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गंगीरी विकासखंड के गांव गुलरिया नगला में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान।

16 hrs ago
user_Deepak Kushwaha
Deepak Kushwaha
Journalist Aligarh, Uttar Pradesh•
16 hrs ago

गंगीरी विकासखंड के गांव गुलरिया नगला में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • गंगीरी विकासखंड के गांव गुलरिया नगला में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान।
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    गंगीरी विकासखंड के गांव गुलरिया नगला में वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का समाधान।
    user_Deepak Kushwaha
    Deepak Kushwaha
    Journalist Aligarh, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • संत रामपाल महाराज कलयुग में भगवान हैं🤔
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    संत रामपाल महाराज कलयुग में  भगवान हैं🤔
    user_NEWS 81 INDIA
    NEWS 81 INDIA
    Journalist Aligarh, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • हाथरस के हसायन थाना क्षेत्र के गांव अंडौली में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। मृतक की पहचान अमरनाथ उर्फ अमरपाल निवासी अंडौली के रूप में हुई है। बताया गया है कि अमरनाथ अपनी मौसी के मकान में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी का काफी समय पहले देहांत हो चुका था। परिवार में उनकी एक बहन है, जिसकी शादी पहले ही हो चुकी है। वह ब्याज पर पैसा देने का काम भी करते थे, जिसको लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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    हाथरस के हसायन थाना क्षेत्र के गांव अंडौली में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
मृतक की पहचान अमरनाथ उर्फ अमरपाल निवासी अंडौली के रूप में हुई है। बताया गया है कि अमरनाथ अपनी मौसी के मकान में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी का काफी समय पहले देहांत हो चुका था। परिवार में उनकी एक बहन है, जिसकी शादी पहले ही हो चुकी है। वह ब्याज पर पैसा देने का काम भी करते थे, जिसको लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    Journalist हाथरस, हाथरस, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • टैम्पो चालक हत्याकांड का एनकाउंटर! 20–20 हजार के इनामी दो बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार विकल्प हेडिंग्स:
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    टैम्पो चालक हत्याकांड का एनकाउंटर! 20–20 हजार के इनामी दो बदमाश गोली लगने के बाद गिरफ्तार
विकल्प हेडिंग्स:
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Journalist Mant, Mathura•
    16 min ago
  • *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* एटा, 09 जनवरी 2026 ~ जनपद के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजी वीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर या जख्मी कर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जान बूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। *कठोर कार्रवाई की मांग* पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा ?
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    *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* 
*रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* 
एटा, 09 जनवरी 2026 ~ जनपद  के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजी वीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर या जख्मी कर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जान बूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। 
*कठोर कार्रवाई की मांग*  पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्यवाही  नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा ?
    user_Ravendra Jadon पत्रकार
    Ravendra Jadon पत्रकार
    Journalist Jalesar, Etah•
    12 hrs ago
  • *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* एटा, 09 जनवरी 2026: जनपद एटा के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजीवीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है।इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।कठोर कार्रवाई की मांग: पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा?
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    *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* 
एटा, 09 जनवरी 2026: जनपद एटा के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजीवीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है।इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।कठोर कार्रवाई की मांग: पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा?
    user_आदित्य कुमार  पत्रकार
    आदित्य कुमार पत्रकार
    Journalist जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • प्रजापति समाज से ही भारत का मंगल प्रारम्भ होता है माहनवई जलेसर गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
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    प्रजापति समाज  से ही भारत  
का मंगल प्रारम्भ होता है
माहनवई जलेसर  गिरीश दक्ष सेनाध्यक्ष जलेसर
    user_गिरीश प्रजापति Prajapati
    गिरीश प्रजापति Prajapati
    जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • राया में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आक्रोशित लोगों ने किया मार्ग अवरुद्ध, पुलिस जांच में जुटी मथुरा जनपद के राया कस्बे में शुक्रवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब हाथरस रोड स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा को अज्ञात अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथरस रोड पर वर्ष 1970 में स्थापित विश्व रत्न, भारतीय संविधान के निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की यह प्रतिमा बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ी गई। सुबह जब स्थानीय निवासियों और राहगीरों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आसपास के लोगों और प्रशासन को दी। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों में रोष व्याप्त हो गया। घटना से आहत लोगों ने इसे समाज को तोड़ने और शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास बताया। आक्रोशित नागरिकों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तथा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नई प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर हाथरस रोड पर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। मार्ग अवरुद्ध होने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही थाना राया पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील की और बातचीत के माध्यम से उन्हें शांत कराया। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने मार्ग को सुचारु रूप से खुलवाया और यातायात सामान्य कराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। लोगों का कहना था कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के शिल्पकार हैं, जिनके द्वारा बनाए गए संविधान से देश का कानून चलता है। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना पूरे समाज और देश की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। नागरिकों ने मांग की कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके। घटना को लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके। महावन क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी (सीओ) श्वेता वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही थाना राया की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल लोगों में व्याप्त आक्रोश को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और उनकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। सीओ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्क में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल राया क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी तरह सतर्क है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में आपसी सद्भाव और महापुरुषों के सम्मान की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
    1
    राया में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आक्रोशित लोगों ने किया मार्ग अवरुद्ध, पुलिस जांच में जुटी
मथुरा जनपद के राया कस्बे में शुक्रवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब हाथरस रोड स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा को अज्ञात अराजक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथरस रोड पर वर्ष 1970 में स्थापित विश्व रत्न, भारतीय संविधान के निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की यह प्रतिमा बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ी गई। सुबह जब स्थानीय निवासियों और राहगीरों की नजर प्रतिमा पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना आसपास के लोगों और प्रशासन को दी। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और लोगों में रोष व्याप्त हो गया।
घटना से आहत लोगों ने इसे समाज को तोड़ने और शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास बताया। आक्रोशित नागरिकों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई तथा क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर शीघ्र नई प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर हाथरस रोड पर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। मार्ग अवरुद्ध होने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
सूचना मिलते ही थाना राया पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए लोगों से संयम बरतने की अपील की और बातचीत के माध्यम से उन्हें शांत कराया। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने मार्ग को सुचारु रूप से खुलवाया और यातायात सामान्य कराया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। लोगों का कहना था कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के शिल्पकार हैं, जिनके द्वारा बनाए गए संविधान से देश का कानून चलता है। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना पूरे समाज और देश की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। नागरिकों ने मांग की कि ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।
घटना को लेकर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
महावन क्षेत्र की क्षेत्राधिकारी (सीओ) श्वेता वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही थाना राया की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल लोगों में व्याप्त आक्रोश को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और उनकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। सीओ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पार्क में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल राया क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी तरह सतर्क है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में आपसी सद्भाव और महापुरुषों के सम्मान की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
    user_Pandit Rahul brijwasi
    Pandit Rahul brijwasi
    Journalist Mant, Mathura•
    11 hrs ago
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