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धौलपुर में जैन समाज ने संत सुरक्षा की अपनी बड़ी मांग को लेकर मौन आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना से जिले में जैन समाज के बीच व्याप्त भावनाओं की झलक मिलती है, जो संतों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंता और मांग को सामने लाए हैं।

3 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
3 hrs ago

धौलपुर में जैन समाज ने संत सुरक्षा की अपनी बड़ी मांग को लेकर मौन आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना से जिले में जैन समाज के बीच व्याप्त भावनाओं की झलक मिलती है, जो संतों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंता और मांग को सामने लाए हैं।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट पर एक दुखद हादसा हो गया। इस दौरान गंगा में स्नान कर रहे कुछ श्रद्धालु डूब गए। यह घटना गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई।
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    उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट पर एक दुखद हादसा हो गया। इस दौरान गंगा में स्नान कर रहे कुछ श्रद्धालु डूब गए। यह घटना गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा में एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से विहाररत जैन आर्यिका माताजी और संघ की अन्य पूज्य आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन, जिसे समाज समाधि के रूप में देख रहा है, पर जैन समाज में गहरा दुःख और आक्रोश व्याप्त है। इस दुःखद घटना के विरोध में, सकल दिगंबर जैन समाज आंव टोंक ने सुदर्शनोदय क्षेत्र प्रभारी आशीष जैन और रोहित जैन के माध्यम से स्थानीय तहसीलदार महोदय के ज़रिए भारत के माननीय प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों को देखने के बाद पूरे समाज में गहरी आशंका और चिंता का माहौल बना हुआ है। जैन समाज ने इस पूरे मामले की एसआईटी या अन्य एजेंसियों से न्यायिक जाँच कराने की पुरज़ोर माँग की है। इसके अतिरिक्त, समाज ने घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित कर दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने तथा किसी भी षड्यंत्र की पुष्टि होने पर सख्त धाराएँ लगाने की भी माँग की है। समाज ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार के वाहन या सुरक्षा का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनके साथ लगातार हो रहीं दुर्घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। समाज ने अपनी प्रमुख माँगों में विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे पर विशेष प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की अपेक्षा रखी है। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पैदल विहार करने वाले संतों हेतु एक राष्ट्रीय सुरक्षा गाइडलाइन (SOP) तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष कानूनी प्रावधान बनाकर राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति का निर्माण करने की बात कही गई है। चूंकि साधु-संत अपनी आत्मरक्षा नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं, इसलिए उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों व दुर्घटनाओं को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखकर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की माँग रखी गई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जैन समाज के बीच एक 'संत सुरक्षा समन्वय सेल' और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने का भी आग्रह किया गया है। ज्ञापन सौंपते समय, समस्त जैन समाज और संचालक मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। उनका मुख्य उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समाज का मानना है कि संत सुरक्षा केवल एक समाज का विषय नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत की सुरक्षा का प्रश्न है, और शासन-प्रशासन से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है।
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    मध्य प्रदेश के रीवा में एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से विहाररत जैन आर्यिका माताजी और संघ की अन्य पूज्य आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन, जिसे समाज समाधि के रूप में देख रहा है, पर जैन समाज में गहरा दुःख और आक्रोश व्याप्त है।

इस दुःखद घटना के विरोध में, सकल दिगंबर जैन समाज आंव टोंक ने सुदर्शनोदय क्षेत्र प्रभारी आशीष जैन और रोहित जैन के माध्यम से स्थानीय तहसीलदार महोदय के ज़रिए भारत के माननीय प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों को देखने के बाद पूरे समाज में गहरी आशंका और चिंता का माहौल बना हुआ है। जैन समाज ने इस पूरे मामले की एसआईटी या अन्य एजेंसियों से न्यायिक जाँच कराने की पुरज़ोर माँग की है। इसके अतिरिक्त, समाज ने घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित कर दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने तथा किसी भी षड्यंत्र की पुष्टि होने पर सख्त धाराएँ लगाने की भी माँग की है।

समाज ने शासन-प्रशासन का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार के वाहन या सुरक्षा का उपयोग नहीं करते। ऐसे में उनके साथ लगातार हो रहीं दुर्घटनाएँ बेहद चिंताजनक हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। समाज ने अपनी प्रमुख माँगों में विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे पर विशेष प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की अपेक्षा रखी है।

इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पैदल विहार करने वाले संतों हेतु एक राष्ट्रीय सुरक्षा गाइडलाइन (SOP) तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष कानूनी प्रावधान बनाकर राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति का निर्माण करने की बात कही गई है। चूंकि साधु-संत अपनी आत्मरक्षा नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं, इसलिए उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों व दुर्घटनाओं को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखकर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की माँग रखी गई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जैन समाज के बीच एक 'संत सुरक्षा समन्वय सेल' और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था बनाने का भी आग्रह किया गया है।

ज्ञापन सौंपते समय, समस्त जैन समाज और संचालक मंडल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। उनका मुख्य उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना और तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। समाज का मानना है कि संत सुरक्षा केवल एक समाज का विषय नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत की सुरक्षा का प्रश्न है, और शासन-प्रशासन से इस विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है।
    user_आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
    Reporter दूनी, टोंक, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उनियारा के सकल जैन समाज ने सोमवार सुबह उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु ठोस नीति बनाने की मांग की। यह कदम मध्यप्रदेश के रीवा में हाल ही में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें समाज ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। ज्ञापन में बताया गया कि इस दुर्घटना में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महा मुनिराज की शिष्याएं, दिगम्बर जैन साध्वियां आर्यिका मां श्रुत मति माताजी एवं आर्यिका मां उप शममति माताजी का आकस्मिक निधन हो गया। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जैन साधु-साध्वी आजीवन पदयात्री होते हैं और अहिंसा का पालन करते हुए नंगे पैर पूरे देश में भ्रमण करते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात और तेज रफ्तार वाहनों के कारण उनके साथ दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि जैन साधु-संतों के पदविहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक व्यापक “संत सुरक्षा नीति” लागू की जाए। इसमें पदयात्रा के दौरान अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट, थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय, राजमार्गों पर सुरक्षित लेन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था के साथ-साथ दुर्घटनाओं के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी शामिल है। जैन समाज ने अपील की कि संत देश की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा शासन की नैतिक जिम्मेदारी है। समाज ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मांग को लेकर उनियारा शहर में पुरानी नगर पालिका से उपखंड कार्यालय तक जैन समाज के लोगों और महिलाओं ने मौन धारण कर हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। ज्ञापन सौंपने वालों में दिगंबर समाज के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश पाटोदी, बाबूलाल कासलीवाल, प्रेमचंद जैन, घासी लाल जैन, ओम प्रकाश जैन, कमल कासलीवाल, पिंटू गोधा, मनीष कासलीवाल, चंद्र प्रकाश जैन सहित सैकड़ों सदस्य और महिलाएं शामिल थीं।
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    उनियारा के सकल जैन समाज ने सोमवार सुबह उपखंड अधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु ठोस नीति बनाने की मांग की। यह कदम मध्यप्रदेश के रीवा में हाल ही में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना के मद्देनजर उठाया गया है, जिसमें समाज ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया।

ज्ञापन में बताया गया कि इस दुर्घटना में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महा मुनिराज की शिष्याएं, दिगम्बर जैन साध्वियां आर्यिका मां श्रुत मति माताजी एवं आर्यिका मां उप शममति माताजी का आकस्मिक निधन हो गया। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जैन साधु-साध्वी आजीवन पदयात्री होते हैं और अहिंसा का पालन करते हुए नंगे पैर पूरे देश में भ्रमण करते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात और तेज रफ्तार वाहनों के कारण उनके साथ दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं।

प्रशासन से मांग की गई है कि जैन साधु-संतों के पदविहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर एक व्यापक “संत सुरक्षा नीति” लागू की जाए। इसमें पदयात्रा के दौरान अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट, थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय, राजमार्गों पर सुरक्षित लेन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था के साथ-साथ दुर्घटनाओं के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी शामिल है।

