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समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा का साक्षी है बिहार का ऐतिहासिक मंदार पर्वत बिहार के बांका जिले के बौंसी क्षेत्र में स्थित मंदार पर्वत देश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। यह पर्वत भागलपुर से लगभग 45–50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी मंदराचल पर्वत को देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन के लिए मथनी के रूप में प्रयोग किया था। लगभग 700–800 फीट ऊँचा यह विशाल ग्रेनाइट पर्वत धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का अद्भुत संगम है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ दर्शन एवं भ्रमण के लिए पहुँचते हैं, जिससे यह बिहार का एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थल बना हुआ है।
पत्रकार पांडे
समुद्र मंथन की पौराणिक गाथा का साक्षी है बिहार का ऐतिहासिक मंदार पर्वत बिहार के बांका जिले के बौंसी क्षेत्र में स्थित मंदार पर्वत देश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। यह पर्वत भागलपुर से लगभग 45–50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी मंदराचल पर्वत को देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन के लिए मथनी के रूप में प्रयोग किया था। लगभग 700–800 फीट ऊँचा यह विशाल ग्रेनाइट पर्वत धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व का अद्भुत संगम है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ दर्शन एवं भ्रमण के लिए पहुँचते हैं, जिससे यह बिहार का एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थल बना हुआ है।
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