जनपद प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित गौहनिया चौकी के सामने की स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है। यहां से दिन-रात गुजर रहे ओवरलोड डंपरों, चौराहे पर संचालित अवैध टेंपो स्टैंड और सड़क पर उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। बाजार क्षेत्र में लगातार जाम, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गौहनिया चौकी के ठीक सामने से बड़ी संख्या में ओवरलोड डंपर बेखौफ होकर गुजरते हैं। इन भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर लगातार धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस धूल के कारण लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने लगी हैं, वहीं सड़क पर कम दृश्यता होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि गौहनिया चौराहे पर सड़क किनारे चल रहा अवैध टेंपो स्टैंड यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बाधित कर रहा है। टेंपो चालकों द्वारा मनमाने तरीके से वाहन खड़े किए जाने के कारण अक्सर जाम लगा रहता है, जिससे बाजार आने वाले ग्राहकों और आम राहगीरों को रोज़ाना घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चौकी के ठीक सामने यह सब होते हुए भी आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहनों और अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने अब जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में ओवरलोड डंपरों पर सख्त कार्रवाई, अवैध टेंपो स्टैंड को हटाना और सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर धूल की समस्या से राहत दिलाना शामिल है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम आवागमन उनका मौलिक अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है।
जनपद प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित गौहनिया चौकी के सामने की स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है। यहां से दिन-रात गुजर रहे ओवरलोड डंपरों, चौराहे पर संचालित अवैध टेंपो स्टैंड और सड़क पर उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। बाजार क्षेत्र में लगातार जाम, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गौहनिया चौकी के ठीक सामने
से बड़ी संख्या में ओवरलोड डंपर बेखौफ होकर गुजरते हैं। इन भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर लगातार धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस धूल के कारण लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने लगी हैं, वहीं सड़क पर कम दृश्यता होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि गौहनिया चौराहे पर सड़क किनारे चल रहा अवैध टेंपो स्टैंड यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से
बाधित कर रहा है। टेंपो चालकों द्वारा मनमाने तरीके से वाहन खड़े किए जाने के कारण अक्सर जाम लगा रहता है, जिससे बाजार आने वाले ग्राहकों और आम राहगीरों को रोज़ाना घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चौकी के ठीक सामने यह सब होते हुए भी आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहनों और अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए
जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने अब जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में ओवरलोड डंपरों पर सख्त कार्रवाई, अवैध टेंपो स्टैंड को हटाना और सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर धूल की समस्या से राहत दिलाना शामिल है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम आवागमन उनका मौलिक अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है।
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित बोंगी गांव में एक बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए, जिसमें उनके खाते से कुल 14 हजार रुपये निकाल लिए गए। यह घटना तब हुई जब 16 जून को ठगों ने उन्हें पार्सल का बहाना बनाकर कॉल किया और एक कोड डायल करने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने वह कोड डायल किया, उनका व्हाट्सएप हैक हो गया। इसके बाद, साइबर ठगों ने बुजुर्ग के परिचितों को संदेश भेजकर पैसे की मदद मांगी। उनके झांसे में आकर दो लोगों ने कुल 14 हजार रुपये – 10 हजार और 4 हजार रुपये – ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने इस मामले में साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, 22 जून को जब बुजुर्ग ने घूरपुर थाने में लिखित तहरीर दी, तो थाना अध्यक्ष ने यह कहते हुए मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया कि 50 हजार रुपये से कम की ठगी के मामलों में FIR नहीं लिखी जाती। यह स्थिति तब है जब सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत एक रुपये की भी ऑनलाइन ठगी पर एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट प्रावधान है। पीड़ित बुजुर्ग ने अब मांग की है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी ठगी गई पूरी रकम उन्हें वापस दिलाई जाए।1
