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कमाने गया मजदूर, घर लौटी मौत की खबर—परिवार बेहाल #viral #followers #ambedkarnagarpolice #uppolice #ambedkar_nagar
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कमाने गया मजदूर, घर लौटी मौत की खबर—परिवार बेहाल #viral #followers #ambedkarnagarpolice #uppolice #ambedkar_nagar
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- वन विभाग का अंधा खेल | विकास छोड़ अब बंदर पकड़ने प्रधान | ऐसा खेल लुकाछिपी का वन विभाग में आलापुर समाचर वन विभाग का अंधा खेल | विकास छोड़ अब बंदर पकड़ने प्रधान | ऐसा खेल लुकाछिपी का वन विभाग में1
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने इंटरव्यू लेने वाले का ही इंटरव्यू ले लिया। उन्होंने कहा कि, “9 साल से योगी आदित्यनाथ सत्ता में बैठे हैं और आप कहते हो कि हम अखिलेश यादव से सवाल पूछें”1
- मुर्गा चोर गिरोह,मुर्गा चोरी कर मनाते थे पार्टी, बच्चों ने खोली पोल बिपिन पांडेय संवाददाता अजय भारत ए बी न्यूज़ अयोध्या लो,केशन अयोध्या मुर्गा चोरी कर मनाते थे पार्टी, बच्चे ने खोली पोल शिकायत पर जांच में जुटी कोतवाली पुलिस अयोध्या। नगर कोतवाली क्षेत्र में मुर्गा चोरी कर पार्टी किए जाने का मामला सामने आया है। बच्चे की ओर से खुलासा किए जाने के बाद पीड़ित ने तहरीर नगर कोतवाली पुलिस को दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। कोतवाली क्षेत्र के महाजनी टोला कोयला हाता निवासिनी महिला कुसुम पत्नी स्वर्गीय शत्रुघ्न अपने घर पर मुर्गा पालन का काम करती है। उसने देशी मुर्गा पाला हुआ था लेकिन काफी दिनों से मुर्गा चोरी हो रहा था। होली के पर्व पर तीन मुर्गे चोरी हुए थे। इधर बीच 24 एवं 25 जुलाई की रात्रि सात मुर्गा चोरी हो गए। वह मुर्गा चोरी को लेकर परेशान थी। पीड़िता कुसुम यह समझ रही थी कि मुर्गों को बिलैया खा गई होगी। इसी बीच शनिवार 1 अगस्त को दोपहर लगभग एक से दो बजे के बीच एक मुर्गी चोरी हो गई। पीड़िता को शक हुआ तो उसने तहकीकात शुरू की। कुसुम का कहना है कि मोहल्ले के बच्चे ने बताया कि मुर्गी को हाता में ही रहने वाला हनुमान पुत्र स्वर्गीय दिलीप तथा अभिषेक ठाकुर उर्फ शंभू पुत्र अजय ठाकुर और कसाब बाड़ा निवासी राशिद पुत्र शकील चुरा कर ले गए हैं। इन लोगों ने मुर्गा चोरी करने के बाद ऋषि टोला गढ़िया पर बनाया और खाया तथा शराब पी। एक आरोपी अभिषेक ठाकुर की मां पुलिस लाइन में बर्तन मनाने का काम करती है। जिसके चलते इनका लड़का मनबढ़ हो गया है और कई बार उसके खिलाफ छेड़खानी और चोरी की शिकायत आई है। रिकाबगंज चौकी इंचार्ज चंद्र मोहन शुक्ला ने बताया कि हेड कांस्टेबल मोहम्मद राशिद के साथ उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। मोहल्ले के एक बच्चे ने मुर्गा चोरी के बारे में जानकारी दो है और आरोपियों का नाम बताया है। बच्चे के बयान की तस्दीक कराई जा रही है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।1
- पवन पांडे बोले जब अपनों द्वारा हनुमान जी का अपमान होता है तब भगवा प्रेम सो जाता है1
- *थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र अंतर्गत एक व्यक्ति (वेंडर) की तबियत खराब *थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र अंतर्गत एक व्यक्ति (वेंडर) की तबियत खराब होने पर स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टर द्वारा व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया, मृतक की पत्नी द्वारा मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर की बाइट।*👇1
