धौलपुर जिले के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज के सरकारी अस्पताल में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहाँ मरीजों को स्वस्थ करने का दावा किया जाता है, वहीं अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा कचरा लगातार संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। यह स्थिति जिला अस्पताल में इलाज के दौरान निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण के दावों की पोल खोल रही है। खुले में पड़े इस कचरे से न सिर्फ स्वच्छता व्यवस्था की कमी उजागर होती है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। यहाँ तक कि बेजुबान गायें भी इस कचरे में मुँह मार रही हैं और प्लास्टिक खा रही हैं। एक अन्य गंभीर पहलू यह है कि तीन दिन पूर्व हुई बारिश के कारण कचरे का संक्रमण पास के तालाब के पानी में मिल गया है, जिससे संक्रमण और तेज़ी से फैलने की संभावना है। नियमों के अनुसार, अस्पताल में पीले, लाल और सफेद रंग के बैगों में अलग-अलग प्रकार के बायोमेडिकल कचरे का संग्रह किया जाना चाहिए, और फिर उसका वैज्ञानिक तरीके से अधिकृत एजेंसी द्वारा निस्तारण होना चाहिए। लेकिन ये तस्वीरें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि व्यवस्था में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने परिसर में फैली गंदगी और खुले में पड़े कचरे से संक्रमण फैलने का खतरा जताया है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कचरा प्रबंधन के लिए स्पष्ट नियम और व्यवस्था मौजूद है, तो फिर यह लापरवाही क्यों हो रही है? सभी की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि अस्पताल और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों की सुरक्षा के लिए कचरा प्रबंधन व्यवस्था को कितना दुरुस्त कर पाता है।
धौलपुर जिले के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज के सरकारी अस्पताल में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहाँ मरीजों को स्वस्थ करने का दावा किया जाता है, वहीं अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा कचरा लगातार संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। यह स्थिति जिला अस्पताल में इलाज के दौरान निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण के दावों की पोल खोल रही है। खुले में पड़े इस कचरे से न सिर्फ स्वच्छता व्यवस्था की कमी उजागर होती है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। यहाँ तक कि बेजुबान गायें भी इस कचरे में मुँह मार रही हैं और प्लास्टिक खा रही हैं। एक अन्य गंभीर पहलू यह है कि तीन दिन पूर्व हुई बारिश के कारण कचरे का संक्रमण पास के तालाब के पानी में मिल गया है, जिससे संक्रमण और तेज़ी से
फैलने की संभावना है। नियमों के अनुसार, अस्पताल में पीले, लाल और सफेद रंग के बैगों में अलग-अलग प्रकार के बायोमेडिकल कचरे का संग्रह किया जाना चाहिए, और फिर उसका वैज्ञानिक तरीके से अधिकृत एजेंसी द्वारा निस्तारण होना चाहिए। लेकिन ये तस्वीरें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि व्यवस्था में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने परिसर में फैली गंदगी और खुले में पड़े कचरे से संक्रमण फैलने का खतरा जताया है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कचरा प्रबंधन के लिए स्पष्ट नियम और व्यवस्था मौजूद है, तो फिर यह लापरवाही क्यों हो रही है? सभी की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि अस्पताल और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों की सुरक्षा के लिए कचरा प्रबंधन व्यवस्था को कितना दुरुस्त कर पाता है।
- धौलपुर जिले की सर्मथुरा रोड पर पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।3
- धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके में एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना वाहन के संतुलन खोने के कारण हुई।1
- भारतीय जनता पार्टी बसेड़ी मंडल के तत्वावधान में आज बसेड़ी में मासिक मंडल बैठक का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष भैरोसिंह परमार की अध्यक्षता में यह बैठक दीप प्रज्वलित कर आरंभ हुई, जिसमें संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, बूथ सशक्तिकरण तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने जैसे विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुरेश कौशिक ने कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और सक्रियता को संगठन की वास्तविक शक्ति बताया। