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चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत खुशनगरी के बागवानों ने उद्यान विभाग से पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका सेब की बागवानी पर निर्भर है, लेकिन समय पर तकनीकी जानकारी न मिलने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बागवानों के अनुसार, सेब के पौधों पर फल लगने के दौरान किस समय कौन-सी कीटनाशक दवा का छिड़काव करना है और कौन-सी दवाएं सुरक्षित व प्रभावी होंगी, इसकी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। इसके परिणामस्वरूप, कई बार गलत समय पर या गलत दवा के इस्तेमाल से फसल को नुकसान होता है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। ग्राम पंचायत खुशनगरी के नवनिर्वाचित उपप्रधान असलम खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पंचायत के अधिकांश लोग बागवानी से जुड़े हैं और लंबे समय से उद्यान विभाग से जागरूकता शिविर लगाने की मांग कर रहे हैं। असलम खान ने जोर देकर कहा कि यदि विभाग समय-समय पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देगा, तो बागवान आधुनिक तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन, और सही कीटनाशक उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जानकारी के अभाव में कई बार बागवान कीटनाशकों का गलत तरीके से छिड़काव कर देते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उपप्रधान असलम खान ने आश्वासन दिया कि वे आगामी ग्राम सभा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और उद्यान विभाग से पंचायत में नियमित जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह करेंगे, ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके और उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार हो।

1 hr ago
user_Surender Thakur
Surender Thakur
Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
1 hr ago

चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत खुशनगरी के बागवानों ने उद्यान विभाग से पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका सेब की बागवानी पर निर्भर है, लेकिन समय पर तकनीकी जानकारी न मिलने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बागवानों के अनुसार, सेब के पौधों पर फल लगने के दौरान किस समय कौन-सी कीटनाशक दवा का छिड़काव करना है और कौन-सी दवाएं सुरक्षित व प्रभावी होंगी, इसकी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। इसके परिणामस्वरूप, कई बार गलत समय पर या गलत दवा के इस्तेमाल से फसल को नुकसान होता है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। ग्राम पंचायत खुशनगरी के नवनिर्वाचित उपप्रधान असलम खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पंचायत के अधिकांश लोग बागवानी से जुड़े हैं और लंबे समय से उद्यान विभाग से जागरूकता शिविर लगाने की मांग कर रहे हैं। असलम खान ने जोर देकर कहा कि यदि विभाग समय-समय पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देगा, तो बागवान आधुनिक तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन, और सही कीटनाशक उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जानकारी के अभाव में कई बार बागवान कीटनाशकों का गलत तरीके से छिड़काव कर देते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उपप्रधान असलम खान ने आश्वासन दिया कि वे आगामी ग्राम सभा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और उद्यान विभाग से पंचायत में नियमित जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह करेंगे, ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके और उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार हो।

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  • चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत खुशनगरी के बागवानों ने उद्यान विभाग से पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका सेब की बागवानी पर निर्भर है, लेकिन समय पर तकनीकी जानकारी न मिलने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बागवानों के अनुसार, सेब के पौधों पर फल लगने के दौरान किस समय कौन-सी कीटनाशक दवा का छिड़काव करना है और कौन-सी दवाएं सुरक्षित व प्रभावी होंगी, इसकी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। इसके परिणामस्वरूप, कई बार गलत समय पर या गलत दवा के इस्तेमाल से फसल को नुकसान होता है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। ग्राम पंचायत खुशनगरी के नवनिर्वाचित उपप्रधान असलम खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पंचायत के अधिकांश लोग बागवानी से जुड़े हैं और लंबे समय से उद्यान विभाग से जागरूकता शिविर लगाने की मांग कर रहे हैं। असलम खान ने जोर देकर कहा कि यदि विभाग समय-समय पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देगा, तो बागवान आधुनिक तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन, और सही कीटनाशक उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जानकारी के अभाव में कई बार बागवान कीटनाशकों का गलत तरीके से छिड़काव कर देते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उपप्रधान असलम खान ने आश्वासन दिया कि वे आगामी ग्राम सभा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और उद्यान विभाग से पंचायत में नियमित जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह करेंगे, ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके और उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार हो।
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    चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत खुशनगरी के बागवानों ने उद्यान विभाग से पंचायत स्तर पर नियमित जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका सेब की बागवानी पर निर्भर है, लेकिन समय पर तकनीकी जानकारी न मिलने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

बागवानों के अनुसार, सेब के पौधों पर फल लगने के दौरान किस समय कौन-सी कीटनाशक दवा का छिड़काव करना है और कौन-सी दवाएं सुरक्षित व प्रभावी होंगी, इसकी सही जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती। इसके परिणामस्वरूप, कई बार गलत समय पर या गलत दवा के इस्तेमाल से फसल को नुकसान होता है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। ग्राम पंचायत खुशनगरी के नवनिर्वाचित उपप्रधान असलम खान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी पंचायत के अधिकांश लोग बागवानी से जुड़े हैं और लंबे समय से उद्यान विभाग से जागरूकता शिविर लगाने की मांग कर रहे हैं।

