संतकबीरनगर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय के एमसीएच (मातृ एवं शिशु) अस्पताल में नसबंदी कराने के बावजूद एक महिला के गर्भवती होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है, क्योंकि महिला को अब तक उसका हक नहीं मिल पाया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि नसबंदी ऑपरेशन विफल होने के कारण उसे दोबारा गर्भधारण करना पड़ा, जिससे उसे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। महिला ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की सलाह पर नसबंदी कराई थी। घटना के करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिल सका है। उसने कई बार संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। परिजनों ने विभागीय उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। इस मामले ने परिवार नियोजन कार्यक्रम की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में नसबंदी ऑपरेशन के बाद भी ऐसी घटनाएँ होती हैं और पीड़ितों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता, तो आम जनता का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कमजोर होगा। फिलहाल, दो वर्षों से न्याय और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रही महिला की पीड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है, और अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित महिला को उसका हक कब तक मिल पाता है।
संतकबीरनगर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय के एमसीएच (मातृ एवं शिशु) अस्पताल में नसबंदी कराने के बावजूद एक महिला के गर्भवती होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है, क्योंकि महिला को अब तक उसका हक नहीं मिल पाया है। पीड़ित महिला का आरोप है कि नसबंदी ऑपरेशन विफल होने के कारण उसे दोबारा गर्भधारण करना पड़ा, जिससे उसे मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। महिला ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों की सलाह पर नसबंदी कराई थी। घटना के करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिल सका है। उसने कई बार संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। परिजनों ने विभागीय उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। इस मामले ने परिवार नियोजन कार्यक्रम की निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में नसबंदी ऑपरेशन के बाद भी ऐसी घटनाएँ होती हैं और पीड़ितों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता, तो आम जनता का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा कमजोर होगा। फिलहाल, दो वर्षों से न्याय और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रही महिला की पीड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है, और अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित महिला को उसका हक कब तक मिल पाता है।
- आज दिनाँक 31.05.2026 को जनपद संतकबीरनगर में कुल तीन पुलिस अधिकारी/कर्मचारी अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और लगन से कार्य करते हुए अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार कक्ष में इन सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ क्षेत्राधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार सिंह ने उन्हें ससम्मान विदाई दी। समारोह के दौरान सर्वप्रथम सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारीगण से उनके सेवाकाल के अनुभवों के बारे में विस्तार से वार्ता की गई। इसके पश्चात् उन्हें माला पहनाकर, शॉल और धर्मग्रंथ आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली गई और भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बेझिझक संपर्क करने का आश्वासन दिया गया। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके सुखद, आनंदपूर्ण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों में उ0नि0ना0पु0 श्री शंकर सिंह (पुत्र स्व0 बैजनाथ सिंह, निवासी रावतपार अमेठिया, थाना लार, जनपद देवरिया), फायर सर्विस चालक श्री सुरेंद्र कुमार राय (पुत्र श्री केशव राय, निवासी पाली, थाना बांसगांव, जनपद गोरखपुर) और फायरमैन श्री रामकेश शर्मा (पुत्र श्री विश्वनाथ शर्मा, निवासी कलवारी, थाना बासगांव, जनपद गोरखपुर) शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण की।4
- संतकबीरनगर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से हाल ही में हुई एक चेन स्नैचिंग की घटना का खुलासा हुआ है, साथ ही आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और उनके पुराने अपराधों की परतें भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को मेंहदावल थाना क्षेत्र के अगिया गाँव में एक महिला अपने घर पर थी, तभी दो युवक पानी मांगने के बहाने उसके घर पहुँचे। जैसे ही महिला पानी देने लगी, एक युवक ने उसके गले से सोने की चेन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, मेंहदावल पुलिस और सर्विलांस टीम को इस मामले की जाँच सौंपी गई। लगातार की गई जाँच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशे की लत और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और चेन स्नैचिंग जैसी वारदातें करते थे। उन्होंने यह भी कबूल किया कि चेन झपटने के बाद उन्होंने उसे बेच दिया था और प्राप्त अधिकांश पैसा खर्च कर दिया था। पुलिस जाँच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कई गंभीर आपराधिक मामलों में पहले से वांछित थे। उनके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध गांजा, मोबाइल फोन, नकदी, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता की सराहना की है।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी ने देशव्यापी आंदोलन चलाते हुए तीन चरणों में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पहले चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारियों को लालटेन भेंट कर अपना रोष प्रकट किया। इसके बाद, दूसरे चरण में उन्होंने चूल्हा जलाकर खाना बनाया, और तीसरे चरण में पेट्रोल की आसमान छूती कीमतों के विरोध में अपनी गाड़ियों को धक्का मारकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। पार्टी ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि देश में बेतहाशा बढ़ती महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी भाजपा की गलत नीतियों का सीधा परिणाम है। बहुजन मुक्ति पार्टी ने इन मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला।1
