Shuru
Apke Nagar Ki App…
बलभद्रपुर में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ गौंडा क्षेत्र के गांव बलभद्रपुर में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। भागवत कथा में कलश यात्रा का शुभारंभ खैर नगर पालिका अध्यक्ष संजय शर्मा एवं जिला पंचायत सदस्य पुत्र सचिन पाठक के द्वारा किया गया। कलश यात्रा की उपरांत प्रथम दिवस की कथा आचार्य विपिन शास्त्री द्वारा सुनाई गई जिसमें उनके द्वारा धुंधकारी प्रेत की कथा सुनाई जिसे गोकर्ण में भागवत कथा सुनकर मोक्ष दिलाया था । कलश यात्रा में विशेष रूप से अजीत पाठक, आयोजन ग्राम प्रधान सुशील शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सुनील पाठक, बोहरे पाठक, सिंटू शर्मा ,भोला शर्मा, सोनू शर्मा ,ओम प्रकाश पाठक, आचार्य ऋषि शास्त्री ,आदि लोग उपस्थिति रहें।
सचिन कुमार
बलभद्रपुर में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ गौंडा क्षेत्र के गांव बलभद्रपुर में कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। भागवत कथा में कलश यात्रा का शुभारंभ खैर नगर पालिका अध्यक्ष संजय शर्मा एवं जिला पंचायत सदस्य पुत्र सचिन पाठक के द्वारा किया गया। कलश यात्रा की उपरांत प्रथम दिवस की कथा आचार्य विपिन शास्त्री द्वारा सुनाई गई जिसमें उनके द्वारा धुंधकारी प्रेत की कथा सुनाई जिसे गोकर्ण में भागवत कथा सुनकर मोक्ष दिलाया था । कलश यात्रा में विशेष रूप से अजीत पाठक, आयोजन ग्राम प्रधान सुशील शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सुनील पाठक, बोहरे पाठक, सिंटू शर्मा ,भोला शर्मा, सोनू शर्मा ,ओम प्रकाश पाठक, आचार्य ऋषि शास्त्री ,आदि लोग उपस्थिति रहें।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- गंगीरी विकासखंड के गांव गुलरिया नगला में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते नसबंदी के बाद भी 64 महिलाएं गर्भवती हो गईं। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को मुआवजा दिया है। इनमें करीब 8 गर्भवती महिलाएं ऐसी हैं, जिनको मुआवजे की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने इस बारे में जानकारी देरी से दी थी।1
- जैकेट छोटी हो जाने पर नई खरीदने के बजाय अब लोग एक स्मार्ट ट्रिक अपना रहे हैं। इस तकनीक में जैकेट में एक एक्स्ट्रा ज़िप पैनल जोड़ा जाता है, जिससे साइज आसानी से बढ़ाया जा सकता है। यह तरीका रेडीमेड जैकेट एक्सटेंडर के जरिए किया जाता है। खासकर प्रेग्नेंसी या बेबी कैरियर पहनते समय यह ट्रिक काफ़ी उपयोगी मानी जा रही है। #LifeHacks #SmartTrick #DIYHack #FashionHack #ViralHack #CreativeIdeas1
- हाथरस के हसायन थाना क्षेत्र के गांव अंडौली में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मृतक की पहचान अमरनाथ उर्फ अमरपाल निवासी अंडौली के रूप में हुई है। बताया गया है कि अमरनाथ अपनी मौसी के मकान में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी का काफी समय पहले देहांत हो चुका था। परिवार में उनकी एक बहन है, जिसकी शादी पहले ही हो चुकी है। वह ब्याज पर पैसा देने का काम भी करते थे, जिसको लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।1
- *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* एटा, 09 जनवरी 2026: जनपद एटा के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजीवीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है।इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।कठोर कार्रवाई की मांग: पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा?1
- प्रजापति समाज से ही भारत का मंगल प्रारम्भ होता है माहनवई जलेसर गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर1
- महोबा में मामी के प्यार में पागल भांजा ने मामा की कर दी हत्या1
- Post by Sunil kumar1