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मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित बोलिया गाँव, जो जिले का सबसे बड़ा गाँव है, सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। गाँव का एकमात्र खेल मैदान अब अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। कभी बच्चों के खेलने और टूर्नामेंट आयोजित करने का केंद्र रहा यह मैदान अब झाड़ियों, गंदगी और फटी बोतलों से भरा एक वीरान स्थान बन गया है। लगातार अनदेखी के कारण इस मैदान का क्षेत्रफल भी कम होता जा रहा है, जिससे गाँव में खेल गतिविधियों के लिए कोई उचित जगह नहीं बची है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आ रहे हैं।
Sanjay Kumar yati
मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित बोलिया गाँव, जो जिले का सबसे बड़ा गाँव है, सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। गाँव का एकमात्र खेल मैदान अब अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। कभी बच्चों के खेलने और टूर्नामेंट आयोजित करने का केंद्र रहा यह मैदान अब झाड़ियों, गंदगी और फटी बोतलों से भरा एक वीरान स्थान बन गया है। लगातार अनदेखी के कारण इस मैदान का क्षेत्रफल भी कम होता जा रहा है, जिससे गाँव में खेल गतिविधियों के लिए कोई उचित जगह नहीं बची है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आ रहे हैं।
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- मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में स्थित बोलिया गाँव, जो जिले का सबसे बड़ा गाँव है, सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। गाँव का एकमात्र खेल मैदान अब अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। कभी बच्चों के खेलने और टूर्नामेंट आयोजित करने का केंद्र रहा यह मैदान अब झाड़ियों, गंदगी और फटी बोतलों से भरा एक वीरान स्थान बन गया है। लगातार अनदेखी के कारण इस मैदान का क्षेत्रफल भी कम होता जा रहा है, जिससे गाँव में खेल गतिविधियों के लिए कोई उचित जगह नहीं बची है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आ रहे हैं।1
- झालावाड़ के डग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित और गंभीर जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का तीव्र आक्रोश सामने आया है। संगठन के पदाधिकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से डग तहसीलदार को सौंपकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि डग क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और बेहद परेशान है। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें रामगोपाल व्यास भी शामिल हैं, ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार और प्रशासन ने इन गंभीर समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो संगठन उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी। ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। इनमें डग नगर में पिछले आठ साल से जलभराव की समस्या का समाधान, उखड़ी हुई सड़कों का तत्काल सुदृढीकरण, हरनावदा चौपाटी और सिल्लेगढ़ चौपाटी पर यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालयों और प्रतीक्षालयों का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, हरनावदा चौपाटी से धतुरिया मार्ग का निर्माण और बलेडिया लड़ाका के उप-स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह से चालू करने की मांग की गई है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए बलेडिया लड़ाका के खेल मैदान, स्थानीय स्कूल की भूमि, गोचर, चारागाह, वन भूमि और PWD की जमीनों का तुरंत सीमांकन कर 'पीला पंजा' चलाने की भी मांग है। किसानों से संबंधित मांगों में कुढ़िया और धतुरिया में रिलायंस कंपनी द्वारा की जा रही तारबंदी को व्यवस्थित करना तथा सोयाबीन की फसल के मुआवजे से वंचित रह गए किसानों को तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करना शामिल है। ज्ञापन में देश भर में गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की भी पुरजोर मांग की गई है। डग क्षेत्र की बदहाली पर भड़के किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।3
- राजस्थान के कोटा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है, जहाँ अपराधियों में अब कानून का कोई डर नहीं रह गया है और वे बेखौफ होकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी बिगड़ती व्यवस्था का एक ताजा मामला बुधवार सुबह गढ़ पैलेस कोटा के पास स्थित सिसोदिया स्वीट्स एंड कैटर्स की दुकान में सामने आया है। सुबह करीब 5:35 बजे, कैथूनीपोल थाने से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित इस दुकान में एक चोर ने बेखौफी से घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में चोर ने दुकान से डेढ़ लाख रुपये चुरा लिए। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जो क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते हौसले और कानून व्यवस्था की कमजोर स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- बकानी तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। तहसील क्षेत्र के रिछवा में, पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुँची टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। इस कार्रवाई के बाद रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात के लिए फिर से खुलवा दिया गया।1
- भारतीय किसान संघ, रायपुर नगर की मासिक बैठक नगर अध्यक्ष बंकट सुथार की अध्यक्षता में विश्वकर्मा कृषि फार्म, आजमपुर रोड पर आयोजित की गई। इस बैठक में सैटेलाइट सर्वे में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार किसानों की सोयाबीन भूमि और नक्शे में पाई गई कई प्रकार की कमियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि इन कमियों के कारण किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बहुत अधिक मात्रा में धनराशि का नुकसान हो रहा है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि भूमि संबंधी इन सभी समस्याओं का समाधान निःशुल्क किया जाए। तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने इस अवसर पर भारतीय किसान संघ को मजबूत करने के लिए ग्राम समितियों को सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया, उनका मानना है कि सक्रिय ग्राम समितियाँ ही किसानों की हर समस्या का समाधान कर सकती हैं। इस बैठक में रामगोपाल पाटीदार, बंकट सुथार, अंकित सेन, दीपक सुथार, सूर्य प्रकाश मेहर, बिहारी लाल, जानकी लाल सुथार, विजय नामदेव और राधेश्याम कारपेंटर सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।2
- नगर परिषद हरिओम के सीएमओ शर्मा ने एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर वसूली की कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- शामगढ़ रेलवे जीआरपी पुलिस के आरक्षक जितेंद्र सिंह यादव की बंजारी नदी में नहाने के दौरान मौत हो गई। जितेंद्र सिंह अपने चार दोस्तों के साथ शामगढ़ से बंजारी नदी में नहाने गए थे, जहाँ यह हादसा हुआ। ग्राम के चौकीदार विनोद ने बताया कि ग्रामीणों ने इन लोगों को उस जगह नहाने जाने से मना किया था, क्योंकि वहां गहराई ज़्यादा थी। हालांकि, चारों दोस्त आईडी कार्ड दिखाकर नदी में नहाने चले गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव को नदी से निकालने में मदद की।1
- गरोठ में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ शामगढ़ जीआरपी स्टाफ के एक सदस्य की बंजारी नदी में नहाते समय मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, वह अपने चार दोस्तों के साथ बंजारी नदी में नहाने गया था। घटना के बाद उसे बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह एक अत्यंत दुखद घटना है।1