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किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ क्षेत्र में खनन माफियाओं का कहर चरम पर है, जिसके कारण अब कब्रिस्तान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
Manzar AlamReal
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ क्षेत्र में खनन माफियाओं का कहर चरम पर है, जिसके कारण अब कब्रिस्तान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
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- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र अंतर्गत भोरहा पंचायत के फुलबड़िया बाजार में सोमवार को नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का नेतृत्व अपर थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने किया, जिसमें पुलिस पदाधिकारी, जवान, स्थानीय जनप्रतिनिधि, युवा और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यह रैली फुलबड़िया बाजार के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान “नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो”, “तंबाकू-शराब जिंदगी खराब” और “नशा मुक्त हो बिहार हमारा” जैसे प्रेरक नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लोगों से विशेष रूप से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और एक स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। इस अवसर पर मुखिया अबू बकर और सरपंच नौशाद आलम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य पर ही नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता, बल्कि यह परिवार और समाज की शांति एवं विकास में भी एक बड़ी बाधा बनता है। अपर थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत उनके भविष्य को अंधकारमय बना सकती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जुड़कर समाज के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। रैली के समापन पर, उपस्थित सभी लोगों ने एक नशामुक्त समाज के निर्माण और जन-जन तक जागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया।1
- किशनगंज पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जिले भर में एक विशेष नशा मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, टेढ़ागाछ थानाध्यक्ष ने भोरहा पंचायत के फुलवरिया गांव में आम लोगों के साथ मिलकर एक 'नशा मुक्त अभियान' का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और एक नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। इस पहल में मुखिया अबू बकर और सरपंच नौशाद आलम जैसे स्थानीय प्रतिनिधि भी शामिल हुए।1
- अररिया नगर परिषद के सम्राट अशोक भवन में लाखों रुपये मूल्य के डस्टबिन लंबे समय से बेकार पड़े हैं और धूल फांक रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इसी बढ़ते आक्रोश के बीच, मुख्य पार्षद प्रत्याशी साकिब रेज़ा के नेतृत्व में लोगों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपा। इस आवेदन के माध्यम से, जनता ने इन डस्टबिनों के शीघ्र बंटवारे की मांग की है। इस पूरे मामले को लेकर मुख्य पार्षद प्रत्याशी साकिब रेज़ा के साथ-साथ बदूद आलम, सरफ़राज़ आलम, दिलशाद फ़ैज़ी और उप मुख्य पार्षद गौतम साह जैसे प्रमुख व्यक्तियों के बयानों को महत्वपूर्ण बताया गया है, जो इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।1
- अररिया नगर परिषद के सम्राट अशोक भवन में लाखों रुपये के डस्टबिन लंबे समय से धूल फांक रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस स्थिति के मद्देनज़र, मुख्य पार्षद प्रत्याशी साकिब रेज़ा के नेतृत्व में लोगों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपा है। इस आवेदन के माध्यम से साकिब रेज़ा, बदूद आलम, सरफ़राज़ आलम, दिलशाद फ़ैज़ी, और उप मुख्य पार्षद गौतम साह सहित अन्य लोगों ने इन डस्टबिनों के शीघ्र वितरण की पुरज़ोर मांग की है।1
- अररिया जिले के झिरुआ पछियारी में सड़क की जर्जर हालत स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस समस्या के कारण, ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- अररिया में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण के तत्वावधान में शारदीय (खरीफ) महाभियान के अंतर्गत एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कर्मशाला का आयोजन टाउन हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर समाहर्ता, अनिल कुमार झा ने की, जिसका शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कर्मशाला के दौरान, शारदीय (खरीफ) मौसम में उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की गई।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ क्षेत्र में खनन माफियाओं का कहर चरम पर है, जिसके कारण अब कब्रिस्तान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में लोचा से चरकपरा लोचा तक की सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूट-फूट है, और बरसात में जलजमाव तथा कीचड़ के कारण हालात और भी बिगड़ जाते हैं। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक यात्रियों को काफी कठिनाई होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री सड़क योजनाओं के तहत विकास के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन इस सड़क की जर्जर हालत उन दावों की पोल खोल रही है। लोगों ने यह भी शिकायत की है कि न तो क्षेत्र के सांसद और न ही विधायक ने सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया है। ग्रामीणों ने वर्तमान विधायक तौसीफ आलम सहित संबंधित अधिकारियों से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं की गई, तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन करने पर विचार करेंगे। अब देखना यह होगा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन ग्रामीणों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इस जर्जर सड़क से लोगों को राहत मिलती है।3