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जयसिंह राजा दिनांक 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि पर बरकोटी कलां में महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को जिसमें बुंदेली लोकगीतों के प्रसिद्ध गायक जयसिंह राजा दिनांक 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि पर बरकोटी कलां में जहां श्री मतंगेश्वर महादेव जी का विशाल शिवलिंग विराजमान जो कर्क रेखा के मध्य विराजमान है मान्यता है कि इस शिवलिंग का आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा था जिसे स्थाई करने मंदिर के पुजारी ने खील ठोक दी तब से शिवलिंग स्थाई रूप मे विराजमान है उसी धार्मिक क्षेत्र में "रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है* *पं, गिरीश शर्मा पत्रकार गौरझामर*
Akhlesh jain Reportar
जयसिंह राजा दिनांक 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि पर बरकोटी कलां में महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी को जिसमें बुंदेली लोकगीतों के प्रसिद्ध गायक जयसिंह राजा दिनांक 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि पर बरकोटी कलां में जहां श्री मतंगेश्वर महादेव जी का विशाल शिवलिंग विराजमान जो कर्क रेखा के मध्य विराजमान है मान्यता है कि इस शिवलिंग का आकार प्रतिवर्ष बढ़ रहा था जिसे स्थाई करने मंदिर के पुजारी ने खील ठोक दी तब से शिवलिंग स्थाई रूप मे विराजमान है उसी धार्मिक क्षेत्र में "रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है* *पं, गिरीश शर्मा पत्रकार गौरझामर*
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- 1 रुपये के इनाम का 'मनोवैज्ञानिक' असर, शराब तस्कर ने किया सरेंडर नरसिंहपुर | 5 फरवरी 2026 पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के "ऑपरेशन ईगल क्लॉ" (OPERATION EAGLE CLAW) के तहत पुलिस को एक अनोखी सफलता मिली है। अवैध शराब तस्करी के मामले में फरार आरोपी धनराज लोधी ने पुलिस के मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे घुटने टेकते हुए खुद सरेंडर कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी पर SP ने महज 1 रुपये का नगद इनाम घोषित किया था। आरोपी के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह दबाव में आ गया। मामला यह कि 8 जनवरी 2026 को करेली थाना क्षेत्र में एक थार गाड़ी से 44 पेटी अवैध शराब पकड़ी गई थी, जिसमें धनराज फरार चल रहा था। पुलिस की इस रणनीति की चर्चा पूरे जिले में हो रही है, जहाँ भारी-भरकम इनाम के बजाय मात्र 1 रुपये के इनाम ने तस्कर को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया1
- नरसिंहपुर के स्टेडियम ग्राउंड में लगाए गए स्वदेशी मेले में खरीदारी करने पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह पहुंचे और उन्होंने वहां जैकेट खरीदी साथी उन्होंने स्वदेशी अपनाने की लोगों से अपीलकी1
- केवल सुंदरकांड पढ़ने और सुनने से कोई लाभ नहीं होगा - पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह श्रीराम कथा में शामिल हुए, दक्षिणमुखी हनुमान जी की आरती उतारी सागर। श्री रामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है। मानस जी में ही लिखा है कि भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है। कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नीऔर सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं। कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई की जा सकती है क्या? उक्त बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के क्रम में पूर्णाहुति सत्र की कथा का गायन करते हुए पूज्यश्री प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कहीं। श्रीराम कथा के पूर्णाहुति सत्र में केंद्रीय कृषि कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री पं गोपाल भार्गव,अनेक विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायकों सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कथा पंडाल के पश्चात रुद्राक्ष धाम प्रांगण पहुंच कर दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर के दर्शन किए और आरती की। सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति प्राप्त प्रेममूर्ति प्रेमभूषण जी महाराज ने प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह जी के पावन संकल्प से आयोजित रामकथा के क्रम में किष्किंधा कांड, सुंदरकांड, लंका कांड और श्री राम राज्याभिषेक तक की कथा का गायन करते हुए कहा कि सनातन समाज में अखंड रामायण की परंपरा रही है। इस परंपरा का ही पालन किया जाना सबके हित में है। गृहस्थी में रहने वाले लोगों को भी क्रम से ही मानस जी का पाठ करना चाहिए। क्रम से पढ़ने और सुनने से ही कुछ प्राप्त हो पाता है।