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से संगठन की मजबूती के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। मंडल अध्यक्ष भैरोसिंह परमार ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं लाभकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर अधिक से अधिक लोगों को उनका लाभ दिलाने का कार्य करें। इस अवसर पर महामंत्री कवेन्द्र सिंह परमार, महामंत्री महेंद्र कोली, पप्पू तिमासिया, उपाध्यक्ष धीरेन्द्र परमार, विजय गोयल, गणेश पुरी, श्योदान गुर्जर, मुकेश कौशिक, प्रेमसिंह कुशवाह, हेमंत चौधरी, नितिन कुशवाहा, जयपाल गुर्जर, मेघसिंह गौड़, सोवरन सिंह और रामलखन परमार सहित मंडल के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- धौलपुर के राजाखेड़ा कस्बे में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम बन गई। इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में विप्रजन और श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरे नगर में धार्मिक उल्लास का वातावरण छा गया और भगवान परशुराम के जयघोषों से पूरा नगर गूंज उठा। शोभायात्रा का शुभारंभ बिचौला रोड स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। शोभायात्रा के अध्यक्ष शुनील कौशिक ने इसकी जानकारी दी। इस अवसर पर संत पागलदास महाराज, भाजपा नेत्री नीरजा अशोक शर्मा, रूपाली दीक्षित, खेरागढ़ के युवा नेता अभय उमेश सैंथिया, पवन उपाध्याय, देवेंद्र मुद्गल मीथल शुक्ला, कैलाश चिहार, उत्तम दीक्षित, अनिल अवस्थी, गौरीशंकर उपाध्याय, अशोक पाराशर, दिलीप पाराशर, पातीराम मुद्गल, बृजमोहन मुद्गल, राम अजीत चिहारनायला खिलाड़ी मुद्गल, रणवीर डिंडोतिया, मनिया तथा राजाखेड़ा के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों विप्र बंधुओं सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर शोभायात्रा को आगे बढ़ाया। बिचौला रोड से शुरू हुई यह शोभायात्रा पुलिस चौकी, रामखिलाड़ी चौराहा, मुख्य बाजार और नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा का समापन आगरा बस स्टैंड स्थित परशुराम धर्मशाला में हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया गया। नगर भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर सर्वसमाज और सर्वधर्म के लोगों ने श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कई सामाजिक संगठनों ने शरबत और शीतल जल सेवा की व्यवस्था की। इस दौरान परशुराम धर्मशाला में पंडित मलखान सिंह नायला वालों की तरफ से शोभायात्रा में शामिल सभी व्यक्तियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। शोभायात्रा में दो दर्जन से अधिक धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक विषयों पर आधारित आकर्षक झांकियाँ शामिल थीं, जिन्होंने लोगों का मन मोह लिया। सजीव प्रस्तुतियों और सुंदर सजावट से सुसज्जित ये झाँकियाँ दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा में सबसे पीछे चल रही भगवान परशुराम की भव्य चित्र झाँकी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र रही, जिस पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शोभायात्रा के दौरान लगातार "भगवान परशुराम की जय" तथा "विप्र समाज एकता जिंदाबाद" के जयघोष गूँजते रहे। श्रद्धालु हाथों में धर्म ध्वज लिए भक्ति गीतों और बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर आगे बढ़ते रहे। इस पूरे आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और समाज की एकजुटता का संदेश दिया।4
- करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव के कथित बयान के विरोध में रविवार को धौलपुर में ब्राह्मण एवं अग्रवाल समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। विप्र फाउंडेशन के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सांसद का पुतला फूंका गया और उनके खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई गई। प्रदर्शनकारी स्टेशन रोड पर एकत्र हुए और वहां से हनुमान तिराहे तक विरोध मार्च निकाला, जहाँ उन्होंने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सांसद के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें "भजनलाल जाटव मुर्दाबाद" और "माफी मांगो" जैसे नारे शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने उनके बयान को समाज के सम्मान पर आघात बताया। हनुमान तिराहे पर पहुंचकर यह विरोध मार्च एक सभा में बदल गया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने सांसद भजनलाल जाटव के फोटो में आग लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभा को संबोधित करते हुए विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों और समाज के प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को किसी विशेष समाज के प्रति अमर्यादित टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद के बयान से ब्राह्मण एवं अग्रवाल समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, और वक्ताओं ने सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की पुरजोर मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बयान पर खेद व्यक्त नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- धौलपुर के सरमथुरा स्थित भूमियामठ क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, महज एक महीने पहले बनी सड़क को फिर से खोद दिया गया है। इस खुदाई से नई बनी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसके चलते क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले के निवासियों ने इस बात पर सवाल उठाए हैं कि सरकारी धन खर्च होने के बाद इतनी जल्दी सड़क की खुदाई क्यों की गई, और आरोप लगाया है कि विकास कार्यों में समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं धूल और गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब खुदाई के बाद कई घरों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे नलों में पानी नहीं आ रहा और स्थानीय नागरिकों को अपने दैनिक कार्यों में कठिनाई हो रही है। क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि सड़क को नुकसान पहुंचाने के कारणों की गहन जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाए और जल्द से जल्द सड़क तथा जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। जनता यह बड़ा सवाल उठा रही है कि अगर सड़क निर्माण के बाद कोई अन्य कार्य होने थे, तो उसकी योजना पहले से क्यों नहीं बनाई गई। लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि क्या सरकारी धन और जनता की सुविधा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।1
- सबलगढ़ नगरपालिका परिषद में व्याप्त जनसमस्याओं, प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और विकास कार्यों में बाधाओं के विरोध में पिछले 32 दिनों से जारी जनहित सत्याग्रह को लेकर निर्वाचित पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल भोपाल पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भांडवे और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर नगर की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। पार्षदों ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर सबलगढ़ की बदहाल व्यवस्थाओं में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पार्षद और भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि सबलगढ़ में सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, अधूरे विकास कार्य, प्रशासनिक पारदर्शिता की कमी और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय लंबे समय से उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार मांग करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण जनप्रतिनिधियों को यह जनहित सत्याग्रह का मार्ग अपनाना पड़ा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नगरपालिका परिषद सबलगढ़ के अध्यक्ष के विरुद्ध पूर्व में पारित राइट टू रिकॉल (अविश्वास) प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है, जिससे परिषद और पी.आई.सी. की बैठकों का नियमित संचालन प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर विकास कार्यों, वित्तीय निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है, जिसका खामियाजा नगर की आम जनता भुगत रही है। पार्षदों ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि नगरपालिका परिषद सबलगढ़ की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, लंबित विकास कार्यों को शीघ्र गति दी जाए, सफाई एवं पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक अभिलेखों एवं निर्णयों की जानकारी उपलब्ध कराकर पारदर्शिता स्थापित की जाए। पार्षद कैलाश चंद भगत और असरफ खान ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं, बल्कि नगर के हजारों नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि जब नगरवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हों, तब जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि उनकी आवाज शासन के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाई जाए। मोहन रामजी लाल पचौरी ने कहा कि वे 32 दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनहित सत्याग्रह कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य केवल सबलगढ़ की जनता को बेहतर सफाई व्यवस्था, नियमित पेयजल, पारदर्शी प्रशासन और विकास कार्यों का लाभ दिलाना है। उन्होंने प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष नगर की वास्तविक स्थिति प्रस्तुत की है और विश्वास जताया है कि जनता के हित में सकारात्मक एवं प्रभावी निर्णय अवश्य लिए जाएंगे। पार्षदों ने दृढ़ता से कहा कि जब तक नगरवासियों की प्रमुख समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस एवं स्थायी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका जनहित संघर्ष और सत्याग्रह निरंतर जारी रहेगा।1
- मुरैना जिले के कैलारस में नालियों की सफाई का अभाव एक बड़ी समस्या है, साथ ही यहां पक्की नालियों की भी कमी बनी हुई है।1
- आगरा कमिश्नरेट के थाना क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है।1