हरिद्वार : SSP नवनीत सिंह भूल्लर का पहला सैनिक सम्मेलन, 35 पुलिस कर्मी सम्मानित SSP नवनीत सिंह का पहला सैनिक सम्मेलन, 35 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में बतौर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यभार संभालने के बाद Navneet Singh द्वारा पहला सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न थाना, कोतवाली, शाखाओं एवं इकाइयों से कुल 35 पुलिस जवानों को उनके सराहनीय कार्य एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए “मैन/वुमन ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया। कर्मचारियों की समस्याओं पर जताई नाराजगी सम्मेलन के दौरान SSP ने अधिकारियों से पुलिस कर्मियों की वास्तविक समस्याएं सामने न आने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों की ड्यूटी, संसाधन एवं व्यक्तिगत समस्याओं को चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाए, ताकि उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना प्राथमिकता है और बेहतर कार्य करने वालों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। 🏅 मैन/वुमन ऑफ द मंथ से सम्मानित कर्मी कोतवाली नगर उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल हे0का0 सतीश नौटियाल थाना कनखल म0का0 आराधना थाना श्यामपुर म0उ0नि0 रचना रानी कोतवाली ज्वालापुर का0 विक्रम तोमर थाना बहादराबाद उ0नि0 करम सिंह चौहान का0 मुकेश नेगी कोतवाली रानीपुर का0 जसपाल सिंह थाना सिड़कुल हे0का0 जितेन्द्र मलिक का0 गजेन्द्र प्रसाद कोतवाली रुड़की का0 गोविन्द तोमर कोतवाली गंगनहर हे0का0 रघुवीर सिंह थाना कलियर हे0का0 कुम्पाल सिंह थाना पथरी का0 अजीत तोमर कोतवाली लक्सर का0 महेन्द्र सिंह थाना खानपुर अ0उ0नि0 विजेन्द्र सिंह थाना भगवानपुर पीआरडी रीना कोतवाली मंगलौर म0का0 अंजू थाना झबरेड़ा हे0का0 ना0पु0 बिरेन्द्र शर्मा थाना बुग्गावाला हे0का0 गोपाल कुमार सीआईयू रुड़की का0 अजय काला कार्यालय पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हो0गा0 रामपाल कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर हे0का0 किशन डबराल कार्यालय क्षेत्राधिकारी लाईन हे0का0 अनिल रावत एएनटीएफ हे0का0 सुनील पुलिस दूरसंचार हे0का0 आशीष सिंह फायर स्टेशन मायापुर महिला फायरमैन दीपाली वर्मा फायर स्टेशन सिड़कुल फायरमैन महेश पुरोहित फायरमैन सुनील चौहान पुलिस लाइन हरिद्वार का0 जसपाल आईआरबी द्वितीय का0 जितेन्द्र प्रसाद राय अभियोजन कार्यालय का0 अमित (सीपीयू हरिद्वार) उ0नि0 पवन नौटियाल यातायात लाइन हरिद्वार का0 टीपी कल्पेन्द्र कुमार स्थानीय अभिसूचना इकाई उ0नि0 अभि0 कबूल चन्द ✅ SSP ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, जिससे पुलिस बल में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो सके।
हरिद्वार : SSP नवनीत सिंह भूल्लर का पहला सैनिक सम्मेलन, 35 पुलिस कर्मी सम्मानित SSP नवनीत सिंह का पहला सैनिक सम्मेलन, 35 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में बतौर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यभार संभालने के बाद Navneet Singh द्वारा पहला सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न थाना, कोतवाली, शाखाओं एवं इकाइयों से कुल 35 पुलिस जवानों को उनके सराहनीय कार्य एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए “मैन/वुमन ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया। कर्मचारियों की समस्याओं पर जताई नाराजगी सम्मेलन के दौरान SSP ने अधिकारियों से पुलिस कर्मियों की वास्तविक समस्याएं सामने न आने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों की ड्यूटी, संसाधन एवं व्यक्तिगत समस्याओं को चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाए, ताकि उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना प्राथमिकता है और बेहतर कार्य करने वालों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। 