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खैरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत मड़ौदा में पंचायत भवन के निर्माण को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। 16 जून मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, सतनामी समाज ने इस संबंध में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन का निर्माण सतनाम भवन के ठीक सामने किया जा रहा है, जिसके चलते उनकी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। सतनामी समाज ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और भवन को किसी अन्य सरकारी भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। वहीं, सरपंच पति हल्लू वर्मा ने सतनामी समाज के इन आरोपों को निराधार बताया है। वर्मा ने कहा है कि पंचायत भवन का निर्माण कार्य ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार ही किया जा रहा है।
गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
खैरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत मड़ौदा में पंचायत भवन के निर्माण को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है। 16 जून मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, सतनामी समाज ने इस संबंध में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। समाज ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन का निर्माण सतनाम भवन के ठीक सामने किया जा रहा है, जिसके चलते उनकी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। सतनामी समाज ने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और भवन को किसी अन्य सरकारी भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। वहीं, सरपंच पति हल्लू वर्मा ने सतनामी समाज के इन आरोपों को निराधार बताया है। वर्मा ने कहा है कि पंचायत भवन का निर्माण कार्य ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार ही किया जा रहा है।
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- एक अकादमी में हुई फायरिंग की घटना ने शिक्षकों और सोशल मीडिया पर तेज चर्चा छेड़ दी है। इसी बीच, ओझा सर ने इस घटना पर तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसी कोई घटना उनकी अकादमी में हुई होती, तो हालात अलग होते। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में टिप्पणी की कि तब पहले "मिर्जापुर से कट्टा मंगाते", और उसके बाद ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज होती। ओझा सर के इस बयान को सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं। कुछ इसे महज एक व्यंग्य मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल के तौर पर ले रहे हैं। इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि ओझा सर का यह बयान व्यंग्यात्मक और मजाकिया अंदाज में दिया गया था, और इसे केवल एक मजाक के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर कोई आरोप लगाना नहीं है। किसी भी घटना की सच्चाई केवल जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।1
- मोर रायपुर1
- रायगढ़ जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में चलाए गए सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस ने नशे की हालत में वाहन चलाने वाले दो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने इन दोनों चालकों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 16 जून 2026 को एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान कार क्रमांक CG 07 BQ 9988 और ट्रैक्टर क्रमांक CG 04 PM 4238 के चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाए गए। पुलिस ने तत्काल दोनों वाहनों को जब्त कर लिया और मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 185 के तहत दोनों चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। मामले में वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद, पुलिस ने चालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहाँ न्यायालय द्वारा उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। तिल्दा-नेवरा पुलिस ने सभी आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का ईमानदारी से पालन करें और नशे की हालत में किसी भी प्रकार का वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।2
- कबीरधाम जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक श्री सिंह स्वयं मैदान में उतरकर विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने घोठिया रोड सहित कवर्धा शहर के कई संवेदनशील और सुनसान इलाकों का रात्रिकालीन निरीक्षण किया। इस दौरान, सुनसान स्थानों पर बैठकर शराब सेवन करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनसे पूछताछ की गई और उन्हें थाना लाकर आवश्यक समझाइश दी गई। साथ ही, उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी गई। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि कबीरधाम पुलिस की प्राथमिकता जिले के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे, असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस की सक्रिय उपस्थिति से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और आमजन में विश्वास बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि देर रात सुनसान स्थानों पर अनावश्यक जमावड़ा लगाने वाले लोगों की नियमित निगरानी की जा रही है, और संभावित अप्रिय घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त, चेकिंग और निगरानी अभियान चला रही है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने वालों और यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक ने साफ किया कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- बालाघाट जिले की प्रसिद्ध हट्टा बावली के पास हट्टा निवासी 28 वर्षीय कुलदीप सोनी का शव बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि उनकी गला रेतकर हत्या की गई है। पुलिस घटना के हर पहलू पर गहनता से जाँच कर रही है।1