जैन समाज ने अपील की कि संत देश की अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा शासन की नैतिक जिम्मेदारी है। समाज ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मांग को लेकर उनियारा शहर में पुरानी नगर पालिका से उपखंड कार्यालय तक जैन समाज के लोगों और महिलाओं ने मौन धारण कर हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। ज्ञापन सौंपने वालों में दिगंबर समाज के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश पाटोदी, बाबूलाल कासलीवाल, प्रेमचंद जैन, घासी लाल जैन, ओम प्रकाश जैन, कमल कासलीवाल, पिंटू गोधा, मनीष कासलीवाल, चंद्र प्रकाश जैन सहित सैकड़ों सदस्य और महिलाएं शामिल थीं।
    user_Sandeep Gupta
    Sandeep Gupta
    उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • राजस्थान के टोंक जिले में 17 वर्षीय कुणाल गुर्जर की मौत का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। परिवार और स्थानीय गुर्जर समाज इसे 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन की साजिश बता रहा है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। कुणाल, जिसने हाल ही में 12वीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त किए थे, का परिवार के अनुसार अलिश्मा नाम की एक मुस्लिम लड़की से रिश्ता था। परिवार का आरोप है कि लड़की के परिवार ने कुणाल पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, उसे ब्लैकमेल किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि चैट्स और अन्य सबूतों में मारने की धमकियों का भी जिक्र है। 15-16 मई 2026 के आसपास कुणाल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, हालांकि परिवार इसे हत्या या प्रताड़ना के कारण मजबूरन की गई आत्महत्या मान रहा है। इस घटना के बाद टोंक में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते सर्व समाज, गुर्जर संगठनों और सनातनी कार्यकर्ताओं, जिनमें रिद्धिमा शर्मा और तनीषा सनातनी भी शामिल हैं, ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट की शुरुआती चुप्पी पर कड़ी आलोचना हुई, लेकिन आज उन्होंने कुणाल गुर्जर के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। इस दौरान कुणाल गुर्जर की मां ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।
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    राजस्थान के टोंक जिले में 17 वर्षीय कुणाल गुर्जर की मौत का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। परिवार और स्थानीय गुर्जर समाज इसे 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन की साजिश बता रहा है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। कुणाल, जिसने हाल ही में 12वीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त किए थे, का परिवार के अनुसार अलिश्मा नाम की एक मुस्लिम लड़की से रिश्ता था।

परिवार का आरोप है कि लड़की के परिवार ने कुणाल पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, उसे ब्लैकमेल किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि चैट्स और अन्य सबूतों में मारने की धमकियों का भी जिक्र है। 15-16 मई 2026 के आसपास कुणाल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, हालांकि परिवार इसे हत्या या प्रताड़ना के कारण मजबूरन की गई आत्महत्या मान रहा है।

इस घटना के बाद टोंक में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते सर्व समाज, गुर्जर संगठनों और सनातनी कार्यकर्ताओं, जिनमें रिद्धिमा शर्मा और तनीषा सनातनी भी शामिल हैं, ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट की शुरुआती चुप्पी पर कड़ी आलोचना हुई, लेकिन आज उन्होंने कुणाल गुर्जर के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। इस दौरान कुणाल गुर्जर की मां ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ क्रिकेट खेलते समय बच्चों को अक्सर चोटें लगती हैं। बताया गया है कि फील्डिंग के दौरान बच्चे घायल हो जाते हैं, और एक वीडियो में भी ऐसे ही एक चोटिल बच्चे को दिखाया गया था। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और एक उचित खेल ग्राउंड की व्यवस्था करने की अपील की है, क्योंकि क्षेत्र में बच्चों के खेलने के लिए कोई अन्य मैदान उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि यह खेल ग्राउंड की समस्या कई दिनों से बनी हुई है और सरकार को बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
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    एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ क्रिकेट खेलते समय बच्चों को अक्सर चोटें लगती हैं। बताया गया है कि फील्डिंग के दौरान बच्चे घायल हो जाते हैं, और एक वीडियो में भी ऐसे ही एक चोटिल बच्चे को दिखाया गया था। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और एक उचित खेल ग्राउंड की व्यवस्था करने की अपील की है, क्योंकि क्षेत्र में बच्चों के खेलने के लिए कोई अन्य मैदान उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि यह खेल ग्राउंड की समस्या कई दिनों से बनी हुई है और सरकार को बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
    user_Sher
    Sher
    टोंक, टोंक, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राज्य सरकार के निर्देश पर 25 मई को सवाई माधोपुर के सूरवाल बांध पर "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" का जिला स्तरीय कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अभियान का शुभारंभ जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के साथ किया गया, जिसमें जल पूजन, पीपल पूजन, वंदे गंगा कलश यात्रा, संकल्प शपथ, पौधारोपण और श्रमदान जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जल संरक्षण को केवल सरकारी नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व बताया। उन्होंने आमजन, युवाओं और सामाजिक संगठनों से वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इसी क्रम में, जिला कलक्टर कानाराम ने बताया कि जिले में 25 मई से 5 जून तक विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण, श्रमदान, स्वच्छता, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियाँ और जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से संबंधित व्यापक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा ग्राम स्तर तक जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय कार्यक्रम के उपरांत सूरवाल बांध पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अभियान के अंतर्गत जिले में प्रस्तावित गतिविधियों, विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई, डी-सिल्टिंग, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, पौधारोपण, श्रमदान, जल चौपाल, जागरूकता रैलियाँ एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि सूरवाल बांध डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में जलभराव और कटाव की समस्या के समाधान हेतु रिटेनिंग वॉल निर्माण एवं सुरक्षा कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। वहीं, लटिया नाले में जलभराव और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 237.95 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्यवाही प्रगति पर है। जल संसाधन विभाग द्वारा सूरवाल बांध डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अतिरिक्त जल निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग के सर्वे और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सभी विभागों के समन्वय से यह अभियान संचालित किया जाएगा तथा ग्राम पंचायत स्तर तक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार, जिला कलेक्टर कानाराम, मुख्य कार्यालय अधिकारी गौरव बुडानिया, उपवन संरक्षक मानस सिंह, पूर्व विधायक गंगापुर सिटी मानसिंह गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मीणा, सुरेश चंद्र जैन सहित जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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    राज्य सरकार के निर्देश पर 25 मई को सवाई माधोपुर के सूरवाल बांध पर "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026" का जिला स्तरीय कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अभियान का शुभारंभ जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के साथ किया गया, जिसमें जल पूजन, पीपल पूजन, वंदे गंगा कलश यात्रा, संकल्प शपथ, पौधारोपण और श्रमदान जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जल संरक्षण को केवल सरकारी नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व बताया। उन्होंने आमजन, युवाओं और सामाजिक संगठनों से वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इसी क्रम में, जिला कलक्टर कानाराम ने बताया कि जिले में 25 मई से 5 जून तक विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण, श्रमदान, स्वच्छता, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियाँ और जल संरचनाओं के पुनर्जीवन से संबंधित व्यापक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। उन्होंने अधिकारियों को इन सभी गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा ग्राम स्तर तक जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिला स्तरीय कार्यक्रम के उपरांत सूरवाल बांध पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अभियान के अंतर्गत जिले में प्रस्तावित गतिविधियों, विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जल स्रोतों की सफाई, डी-सिल्टिंग, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, पौधारोपण, श्रमदान, जल चौपाल, जागरूकता रैलियाँ एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 और हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।