🏅 मैन/वुमन ऑफ द मंथ से सम्मानित कर्मी कोतवाली नगर उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल हे0का0 सतीश नौटियाल थाना कनखल म0का0 आराधना थाना श्यामपुर म0उ0नि0 रचना रानी कोतवाली ज्वालापुर का0 विक्रम तोमर थाना बहादराबाद उ0नि0 करम सिंह चौहान का0 मुकेश नेगी कोतवाली रानीपुर का0 जसपाल सिंह थाना सिड़कुल हे0का0 जितेन्द्र मलिक का0 गजेन्द्र प्रसाद कोतवाली रुड़की का0 गोविन्द तोमर कोतवाली गंगनहर हे0का0 रघुवीर सिंह थाना कलियर हे0का0 कुम्पाल सिंह थाना पथरी का0 अजीत तोमर कोतवाली लक्सर का0 महेन्द्र सिंह थाना खानपुर अ0उ0नि0 विजेन्द्र सिंह थाना भगवानपुर पीआरडी रीना कोतवाली मंगलौर म0का0 अंजू थाना झबरेड़ा हे0का0 ना0पु0 बिरेन्द्र शर्मा थाना बुग्गावाला हे0का0 गोपाल कुमार सीआईयू रुड़की का0 अजय काला कार्यालय पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हो0गा0 रामपाल कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर हे0का0 किशन डबराल कार्यालय क्षेत्राधिकारी लाईन हे0का0 अनिल रावत एएनटीएफ हे0का0 सुनील पुलिस दूरसंचार हे0का0 आशीष सिंह फायर स्टेशन मायापुर महिला फायरमैन दीपाली वर्मा फायर स्टेशन सिड़कुल फायरमैन महेश पुरोहित फायरमैन सुनील चौहान पुलिस लाइन हरिद्वार का0 जसपाल आईआरबी द्वितीय का0 जितेन्द्र प्रसाद राय अभियोजन कार्यालय का0 अमित (सीपीयू हरिद्वार) उ0नि0 पवन नौटियाल यातायात लाइन हरिद्वार का0 टीपी कल्पेन्द्र कुमार स्थानीय अभिसूचना इकाई उ0नि0 अभि0 कबूल चन्द ✅ SSP ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, जिससे पुलिस बल में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो सके।
- Post by Jitendar Kumar1
- कनखल में संप्रदाय विशेष के व्यक्ति के साथ हुई घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने दबोचा1
- “दिव्य-भव्य कुंभ-2027 का शंखनाद” संतों की सम्मति, प्रशासन की प्रतिबद्धता — हरिद्वार में तैयारियों को मिला निर्णायक स्वर स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ कुंभ नगरी हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन और अखाड़ों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। सीसीआर भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मेला अधिकारी ने अखाड़ों के श्रीमहंतों एवं संत प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक का स्पष्ट संदेश था — “परंपरा की गरिमा से कोई समझौता नहीं, कुंभ होगा दिव्य और भव्य।” अखाड़ों की छावनी से अमृत स्नान तक — हर बिंदु पर मंथन बैठक में छावनी आवंटन, पेशवाई, अमृत स्नान, शिविरों में मूलभूत सुविधाएं, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात और अग्नि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। मेला अधिकारी ने निर्माणाधीन कार्यों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए संत समाज को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और मेला प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा — “अखाड़ों की परंपराएं ही कुंभ की आत्मा हैं, व्यवस्थाएं उनकी गरिमा के अनुरूप ही सुनिश्चित होंगी।” प्रत्येक अखाड़े के साथ समन्वय बनाए रखने हेतु अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने की बात भी सामने आई। भूमि आवंटन की रूपरेखा एक माह में अंतिम रूप देने का भरोसा दिया गया। “भव्य पेशवाई हमारी पहचान” — संतों का स्पष्ट संदेश के श्रीमहंत ने दो टूक कहा कि 2027 का कुंभ हरिद्वार में दिव्य एवं भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। अमृत स्नान पर्वों पर परंपरागत भव्य पेशवाई निकाली जाएगी। उन्होंने भूमि आवंटन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने, कुंभ क्षेत्र के विस्तार, अखाड़ों की सुरक्षा और नगरी के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया। वहीं के श्रीमहंत ने शासन-प्रशासन की तैयारियों को सराहनीय बताते हुए कहा कि सभी अखाड़े पूर्ण सहयोग देंगे। उन्होंने धर्मध्वजा स्थापना, छावनी व्यवस्था और अमृत स्नान की परंपराओं को विधिवत सुनिश्चित करने पर बल दिया। संतों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और घाटों की सुदृढ़ व्यवस्था पर भी विशेष सुझाव दिए। “परंपरा भी, प्रबंधन भी” — प्रशासन की दोहरी चुनौती बैठक में छावनी क्षेत्र के समुचित निर्धारण, मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्नान पर्वों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और नियमित सफाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अपर मेला अधिकारी ने संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लिए गए निर्णयों पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति ने संकेत दिया कि इस बार व्यवस्थागत चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। हरिद्वार तैयार है — आस्था का महासंगम फिर रचेगा इतिहास कुंभ केवल आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा का जीवंत महाकुंभ है। संतों की सम्मति और प्रशासन की प्रतिबद्धता यदि इसी समन्वय के साथ आगे बढ़ती रही, तो 2027 का कुंभ मेला न केवल धार्मिक गरिमा का प्रतीक होगा, बल्कि सुव्यवस्थित प्रबंधन का भी आदर्श उदाहरण बन सकता है। अब निगाहें भूमि आवंटन और धरातल पर दिखने वाली तैयारियों पर हैं। क्योंकि कुंभ की सफलता केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन से तय होगी। हरिद्वार एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है — शंखनाद हो चुका है।4