- जनपद प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित गौहनिया चौकी के सामने की स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है। यहां से दिन-रात गुजर रहे ओवरलोड डंपरों, चौराहे पर संचालित अवैध टेंपो स्टैंड और सड़क पर उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। बाजार क्षेत्र में लगातार जाम, प्रदूषण और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गौहनिया चौकी के ठीक सामने से बड़ी संख्या में ओवरलोड डंपर बेखौफ होकर गुजरते हैं। इन भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर लगातार धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस धूल के कारण लोगों को सांस संबंधी बीमारियां होने लगी हैं, वहीं सड़क पर कम दृश्यता होने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि गौहनिया चौराहे पर सड़क किनारे चल रहा अवैध टेंपो स्टैंड यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बाधित कर रहा है। टेंपो चालकों द्वारा मनमाने तरीके से वाहन खड़े किए जाने के कारण अक्सर जाम लगा रहता है, जिससे बाजार आने वाले ग्राहकों और आम राहगीरों को रोज़ाना घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चौकी के ठीक सामने यह सब होते हुए भी आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहनों और अवैध टेंपो स्टैंड के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने अब जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में ओवरलोड डंपरों पर सख्त कार्रवाई, अवैध टेंपो स्टैंड को हटाना और सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर धूल की समस्या से राहत दिलाना शामिल है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम आवागमन उनका मौलिक अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है।4
- प्रयागराज के जसरा में गडरा से रेरा गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बबूल और जंगली झाड़ियों का फैलाव इतना बढ़ गया है कि राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है। लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस रास्ते पर झाड़ियों ने सड़क के आधे से ज्यादा हिस्से को घेर लिया है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। सड़क सिकुड़ने के कारण आमने-सामने से आ रहे वाहनों को निकलने में परेशानी होती है, वहीं बाइक सवार अक्सर झाड़ियों में उलझकर गिर जाते हैं; पिछले महीने ही तीन लोग घायल हुए हैं। घनी झाड़ियों में सांप, सियार और आवारा पशु छिपे रहते हैं, जिससे शाम होते ही बच्चों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। स्ट्रीट लाइट न होने और झाड़ियों के कारण रात में रास्ता बिल्कुल दिखाई नहीं देता, जिससे साइकिल और ठेला चलाने वाले भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा से कई बार सफाई की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे स्कूली बच्चे और खेत जाने वाली महिलाएं रोज परेशानी झेल रही हैं और डर महसूस करती हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी वंशराज सिंह, देवेंद्र, दिनेश तिवारी, सुनील यादव बीबीसी और मनीष मालवीय सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सोमवार को खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत, जसरा को ज्ञापन सौंपा। बीडीओ जसरा ने इसी हफ्ते सफाई कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया था, किंतु ग्रामीणों का कहना है कि एक हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केवल टालमटोल किया जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की सफाई नहीं की गई, तो वे ब्लॉक मुख्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।1
- लखनऊ अग्निकांड मामले में निलंबित FSSO कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है। कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि CFO के पास सारे अधिकार हैं और NOC भी वही देते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने दमकल के देर से पहुंचने के लिए भी CFO को ही जिम्मेदार ठहराया है। निलंबित FSSO ने मुख्यमंत्री से अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है।1
- महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक भाजपा नेता ने जनता से पूछा कि वे देश को राहुल गांधी के हाथों में देना चाहेंगे या नरेंद्र मोदी के। इस सवाल के जवाब में भीड़ से 'राहुल गांधी' का नाम सामने आया।1
- कौशाम्बी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव में बीती रात एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया गया है कि महिला ने अपने कच्चे घर की धन्नी में प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर जान दी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, मृतका बबली के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी को मारकर लटकाया गया है। मृतका की माता ने यह भी आरोप लगाया है कि दामाद और सास बबली से 50 हजार रुपये नकद और एक दोपहिया वाहन की मांग करते थे। मायके पक्ष के लोगों ने दावा किया है कि दहेज की यह मांग पूरी न होने के कारण ही बबली को मार डाला गया।1
- मुंबई, महाराष्ट्र से आ रही ताजा खबरों के अनुसार, इस समय वहाँ तेज बारिश का मौसम बना हुआ है। यह जानकारी ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर सामने आई है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड की ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है। इस दुखद घटना के कारण हुई क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, और प्रभावित हुई आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है।1