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रुपचंद कोसरे
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- खैरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत मड़ौदा में पंचायत भवन के निर्माण को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। 16 जून मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, सतनामी समाज ने इस संबंध में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन का निर्माण सतनाम भवन के ठीक सामने किया जा रहा है, जिसके चलते उनकी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। सतनामी समाज ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और भवन को किसी अन्य सरकारी भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। वहीं, सरपंच पति हल्लू वर्मा ने सतनामी समाज के इन आरोपों को निराधार बताया है। वर्मा ने कहा है कि पंचायत भवन का निर्माण कार्य ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार ही किया जा रहा है।1
- लांजी पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बापड़ी स्थित बाघ नदी के कच्चे रास्ते पर नदी की तरफ से आ रहे दो ट्रैक्टरों की ट्रॉलियों में रेत खनिज भरा पाया गया। ड्राइवरों से जब इस रेत खनिज के परिवहन संबंधी रॉयल्टी या वैध दस्तावेजों के बारे में पूछा गया, तो वे कोई भी रॉयल्टी या दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद, वाहन चालक उमेश पिता प्यारेलाल घोरमारे और मोहनलाल पिता टेकचंद दमाहे, जो ग्राम बापड़ी के निवासी हैं, के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/26 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर, ट्रॉली और अवैध खनिज (रेत) को जब्त कर लिया है।1
- नवापारा-राजिम में सामाजिक संस्था स्टेला वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में तर्री रोड स्थित ऋषिदास वैष्णव सामुदायिक भवन में छत्तीसगढ़ स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के लिए एक भव्य ऑडिशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अंचल सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपनी कला, प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया। फाउंडेशन की संस्थापक पूजा सायरानी ने बताया कि उनकी संस्था का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। ऑडिशन के दौरान बच्चों और युवाओं ने नृत्य, रैंप वॉक, अभिनय तथा अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतिभागियों के दमदार प्रदर्शन को देखकर उपस्थित दर्शकों ने भी उनकी जमकर सराहना की। इस ऑडिशन में नारायणपुर (बस्तर) की मॉडल जिज्ञासा श्रीवास्तव और गिरधर साहू ने निर्णायक की भूमिका निभाई, जिन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पृथ्वीम फाउंडेशन की योगिता सिन्हा, रेणुका तिवारी, हर्षा कंसारी और अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि ऑडिशन में चयनित प्रतिभागियों को आगामी छत्तीसगढ़ स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिसका आयोजन नवापारा नगर के छाटा रोड स्थित सुंदर पैलेस में 19 जुलाई को किया जाएगा।3
- छत्तीसगढ़ के जाने-माने रैप सिंगर एप्पी राजा, जिनका मूल नाम चेतन चांडक था, का मंगलवार को भानुप्रतापपुर में अंतिम संस्कार किया गया। उनका निधन एक दिन पहले रायपुर में इलाज के दौरान हो गया था, जिससे प्रदेश के पूरे संगीत जगत में शोक की लहर फैल गई है। एप्पी राजा की अंतिम यात्रा में उनके परिवार के सदस्य, मित्रगण, प्रशंसक और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने नम आँखों के साथ अपने प्रिय कलाकार को अंतिम विदाई दी। एप्पी राजा ने अपने चर्चित गीत 'टूरा भोको लोलो' जैसे गानों के माध्यम से एक विशेष पहचान बनाई थी और छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को एक नई दिशा व पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।1
- रायगढ़ जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में चलाए गए सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस ने नशे की हालत में वाहन चलाने वाले दो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने इन दोनों चालकों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए। पुलिस ने तत्काल दोनों वाहनों को जब्त कर लिया और मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। मामले में वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद, पुलिस ने चालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ न्यायालय द्वारा उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सभी आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का ईमानदारी से पालन करें और नशे की हालत में किसी भी प्रकार का वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।2
