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डूंगरपुर में गेपसागर झील पर एक जल संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नवीनतम अपडेट्स के अनुसार जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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डूंगरपुर में गेपसागर झील पर एक जल संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान नवीनतम अपडेट्स के अनुसार जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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- टोंक जिले के दूनी तहसील मुख्यालय स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को जल संरक्षण को समर्पित 'वंदे गंगा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पीएम श्री योजना के तहत चल रहे 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का हिस्सा था, जिसका निर्देशन शहरी संकुल शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य कैलाश वर्मा ने किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि देवड़ावास के प्रधानाचार्य भूपेश साहू रहे। मुख्य अतिथि भूपेश साहू ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया, जिसमें कुआं, तालाब और बावड़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के रखरखाव के साथ-साथ जल बचाने और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने का संकल्प दिलाया। प्राध्यापक गिरधारी लाल शर्मा ने गंगा दशहरा के अवसर पर राजा भागीरथी की तपस्या और गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथाएं सुनाकर गंगा के महत्व को समझाया। शिविर संचालक अशोक शर्मा ने बताया कि इस दौरान शिविरार्थियों के लिए जल संरक्षण पर आधारित पोस्टर, निबंध, रंगोली और कविता जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। वोकेशनल ट्रेनर मुरली सैनी और पंचायत सहायक श्वेता माथुर के मार्गदर्शन में 'जल है तो कल है' की थीम पर दूनी चौराहे पर एक रैली निकालकर जल बचाने का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान प्राथमिक माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय शिक्षक हेमराज बलाई, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी शंकर लाल मीणा, संगीता जैन, त्रिलोक चंद कलाल, मुकेश गुर्जर, प्रियंका गौतम, पूजा सेन, ट्रेनर सूर्य प्रताप सिंह नाथावत, प्रेरणा राव, आरती गुर्जर, श्रीराम गुर्जर सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में शिविरार्थी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई, 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीसलदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल पूजन के साथ हुई, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री बीसलपुर बांध तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बस से गए। कार्यक्रम के बाद, उन्होंने ईसरदा बांध, गलवा बांध और बंध बरेठा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी किया और विभिन्न जल परियोजनाओं की समीक्षा की। यह अभियान 25 मई, 2026 (गंगा दशमी) से 5 जून, 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में व्याप्त जल संकट का समाधान करना, राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को पुनर्जीवित करना है। अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना और प्रदेश को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गांवों और शहरों में प्रभात फेरियां, जल चौपालें और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश में जन भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसके तहत शपथ ग्रहण और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।1
- टोंक जिले में दो सरकारी स्कूलों को आपस में जोड़ने वाला एक रास्ता भारी गंदगी से अटा पड़ा है। इस रास्ते का उपयोग प्रतिदिन विद्यार्थी करते हैं, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद खराब है, जिसके कारण छात्रों को आवागमन में रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- चौथ का बरवाड़ा तहसील के सारसोंप गांव में जलदाय विभाग द्वारा कुएं की सफाई किए बिना ही पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' ने इस मामले को प्रमुखता से प्रसारित किया, जिसके बाद यह मुद्दा सामने आया। खबर का संज्ञान लेते हुए, जलदाय विभाग के अधिकारी तत्काल हरकत में आए और उन्होंने कुएं की सफाई करवाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शुद्ध पानी की सप्लाई का भरोसा भी दिया। इस दौरान, ग्रामीणों ने भी अधिकारियों से भविष्य में कुएं की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस घटना ने 'शुरू न्यूज़ लोकल ऐप' की खबर के असर को स्पष्ट रूप से दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप जलदाय विभाग ने अशुद्ध पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान किया।1
- केशोरायपाटन में एक दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक इलेक्ट्रिक कंपनी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ है। इस अग्निकांड में लाखों रुपयों के नुकसान का अनुमान है। फिलहाल, किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, यह घटना कंपनी में कार्यरत 500 से अधिक कर्मचारियों के लिए बेरोजगारी का गंभीर खतरा लेकर आई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।1
- धौलपुर में जैन समाज ने संत सुरक्षा की अपनी बड़ी मांग को लेकर मौन आक्रोश व्यक्त किया है। इस घटना से जिले में जैन समाज के बीच व्याप्त भावनाओं की झलक मिलती है, जो संतों की सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी चिंता और मांग को सामने लाए हैं।1
- जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जैन समाज द्वारा चौथकाबरवाड़ा में एक मौन जुलूस निकाला गया। इस दौरान, जैन समाज ने अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की पुरजोर मांग की।1
- कापरेन में स्टेट हाइवे 37 ए पर कापरेन-रोटेदा मार्ग स्थित आलण की पुलिया अत्यंत जर्जर हो चुकी है। यह पुलिया सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, क्षेत्र के ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से पुलिया की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।1