- बुढेश्रवर सावन मेले की तैयारियां तेज श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विकास महासभा ने बनाई रणनीति लखनऊ। सावन माह में लगने वाले ऐतिहासिक बुढ़ेश्वर बाबा महादेव मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुढ़ेश्वर विकास महासभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन, पेयजल एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विस्तृत मंथन हुआ। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि सावन मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और आसपास की सभी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना प्राथमिकता है। बैठक में मंदिर समिति और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में अध्यक्ष राजेश शुक्ला सहित महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और सफल आयोजन के लिए सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए।1
- रूस यूक्रेन युध के बीच भारतीय लापता, परिजनों का प्रधानमंत्री रक्षामंत्री गृह मंत्री से गुहार रूस यूक्रेन युध के बीच भारतीय लापता, परिजनों का प्रधानमंत्री रक्षामंत्री गृह मंत्री से गुहार1
- फायर सेफ्टी और मानकों की धज्जियां: स्कूल में आपातकालीन निकास (एग्जिट) और अग्निशमन यंत्रों का पूरी तरह है अभाव। अजीत मिश्रा (खोजी) 800 बच्चों की जिंदगी दांव पर: करहल के 'प्रयाग पब्लिक स्कूल' में मौत का साया, फायर सेफ्टी और मानकों की उड़ रही धज्जियां! फायर सेफ्टी और मानकों की धज्जियां: स्कूल में आपातकालीन निकास (एग्जिट) और अग्निशमन यंत्रों का पूरी तरह है अभाव। मासूमों पर जुल्म: प्रबंधक अरुणेंद्र यादव पर बच्चों को प्रताड़ित करने और विरोध करने पर अभिभावकों को दबाने का गंभीर आरोप। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत: सुरेखा देवी ने प्रार्थना पत्र देकर लखनऊ जैसी घटना से पहले तुरंत कार्रवाई की मांग की। मैनपुरी (करहल): जिले के करहल कस्बे में शिक्षा के नाम पर एक बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दिया जा रहा है। मोहल्ला काजी स्थित प्रयाग पब्लिक स्कूल का भवन अत्यंत असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और नियमों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 800 मासूम छात्र-छात्रों का जीवन बिना किसी सुरक्षा मानकों के भगवान भरोसे चल रहा है। हादसों को न्योता देते हालात दमघोंटू और छोटे कमरे: स्कूल के कमरे बेहद छोटे हैं, जिनमें लगभग 800 बच्चे ठूंस-ठूंसकर पढ़ने को मजबूर हैं। खेलने के लिए एक इंच भी खुली जगह उपलब्ध नहीं है। आपातकालीन निकास (एग्जिट) का अभाव: भवन में संकट या आग लगने जैसी आपात स्थिति के समय बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई उचित निकास द्वार या एग्जिट की व्यवस्था नहीं है। फायर सेफ्टी शून्य: स्कूल भवन में न तो अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) हैं, न फायर अलार्म, और न ही कोई इमरजेंसी लाइट। ऐसे में किसी भी अनहोनी की स्थिति में लखनऊ जैसी किसी बड़ी भीषण दुर्घटना की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता। तानाशाही और दबंगई का आलम स्कूल के प्रबंधकों की मनमानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल बिल्डिंग कोड और उत्तर प्रदेश के स्कूल सुरक्षा मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक अरुणेंद्र यादव द्वारा फीस जमा न करने या होमवर्क न करने पर मासूम बच्चों के साथ बुरी तरह मारपीट और अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं। विद्यालय के रोशनदान और एसी के आउटडोर पास ही बने घरों की तरफ खुले होने के कारण बच्चों की चीख-पुकार और प्रताड़ना की आवाजें पड़ोसियों तक साफ सुनाई देती हैं। विरोध करने पर विद्यालय प्रबंधक द्वारा दबंगई दिखाते हुए अभिभावकों को भी डरा-धमकाकर चुप करा दिया जाता है। जिला प्रशासन से तीखा सवाल और गुहार स्थानीय निवासी सुरेखा देवी ने संपूर्ण समाधान दिवस (करहल, मैनपुरी) में प्रार्थना पत्र देकर इस गंभीर मामले की पोल खोली है। शिकायकर्ताओं का आरोप है कि पहले भी जब इस अवैध संचालन के खिलाफ आवाज उठाई गई, तो स्कूल प्रबंधन ने अधिकारियों को मोटी रकम खिलाकर मामले को दबा दिया। