बालाघाट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र के एक कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी हुए सभी सामान को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ फार्मासिस्ट ग्रेड-01 विनोद कुमार कामड़े ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 24 जून 2026 की रात अज्ञात चोरों ने गवर्नमेंट आईटीआई के पीछे स्थित कोविड सेंटर के पीछे वाले लोहे के गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। चोरों ने वहां से 28 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, एक हायर कंपनी का एसी और एक एलईडी टीवी चोरी कर ली थी, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की इस वारदात को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वार्ड नंबर 1, बालाघाट निवासी समीर पिता शकील अली (25 वर्ष) और वार्ड नंबर 8, मारा मरारी मोहल्ला, बालाघाट निवासी दामोदर प्रसाद पिता परमानंद पाठक (54 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए सभी 28 बी-टाइप सिलेंडर, एक एसी और एक एलईडी टीवी को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सतेन्द्र सिंह भदौरिया, कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक रमेश राऊत, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र माटे तथा आरक्षक प्रियांक श्रीवास की सराहनीय भूमिका रही। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
बालाघाट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र के एक कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी हुए सभी सामान को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ फार्मासिस्ट ग्रेड-01 विनोद कुमार कामड़े ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 24 जून 2026 की रात अज्ञात चोरों ने गवर्नमेंट आईटीआई के पीछे स्थित कोविड सेंटर के पीछे वाले लोहे के गेट का
ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। चोरों ने वहां से 28 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, एक हायर कंपनी का एसी और एक एलईडी टीवी चोरी कर ली थी, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की इस वारदात को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
वार्ड नंबर 1, बालाघाट निवासी समीर पिता शकील अली (25 वर्ष) और वार्ड नंबर 8, मारा मरारी मोहल्ला, बालाघाट निवासी दामोदर प्रसाद पिता परमानंद पाठक (54 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए सभी 28 बी-टाइप सिलेंडर, एक एसी और एक एलईडी टीवी को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सतेन्द्र सिंह भदौरिया, कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक रमेश राऊत, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र माटे तथा आरक्षक प्रियांक श्रीवास की सराहनीय भूमिका रही। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
- बालाघाट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली क्षेत्र के एक कोविड सेंटर में हुई लाखों रुपये की चोरी का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी हुए सभी सामान को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ फार्मासिस्ट ग्रेड-01 विनोद कुमार कामड़े ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 24 जून 2026 की रात अज्ञात चोरों ने गवर्नमेंट आईटीआई के पीछे स्थित कोविड सेंटर के पीछे वाले लोहे के गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। चोरों ने वहां से 28 बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, एक हायर कंपनी का एसी और एक एलईडी टीवी चोरी कर ली थी, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन कार्रवाई करते हुए 1 जुलाई 2026 को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की इस वारदात को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वार्ड नंबर 1, बालाघाट निवासी समीर पिता शकील अली (25 वर्ष) और वार्ड नंबर 8, मारा मरारी मोहल्ला, बालाघाट निवासी दामोदर प्रसाद पिता परमानंद पाठक (54 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गए सभी 28 बी-टाइप सिलेंडर, एक एसी और एक एलईडी टीवी को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सतेन्द्र सिंह भदौरिया, कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक रमेश राऊत, प्रधान आरक्षक गजेन्द्र माटे तथा आरक्षक प्रियांक श्रीवास की सराहनीय भूमिका रही। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है।3
