर, श्रीराम गुर्जर सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में शिविरार्थी उपस्थित रहे।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई, 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीसलदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल पूजन के साथ हुई, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री बीसलपुर बांध तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बस से गए। कार्यक्रम के बाद, उन्होंने ईसरदा बांध, गलवा बांध और बंध बरेठा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी किया और विभिन्न जल परियोजनाओं की समीक्षा की। यह अभियान 25 मई, 2026 (गंगा दशमी) से 5 जून, 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में व्याप्त जल संकट का समाधान करना, राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को पुनर्जीवित करना है। अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना और प्रदेश को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गांवों और शहरों में प्रभात फेरियां, जल चौपालें और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश में जन भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसके तहत शपथ ग्रहण और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    1
    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई, 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीसलदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल पूजन के साथ हुई, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री बीसलपुर बांध तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बस से गए। कार्यक्रम के बाद, उन्होंने ईसरदा बांध, गलवा बांध और बंध बरेठा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी किया और विभिन्न जल परियोजनाओं की समीक्षा की।

यह अभियान 25 मई, 2026 (गंगा दशमी) से 5 जून, 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में व्याप्त जल संकट का समाधान करना, राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को पुनर्जीवित करना है। अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना और प्रदेश को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।

'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गांवों और शहरों में प्रभात फेरियां, जल चौपालें और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश में जन भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसके तहत शपथ ग्रहण और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    1 hr ago
  • टोंक जिले में दो सरकारी स्कूलों को आपस में जोड़ने वाला एक रास्ता भारी गंदगी से अटा पड़ा है। इस रास्ते का उपयोग प्रतिदिन विद्यार्थी करते हैं, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण छात्रों को आवागमन में रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    1
    टोंक जिले में दो सरकारी स्कूलों को आपस में जोड़ने वाला एक रास्ता भारी गंदगी से अटा पड़ा है। इस रास्ते का उपयोग प्रतिदिन विद्यार्थी करते हैं, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण छात्रों को आवागमन में रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Sher
    Sher
    टोंक, टोंक, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा तहसील के सारसोंप गांव में जलदाय विभाग द्वारा कुएं की सफाई किए बिना ही पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' ने इस मामले को प्रमुखता से प्रसारित किया, जिसके बाद यह मुद्दा सामने आया। खबर का संज्ञान लेते हुए, जलदाय विभाग के अधिकारी तत्काल हरकत में आए और उन्होंने कुएं की सफाई करवाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शुद्ध पानी की सप्लाई का भरोसा भी दिया। इस दौरान, ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से भविष्य में कुएं की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस घटना ने 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' की खबर के असर को स्पष्ट रूप से दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप जलदाय विभाग ने अशुद्ध पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया।
    1
    चौथ का बरवाड़ा तहसील के सारसोंप गांव में जलदाय विभाग द्वारा कुएं की सफाई किए बिना ही पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' ने इस मामले को प्रमुखता से प्रसारित किया, जिसके बाद यह मुद्दा सामने आया।

खबर का संज्ञान लेते हुए, जलदाय विभाग के अधिकारी तत्काल हरकत में आए और उन्होंने कुएं की सफाई करवाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शुद्ध पानी की सप्लाई का भरोसा भी दिया। इस दौरान, ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से भविष्य में कुएं की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इस घटना ने 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' की खबर के असर को स्पष्ट रूप से दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप जलदाय विभाग ने अशुद्ध पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • केशोरायपाटन में एक दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
    1
    केशोरायपाटन में एक दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
    user_Nitin Babar Journalist
    Nitin Babar Journalist
    Local News Reporter केशोरायपाटन, बूंदी, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • कोटा में 25 मई को, जिला प्रभारी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जो आयोजना विभाग, सांख्यिकी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सचिव भी हैं, ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" को राज्य सरकार का जल संरक्षण को समर्पित एक महत्वाकांक्षी अभियान बताया और सभी विभागों से नवाचारी पहल करते हुए ऐसे कार्य करने का आह्वान किया जिससे यह अभियान सार्थक सिद्ध हो सके। इस दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया भी मौजूद रहे। डॉ. सुरपुर ने अभियान में प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया ताकि जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँच सके। उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के साथ-साथ "हरियालो राजस्थान अभियान" के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा आवंटित लक्ष्यों के मुताबिक पौधारोपण करना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि रोपे गए पौधे जीवित रहें। इसके लिए विभागों को कार्ययोजना बनाकर पुख्ता प्रबंध करने, इस क्षेत्र में आसानी से पनप सकने वाले पौधे लगाने, और पौधारोपण में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने को कहा गया। उन्होंने सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से भी पौधारोपण को बढ़ावा देने तथा रामगंजमंडी क्षेत्र में कोटा स्टोन के वेस्ट का कलात्मक उपयोग कर ट्री-गार्ड एवं पौधों के संरक्षण के इंतजामों में काम लेने का सुझाव दिया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि जहाँ-जहाँ रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हुए हैं, उन्हें सक्रिय किया जाए और जो सक्रिय हैं, उनके सकारात्मक परिणामों से आमजन को अवगत कराया जाए ताकि अन्य भी इसके लिए प्रेरित हो सकें। रूफटॉप गार्डनिंग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया, और जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में जल संरक्षण संरचनाओं को सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, जोहड़, बावड़ी इत्यादि के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित इन स्रोतों को समन्वित प्रयासों से स्वच्छ और संरक्षित किया जाए। वर्षा से पूर्व नालों की सफाई और वर्षा जल भराव वाले स्थानों पर समुचित सुरक्षात्मक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक जल अपशिष्ट का पुनः उपयोग सुनिश्चित करने तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को अभियान के दौरान विशेष रूप से पानी की गुणवत्ता पर कार्य करने एवं आमजन को अनावश्यक आरओ पानी का इस्तेमाल कर जल व्यर्थ न करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के फायदों से अवगत कराकर इसे अपनाने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया। पॉलिथीन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए, प्रभारी सचिव ने इसके विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दिया और कहा कि विकल्प देकर इसकी रोकथाम अधिक प्रभावी होगी। नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि वे व्यापारियों को पॉलिथीन के विकल्पों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से संचालित इंसेंटिव स्कीम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
    2
    कोटा में 25 मई को, जिला प्रभारी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जो आयोजना विभाग, सांख्यिकी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सचिव भी हैं, ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" को राज्य सरकार का जल संरक्षण को समर्पित एक महत्वाकांक्षी अभियान बताया और सभी विभागों से नवाचारी पहल करते हुए ऐसे कार्य करने का आह्वान किया जिससे यह अभियान सार्थक सिद्ध हो सके। इस दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया भी मौजूद रहे।