- कबीरधाम पुलिस ने चोरी के सामान की खरीद-बिक्री पर लगाम कसने के लिए कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर बड़ी छापामार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई एसडीपीओ आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी योगेश कश्यप के नेतृत्व में की गई, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने दुकानों के रिकॉर्ड, कबाड़ सामग्री और खरीद-बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की। पुलिस ने कबाड़ी संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी सूरत में चोरी या संदिग्ध सामान न खरीदें और खरीदी गई सामग्री का पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से बनाए रखें। कबीरधाम पुलिस ने इस मामले में कड़ी चेतावनी भी जारी की है कि यदि कोई भी चोरी के माल की खरीद-बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- बालाघाट में मलय ग्रुप के फ्लेमिंगो वाटर पार्क में एक बड़ी चूक सामने आई है, जहाँ एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे को करंट लग गया। इस घटना के बाद, बालाघाट पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई।1
- बलरामपुर जिले में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी लगातार समीक्षा कर रही हैं। कलेक्टर स्वयं विभिन्न मामलों की स्थिति का जायजा लेकर उनके प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दे रही हैं, जिसका मुख्य फोकस शिकायतकर्ता की संतुष्टि पर है। इसी कड़ी में, कलेक्टर ने विकासखंड राजपुर की ग्राम पंचायत सेवारी से संबंधित एक सीएम हेल्पलाइन शिकायत की जानकारी ली, जिसमें खाद्यान्न वितरण में देरी का मुद्दा उठाया गया था। शिकायत में कहा गया था कि उचित मूल्य दुकानों पर खाद्यान्न का आवंटन और आपूर्ति विलंब से पहुँचने के कारण वितरण कार्य प्रभावित हो रहा था, जिससे हितग्राहियों को असुविधा हो रही थी। मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए, कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने स्वयं दूरभाष पर शिकायतकर्ता, जो एक उचित मूल्य दुकान संचालक थे, से बात की और समस्या के संबंध में जानकारी प्राप्त की। खाद्यान्न आपूर्ति में विलंब की जानकारी मिलने पर, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था जनहित से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जो बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों और जरूरतमंद परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्यान्न वितरण से संबंधित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि समस्याओं का प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन के लंबित और असंतोषजनक निराकरण वाले मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और विभागों द्वारा शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनकी समस्याओं का वास्तविक और संतोषजनक निराकरण हुआ है या नहीं। जिला प्रशासन का प्रयास आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।1
- बालाघाट जिले में खेती की बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की चुनौतियों के बीच, किसान अब आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और नवीन कृषि यंत्रों की उपलब्धता से, किसानों में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। इसी क्रम में कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान श्री देवीप्रसाद भगत ने अपने 15 एकड़ खेत में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुआई करके एक मिसाल कायम की है। उन्होंने इतने बड़े रकबे में आधुनिक तकनीक से धान की सीधी बुवाई कर यह साबित किया है कि वैज्ञानिक खेती से कम लागत में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। श्री देवीप्रसाद भगत का कहना है कि पारंपरिक धान रोपाई पद्धति में अधिक मजदूरों की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में मजदूरों की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति अपनाने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि रोपाई, नर्सरी तैयार करने और अतिरिक्त श्रम पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो गया। इसी तरह ग्राम सावरी के किसान राधेलाल भैरम और देवकरण भैरम ने भी अपने खेतों में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति अपनी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है। इन किसानों ने बताया कि मशीन से बुवाई करने पर कम समय में अधिक क्षेत्र कवर हो जाता है और फसल की शुरुआती बढ़वार भी बेहतर रहती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डीएसआर पद्धति धान उत्पादन की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें खेत में सीधे बीज की बुवाई की जाती है। यह पद्धति पानी और श्रम लागत की बचत करती है, और समय पर बुवाई होने से फसल की उत्पादकता में वृद्धि की संभावना भी रहती है। साथ ही, यह तकनीक खेत की मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री वंदना धुर्वे ने बताया कि कटंगी क्षेत्र में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर डीएसआर तकनीक अपनाए जाने से अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक किसान इस पद्धति को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जिले के प्रगतिशील किसानों द्वारा आधुनिक तकनीकों को अपनाने से यह स्पष्ट हो रहा है कि कृषि अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं यंत्रीकृत खेती की ओर तेजी से अग्रसर है। डीएसआर पद्धति का बढ़ता दायरा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है।4