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े अग्निकांड या हादसे के बाद ही नींद से जागेगा? क्या मासूमों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे स्कूलों पर ताला लगाने की हिम्मत प्रशासन जुटा पाएगा? अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने तत्काल प्रभाव से स्कूल का औचक निरीक्षण करने, भवन को सील/शिफ्ट करने तथा स्कूल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- ‘रामराज्य’ में पानी बेचना 'अपराध', स्मैक बेचना 'व्यापार': अयोध्या पुलिस के ‘शौर्य’ की अद्भुत दास्तान अजीत मिश्रा (खोजी) रामनगरी अयोध्या की पुलिस इन दिनों एक नए ‘मिशन’ पर है। मिशन—शहर को ‘अतिक्रमण’ से मुक्त कराना! और इस महान, ऐतिहासिक मिशन में पुलिस के हत्थे चढ़ा एक खूंखार, खतरनाक, अंतरराष्ट्रीय अपराधी—सरयू तट पर 10 रुपये की पानी की बोतल बेचने वाला दीपक कुमार सिंह! वाह रे खाकी! क्या वीरता दिखाई है! खाकी की 'बहादुरी': 10 रुपये की बोतल के पीछे खाकी का ‘ऑपरेशन’ ज़रा दृश्य की कल्पना कीजिए। एक तरफ वो 'सफ़ेदपोश' और नशा-माफिया हैं, जो गांजा और स्मैक की पुड़िया खुलेआम बेच रहे हैं। उनके आगे हमारी पुलिस बिल्कुल नतमस्तक है— नम्र, संस्कारी और एकदम मौन। लेकिन जैसे ही 10 रुपये की पानी की बोतल लेकर दीपक नज़र आता है, पुलिस की 'दबंगई' का मीटर चालू हो जाता है! खाकी की फुर्ती: गांजा बेचने वालों को देखकर जो पुलिस 'गांधी जी के बंदर' बन जाती है, वही पुलिस पानी बेचने वाले गरीब के पीछे ऐसे दौड़ी मानो कोई वांछित आतंकवादी भाग रहा हो। सफलता का पैमाना: नतीजा? दीपक बदहवास होकर गिरा और उसकी सांसें थम गईं। खाकी का 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' शत-प्रतिशत सफल रहा! एक गरीब की ज़िंदगी ही खत्म हो गई, न रहेगा दीपक, न बेचेगा पानी! बिलखती पत्नी, मासूम का सवाल और 'साहब' का सन्नाटा गोद में मासूम बच्चे को लिए बिलख-बिलखकर रोती मनीषा देवी के आंसू इस चमकती-दमकती अयोध्या की दीवारों पर एक बदनुमा दाग की तरह छप गए हैं। "मासूम बच्चा अपनी माँ की गोद में रो रहा है, और व्यवस्था अपनी जेब में हफ़्ते की कमाई गिन रही है। साहब की गाड़ियों का हूटर बजता रहेगा, लेकिन उस अबोध बच्चे की सिसकी किसी साहब के केबिन का शीशा नहीं तोड़ पाएगी।" अब सवाल यह है कि क्या कप्तान साहब (SSP) इस 'शौर्य गाथा' पर अपने जाबांज़ सिपाहियों को मेडल देंगे? या फिर हमेशा की तरह एक घिसा-पिटा सरकारी बयान जारी होगा—"मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, कानून अपना काम कर रहा है!" 'सिंडिकेट' के आगे सरेंडर, गरीब के सीने पर बुलडोजर अयोध्या पुलिस की इस अनूठी कार्यशैली से कुछ बातें तो शीशे की तरह साफ हो चुकी हैं: नशा बेचना व्यापार है: अगर आप स्मैक या गांजा बेचते हैं, तो आप पुलिस के 'संरक्षित' ग्राहक हैं। आपको कोई नहीं दौड़ाएगा। पानी बेचना जघन्य अपराध है: अगर आप ईमानदारी से मेहनत करके दो वक्त की रोटी कमाना चाहते हैं, तो आपकी जान की कीमत कौड़ी के भाव है। कानून का दोहरा मापदंड: अपराधियों के आगे नतमस्तक होना और लाचारों पर डंडा चलाना ही अगर 'स्मार्ट पुलिसिंग' है, तो फिर इस व्यवस्था पर शर्म शब्द भी छोटा पड़ता है। अब देखना यह है कि कानून के रखवालों की इस 'अद्भुत बहादुरी' पर शासन-प्रशासन की नींद खुलती है या फिर यह फाइल भी किसी गरीब की चीख के साथ फाइलों के नीचे दबा दी जाएगी! #AyodhyaPolice #ShauryaGatha #SmartPolicing #JusticeForDeepak #UpPolice #SaryuGhat #MediaReport1