महाराज जी ने कहा कि कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है। हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है। भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है। प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है। महाराज जी ने कहा कि मनुष्य का मूल कार्य है सत्कर्म में लगे रहना, लेकिन अधिकांश लोग तो मूल को ही भूल कर बैठ जाते हैं। मनुष्य को संसार की चर्चा और चिंता करने से पहले स्वयं के बारे में विचार करने की आवश्यकता है। हमें अपने स्वयं के लिए भगवान के आश्रय में ले जाने की आवश्यकता होती है किसी और के लिए नहीं। भक्ति पथ पर बने रहने के लिए ही निरंतर भगवान की कथा का श्रवण करना आवश्यक है। केवल जगदीश में रमने से ही कल्याण होगा। पूज्य श्री ने कहा कि अपने घर में अगर हम भाव के साथ भगवान की सेवा करें तो भगवान खाते भी हैं, नहाते भी हैं, सोते भी हैं और मनुष्य जो भी उत्तम व्यवहार करता है, वह सब करते हैं। समस्या यह है कि सामान्य मनुष्य ने भगवान की जीव भाव रख कर उनकी सेवा कभी की ही नहीं। हमारे घर में जो भगवान हैं या हमारे साथ जो भगवान चलते हैं। सुबह स्नान करते हैं, जलपान करते हैं और वह भोग भी लगाते हैं और वही प्रसाद हम पाते हैं। आम आदमी जो कुछ भी सात्विक भोजन करता है, हमारे भगवान वही पाते हैं। पूज्यश्री ने कहा कि आश्चर्य तो तब होता है जब भगवान को लोग एक छोटी सी कटोरी में मिश्री के चार दाने भोग लगा देते हैं और खुद तरह-तरह के पकवान खाते रहते हैं। महाराज श्री ने बताया कि हमारे सनातन सदग्रंथों में यह स्पष्ट बताया गया है कि हर वस्तु की अंतिम इच्छा अपने उद्गम में ही समाहित होने की होती है। जिस प्रकार धरती पर कहीं भी जल हो उसकी इच्छा नदियों के माध्यम से जाकर समुद्र में ही समाहित होना होता है। इसी प्रकार ईश्वर का अंश, हर जीव पुनः ईश्वर में ही समाहित होने के लिए ही प्रयासरत होता है। यही उसका अंतिम लक्ष्य होता है। यह अलग बात है कि अपने लक्ष्य के बारे में जानने वाले लोग बहुत कम होते हैं। लक्ष्य को जानने और पाने में कई जन्म बीत जाते हैं। पूज्य महाराज श्री ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि व्यक्ति अपने शरीर को ही स्वयं की उपस्थिति मान लेता है। जबकि वास्तविकता यह है कि शरीर तो एक माध्यम है, उस आत्मा का जो परमात्मा से यह कह कर धरती पर आता है कि हम आप का ही गुणगान करते हुए आपके चरणों तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। पूज्य महाराज श्री ने कहा कि भगवान को पहले मानें फिर उन्हें जान लेंगे। अगर सामान्य मनुष्य को भगवान तक पहुंचने की यात्रा करनी है तो सबसे पहले उन्हें सदगुरु के आश्रय में जाने की आवश्यकता है। भगवान की अति कृपा के बिना धाम में किसी मनुष्य का पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता है। गृहस्थ जीवन में रहने वाले लोगों को अपने सारे कार्य करते हुए साल में एक दो बार किसी न किसी धाम में पहुंचने का प्रयास अवश्य करना चाहिए। पूज्य श्री ने कहा कि अपने जीवन मे मनुष्य अपनी संपत्ति का उत्तराधिकारी तो तय कर देता है, लेकिन उसने जो परमार्थ कार्य किया है, उसे भी आगे बढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं सोचता है। महाराज जी ने कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी भजनों का आनन्द लेते और झूमते रहे। धर्म का महायज्ञ मानव को सेवा और प्रेम का मार्ग दिखाता है : श्री शिवराज सिंह चौहान सागर। धर्म का वास्तविक स्वरूप सेवा और प्रेम में निहित है। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धर्म का महायज्ञ मानव को स्वार्थ से ऊपर उठकर सेवा, भक्ति और प्रेम का मार्ग दिखाता है। परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज के कल्याण के लिए कर्मरत रहना है।यह उद्गार केंद्रीय कृषि कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा मंच से अपने संबोधन में व्यक्त किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है। आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले आदरणीय भूपेन्द्र सिंह जी वास्तव में सौभाग्यशाली हैं। ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं। उन्होंने सभी संतगणों एवं उपस्थित अतिथियों को सादर प्रणाम किया। श्री चौहान ने कहा कि अभी उन्हें नेता कहकर संबोधित किया गया, लेकिन सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है। मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है। शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के तीन मार्ग बताए गए हैंकृज्ञान, भक्ति और कर्म। उन्होंने कहा कि ज्ञान मार्ग में यह बताया गया है कि सत्य केवल ब्रह्म है और शेष सब मिथ्या है, जैसा कि प्रेमभूषण जी महाराज अपने उपदेशों से समझा रहे हैं। भक्ति मार्ग पर चलने वाला भक्त भगवान की भक्ति में पूर्णतः रम जाता हैकृकोई उन्हें स्वामी मानता है तो कोई पिता। कर्म मार्ग में भगवान द्वारा निर्धारित कर्तव्यों को ईमानदारी और परिश्रम से निभाने की प्रेरणा दी गई है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है कि कर्म किए बिना कोई रह नहीं सकता। अपने संबोधन में श्री चौहान ने रामायण की एक प्रेरक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि माता सीता द्वारा हनुमान जी को दी गई मोतियों की माला को हनुमान जी ने इसलिए तोड़ दिया क्योंकि उसमें उन्हें अपने प्रभु श्रीराम और माता सीता दिखाई नहीं दिए। उन्होंने अपने सीने को चीरकर राम-सीता को प्रकट कर यह सिद्ध किया कि उनके लिए वही वस्तु मूल्यवान है जिसमें प्रभु का वास हो। उन्होंने कहा कि सृष्टि के कण-कण में सीता-राम विराजमान हैं, इसलिए सभी को अपने समान मानना चाहिए। प्रेम ही भगवान की सबसे बड़ी पूजा है और सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं। जितनी सेवा संभव हो, उतनी सेवा करनी चाहिए, क्योंकि वास्तव में दूसरा कोई है ही नहीं। श्री चौहान ने कहा कि जब तक जीवन है, तब तक दूसरों के सुख और आनंद के लिए कार्य करना ही सच्ची साधना है, और वे स्वयं भी निरंतर इसी प्रयास में लगे हुए हैं। पूर्व गृहमंत्री, विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने आभार ज्ञापित किया आभार ज्ञापन करते हुए पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले सात दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण जी व दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और श्री राम कथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया। रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है। यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिंध्य में 2014 में सात दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण हुआ था और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था। ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है। 108 पुराण, श्री मद्भागवत कथा भी उन सात दिनों में हुई, इसीलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं। भगवान श्री राम ने लंका विजय प्राप्त करने से पूर्व रामेश्वरम में बालू के शिवलिंग बना कर अभिषेक किया और लंका पर विजय प्राप्त कर ली थी। पूज्य गुरु दद्दा जी ने 4 जुलाई,2016 को राधाकृष्ण जी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की, प्रतिमा का चयन भी उन्हीं ने किया था। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रुद्राक्ष धाम मंदिर में कभी भी किसी भी निर्माण, व्यवस्था, कथा आदि के लिए कभी एक रुपए का चंदा, आर्थिक सहयोग नहीं लिया गया। जो भी हुआ वह भगवान की कृपा थी मुझे निमित्त मात्र बनाया है भगवान ने। उन्होंने कहा कि जब तक भारत में श्री राम कथा है तब तक भारत का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह कथा भारत की संस्कृति और अस्तित्व की संरक्षक है।1
- जिला भाजपा कार्यालय में केंद्रीय बजट 2026-2027 को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गई पूर्व केंद्रीय मंत्री मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते ने शनिवार वार्ता को किया सम्बोधित किया केंद्रीय बजट को प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला बजट बताया बजट को गरीब,युवा,अन्नदाता ,नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट बताया1
- Jay shree ram 🚩🚩1
