logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*नारी शक्ति का सम्मान : समानता, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का पर्व* *अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति समाज के संकल्प का प्रतीक है* *विशेष लेख: लोकेश्वर सिंह* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* हर वर्ष 8 मार्च को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन नारी शक्ति का सम्मान, समानता, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का एक अनूठा पर्व मनाया जाता है, जो महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न होता है और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाता है। यह न केवल उनके साहस और समर्पण को नमन करता है, बल्कि समाज में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने की याद भी दिलाता है। यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज के विकास में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक प्रतीकात्मक उत्सव नहीं, बल्कि यह महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक अभियान भी है। *इतिहास और महत्व* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी के प्रारंभ में महिलाओं के अधिकारों के लिए चल रहे आंदोलनों से हुई। वर्ष 1911 में पहली बार इसे औपचारिक रूप से कई देशों में मनाया गया। उस समय महिलाओं ने बेहतर कार्य परिस्थितियों, समान वेतन और मतदान के अधिकार के लिए आवाज उठाई थी। आज यह दिवस दुनिया के लगभग सभी देशों में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके अधिकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। *हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी* आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। चाहे राजनीति हो, शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, कला या व्यवसाय-हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत में भी अनेक महिलाओं ने अपने साहस, नेतृत्व और मेहनत से देश का गौरव बढ़ाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा के प्रसार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। *सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास* महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। जब महिलाओं को शिक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से सरकार और समाज द्वारा कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। *समाज की सोच में बदलाव जरूरी* महिलाओं की प्रगति के लिए केवल योजनाएं ही नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव भी आवश्यक है। महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। जब समाज महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है, तब एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संदेश देता है कि नारी शक्ति का सम्मान करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे और एक ऐसे समाज का निर्माण करेंगे जहां हर महिला को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले।

21 hrs ago
user_Sacchi Gathna
Sacchi Gathna
Advertising Photographer चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
21 hrs ago
9b438b01-7dce-44aa-bd33-27be7afb88c6

*नारी शक्ति का सम्मान : समानता, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का पर्व* *अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति समाज के संकल्प का प्रतीक है* *विशेष लेख: लोकेश्वर सिंह* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* हर वर्ष 8 मार्च को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिन नारी शक्ति का सम्मान, समानता, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का एक अनूठा पर्व मनाया जाता है, जो महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न होता है और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाता है। यह न केवल उनके साहस और समर्पण को नमन करता है, बल्कि समाज में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने की याद भी दिलाता है। यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज के विकास में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक प्रतीकात्मक उत्सव नहीं, बल्कि यह महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक अभियान भी है। *इतिहास और महत्व* अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी के प्रारंभ में महिलाओं के अधिकारों के लिए चल रहे आंदोलनों से हुई। वर्ष 1911 में पहली बार इसे औपचारिक रूप से कई देशों में मनाया गया। उस समय महिलाओं ने बेहतर कार्य परिस्थितियों, समान वेतन और मतदान के अधिकार के लिए आवाज उठाई थी। आज यह दिवस दुनिया के लगभग सभी देशों में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके अधिकारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। *हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी* आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। चाहे राजनीति हो, शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, कला या व्यवसाय-हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत में भी अनेक महिलाओं ने अपने साहस, नेतृत्व और मेहनत से देश का गौरव बढ़ाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा के प्रसार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। *सशक्तिकरण की दिशा में प्रयास* महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। जब महिलाओं को शिक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य से सरकार और समाज द्वारा कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। *समाज की सोच में बदलाव जरूरी* महिलाओं की प्रगति के लिए केवल योजनाएं ही नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव भी आवश्यक है। महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। जब समाज महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है, तब एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संदेश देता है कि नारी शक्ति का सम्मान करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समाज की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे और एक ऐसे समाज का निर्माण करेंगे जहां हर महिला को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • कोयला तस्करी मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
    1
    कोयला तस्करी मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • इस दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह अपने दल-बल के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर निकलीं और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी या नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए समझाइश भी दी गई। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी तथा झगराखांड थाना प्रभारी रामनयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि शहर में ट्रैफिक समस्या काफी पुरानी है और कई लोग बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस टीम शहर के मुख्य मार्गों पर चेकिंग अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक अपने वाहनों पर अनिवार्य रूप से नंबर प्लेट लगवाएं और सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
    4
    इस दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह अपने दल-बल के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर निकलीं और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी या नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए समझाइश भी दी गई।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी तथा झगराखांड थाना प्रभारी रामनयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि शहर में ट्रैफिक समस्या काफी पुरानी है और कई लोग बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस टीम शहर के मुख्य मार्गों पर चेकिंग अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक अपने वाहनों पर अनिवार्य रूप से नंबर प्लेट लगवाएं और सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
    user_Manoj shrivastav
    Manoj shrivastav
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बेटियों की सेहत और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
    1
    बेटियों की सेहत और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
    user_Ravindra chaturvedi News india
    Ravindra chaturvedi News india
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जनकपुर:-आप को बता दें कि कल दोपहर लगभग 3:30 बजे शहडोल रोड बिहारी टायर के पास अचानक अज्ञात ट्रक के नीचे आ जाने से एक बंदर की दर्दनाक मौत।
    2
    जनकपुर:-आप को बता दें कि कल दोपहर लगभग 3:30 बजे शहडोल रोड बिहारी टायर के पास अचानक अज्ञात ट्रक के नीचे आ जाने से एक बंदर की दर्दनाक मौत।
    user_Tiwari Ankur
    Tiwari Ankur
    Court reporter भरतपुर, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क....... फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
    1
    मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क.......
फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • Post by Ashok Sondhiya
    1
    Post by Ashok Sondhiya
    user_Ashok Sondhiya
    Ashok Sondhiya
    Paan shop Sohagpur, Shahdol•
    7 hrs ago
  • वीडियो बनाकर सशस्त्र सीमा बल में तैनात पत्नी और उसके लवर सहित ससुराल वालों को ठहराया जिम्मेदार !
    1
    वीडियो बनाकर सशस्त्र सीमा बल में तैनात पत्नी और उसके लवर सहित ससुराल वालों को ठहराया जिम्मेदार !
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सरगुजा मैनपाट में हाथियों का आतंक मचाया उत्पात
    1
    सरगुजा मैनपाट में हाथियों का आतंक  मचाया उत्पात
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.