आकाश गुप्ता ने 800 से ज्यादा जिलों की यात्रा शुरू की: 28 अगस्त से पैदल यात्रा पर निकले; पर्यावरण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे सुल्तानपुर से आकाश कुमार गुप्ता ने 28 अगस्त को 800 से ज्यादा जिलों की पैदल यात्रा शुरू की। वे रोज 30 से 35 किलोमीटर चलेंगे और पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे। आकाश ने बताया कि यात्रा के दौरान वे लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील करेंगे। वे चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों की धार्मिक यात्रा भी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य देश के 800 से ज्यादा जिलों में जाना है। आकाश के अनुमान के मुताबिक, यात्रा पूरी करने में करीब 5 साल लग सकते हैं। आकाश ने बीएससी (मैथ) तक पढ़ाई की है। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1997 को हुआ। वे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर स्थित बडसरी जागीर के निवासी हैं। उनके पिता सुरेंद्र गुप्ता बिजनेस और खेती-किसानी से जुड़े हैं। उनकी माता शुभलावती देवी का निधन हो चुका है। आकाश तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके भाई राजीव गुप्ता और पंकज गुप्ता हैं। परिवार में उनकी दो बहनें भी हैं। आकाश अविवाहित हैं।
आकाश गुप्ता ने 800 से ज्यादा जिलों की यात्रा शुरू की: 28 अगस्त से पैदल यात्रा पर निकले; पर्यावरण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे सुल्तानपुर से आकाश कुमार गुप्ता ने 28 अगस्त को 800 से ज्यादा जिलों की पैदल यात्रा शुरू की। वे रोज 30 से 35 किलोमीटर चलेंगे और पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे। आकाश ने बताया कि यात्रा के दौरान वे लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील करेंगे। वे चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों की धार्मिक यात्रा भी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य देश के 800 से ज्यादा जिलों में जाना है। आकाश के अनुमान के मुताबिक, यात्रा पूरी करने में करीब 5 साल लग सकते हैं। आकाश ने बीएससी (मैथ) तक पढ़ाई की है। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1997 को हुआ। वे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर स्थित बडसरी जागीर के निवासी हैं। उनके पिता सुरेंद्र गुप्ता बिजनेस और खेती-किसानी से जुड़े हैं। उनकी माता शुभलावती देवी का निधन हो चुका है। आकाश तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके भाई राजीव गुप्ता और पंकज गुप्ता हैं। परिवार में उनकी दो बहनें भी हैं। आकाश अविवाहित हैं।
- दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, सिपाही गंभीर घायल, ड्यूटी से लौट रहे सिपाही को बाइक सवार ने मारी टक्कर, लखनऊ रेफर सुल्तानपुर। कुड़वार थाना क्षेत्र में बुधवार को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में घायल सिपाही की पहचान दिव्यांश गुप्ता के रूप में हुई है, जो शाहजहांपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, दिव्यांश गुप्ता दुर्गा पूजा के दौरान ड्यूटी के लिए कुड़वार आए थे। बुधवार को ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह अपने साथी अरुण पांडे के साथ बाइक से कुड़वार थाने की ओर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि थाने के ठीक सामने पहुंचते ही सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी बाइक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सिपाही दिव्यांश गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया। हादसे के बाद पुलिस ने दूसरी बाइक के चालक को पकड़ लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- सुल्तानपुर सीएमएस ने चिकित्सा शिविर का फीता काटकर किया शुभारंभ सेवा,सहयोग और समर्पण के लिए किसी डिग्री की आवश्यकता नही होती:डाॅ.एसी गुप्ता* *माॅ के भक्तों की सेवा में प्रताप सेवा समिति का कृत्य बेजोड़:सीएमएस* सुल्तानपुर विश्व प्रसिद्ध माॅ दुर्गा पूजा के विसर्जन पर्व के अवसर पर प्रताप सेवा समिति के सौजन्य से लगाए गए चिकित्सा शिविर के विसर्जन (अंतिम दिन) मुख्य चिकित्साधिक्षक डाॅ.एसी गुप्ता शिविर का शुभारंभ करते हुए कहाकि सेवा,सहयोग और समर्पण के लिए किसी डिग्री की आवश्यकता नही होती,डाॅ.एसी गुप्ता ने मौजूद लोगों से ऐसे समाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही,मुख्य चिकित्साधिक्षक ने प्रताप सेवा समिति के द्वारा किये जाने वाले कार्यों की प्रशंसा करते हुए आगे भी ऐसे ही समाज में योगदान देते रहने की बात कही,समिति के सचिव विजय विद्रोही ने सीएमएस डाॅ.एसी गुप्ता का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।1
- चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने विशाखापत्तनम के पास लैंडफॉल । चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने विशाखापत्तनम के पास लैंडफॉल करना शुरू कर दिया है। इसकी प्रोसेस करीब तीन घंटे तक चलेगी। लैंडफॉल के समय हवा की स्पीड गति 125-135km रही, जिसके 150km तक पहुंचने का अनुमान है। तूफान उत्तर प्रदेश के सभी कल पहुचने की संभावना है ।1
