बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार, शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड रामचंद्रपुर में 7 एकड़ 75 डिसमिल शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया, जिसमें 23 मकानों को हटाया गया। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध शासकीय भूमि का संरक्षण करना है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने से पहले भूमि का अभिलेखीय परीक्षण, सीमांकन और विस्तृत सर्वेक्षण किया। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए, साथ ही स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर भी प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि कार्रवाई कानून सम्मत, पारदर्शी हो और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आम नागरिकों की सुविधाओं व संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा सभी तैयारियां पूरी करने के बाद निर्धारित तिथि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में 23 मकानों से अतिक्रमण हटाया गया, जिससे लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि मुक्त हुई। यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई और कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। मुक्त कराई गई भूमि को शासकीय अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित किया गया है, जिसका उपयोग भविष्य में जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों को जिले में शासकीय भूमि की नियमित निगरानी करने और अतिक्रमण के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि जनहित से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार, शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड रामचंद्रपुर में 7 एकड़ 75 डिसमिल शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया, जिसमें 23 मकानों को हटाया गया। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध शासकीय भूमि का संरक्षण करना है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में एक
संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने से पहले भूमि का अभिलेखीय परीक्षण, सीमांकन और विस्तृत सर्वेक्षण किया। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए, साथ ही स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर भी प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि कार्रवाई कानून सम्मत, पारदर्शी हो और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए आम
नागरिकों की सुविधाओं व संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाए। राजस्व, पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा सभी तैयारियां पूरी करने के बाद निर्धारित तिथि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में 23 मकानों से अतिक्रमण हटाया गया, जिससे लगभग 7 एकड़ 75 डिसमिल भूमि मुक्त हुई। यह पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई और कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं
हुई। मुक्त कराई गई भूमि को शासकीय अभिलेखों के अनुरूप सुरक्षित किया गया है, जिसका उपयोग भविष्य में जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने अधिकारियों को जिले में शासकीय भूमि की नियमित निगरानी करने और अतिक्रमण के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि जनहित से जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
- परमेश्वर कबीर साहेब जी का 629वां प्रकट दिवस सतलोक आश्रम, श्री धनाना धाम, हरियाणा में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।1
- कभी नक्सल संगठन की मेडिकल टीम का हिस्सा रहीं फगनी की जिंदगी आज पूरी तरह बदल चुकी है। केवल पाँचवीं कक्षा तक पढ़ी फगनी के पास कोई औपचारिक मेडिकल डिग्री नहीं थी, फिर भी उन्हें संगठन में इलाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जंगलों में रहने के दौरान फगनी मलेरिया से पीड़ित लोगों का उपचार करती थीं और घायल नक्सलियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करती थीं। उन्होंने सीमित संसाधनों और बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद वर्षों तक यह जिम्मेदारी निभाई। समय के साथ, उन्होंने हिंसा और बंदूक के रास्ते को त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद फगनी के जीवन में एक बड़ा बदलाव आया है; अब वह नारायणपुर के पंडुम कैफे में काम करते हुए एक सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। उनकी यह कहानी केवल एक व्यक्ति के परिवर्तन की गाथा नहीं है, बल्कि यह बदलते बस्तर, आत्मनिर्भरता और एक नई शुरुआत का भी प्रतीक है। आज फगनी अपने अनुभवों के साथ समाज में एक सकारात्मक भूमिका निभा रही हैं और कई अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।1
- छत्तीसगढ़ शासन के 'खेत बचाओ अभियान' और एक्सटेंशन रिफॉर्म (आत्मा) योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत जोगीगुफा (लिटिया) में कृषि विभाग दुर्ग द्वारा एक जिला स्तरीय किसान मेला और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री गजेंद्र यादव जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस गरिमामयी आयोजन में जिला पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष श्री पवन शर्मा जी भी शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और अहिवारा विधायक माननीय श्री डोहनलाल कोर्सेवाडा जी, साजा विधायक माननीय श्री ईश्वर साहू जी, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू जी, जिला पंचायत दुर्ग की सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर जी और श्री जितेंद्र यादव जी, विधायक प्रतिनिधि अहिवारा विधानसभा श्री सतीश साहू जी, जनपद पंचायत धमधा के अध्यक्ष श्री लीमन साहू जी और उपाध्यक्ष श्रीमती प्रीति देवांगन जी उपस्थित रहे। इनके साथ ही मंडल अध्यक्ष श्री बीरबल पटेल जी, महामंत्री श्री नीलांबर साहू जी, श्री सूरज देशमुख जी, कृषि विभाग के अधीनस्थ अधिकारी, किसान बंधु, क्षेत्रीय सरपंचगण, भाजपा के पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण, और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें भी मौजूद रहीं। मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्देश्य किसान भाइयों को अपनी आय दोगुनी करने और खेती को उन्नत बनाने के लिए नई दिशा प्रदान करना था।1
- मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान भाजपा ने सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और दावा किया कि इन 12 वर्षों में देश में बड़े बदलाव आए हैं। पार्टी ने इन उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा।1
- Post by रुपचंद कोसरे1
- राजनांदगांव में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में मठपारा स्थित बिजली कंपनी के डिवीजन कार्यालय के सामने एक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर लगातार मध्यम और गरीब वर्ग पर महंगाई का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता की जेब पर सीधा असर डाला गया है। कांग्रेस के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट और किसानों की कृषि विद्युत दर में 40 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ अन्नदाताओं पर भी आर्थिक दबाव बढ़ने की बात कही गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। ऐसे में बिजली दरों में यह वृद्धि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा झटका है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लिया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवा दल, पार्षदगण, पार्षद प्रत्याशीगण और सोशल मीडिया विभाग सहित कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों तथा विभागों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।1
- बंदूक के खौफ, घने जंगलों के अंधेरे और हर पल मंडराती मौत की दुनिया को पीछे छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का संघर्ष कितना मुश्किल होता है, सुकालु की कहानी इसकी एक जीती-जागती मिसाल है। कभी एक नक्सल संगठन का हिस्सा रहे सुकालु ने हिंसा और भय के रास्ते को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। उन्होंने वर्षों तक जंगलों में बिताई जिंदगी, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और भविष्य की अनिश्चितता के बीच आत्मसमर्पण कर एक नई शुरुआत की राह चुनी। आज सुकालु सामान्य जीवन व्यतीत करते हुए समाज के अन्य लोगों की तरह अपने परिवार और भविष्य को संवारने में जुटे हैं। उनकी कहानी न केवल नक्सलवाद छोड़ चुके लोगों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह बदलते बस्तर और शांति की ओर बढ़ते इस क्षेत्र की एक नई तस्वीर भी पेश करती है। सुकालु का दृढ़ विश्वास है कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है; सम्मान, सुरक्षा और एक बेहतर भविष्य केवल मुख्यधारा में लौटकर ही हासिल किया जा सकता है। उनकी यह यात्रा संघर्ष, साहस और बदलाव की एक अत्यंत प्रेरक गाथा है।1
- दुर्ग पुलिस ने बीएसपी स्क्रैप चोरी प्रकरण में मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर पूछताछ के लिए 7 दिन की पुलिस रिमांड प्राप्त की गई है। यह मामला 26.05.2026 को मुखबिर की सूचना पर ए.के. ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर 18 ए/05, एच.आई.ए. हथखोज, ग्राम अकलोरडीह खदान पारा, भिलाई में हुई एक जांच से जुड़ा है। जांच के दौरान, पुलिस टीम को विभिन्न हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट की आड़ में बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग लोड मिली। घटनास्थल पर लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप सामग्री का बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण पाया गया। इसके अतिरिक्त, स्क्रैप की लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन तथा मशीनरी भी मौके पर मौजूद थी। इस कार्रवाई में लगभग 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये है, जब्त की गई। परिवहन और लोडिंग में प्रयुक्त वाहनों एवं मशीनों सहित कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी। इस प्रकरण में इससे पहले 8 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान, मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह (48 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, भिलाई) की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जो अपराध दर्ज होने के बाद से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना स्थान बदल रहा था। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद, एक विशेष पुलिस टीम उत्तरप्रदेश भेजी गई, जिसने देवरिया में दबिश देकर आरोपी संजय सिंह को घेराबंदी कर हिरासत में लिया और दुर्ग ले आई। इसी प्रकरण में विवेचना के दौरान एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा (48 वर्ष, निवासी सड़क नंबर 26, सेक्टर-05, भिलाई) की भी संलिप्तता पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। घटना का मुख्य कारण बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध संग्रहण कर आर्थिक लाभ प्राप्त करना बताया गया है। दुर्ग पुलिस ने इस सराहनीय कार्यवाही में थाना पुरानी भिलाई की पुलिस टीम और विवेचना में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की है। इसके साथ ही, दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की चोरी, अवैध परिवहन या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि कानून व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा सके।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बघेल ने इस घटना को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी, लेकिन मौजूदा सरकार में उन्हें संरक्षण मिल रहा है। पूर्व सीएम ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में जहरीली शराब से मौत की कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद अवैध शराब का कारोबार फिर से फल-फूल रहा है। बघेल ने जोर देकर कहा कि इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।1