डॉ. सुरपुर ने अभियान में प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया ताकि जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँच सके। उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के साथ-साथ "हरियालो राजस्थान अभियान" के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा आवंटित लक्ष्यों के मुताबिक पौधारोपण करना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि रोपे गए पौधे जीवित रहें। इसके लिए विभागों को कार्ययोजना बनाकर पुख्ता प्रबंध करने, इस क्षेत्र में आसानी से पनप सकने वाले पौधे लगाने, और पौधारोपण में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने को कहा गया। उन्होंने सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से भी पौधारोपण को बढ़ावा देने तथा रामगंजमंडी क्षेत्र में कोटा स्टोन के वेस्ट का कलात्मक उपयोग कर ट्री-गार्ड एवं पौधों के संरक्षण के इंतजामों में काम लेने का सुझाव दिया।

प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि जहाँ-जहाँ रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हुए हैं, उन्हें सक्रिय किया जाए और जो सक्रिय हैं, उनके सकारात्मक परिणामों से आमजन को अवगत कराया जाए ताकि अन्य भी इसके लिए प्रेरित हो सकें। रूफटॉप गार्डनिंग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया, और जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में जल संरक्षण संरचनाओं को सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, जोहड़, बावड़ी इत्यादि के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित इन स्रोतों को समन्वित प्रयासों से स्वच्छ और संरक्षित किया जाए। वर्षा से पूर्व नालों की सफाई और वर्षा जल भराव वाले स्थानों पर समुचित सुरक्षात्मक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक जल अपशिष्ट का पुनः उपयोग सुनिश्चित करने तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को अभियान के दौरान विशेष रूप से पानी की गुणवत्ता पर कार्य करने एवं आमजन को अनावश्यक आरओ पानी का इस्तेमाल कर जल व्यर्थ न करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के फायदों से अवगत कराकर इसे अपनाने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया।

पॉलिथीन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए, प्रभारी सचिव ने इसके विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दिया और कहा कि विकल्प देकर इसकी रोकथाम अधिक प्रभावी होगी। नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि वे व्यापारियों को पॉलिथीन के विकल्पों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से संचालित इंसेंटिव स्कीम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • धौलपुर में जैन समाज ने संत सुरक्षा की अपनी बड़ी मांग को लेकर मौन आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना से जिले में जैन समाज के बीच व्याप्त भावनाओं की झलक मिलती है, जो संतों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंता और मांग को सामने लाए हैं।
    1
    धौलपुर में जैन समाज ने संत सुरक्षा की अपनी बड़ी मांग को लेकर मौन आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना से जिले में जैन समाज के बीच व्याप्त भावनाओं की झलक मिलती है, जो संतों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंता और मांग को सामने लाए हैं।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जैन समाज द्वारा चौथकाबरवाड़ा में एक मौन जुलूस निकाला गया। इस दौरान, जैन समाज ने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की पुरजोर मांग की।
    1
    जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जैन समाज द्वारा चौथकाबरवाड़ा में एक मौन जुलूस निकाला गया। इस दौरान, जैन समाज ने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की पुरजोर मांग की।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • कापरेन में स्टेट हाइवे 37 ए पर कापरेन-रोटेदा मार्ग स्थित आलण की पुलिया अत्यंत जर्जर हो चुकी है। यह पुलिया सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पुलिया की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
    1
    कापरेन में स्टेट हाइवे 37 ए पर कापरेन-रोटेदा मार्ग स्थित आलण की पुलिया अत्यंत जर्जर हो चुकी है। यह पुलिया सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पुलिया की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
    user_Nitin Babar Journalist
    Nitin Babar Journalist
    Local News Reporter केशोरायपाटन, बूंदी, राजस्थान•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.