- भारतीय क्रिकेट में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से तूफान मचा दिया है। राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस खिलाड़ी ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिससे गेंदबाज बेबस नज़र आ रहे हैं और उनकी टीम इंडिया में एंट्री की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। फैन्स के साथ-साथ कई दिग्गज क्रिकेटर भी वैभव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। इस 'वंडर बॉय' को लेकर अब 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी बड़ी बात कही है। ईएसपीएन क्रिकइंफो अवॉर्ड्स के दौरान सचिन ने वैभव को सलाह देते हुए कहा कि सबसे ज़रूरी चीज़ यह है कि वह खुद को बिल्कुल न बदलें और जैसे हैं, वैसे ही बने रहें। सचिन ने स्पष्ट किया कि वैभव की नैचुरल बल्लेबाजी से छेड़छाड़ करना गलत होगा, क्योंकि उन्हें खुद पर पूरा भरोसा है और वह अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। तेंदुलकर ने जोर दिया कि उनकी नैचुरल इंस्टिंक्ट्स के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि अगर उनके दिमाग में बहुत सारी बातें डाल दी गईं और लगातार निर्देश दिए गए, तो वहीं असली समस्या शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में उम्र और अनुभव के साथ वह अलग-अलग चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। सचिन तेंदुलकर ने वैभव की बल्लेबाजी देखने के बाद बताया कि सिर्फ गेंद को ज़ोर से मारने की क्षमता ही नहीं, बल्कि उनके रिस्टवर्क ने उन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित किया। सचिन के अनुसार, मैदान के हर हिस्से में शॉट खेलने के लिए शानदार रिस्टवर्क ज़रूरी होता है, और वैभव सिर्फ गेंद को स्लॉग नहीं करते, बल्कि वह बाकी बल्लेबाजों से पहले लाइन और लेंथ पढ़ लेते हैं और आराम से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा देते हैं। सचिन ही नहीं, दुनिया के कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी वैभव की बल्लेबाजी तकनीक के दीवाने हो चुके हैं।2
- संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।2
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के आदेश के क्रम में संतकबीरनगर जनपद के थाना महुली में कम्युनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान ग्राम प्रहरियों से उनके-अपने गांवों की वर्तमान स्थिति, कानून एवं शांति व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं, वृद्ध एवं असहाय व्यक्तियों की स्थिति, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं, और पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। ग्राम प्रहरियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने गांवों में अकेले रह रहे वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, निराश्रितों और जरूरतमंद व्यक्तियों की जानकारी नियमित रूप से पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी आवश्यकतानुसार सहायता सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्हें गांवों में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि, बाहरी व्यक्तियों के आगमन, आपसी विवादों, महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी मामलों और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी भी सूचना से तत्काल पुलिस को अवगत कराने के लिए भी प्रेरित किया गया। बैठक में ग्राम प्रहरियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया, जिस दौरान पुलिस और ग्रामीण समुदाय के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित ग्राम प्रहरियों को यह भी बताया गया कि जनसहयोग और सूचनाओं के आदान-प्रदान से अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। थाना महुली पुलिस द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के माध्यम से जनता और पुलिस के बीच विश्वास एवं सहयोग को निरंतर मजबूत किया जाएगा।4
- संतकबीरनगर में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहा अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है, जिसने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को सपा कार्यकर्ता बताने वाला एक व्यक्ति पार्टी के जिला अध्यक्ष अब्दुल कलाम पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तस्वीर को एक पोस्टर से हटाता हुआ दिख रहा है। यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि स्वयं पार्टी के ही एक कार्यकर्ता ने लगाए हैं। इसके चलते यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या समाजवादी पार्टी संगठन के भीतर सब कुछ ठीक चल रहा है, और क्या 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी बढ़ रही है। हालांकि, वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और न ही जिला अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। वीडियो में सामने आए आरोप संबंधित व्यक्ति के निजी बयान मात्र हैं। बावजूद इसके, वायरल वीडियो ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सपा के अंदर असंतोष की चर्चा अब सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी की उसके प्रेमी से लव मैरिज करवाने के महज 10 दिन बाद ही खूनी हमला कर दिया। यह घटना गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल डुमरी नंबर-दो (संझाई टोला) में हुई। पति ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर प्रेमी युवक और उसके परिजनों पर बीच सड़क पर कुल्हाड़ी (टांगी) से हमला किया।1