असलम खान ने जोर देकर कहा कि यदि विभाग समय-समय पर विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देगा, तो बागवान आधुनिक तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन, और सही कीटनाशक उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जानकारी के अभाव में कई बार बागवान कीटनाशकों का गलत तरीके से छिड़काव कर देते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। उपप्रधान असलम खान ने आश्वासन दिया कि वे आगामी ग्राम सभा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और उद्यान विभाग से पंचायत में नियमित जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह करेंगे, ताकि क्षेत्र के बागवानों को समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिल सके और उनकी फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार हो।
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • नूरपुर से 'चला नूरपुर बदलाव की ओर' अभियान के तहत रंजीत बक्शी जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकील बक्शी ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नूरपुर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर नूरपुर को विकास की एक नई दिशा देना है। बक्शी ने हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनाव का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी संस्था ने दो उम्मीदवार उतारे थे। उन्होंने बताया कि इन उम्मीदवारों को जनता का भरपूर प्यार, समर्थन और आशीर्वाद मिला, जिसके लिए उन्होंने नूरपुर की जनता का आभार व्यक्त किया। अकील बक्शी ने जोर दिया कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और जनता का हर फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने वर्तमान में नूरपुर क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बताया। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है, क्योंकि दुर्भाग्य से अधिकांश जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन मूलभूत विषयों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के मजबूत होने से ही समाज भी मजबूत होगा, और शिक्षा हर सपने की नींव है जो बच्चों व युवाओं के भविष्य के साथ-साथ क्षेत्र व देश का भी उज्ज्वल भविष्य तैयार करेगी। इसलिए, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। अकील बक्शी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है और वे इस धर्म का पालन राजनीति से ऊपर उठकर करते रहेंगे। उनका लक्ष्य किसी पद या सत्ता की प्राप्ति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वह नूरपुर की जनता की समस्याओं को करीब से समझते हैं और इन्हीं के समाधान के लिए राजनीति में आए हैं। उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाए और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास किया जाए। अंत में, अकील बक्शी ने नूरपुर की जनता से सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है और सभी के सहयोग से नूरपुर को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है।
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    नूरपुर से 'चला नूरपुर बदलाव की ओर' अभियान के तहत रंजीत बक्शी जनकल्याण सभा के अध्यक्ष अकील बक्शी ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नूरपुर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं को विस्तार से साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान कर नूरपुर को विकास की एक नई दिशा देना है।

बक्शी ने हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनाव का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी संस्था ने दो उम्मीदवार उतारे थे। उन्होंने बताया कि इन उम्मीदवारों को जनता का भरपूर प्यार, समर्थन और आशीर्वाद मिला, जिसके लिए उन्होंने नूरपुर की जनता का आभार व्यक्त किया। अकील बक्शी ने जोर दिया कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और जनता का हर फैसला सर्वोपरि होता है। उन्होंने वर्तमान में नूरपुर क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बताया। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है, क्योंकि दुर्भाग्य से अधिकांश जनप्रतिनिधियों का ध्यान इन मूलभूत विषयों पर नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के मजबूत होने से ही समाज भी मजबूत होगा, और शिक्षा हर सपने की नींव है जो बच्चों व युवाओं के भविष्य के साथ-साथ क्षेत्र व देश का भी उज्ज्वल भविष्य तैयार करेगी। इसलिए, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

अकील बक्शी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनता की सेवा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है और वे इस धर्म का पालन राजनीति से ऊपर उठकर करते रहेंगे। उनका लक्ष्य किसी पद या सत्ता की प्राप्ति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वह नूरपुर की जनता की समस्याओं को करीब से समझते हैं और इन्हीं के समाधान के लिए राजनीति में आए हैं। उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाए और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास किया जाए।

अंत में, अकील बक्शी ने नूरपुर की जनता से सहयोग और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है और सभी के सहयोग से नूरपुर को एक नई पहचान दिलाई जा सकती है।
    user_भूषण शर्मा
    भूषण शर्मा
    Local News Reporter नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नाचन जन कल्याण फाउंडेशन द्वारा 19 जुलाई को महादेव ज़ोन में एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन डॉ. संजय कुमार की उपस्थिति में फाउंडेशन की एक विशेष बैठक भी निर्धारित की गई है।
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    नाचन जन कल्याण फाउंडेशन द्वारा 19 जुलाई को महादेव ज़ोन में एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन डॉ. संजय कुमार की उपस्थिति में फाउंडेशन की एक विशेष बैठक भी निर्धारित की गई है।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Rewalsar, Mandi•
    1 hr ago
  • कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एक प्रसूता महिला की डिलीवरी के 24 घंटे बाद हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों और अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
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    कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एक प्रसूता महिला की डिलीवरी के 24 घंटे बाद हुई मौत के मामले में जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना के विरोध में लोगों ने सड़कों और अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
    user_Munishkoundal
    Munishkoundal
    कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भुंतर के त्रेहण चौक के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक साथ तीन वाहन आपस में टकरा गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब त्रेहण चौक पर अचानक एक टिप्पर क्रॉस कर रहा था, जिससे वॉल्वो बस और एक अन्य वाहन प्रभावित हुए। इस टक्कर में वॉल्वो बस के चालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस में सवार लगभग 40 यात्रियों की जान बचाई, जिसके चलते सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि, दुर्घटना में एक मारुति वैन को नुकसान हुआ है। हादसे में किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मारुति वैन चालक और टिप्पर चालक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन जारी है।
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    चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भुंतर के त्रेहण चौक के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जहाँ एक साथ तीन वाहन आपस में टकरा गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब त्रेहण चौक पर अचानक एक टिप्पर क्रॉस कर रहा था, जिससे वॉल्वो बस और एक अन्य वाहन प्रभावित हुए।

इस टक्कर में वॉल्वो बस के चालक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए बस में सवार लगभग 40 यात्रियों की जान बचाई, जिसके चलते सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि, दुर्घटना में एक मारुति वैन को नुकसान हुआ है। हादसे में किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मारुति वैन चालक और टिप्पर चालक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मामले की छानबीन जारी है।
    user_Munishkoundal
    Munishkoundal
    कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
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