जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन। नगर जालौन में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में एक बार फिर एक नंदी की मौत का मामला सामने आया है। मंदिर के बाहर नंदी का शव घंटों तक पड़ा रहने से नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे गौरक्षकों ने नंदी के शव को हटवाने और उचित कार्रवाई के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन किया, लेकिन आरोप है कि आरआई अनुज कुमार ने मामले पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। गौरक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी जालौन में दो नंदी अपनी जान गंवा चुके हैं, बावजूद इसके आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी रोकथाम होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर जालौन की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर 100 से अधिक आवारा पशु घूमते दिखाई देते हैं। इनमें कई नंदी भी शामिल हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। शहर में कान्हा गौशाला संचालित होने के बावजूद यदि बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं और उनकी मौत के बाद शव घंटों तक पड़े रहते हैं, तो बड़ा सवाल यह है कि आखिर गौशाला की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नगर पालिका द्वारा कागजों पर ही व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं? आखिर एक के बाद एक नंदी की मौत की जिम्मेदारी किसकी है? इन सवालों का जवाब जालौन की जनता जानना चाहती है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शहर में घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन। नगर जालौन में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में एक बार फिर एक नंदी की मौत का मामला सामने आया है। मंदिर के बाहर नंदी का शव घंटों तक पड़ा रहने से नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे गौरक्षकों ने नंदी के शव को हटवाने और उचित कार्रवाई के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन किया, लेकिन आरोप है कि आरआई अनुज कुमार ने मामले पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। गौरक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी जालौन में दो नंदी अपनी जान गंवा चुके हैं, बावजूद इसके आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी रोकथाम होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर जालौन की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर 100 से अधिक आवारा पशु घूमते दिखाई देते हैं। इनमें कई नंदी भी शामिल हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। शहर में कान्हा गौशाला संचालित होने के बावजूद यदि बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं और उनकी मौत के बाद शव घंटों तक पड़े रहते हैं, तो बड़ा सवाल यह है कि आखिर गौशाला की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नगर पालिका द्वारा कागजों पर ही व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं? आखिर एक के बाद एक नंदी की मौत की जिम्मेदारी किसकी है? इन सवालों का जवाब जालौन की जनता जानना चाहती है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शहर में घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
- सरकार सड़कें गड्ढामुक्त करने के दावे करती है, लेकिन बेरी-कदौरा मार्ग की हालत उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। लहरा, उकुरुआ, गोजोरा, ककराव, महमूदनगर, भेड़ी खुर्द, बड़ागांव, बेरी और | बेरी-कदौरा मार्ग गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे? बेरी-कदौरा मार्ग पर मौत का सफर, जिम्मेदारों की चुप्पी पर बड़ा सवाल! बेरी/कदौरा। बेरी से कदौरा होते हुए कुरारा तक जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर सवाल उठना लाजिमी है—क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? सड़क पर जगह-जगह बने खतरनाक गड्ढे रोजाना राहगीरों की परीक्षा ले रहे हैं। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, मजदूर और मरीज आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाली सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर सवाल बन चुकी है। 🚨 शिकायत के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं! सड़क की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद ग्रामीणों के मुताबिक अब तक मौके पर जांच के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। SDM से संपर्क किया गया तो PWD अधिकारी का नंबर मिला। PWD अधिकारी से बात हुई तो दूसरे अधिकारी का नंबर दिया गया और मामला आगे बढ़ते-बढ़ते मुनीम तक पहुंच गया। आखिर यह कैसी व्यवस्था है? शिकायतकर्ता को समाधान चाहिए या अधिकारियों के मोबाइल नंबरों की लंबी सूची? ⚠️ ‘गड्ढामुक्त सड़क’ के दावों की जमीनी हकीकत? सरकार सड़कें गड्ढामुक्त करने के दावे करती है, लेकिन बेरी-कदौरा मार्ग की हालत उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। लहरा, उकुरुआ, गोजोरा, ककराव, महमूदनगर, भेड़ी खुर्द, बड़ागांव, बेरी और करियापुर समेत कई गांवों के लोग इस मार्ग से रोजाना गुजरते हैं। आज गड्ढा है—कल हादसा भी हो सकता है। आज शिकायत है—कल जिम्मेदारी किसकी होगी? 🔥 विधायक-सांसद से सीधा सवाल! ग्रामीणों का सवाल है—क्या जनप्रतिनिधियों को सिर्फ चुनाव के समय गांवों की याद आती है? अगर सड़क की हालत इतनी खराब है तो अब तक संज्ञान क्यों नहीं? क्या किसी मासूम की जान जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा? अब ग्रामीणों की मांग साफ है— 👉 मौके पर तत्काल निरीक्षण हो। 👉 सड़क की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट बने। 👉 जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। 👉 खतरनाक गड्ढों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए। सबसे बड़ा सवाल—सड़क पर हादसा होने का इंतजार किसका है?2