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 01 जुलाई बुधवार को सिवनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से संबल योजना की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण किया। इस पहल से बालाघाट जिले के 696 प्रकरणों में कुल 14 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में भेजी गई। इस वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बालाघाट कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में भी देखा गया, जहाँ कई हितग्राही और अधिकारी मौजूद थे। वितरित की गई राशि का विस्तृत विवरण देते हुए बताया गया कि सामान्य मृत्यु के 647 प्रकरणों के लिए 12 करोड़ 94 लाख रुपये, दुर्घटना मृत्यु के 48 प्रकरणों के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये और आंशिक अपंगता के एक प्रकरण के लिए 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। बालाघाट कलेक्ट्रेट में इस लाइव प्रसारण के दौरान प्रभारी श्रम पदाधिकारी श्री आरके ठाकरे, श्रम निरीक्षक दीपक डहरवाल, आशुतोष दुबे, सुनील यादव सहित अनेक हितग्राही उपस्थित रहे। इस योजना के तहत जिले की 16 स्थानीय निकायों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जनपद पंचायत लालबर्रा में सर्वाधिक 79 प्रकरणों का निराकरण हुआ, जबकि कटंगी में 78, बालाघाट में 77, लांजी में 75 और किरनापुर में 67 हितग्राहियों को सहायता राशि मिली। इसके अलावा, बैहर जनपद में 44, खैरलांजी में 63, परसवाड़ा में 42, बिरसा में 56 और वारासिवनी जनपद में 51 प्रकरण शामिल थे। नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट के 27, मलाजखंड व वारासिवनी के 11-11, नगर परिषद बैहर के 5, कटंगी के 4 और लांझी के 6 हितग्राहियों को भी अनुग्रह राशि प्रदान की गई।1
- कटंगी क्षेत्र में हुई बारिश के बाद सर्पदंश का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थिति ऐसी है कि पिछले 24 घंटों के भीतर ही दो अलग-अलग लोगों को सांप ने डस लिया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी।1
- सिवनी जिले के नयेगांव ग्राम पंचायत में एक गरीब परिवार पिछले तीन सालों से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन शिकायतें करने के बावजूद उन्हें अब तक इंसाफ नहीं मिला है और वे आज भी बेघर हैं। करोड़ों की सरकारी योजनाओं के बावजूद यह परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, जिससे तीन मासूम बच्चियों की आंखों में अपने आशियाने का सपना अधूरा रह गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि ग्राम पंचायत नयेगांव में तीन साल से उनकी शिकायत पर कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। उनकी स्पष्ट मांग है कि मामले की जांच की जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें न्याय दिलाया जाए। परिवार ने पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक सभी स्तरों पर गुहार लगाई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। तीन मासूम बच्चियां भी यह सवाल उठा रही हैं कि क्या उनकी सुनवाई होगी या उनकी पुकार भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी। यह परिवार प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक न्याय चाहिए।1
- किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बालाघाट जिले में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, बुधवार को लालबर्रा क्षेत्र के तीन कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। वारासिवनी के एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल के नेतृत्व में राजस्व और कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम ने इन कृषि केंद्रों में बीज, उर्वरक और कीटनाशकों के भंडारण तथा विक्रय व्यवस्था की गहन जांच की। निरीक्षण दल में एसडीएम श्री कार्तिकेय जायसवाल के साथ तहसीलदार श्री कन्हैयालाल टेकाम, बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक निरीक्षक सुश्री प्रीति पंद्राम, कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती प्रतिभा रंगारे, श्री उत्तम रंगारे और संबंधित पटवारी शामिल रहे। जांच के दौरान, मानपुर स्थित मेसर्स केशव बीज भंडार में स्टॉक पंजी अधूरी पाई गई और बिना लाइसेंस के सब्जी बीजों का क्रय-विक्रय किया जा रहा था। वहीं, लालबर्रा के मेसर्स महामाया कृषि केंद्र में अतिरिक्त विक्रेता प्रमाण-पत्र का पंजीकरण कराए बिना ही व्यवसाय संचालित किया जा रहा था, साथ ही स्टॉक पंजी और अन्य आवश्यक अभिलेखों का संधारण भी नहीं किया गया था। लालबर्रा के ही मेसर्स बिसेन कृषि केंद्र में विक्रय स्थल पर बीजों के स्टॉक और विक्रय दर का प्रदर्शन नहीं पाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीनों प्रतिष्ठानों में पाई गई ये अनियमितताएं सीड एक्ट, 1966 और सीड (कंट्रोल) ऑर्डर, 1983 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन हैं। इसके मद्देनजर, संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने जोर देकर कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। कृषि आदानों के भंडारण और विक्रय पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराए जा सकें।4
- बालाघाट के कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड 22 में बुधवार शाम 06 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक निर्माणाधीन मकान के बेसमेंट में काम कर रहे तीन मजदूर बगल के एक पुराने कच्चे मकान की अचानक भरभराकर गिरी दीवार के मलबे में दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और कोतवाली पुलिस ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। इस दौरान दो मजदूरों को जल्दी ही मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि काफी गहराई में दबे तीसरे मजदूर को भी कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। हादसे में तीनों मजदूरों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल, दो मजदूरों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, वहीं एक मजदूर की हालत नाजुक होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।1