- Post by Dpk Chauhan1
- हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में ज़िलेभर में चल रहा है, सघन चेकिंग अभियान। संदिग्ध वाहनों व्यक्तियों को रोक कर की जा रही चेकिंग। अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना हेतु हरिद्वार पुलिस सतर्क है। ज़िले भर में मुख्य चौराहों, भीड़ भाड़ वाले स्थान तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस मुस्तैदी से जांच में जुटी है। हरिद्वार रोशनाबाद न्यायालय को बम से उड़ानें की धमकी के दृष्टिगत पुलिस हरिद्वार आने वाले नागरिकों पर भी विशेष नजर रख रही है। उल्लेखनीय है की करीब सप्ताह भर पूर्व हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी आदि न्यायालयों को बम से उड़ानें के मेल भेजे गए थे। हालांकि इनमें से एक मेल का आईपी एड्रेस नाईजीरिया का मिला है।1
- SSP नवनीत सिंह का पहला सैनिक सम्मेलन, 35 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में बतौर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यभार संभालने के बाद Navneet Singh द्वारा पहला सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर जनपद के विभिन्न थाना, कोतवाली, शाखाओं एवं इकाइयों से कुल 35 पुलिस जवानों को उनके सराहनीय कार्य एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए “मैन/वुमन ऑफ द मंथ” सम्मान से नवाजा गया। कर्मचारियों की समस्याओं पर जताई नाराजगी सम्मेलन के दौरान SSP ने अधिकारियों से पुलिस कर्मियों की वास्तविक समस्याएं सामने न आने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अधीनस्थ कर्मचारियों की ड्यूटी, संसाधन एवं व्यक्तिगत समस्याओं को चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाए, ताकि उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखना प्राथमिकता है और बेहतर कार्य करने वालों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। 🏅 मैन/वुमन ऑफ द मंथ से सम्मानित कर्मी कोतवाली नगर उ0नि0 ऋषिकांत पटवाल हे0का0 सतीश नौटियाल थाना कनखल म0का0 आराधना थाना श्यामपुर म0उ0नि0 रचना रानी कोतवाली ज्वालापुर का0 विक्रम तोमर थाना बहादराबाद उ0नि0 करम सिंह चौहान का0 मुकेश नेगी कोतवाली रानीपुर का0 जसपाल सिंह थाना सिड़कुल हे0का0 जितेन्द्र मलिक का0 गजेन्द्र प्रसाद कोतवाली रुड़की का0 गोविन्द तोमर कोतवाली गंगनहर हे0का0 रघुवीर सिंह थाना कलियर हे0का0 कुम्पाल सिंह थाना पथरी का0 अजीत तोमर कोतवाली लक्सर का0 महेन्द्र सिंह थाना खानपुर अ0उ0नि0 विजेन्द्र सिंह थाना भगवानपुर पीआरडी रीना कोतवाली मंगलौर म0का0 अंजू थाना झबरेड़ा हे0का0 ना0पु0 बिरेन्द्र शर्मा थाना बुग्गावाला हे0का0 गोपाल कुमार सीआईयू रुड़की का0 अजय काला कार्यालय पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हो0गा0 रामपाल कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर हे0का0 किशन डबराल कार्यालय क्षेत्राधिकारी लाईन हे0का0 अनिल रावत एएनटीएफ हे0का0 सुनील पुलिस दूरसंचार हे0का0 आशीष सिंह फायर स्टेशन मायापुर महिला फायरमैन दीपाली वर्मा फायर स्टेशन सिड़कुल फायरमैन महेश पुरोहित फायरमैन सुनील चौहान पुलिस लाइन हरिद्वार का0 जसपाल आईआरबी द्वितीय का0 जितेन्द्र प्रसाद राय अभियोजन कार्यालय का0 अमित (सीपीयू हरिद्वार) उ0नि0 पवन नौटियाल यातायात लाइन हरिद्वार का0 टीपी कल्पेन्द्र कुमार स्थानीय अभिसूचना इकाई उ0नि0 अभि0 कबूल चन्द ✅ SSP ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, जिससे पुलिस बल में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित हो सके।1
- सुमित कश्यप लक्सर उत्तराखंड खबर लक्सर से है लक्सर के वार्ड नंबर 8 की विवादित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का राशन आज अटैक किए गए राशन डीलर कुलदीप की मौजूदगी में शिफ्ट कर दिया गया इस दौरान महिला राशन डीलर सुषमा ने काम राशन के आप को निराधार बताया साथ ही खाद्य पूर्ति निरीक्षक पर मिली भगत कर भ्रष्टाचार किए जाने के आप भी लगाए राशन डीलर ने आरोप लगाया तहसीलदार शुभांगी की देखरेख में राशन की काउंटिंग कराई गई थी आज तमाम राशन दूसरी दुकान यानी जिस दुकान पर अटैक किया गया है उसे दुकान पर शिफ्ट कर दिया गया आरोप लगाया कि राशन शिफ्ट करते वक्त ना तो उन्हें कोई सूचना दी गई और ना ही उनका फोन उठाया गया साथी आपूर्ति निरीक्षक पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए मामले में कोर्ट तक ले जाने की बात कही4