- *सुल्तानपुर: करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक, मेहंदी और श्रृंगार की दुकानों पर उमड़ी भीड़* *करवा चौथ पर सजीं सुल्तानपुर की बाजारें,मेहंदी के लिए उमड़ी भीड़* *सुहागिन महिलाओं ने की करवा चौथ की खरीदारी,पति की लंबी उम्र के लिए रखेंगी व्रत* *करवा चौथ स्पेशल - क्या बोलीं महिलाएं? देखिए सुल्तानपुर से ग्राउंड रिपोर्ट* सुल्तानपुर,पूरे देश में करवा चौथ के पर्व को लेकर शहर सुल्तानपुर के बाजार हुए गुलजार। सुहागिन महिलाओं ने बाजार में जमकर खरीदारी की,कहीं मेहंदी लगवाती,तो कहीं चूड़ियां पहनती हुई तो कहीं बिंदी और पूजा का सामान खरीदते हुए नजर आयी। ज्योति जायसवाल ने बताया कि कल करवा चौथ है,सभी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। मिट्टी,चांदी या पीतल के करवे से पूजन कर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत तोड़ा जाता है। महिलाएं सोलह श्रृंगार और मेहंदी के साथ त्यौहार मनाती हैं। *बाइट - ज्योति जायसवाल:* अनामिका मिश्रा ने बताया कि करवा चौथ सुहागिनों का सबसे बड़ा त्यौहार है। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखा जाता है। बाजार में मेहंदी लगवाने आई हूं,काफी उत्साह है। *बाइट- अनामिका मिश्रा (मेहंदी लगवाते हुए):* बाजार में चूड़ियों की दुकानों,श्रृंगार स्टोर और मेहंदी लगाने वालों के पास सुबह से ही भीड़ है। दुकानदारों के अनुसार इस बार बिक्री अच्छी है।1
- सुल्तानपुर: सीताकुंड घाट पर मां बड़ी दुर्गा की आरती के बाद हुआ प्रतिमा विसर्जन सुल्तानपुर। सीताकुंड घाट पर मां बड़ी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विधि-विधान के साथ भव्य आरती की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आरती कर परिवार और जनपद की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आरती के बाद भक्तिमय माहौल और जयकारों के बीच मां बड़ी दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिली। मां दुर्गा को नम आंखों से विदाई देते हुए भक्तों ने अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। जय माता दी! 🙏1
- तेल अवीव में गूंजा हनुमान चालीसा भारतीय पायलट कैप्टन सुमित के सम्मान में यहूदी लोगों ने किया पाठ तेल अवीव। इजरायल के तेल अवीव से जुड़ी एक तस्वीर और संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारतीय पायलट कैप्टन सुमित के सम्मान में कुछ यहूदी लोगों ने हिब्रू भाषा में बेहद सुंदर ढंग से हनुमान चालीसा का पाठ किया। पोस्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई (FlyDubai) की उड़ान के दौरान ओमानी आतंकवादी के हमले की घटना के बीच कैप्टन सुमित ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था और कई यहूदी लोगों की जान बचाई थी। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भारतीय पायलट के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और हनुमान जी के प्रति आस्था की सराहना की जा रही है। आस्था, साहस और सम्मान का संदेश! हनुमान चालीसा भारतीय संस्कृति और श्रद्धा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। यदि वायरल पोस्ट में किए गए दावे सही हैं, तो यह विभिन्न समुदायों के बीच सम्मान और सांस्कृतिक जुड़ाव का अनूठा उदाहरण हो सकता है। हालांकि, घटना और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।1
- परमिशन के बाद भी आंधी में गिरे किसान के आम के पेड़ नहीं काटने दे रहे दबंग किसान ने लगाई गुहार,पुलिस पर असहयोग का आरोप लम्भुआ, सुलतानपुर पथरा गांव में आंधी से गिरे आम के दो पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद मामला सामने आया है। गरीब किसान रामप्रताप पुत्र भगवानदीन का आरोप है कि उनके खाते की भूमि में लगे आम के पेड़ जो गिरे हुए थे वन विभाग से पेड़ कटने की अनुमति मिलने के बावजूद गांव के जयकुमार मिश्रा, सिद्धार्थ मिश्रा व अन्य लोग पेड़ नहीं काटने दे रहे हैं। 27 अक्टूबर को कटाई के दौरान डायल 112 पुलिस बुलाकर काम रुकवाने का आरोप है। किसान की बहू कल्पना गुप्ता ने भी मजदूर बुलाने पर विरोध और मारपीट पर आमादा होने की शिकायत की है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।4
- आकाश गुप्ता ने 800 से ज्यादा जिलों की यात्रा शुरू की: 28 अगस्त से पैदल यात्रा पर निकले; पर्यावरण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे सुल्तानपुर से आकाश कुमार गुप्ता ने 28 अगस्त को 800 से ज्यादा जिलों की पैदल यात्रा शुरू की। वे रोज 30 से 35 किलोमीटर चलेंगे और पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और नशामुक्त भारत का संदेश देंगे। आकाश ने बताया कि यात्रा के दौरान वे लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील करेंगे। वे चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों की धार्मिक यात्रा भी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य देश के 800 से ज्यादा जिलों में जाना है। आकाश के अनुमान के मुताबिक, यात्रा पूरी करने में करीब 5 साल लग सकते हैं। आकाश ने बीएससी (मैथ) तक पढ़ाई की है। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1997 को हुआ। वे उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर स्थित बडसरी जागीर के निवासी हैं। उनके पिता सुरेंद्र गुप्ता बिजनेस और खेती-किसानी से जुड़े हैं। उनकी माता शुभलावती देवी का निधन हो चुका है। आकाश तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके भाई राजीव गुप्ता और पंकज गुप्ता हैं। परिवार में उनकी दो बहनें भी हैं। आकाश अविवाहित हैं।1