गारू, बारेसाड वन क्षेत्र में फिर से ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण हुए एकजुट।* *डीएफओ के नहीं आने से लोगों में नाराजगी।* *गारू, बारेसाड वन क्षेत्र में फिर से ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण हुए एकजुट।* *डीएफओ के नहीं आने से लोगों में नाराजगी।* *इधर आज 2 अप्रैल को डीएफओ से फोन में बात करने पर बताया गया कि समय निकालकर लोगों की समस्या का करेंगे समाधान ।* *गारू प्रतिनिधि ,प्रखंड के बारेसाड स्थित वन विभाग कार्यालय में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लेकर पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद संबंधित अधिकारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुए। जानकारी के अनुसार, 19 मार्च को ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वन विभाग कार्यालय का कई घंटों तक घेराव किया था। उस दौरान झारखंड आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा के जिला एवं प्रखंड नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद डीएफओ कुमार आशीष से फोन पर वार्ता हुई थी। इस बातचीत में डीएफओ ने 1 अप्रैल को स्वयं उपस्थित होकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के तहत बुधवार को कुजरूम, लाटू, मायापुर, बारेसाड, डेडगांव, दौना, दुरूप, बानदुआ, पहाड़ कोचा और राम शैली समेत कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभाग कार्यालय पहुंचे। हालांकि, काफी देर इंतजार के बावजूद डीएफओ के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार फोन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घटना से नाराज ग्रामीणों ने विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे लातेहार जिला मुख्यालय से लेकर रांची स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने अतिरिक्त प्रभार में तैनात रेंजर तरुण कुमार सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनके कार्यकाल में फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई हुई तथा स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित किया गया। साथ ही मजदूरी भुगतान में भी अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं।
गारू, बारेसाड वन क्षेत्र में फिर से ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण हुए एकजुट।* *डीएफओ के नहीं आने से लोगों में नाराजगी।* *गारू, बारेसाड वन क्षेत्र में फिर से ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण हुए एकजुट।* *डीएफओ के नहीं आने से लोगों में नाराजगी।* *इधर आज 2 अप्रैल को डीएफओ से फोन में बात करने पर बताया गया कि समय निकालकर लोगों की समस्या का करेंगे समाधान ।* *गारू प्रतिनिधि ,प्रखंड के बारेसाड स्थित वन विभाग कार्यालय में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लेकर पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद संबंधित अधिकारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुए। जानकारी के अनुसार, 19 मार्च को ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वन विभाग कार्यालय का कई घंटों तक घेराव किया था। उस दौरान झारखंड आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा के जिला एवं प्रखंड नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद डीएफओ कुमार आशीष से फोन पर वार्ता हुई थी। इस बातचीत में डीएफओ ने 1 अप्रैल को स्वयं उपस्थित होकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के तहत बुधवार को कुजरूम, लाटू, मायापुर, बारेसाड, डेडगांव, दौना, दुरूप, बानदुआ, पहाड़ कोचा और राम शैली समेत कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण वन विभाग कार्यालय पहुंचे। हालांकि, काफी देर इंतजार के बावजूद डीएफओ के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार फोन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घटना से नाराज ग्रामीणों ने विभाग के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे लातेहार जिला मुख्यालय से लेकर रांची स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय तक बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने अतिरिक्त प्रभार में तैनात रेंजर तरुण कुमार सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनके कार्यकाल में फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए, बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई हुई तथा स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित किया गया। साथ ही मजदूरी भुगतान में भी अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं।
- Post by Pintu Mahto1
- Post by Mohd Sameer Khan aimim1
- लातेहार। झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत चलाए जा रहे “नई दिशा” अभियान के तहत लातेहार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित जे.जे.एम.पी. संगठन के 5 लाख के इनामी सबजोनल कमांडर सुरेन्द्र लोहरा उर्फ टाइगर जी उर्फ विनोद लोहरा ने गुरुवार को पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, सीआरपीएफ 11 बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर एवं पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस दौरान माला पहनाकर एवं गुलदस्ता भेंट कर उसे मुख्यधारा में शामिल किया गया।पलामू आईजी ने लातेहार पुलिस अधीक्षक सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि लातेहार जिला कभी उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है, लेकिन पुलिस एवं आम जनता के सहयोग से अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है। पुलिस के लगातार अभियान के चलते कई उग्रवादियों को निष्क्रिय किया गया है तथा वर्ष 2025 में कुल 23 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया।उन्होंने बताया कि सुरेन्द्र लोहरा लगभग 20 वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय था और कई बड़े आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। उसके विरुद्ध हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट एवं यूएपीए से जुड़े कई मामले विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी/आत्मसमर्पण के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।लातेहार पुलिस एवं सीआरपीएफ 11 बटालियन के संयुक्त प्रयास से उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा अन्य उग्रवादियों से भी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की गई है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Jharkhand local news1
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- Post by Mohd Sameer Khan aimim1