- जालौन में बीमारी से दम तोड़ रहे नंदी, नगर पालिका मौन! खुले में बारिश में भीगने और उपचार न मिलने से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, गौरक्षकों ने किया सम्मानजनक अंतिम संस्कार जालौन। नगर में बीमारी और उचित उपचार के अभाव में नंदियों की लगातार मौत का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के दौरान नंदी खुले में रहने को मजबूर हैं और समय पर उपचार एवं सुरक्षित स्थान नहीं मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ रही है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब 15 दिनों में तीन नंदियों की मौत हो चुकी है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। नंदियों की लगातार हो रही मौतों को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। मामले की जानकारी मिलने पर गौरक्षकों ने मृत नंदियों को मौके से उठाकर सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया। गौरक्षकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बीमार और बेसहारा नंदियों के लिए तत्काल उपचार, चारा और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाए, ताकि आगे किसी नंदी की इलाज के अभाव में मौत न हो। अब देखने वाली बात यह होगी कि नंदियों की मौत के बाद नगर पालिका प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्या कदम उठाता है3
- लगातार हो रही बारिश से भरभराकर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबा गृहस्थी का सामान कोंच (जालौन)। लगातार हो रही बारिश के चलते कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में मकान के मलबे में दो बाइकें, कूलर, अनाज समेत गृहस्थी का अन्य सामान दब गया। गनीमत रही कि हादसे के समय घर में मौजूद परिवार के लोग बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई। मकान गिरने की सूचना इलाके के सभासद ने लेखपाल को दी है। सूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। मामला कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा का है।1
- आखिरकार रहस्य लोक की यात्रा से लौटे गुम हुए लेखपाल, पुलिस ने ली राहत की सांस नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज पुलिस ने पिछले 12 दिनों से गायब हुए लेखपाल को ढूंढ निकाला है1
- नंद के घर जन्मे कन्हैया तो दूसरे दिन जालौन में गूंज उठीं बधाइयां द्वारकाधीश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, ढोलक-मंजीरे की थाप पर झूमे भक्त; दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने किए कान्हा के दर्शन जालौन। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दूसरे दिन नगर जालौन के द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में बधाई उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जन्माष्टमी की रात नंदलाला के जन्म की खुशी के बाद दूसरे दिन मंदिर परिसर में ऐसा भक्तिमय वातावरण बना कि मानो पूरा जालौन ब्रज और गोकुल की गलियों में बदल गया हो। दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर उन्हें निछावर किया, आरती उतारी और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही तथा हर ओर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारे सुनाई देते रहे। ढोलक-मंजीरे की थाप पर गाईं बधाइयां जन्मोत्सव के दूसरे दिन मंदिर में ब्रज की पारंपरिक शैली में बधाई गीतों का आयोजन हुआ। ढोलक और मंजीरे की मधुर थाप के बीच श्रद्धालुओं ने कान्हा के जन्म की बधाइयां गाईं। भक्ति गीतों के बीच महिलाएं और श्रद्धालु झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में गूंजते बधाई गीतों ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे मथुरा के नंद भवन में कान्हा के जन्म की बधाई देने के लिए पूरा ब्रज उमड़ पड़ा हो। दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु भगवान द्वारकाधीश के दर्शन के लिए नगर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने भगवान के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए निछावर किया, आरती में शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं का कहना रहा कि कृष्ण जन्मोत्सव के बाद होने वाली यह बधाई केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि ब्रज की उस जीवंत परंपरा का हिस्सा है, जिसमें भगवान को अपने परिवार के बालक की तरह मानकर उनके जन्म की खुशी मनाई जाती है। “आज तो जालौन में नंदगांव सी खुशी छाई” द्वारकाधीश मंदिर के चरण सेवक सेठ विनय माहेश्वरी ने श्रद्धालुओं को कृष्ण जन्मोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे नगर के लिए सौभाग्य और आनंद का अवसर है। उन्होंने कहा कि कान्हा की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और नगर में हमेशा प्रेम, सौहार्द और भाईचारा कायम रहे। उन्होंने ब्रज की मिठास में कहा— “नंद के घर लाला भयो, आज बधाई बाज रही है। ढोलक-मंजीरा बज रहे हैं, भक्त झूम रहे हैं और द्वारकाधीश के दरबार में दूर-दूर से लोग कान्हा के दर्शन करने आ रहे हैं। ठाकुर जी सबके घर सुख-समृद्धि और खुशियां भरें।” उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, मित्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। जन्माष्टमी के अवसर पर सभी को भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। ब्रज की परंपरा में जन्म के बाद बधाई का यह उत्सव श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम रहा। ढोलक-मंजीरे की थाप, कृष्ण भक्ति के गीत, आरती और जयकारों के बीच द्वारकाधीश मंदिर का पूरा प्रांगण देर तक भक्तिरस में डूबा रहा।1