मंत्री ने यह भी बताया कि सूरवाल बांध डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में जलभराव और कटाव की समस्या के समाधान हेतु रिटेनिंग वॉल निर्माण एवं सुरक्षा कार्यों के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। वहीं, लटिया नाले में जलभराव और बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 237.95 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्यवाही प्रगति पर है। जल संसाधन विभाग द्वारा सूरवाल बांध डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में अतिरिक्त जल निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग के सर्वे और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि जिले में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सभी विभागों के समन्वय से यह अभियान संचालित किया जाएगा तथा ग्राम पंचायत स्तर तक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार, जिला कलेक्टर कानाराम, मुख्य कार्यालय अधिकारी गौरव बुडानिया, उपवन संरक्षक मानस सिंह, पूर्व विधायक गंगापुर सिटी मानसिंह गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक मीणा, सुरेश चंद्र जैन सहित जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • ग्राम पंचायत सारसोप में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर प्रकाशित खबर के बाद जलदाय विभाग हरकत में आ गया है। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी, जिसे इस खबर के माध्यम से उजागर किया गया। खबर सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी सप्लाई वाले कुएं का निरीक्षण किया और उसकी सफाई का कार्य शुरू करवाया। कुएं में जमा गंदगी व कचरे को हटाकर पानी को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने विभाग की इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए नियमित सफाई और शुद्ध पेयजल व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
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    ग्राम पंचायत सारसोप में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर प्रकाशित खबर के बाद जलदाय विभाग हरकत में आ गया है। ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी, जिसे इस खबर के माध्यम से उजागर किया गया।

खबर सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी सप्लाई वाले कुएं का निरीक्षण किया और उसकी सफाई का कार्य शुरू करवाया। कुएं में जमा गंदगी व कचरे को हटाकर पानी को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने विभाग की इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए नियमित सफाई और शुद्ध पेयजल व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।
    user_Ravi  Dainik bhaskar
    Ravi Dainik bhaskar
    चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • डूंगरपुर में गेपसागर झील पर एक जल संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नवीनतम अपडेट्स के अनुसार जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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    डूंगरपुर में गेपसागर झील पर एक जल संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नवीनतम अपडेट्स के अनुसार जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
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