- https://youtu.be/JCmuSMo7_4I?si=wECR5gOBxwg9X7wh परिजनों ने आरोपी को फांसी देने व पुलिस प्नसाशन के खिलाफ भी नारे लगाए : गाडरवारा में हुए भीषण एक्सीडेंट की घटना में युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने किया चक्का जाम किया चक्का जाम.... आपको बता दें कि गाडरवारा शहर में बीते दिवस थाने के नजदीक एक भीषण एक्सीडेंट की घटना हुई थी, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे जिनको तत्काल नरसिंहपुर जिला अस्पताल और दो अन्य को जबलपुर रेफर किया गया था। घटना में पुलिस ने गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। बताया जा रहा है कि गाड़ी मालिक पटवारी की पोस्ट पर कार्य करता है। इसके खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है। इस घटना में नगर के शिवाजी वार्ड निवासी रोहित गुनेले की मौत हो गई। मौत की घटना के बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त है जिसमें परिजनो के साथ समाज के लोगों ने एन एस 44 पर चक्का जाम किया। काफी देर तक चले चक्का जाम में हंगामे की स्थिति बनी रही। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की प्रशासन हाय हाय नारे के साथ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे नवागत थाना प्रभारी अशोक सिंह ने दलबल के साथ पीड़ित परिजनों से मुलाकात की उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर चक्का जाम खुला। बहरहाल आगे देखना यह है कि अब पुलिस की आरोपियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है।1
- नरसिंहपुर रेलवे हेल्थ यूनिट को मिला 'बेस्ट यूनिट' का खिताब, जबलपुर | 05 फरवरी 2026 पश्चिम मध्य रेल (पमरे) के जबलपुर मंडल द्वारा आयोजित 70 वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह में नरसिंहपुर और पिपरिया रेलवे चिकित्सा विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मदन महल स्थित उत्सव सामुदायिक भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों डिवीजनों (जबलपुर, भोपाल और कोटा) के चिकित्सा अनुभाग के अंतर्गत कड़ा मुकाबला था, जिसमें जबलपुर डिवीजन की 'नरसिंहपुर हेल्थ यूनिट' को 'बेस्ट हेल्थ यूनिट' के अवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही, रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए 'बेस्ट डॉक्टर' का पुरस्कार प्रदान किया गया। 1
- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर नरसिंहपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि भले ही वित्त मंत्री के तौर पर वह सफल रहे हो लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर वह असफल रहे हैं1
- https://youtu.be/ESitx2XZizI?si=JM49hweFg8O1IlAp #Narsighpur अवैध शराब का फरार आरोपी पुलिस गिरफ्त में होने की पूरी कहानी एसपी की जुबानी *"OPERATION EAGLE CLAW"* *अवैध शराब का फरार तस्कर धनराज लोधी पुलिस की गिरफ्त में* • *गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा 1 रुपये का नगद इनाम घोषित किया गया था।* • *फरार आरोपी गिरफ्तारी देने हेतु स्वयं पुलिस के समक्ष पेश हुआ।* • *फरार तस्कर के दो साथियों से पूर्व में 44 पेटी देशी शराब और एक चारपहिया (थार) वाहन जप्त किया गया था।* • *घटना दिनांक से ही अवैध शराब तस्कर फरार चल रहा था।* उल्लेखनीय है कि जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थों एवं अवैध शराब के विरुद्ध "OPERATION EAGLE CLAW" जा रहा है। अभियान के तहत दिनांक 08.01.2026 थाना करेली अंतर्गत एक थार वाहन से लगभग 44 पेटी अवैध देशी शराब जप्त की जाकर आरोपी सुरेन्द्र लोधी निवासी केरपानी एवं सलीम खान निवासी मुशरान वन, नरसिहपुर को गिरफ्तार किया गया था। उक्त प्रकरण में आरोपी धनराज लोधी की संलिप्तता पाए जाने के फलस्वरूप तीनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 34 (2) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। अपराध पंजीबद्ध होने की सूचना प्राप्त होते ही आरोपी धनराज लोधी फरार हो गया था। *फरार अवैध शराब तस्कर की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने 1 रुपये का नगद इनाम घोषित किया :* लंबे समय से फरार चल रहा शराब तस्कर धनराज लोधी पुलिस की पकड़ से लगातार दूर भाग रहा था तथा गिरफ्तारी से बच रहा था। फरार आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने एवं उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा 1 रुपये के नगद इनाम की घोषणा की गई। साथ ही आरोपी के पोस्टर तैयार कर उसके ग्राम, सार्वजनिक स्थान एवं सोशल मीडिया पर प्रसारित कराए गए। *फरार आरोपी गिरफ्तारी देने हेतु स्वयं पुलिस के समक्ष पेश हुआ:* जैसे ही यह पोस्टर आरोपी तक पहुँचा और उसकी गिरफ्तारी हेतु घोषित इनाम की जानकारी मिली, वैसे ही देर रात फरार अवैध शराब तस्कर ने पुलिस के समक्ष गिरफ्तारी हेतु स्वयं को प्रस्तुत कर दिया।1