- जालौन में आपदा प्रभावित 15 परिवारों को 4.92 लाख की राहत सहायता /विधायक-डीएम-एसपी ने वितरित किए चेक* *आपदा की मार झेल रहे 15 परिवारों को मिली राहत /जालौन प्रशासन ने बांटे 4.92 लाख के चेक* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *जालौन में आपदा प्रभावित 15 परिवारों को 4.92 लाख की राहत सहायता /विधायक-डीएम-एसपी ने वितरित किए चेक* *आपदा की मार झेल रहे 15 परिवारों को मिली राहत /जालौन प्रशासन ने बांटे 4.92 लाख के चेक* जनपद जालौन 05 सितंबर 2026 आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से संवेदनशीलता के साथ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है इसी क्रम में शनिवार को तहसील सभागार उरई में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने जनहानि पशुहानि एवं मकान क्षति से प्रभावित 15 लाभार्थियों को कुल 4.92 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए आप को बता दें ग्राम कोटरा निवासी अनीता पत्नी पातीराम को जनहानि के मामले में 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई वहीं ग्राम गढ़र निवासी सुनील कुमार पुत्र दीनदयाल को पशुहानि के लिए 37,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई इसके अलावा मकान क्षति से प्रभावित 13 लाभार्थियों को कुल 54,500 रुपये की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए इनमें ग्राम भुआ के वीर सिंह पुत्र शिवप्रसाद ऐर के संतोष पुत्र मूलचन्द्र सोमई के कल्लू पुत्र बलई मिनौरा कालपी के कृष्णगोपाल पुत्र मनीराम गढ़र की रेखा पत्नी रामसिखलौने टिकरिया के रामचरन पुत्र भगवानदीन एगौली के राजकुमार पुत्र पुष्प सिंह ऐट के राजकुमार पुत्र हरीराम कन्हैयालाल पुत्र लल्लीरोम रामबाबू पुत्र परसौले अमीना पत्नी बक्शत अली भुआ की पूनम पत्नी धर्मेन्द्र कुमार तथा नरछा के गोपाल सिंह पुत्र जगनन्दन शामिल हैं इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें इनमें अधिकांश लाभार्थियों को 4,000 रुपये जबकि मिनौरा कालपी निवासी लाभार्थी को 6,500 रुपये की सहायता प्रदान की गई इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि आपदा से प्रभावित परिवारों को शासन की राहत व्यवस्था के तहत किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन द्वारा क्षति का त्वरित सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाई जा रही है बता दें चेक वितरण के दौरान लाभार्थियों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है4
- जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन में नगर पालिका की नाकामी? एक और नंदी की मौत, घंटों पड़ा रहा शव जालौन। नगर जालौन में आवारा पशुओं की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में एक बार फिर एक नंदी की मौत का मामला सामने आया है। मंदिर के बाहर नंदी का शव घंटों तक पड़ा रहने से नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे गौरक्षकों ने नंदी के शव को हटवाने और उचित कार्रवाई के लिए नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन किया, लेकिन आरोप है कि आरआई अनुज कुमार ने मामले पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। गौरक्षकों का कहना है कि इससे पहले भी जालौन में दो नंदी अपनी जान गंवा चुके हैं, बावजूद इसके आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी रोकथाम होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर जालौन की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर 100 से अधिक आवारा पशु घूमते दिखाई देते हैं। इनमें कई नंदी भी शामिल हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। शहर में कान्हा गौशाला संचालित होने के बावजूद यदि बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं और उनकी मौत के बाद शव घंटों तक पड़े रहते हैं, तो बड़ा सवाल यह है कि आखिर गौशाला की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या आवारा पशुओं की समस्या को लेकर नगर पालिका द्वारा कागजों पर ही व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं? आखिर एक के बाद एक नंदी की मौत की जिम्मेदारी किसकी है? इन सवालों का जवाब जालौन की जनता जानना चाहती है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शहर में घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।1
- जालौन: ठेकेदार की मनमानी से रावतान मोहल्ले में परेशानी, एंबुलेंस तक पहुंचने में हो रही दिक्कत जालौन। नगर पालिका क्षेत्र के नया रावतान, कोंच रोड पर सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ाई गई और बीच सड़क पर पेड़ व आरसीसी का काम भी समस्या पैदा कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि एम्बुलेंस, स्कूल वैन और कारों को घरों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। वहीं, उचित ढाल और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क की स्थिति की जांच कराकर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है। लोगों में चर्चा है कि संबंधित ठेकेदार के प्रति नगर पालिका की कथित मेहरबानी के चलते शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।2