- “रात के अंधेरे में हकीकत की पड़ताल” जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का औचक निरीक्षण: अस्पतालों की व्यवस्था पर सख्त संदेश स्वतंत्र पत्रकार: रामेश्वर गौड़ हरिद्वार। जनपद के सरकारी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी ने देर रात्रि औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश दिया। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि अस्पतालों की जमीनी सच्चाई को परखने का प्रयास था। उप जिला मेला चिकित्सालय में व्यवस्थाओं की टटोल सबसे पहले जिलाधिकारी ने पहुंचकर वार्डों का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की स्थिति जानी और मरीजों व उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली। तीमारदारों ने बताया कि उपचार संतोषजनक है और भोजन समय पर मिल रहा है। लेकिन जिलाधिकारी ने संतोष के साथ-साथ सुधार के निर्देश भी दिए— वार्डों में बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित हो बेडशीट और कंबलों की नियमित धुलाई हो भर्ती मरीजों को स्वच्छ एवं नए कंबल उपलब्ध कराए जाएं उन्होंने सीएमएस को स्पष्ट निर्देश दिया कि आवश्यकता हो तो तत्काल नए कंबल खरीदे जाएं। जिला महिला चिकित्सालय में लेबर रूम का गहन निरीक्षण इसके बाद जिलाधिकारी ने का निरीक्षण किया। सभी वार्डों का जायजा लेते हुए उन्होंने लेबर रूम में विशेष रूप से व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ड्यूटी पर तैनात डॉ. शिवंशी ने जानकारी दी कि दो गर्भवती महिलाएं प्रसव हेतु भर्ती हैं, जिनकी स्थिति सामान्य है, तथा 13 महिलाओं का प्रसव हो चुका है और वे भर्ती हैं। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए— 👉 प्रसव के मामलों में अनावश्यक रेफर न किया जाए। 👉 प्रत्येक गर्भवती महिला को यथोचित और समुचित उपचार मिले। यह निर्देश स्पष्ट संकेत था कि मातृ स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। “सिर्फ इलाज नहीं, व्यवस्था भी दुरुस्त हो” निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने व्यवस्थागत सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया— अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर की जाए सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में रहें खराब विद्युत लाइटें तत्काल ठीक हों पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए खराब वाटर कूलर तुरंत ठीक किए जाएं पुराने साइन बोर्ड हटाकर नए लगाए जाएं वेटिंग एरिया में लगे एलईडी टीवी क्रियाशील रहें सफाई कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराई जाए महिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस व 108 सेवा हर समय उपलब्ध रहे यह निर्देश प्रशासन की उस सोच को दर्शाते हैं जिसमें स्वास्थ्य सेवा केवल दवाइयों तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र व्यवस्था का प्रश्न है। निरीक्षण में मौजूद रहे अधिकारी इस दौरान उप जिला मेला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, जिला महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर. वी. सिंह, डॉ. संदीप निगम, डॉ. एस. के. सोनी, धीरेन्द्र सिंह, डॉ. आशु, डॉ. पूजा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। संदेश साफ है: “ड्यूटी में लापरवाही नहीं चलेगी” जिलाधिकारी का यह औचक निरीक्षण केवल समीक्षा भर नहीं था, बल्कि स्वास्थ्य महकमे के लिए एक सख्त चेतावनी भी था कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही, गंदगी या मरीजों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रात के सन्नाटे में किया गया यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब कागजी रिपोर्टों से आगे बढ़कर जमीनी हकीकत देखना चाहता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि दिए गए निर्देश कितनी गंभीरता से अमल में लाए जाते हैं, क्योंकि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार केवल निरीक्षण से नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी और जवाबदेही से संभव है।2