हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर-6 में सोमवार देर रात एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित श्यामकरण ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को पार्लर कोर्स पर जाने से मना करने के बाद दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी ने कथित तौर पर अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। श्यामकरण के अनुसार, सोमवार रात करीब 12 बजे लगभग एक दर्जन लोग उनके घर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी एक रिश्तेदार की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी घर छोड़ते समय 70 से 80 हजार रुपये नकद और कुछ जेवरात अपने साथ ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वायरल वीडियो के आधार पर भी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर-6 में सोमवार देर रात एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित श्यामकरण ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को पार्लर कोर्स पर जाने से मना करने के बाद दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी ने कथित तौर पर अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। श्यामकरण के अनुसार, सोमवार रात करीब 12 बजे लगभग एक दर्जन लोग उनके घर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी एक रिश्तेदार की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी घर छोड़ते समय 70 से 80 हजार रुपये नकद और कुछ जेवरात अपने साथ ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वायरल वीडियो के आधार पर भी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
- हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र का उपरी गांव आजादी के 79 वर्ष बाद भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में अधिकांश हैंडपंपों का पानी खारा है, जबकि पीने योग्य पानी केवल दो कुओं से ही मिल पाता है। इस वजह से ग्रामीणों को रोजाना दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन वर्ष पहले नमामि गंगे योजना के तहत पानी की टंकी स्थापित की गई थी और घर-घर नल कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन इन नलों में पानी नहीं पहुंचता, बल्कि कई स्थानों पर सिर्फ हवा निकलती है। पेयजल की यह समस्या अब इतनी विकट हो चुकी है कि इसका असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है, जिसके चलते कई परिवार विवाह संबंध बनाने से भी कतरा रहे हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उपरी और शायर गांव के ग्रामीण उप जिलाधिकारी के पास पहुँचकर गुहार लगाई है। इस संबंध में, एडीएम नमामि गंगे ने स्वीकार किया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति की समस्या मौजूद है और उन्होंने इसकी जांच कर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है।1
- बांदा में जिला कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कबड्डी समर कैंप सीजन-7 का समापन बेहद उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। कैंप के आखिरी दिन खिलाड़ियों में गजब का जोश और जुनून देखने को मिला। खिलाड़ियों ने बताया कि इन 15 दिनों में उन्हें कबड्डी के नए कौशल सीखने के साथ-साथ अनुशासन, समय की महत्ता, नियमित खानपान, बड़ों का सम्मान और सीनियर खिलाड़ियों का आदर करने जैसी महत्वपूर्ण सीख भी मिली। मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों ने कहा, "आठवां सीजन इतनी जल्दी आ जाए कि हम फिर से कैंप का हिस्सा बन सकें।" समापन दिवस पर खिलाड़ियों को मनोरंजन और सीख के साथ मैत्री कबड्डी मुकाबले खेलने का अवसर भी मिला। ये प्रतियोगिताएं चार आयु वर्गों – मिनी, सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित की गईं। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एडीएम न्यायिक माया शंकर, एसडीएम इरफान उल्लाह खान, एमिटी स्कूल के संचालक विप्रांश यादव, लेखपाल कैलाश चंद्र, डीके सिंह, एसआई राजेंद्र वर्मा, महेश जी तथा राजेंद्र जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कैंप को सफल बनाने में चंद्रमौली भारद्वाज, शादी जमा साहब, अरुणेश सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, कैलाश चंद्र लेखपाल, सुनील सक्सेना, अंकित कुशवाहा, नारायण सिंह, क्षितिज त्रिपाठी और विप्रांश यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में जिला कबड्डी एसोसिएशन, बांदा के सचिव कमल सिंह यादव ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कबड्डी एसोसिएशन बांदा के कोषाध्यक्ष सुनील सक्सेना ने किया।3
- बाँदा के जसपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौरीकला गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ चंद्रावल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को नदी से बरामद कर लिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गौरीकला गांव में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है, और हर तरफ मातम पसरा हुआ है। सीओ सदर सौरभ सिंह ने इस संदर्भ में बताया है कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- महोबा जिले में पनवाड़ी रेवंई से धवार तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया गया है कि इस निर्माण कार्य में न तो सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जा रहा है और न ही गुणवत्ता पर कोई जोर दिया जा रहा है, जिसके चलते आम जनता को 'भगवान भरोसे' छोड़ दिया गया है।1
- हमीरपुर के मौदहा में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को कोतवाली परिसर में ताजियादारों और विभिन्न आयोजकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान मोहर्रम के लिए निर्धारित अलग-अलग तिथियों में निकलने वाले जुलूसों, कार्यक्रमों और उनकी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने जुलूस मार्गों पर जगह-जगह लटके इंटरनेट और केबल तारों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। इसके अतिरिक्त, ताजियों की ऊंचाई, मार्ग में पेड़ों की निकली डालियों तथा अन्य संभावित अवरोधों को लेकर भी कई सुझाव दिए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने और शस्त्र प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, अधिकारियों ने जुलूस मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया। बैठक में इंस्पेक्टर क्राइम चंद्रशेखर गौतम सहित नगर और कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ताजियादार और आयोजन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर-6 में सोमवार देर रात एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित श्यामकरण ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को पार्लर कोर्स पर जाने से मना करने के बाद दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी ने कथित तौर पर अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। श्यामकरण के अनुसार, सोमवार रात करीब 12 बजे लगभग एक दर्जन लोग उनके घर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी एक रिश्तेदार की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी घर छोड़ते समय 70 से 80 हजार रुपये नकद और कुछ जेवरात अपने साथ ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वायरल वीडियो के आधार पर भी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।1