मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान स्कॉलर्स डेन के प्रबंध निदेशक एवं शिक्षाविद विवेक ठाकुर ने हालिया खबरों और चर्चाओं को संस्थान की छवि धूमिल करने की सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने जानबूझकर संस्थान को बदनाम करने का प्रयास किया, वहीं कुछ मीडियाकर्मियों ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना ही भ्रामक खबरें प्रसारित कीं। ठाकुर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में उन पर और उनके संस्थान पर कई निराधार आरोप लगाए गए, जिससे छात्रों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा जगत में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बिना जांच-पड़ताल के प्रकाशित ऐसी खबरों से संस्थान की वर्षों की कड़ी मेहनत को नुकसान पहुंचा है, जिसने सैकड़ों विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में सफल बनने में मदद की है। उनका मानना है कि अपुष्ट और भ्रामक समाचारों का सीधा असर छात्रों के भविष्य और उनके परिवारों पर पड़ता है। विवेक ठाकुर ने मांग की है कि बिना तथ्यात्मक जांच के भ्रामक समाचार प्रसारित करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी रहे। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों अथवा प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर ही संभव होगी।
मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान स्कॉलर्स डेन के प्रबंध निदेशक एवं शिक्षाविद विवेक ठाकुर ने हालिया खबरों और चर्चाओं को संस्थान की छवि धूमिल करने की सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने जानबूझकर संस्थान को बदनाम करने का प्रयास किया, वहीं कुछ मीडियाकर्मियों ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना ही भ्रामक खबरें प्रसारित कीं। ठाकुर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में उन पर और उनके संस्थान पर कई निराधार आरोप लगाए गए, जिससे छात्रों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा जगत में भ्रम की स्थिति पैदा हुई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बिना जांच-पड़ताल के प्रकाशित ऐसी खबरों से संस्थान की वर्षों की कड़ी मेहनत को नुकसान पहुंचा है, जिसने सैकड़ों विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों में सफल बनने में मदद की है। उनका मानना है कि अपुष्ट और भ्रामक समाचारों का सीधा असर छात्रों के भविष्य और उनके परिवारों पर पड़ता है। विवेक ठाकुर ने मांग की है कि बिना तथ्यात्मक जांच के भ्रामक समाचार प्रसारित करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी रहे। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों अथवा प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर ही संभव होगी।
- अमरोहा के गजरौला स्थित मोहल्ला अतरपुरा निवासी कथित तांत्रिक जाने आलम का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिन पर पैसे डबल करने और तंत्र क्रिया के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप पहले से लगे हैं। इस वायरल वीडियो में जाने आलम एक व्यक्ति, जिनका नाम हाशम भाई बताया गया है, को पैसे डबल करने का भरोसा देते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद इस मामले को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और इसे सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। फिलहाल, पुलिस या प्रशासन की ओर से इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।1
- अमरोहा जिला अस्पताल में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद इकबाल की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक 19 वर्षीय भट्टा मजदूर की जान बचा ली गई। जहरीले सांप के डसने के बाद युवक की हालत गंभीर हो गई थी और कई जगह भटकने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की मेहनत और समय पर मिले उपचार से उसकी जान बच गई। अब युवक खतरे से बाहर है और उसके परिजन डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त कर रहे हैं।4
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में जिलाधिकारी (डीएम) ने रात के समय छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के दौरान, छह वाहनों को जब्त कर उन पर जुर्माना भी लगाया गया।1
- एक महिला रेसलर ने कोतवाली परिसर के भीतर आत्मदाह का प्रयास किया है। इस घटना के तुरंत बाद, दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- संभल से समाजवादी पार्टी में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरे की मांग तेजी से उठने लगी है। सपा के जिला सचिव नवाब साद आदिल ने इस मांग का समर्थन किया है, जिसमें मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी द्वारा अखिलेश यादव को लिखे गए पत्र का जिक्र है। साद आदिल का कहना है कि मुसलमानों ने हमेशा समाजवादी पार्टी का साथ दिया है और अब उन्हें नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। नवाब साद आदिल ने मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की उस मांग को पूरी तरह से समर्थन दिया है, जिसमें 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सपा की ओर से मुस्लिम मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की बात कही गई है। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की आबादी लगभग 22 प्रतिशत है और उन्होंने हमेशा मजबूती से समाजवादी पार्टी का समर्थन किया है। आदिल ने इस बात पर जोर दिया कि मुलायम सिंह यादव, रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव को सत्ता और संसद तक पहुंचाने में मुस्लिम समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जब मुस्लिम समाज लगातार पार्टी के साथ खड़ा रहा है, तो 2027 में मुख्यमंत्री पद के लिए मुस्लिम चेहरे को आगे लाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। साद आदिल ने यह भी तर्क दिया कि आबादी के हिसाब से मुसलमान प्रदेश का एक बड़ा वर्ग हैं और उन्हें नेतृत्व का अवसर मिलना उनका अधिकार है। सपा नेता ने याद दिलाया कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और देश में पूर्व में भी मुस्लिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी की यह मांग पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक है, और पार्टी नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।1
- CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक बयान में कहा कि वे पिछले तीन दिनों से एक स्थान पर बैठे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे जुनैद भाई के समर्थन की वजह से ही वहां बैठ पा रहे हैं।1
- ग्रेटर नोएडा से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती सड़क के बीचो-बीच लेटी हुई नज़र आ रही है। इस दौरान युवती के पास एक बोतल रखी दिख रही है और वह सिगरेट के छल्ले उड़ाती हुई दिखाई दे रही है। इस घटना के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे जाम जैसी स्थिति पैदा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने युवती से सड़क से हटकर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया, लेकिन वह काफ़ी देर तक सड़क पर ही बैठी और लेटी रही। इस स्थिति से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वीडियो में आसपास मौजूद लोग युवती को समझाने का प्रयास करते हुए भी देखे जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो ग्रेटर नोएडा का है, हालांकि वीडियो कब का है और किन परिस्थितियों में इसे बनाया गया, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह समाचार सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।1
- तमिलनाडु के तूतीकोरिन से प्रकृति का एक ऐसा हैरान कर देने वाला और खौफनाक नजारा सामने आया है, जिसे देखकर स्थानीय लोग दंग रह गए हैं। आसमान से बादलों की एक पतली, घूमती हुई रस्सी जैसी आकृति सीधे जमीन की तरफ आती दिखी, जिसने देखते ही देखते एक भयानक बवंडर का रूप ले लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने भी यह अनोखा नजारा देखा उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई सामान्य चक्रवात या हवा का झोंका नहीं है, बल्कि दृश्यों के आधार पर इसे 'लैंडस्पाउट' टॉर्नेडो माना जा रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखा कि बादलों से निकली यह घूमती हुई हवा की नली जैसे ही जमीन को छूती है, वैसे ही वहां मौजूद धूल, मिट्टी और मलबे का एक जोरदार गुबार आसमान की तरफ उठने लगता है। हालांकि, इस रहस्यमयी घटना से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, जो राहत की बात है। गौरतलब है कि भारत में टॉर्नेडो जैसी खतरनाक प्राकृतिक घटनाएं मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में, खासकर प्री-मानसून सीजन के दौरान ही देखने को मिलती हैं। ऐसे में तमिलनाडु में इसका दिखना और भी चौंकाने वाला है।3