- बालाघाट के गर्रा स्थित नव-निर्मित राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच, पंवार समाज ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा की गई कथित बयानबाजी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी आपत्ति व्यक्त की। पंवार समाज का कहना है कि राजा भोज भारतीय इतिहास के एक महान शासक रहे हैं और उनके नाम को लेकर की गई किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक बयानबाजी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। यह विरोध विशेष रूप से ओवरब्रिज के नामकरण से जुड़े विवादित बयानों को लेकर था। समाज के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण विवाद पर संबंधित बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।3
- एक ओर प्रदेश सरकार 16 जून से 'शाला प्रवेश उत्सव' मनाने की तैयारी में है, वहीं गोबरा नवापारा का 142 साल पुराना प्राथमिक शाला बढ़ईपारा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 1884 से संचालित यह विद्यालय भवन आज इतनी जर्जर स्थिति में है कि इसे देखकर यह पहचानना मुश्किल है कि यह कोई स्कूल है या पुरातात्विक धरोहर। नगर के प्रमुख मार्ग सदर रोड पर स्थित इस परिसर में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय दो पालियों में चलते हैं, जहां करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विडंबना यह है कि पूरे स्कूल परिसर में सिर्फ तीन कमरे ही उपयोग के लायक बचे हैं, जबकि बाकी कमरों की हालत बेहद खतरनाक और जर्जर है। बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन भी इसी जर्जर भवन में बनाया जा रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा वर्ष 2017-18 से लगातार उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भवन की खराब स्थिति के बारे में पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है, लेकिन आज तक न तो कोई नया भवन बना और न ही पुराने की मरम्मत हुई। हैरानी की बात यह है कि इसी परिसर में संकुल केंद्र भी संचालित होता है, फिर भी वर्षों से स्कूल की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यह वही ऐतिहासिक विद्यालय है जहां से अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, शिक्षक, इंजीनियर और डॉक्टर निकले हैं। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या इस साल भी बच्चे इसी असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे? सरकार जिस उत्साह से शाला प्रवेश उत्सव मनाने की बात कर रही है, वहां नए विद्यार्थियों का स्वागत किस माहौल में होगा? यह स्थिति प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाती है कि उनका ध्यान केवल कागजी योजनाओं और समारोहों तक ही क्यों सीमित है।2
- तिल्दा विकासखंड के ग्राम मढ़ी में गौरी गणेश स्पंज आयरन प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों से गांव की तस्वीर तेजी से बदल रही है। कंपनी के प्रयासों से शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और सामुदायिक सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के तहत, गांव के प्रमुख जल स्रोत धोबा तालाब का सौंदर्यीकरण कराया गया है, जिसमें घाटों की मरम्मत और परिसर की साफ-सफाई शामिल है। इससे यह स्थान ग्रामीणों के दैनिक उपयोग के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बन गया है, और जल संचयन तथा भूजल स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कंपनी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है; ग्राम मढ़ी के हाई स्कूल में भव्य मुख्य द्वार का निर्माण किया गया है, नई खिड़कियां लगवाई गई हैं, और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रार्थना शेड भी बनाया गया है, जिससे बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है। सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, ग्राम पंचायत भवन परिसर में चौपाल शेड का निर्माण कराया गया है, जो ग्राम सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहायक है। इसके अतिरिक्त, गांव के प्राचीन महामाया मंदिर का पुनर्निर्माण कर उसे नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे ग्रामीणों की आस्था के इस केंद्र की भव्यता और बढ़ गई है। प्लांट प्रबंधन के अनुसार, सीएसआर मद से प्रतिवर्ष सात लाख रुपये से अधिक की राशि ग्राम मढ़ी के विकास कार्यों पर खर्च की जाती है, जिसका लक्ष्य गांव की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। ग्रामीणों ने कंपनी के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि विकास कार्यों से गांव में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। प्लांट प्रबंधन ने भविष्य में भी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए ग्राम मढ़ी के विकास के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है, और ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप नए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।3
- बालाघाट जिले के पीजी कॉलेज में NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से NSUI ने कॉलेज में छात्रवृत्ति प्रदान करने, सीटों की संख्या में वृद्धि करने और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई।1