पहली बार महिलाओं ने मनाया सातुड़ी तीज महोत्सव, पारंपरिक रंग में सजा आयोजन गांव 18 एसपीडी तहसील पीलीबंगा सातुड़ी तीज के पावन अवसर पर पहली बार महिलाओं की ओर से विशेष सातुड़ी तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तीज पर्व मनाया। महोत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान और आभूषणों में सजकर तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज की कथा का श्रवण किया गया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई। आयोजन में महिलाओं ने गीत-संगीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और इस आयोजन को यादगार बनाया। आयोजकों ने बताया कि पहली बार इस तरह का सामूहिक सातुड़ी तीज महोत्सव आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं को एक साथ लाना, पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को हमारी लोक परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। सातुड़ी तीज के अवसर पर आयोजित यह महोत्सव महिलाओं के उत्साह और सांस्कृतिक एकजुटता का खास आकर्षण रहा।
पहली बार महिलाओं ने मनाया सातुड़ी तीज महोत्सव, पारंपरिक रंग में सजा आयोजन गांव 18 एसपीडी तहसील पीलीबंगा सातुड़ी तीज के पावन अवसर पर पहली बार महिलाओं की ओर से विशेष सातुड़ी तीज महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तीज पर्व मनाया। महोत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान और आभूषणों में सजकर तीज माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद तीज की कथा का श्रवण किया गया और परिवार की सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई। आयोजन में महिलाओं ने गीत-संगीत, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा
लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। महिलाओं ने एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं और इस आयोजन को यादगार बनाया। आयोजकों ने बताया कि पहली बार इस तरह का सामूहिक सातुड़ी तीज महोत्सव आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं को एक साथ लाना, पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी को हमारी लोक परंपराओं से जोड़ना है। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। सातुड़ी तीज के अवसर पर आयोजित यह महोत्सव महिलाओं के उत्साह और सांस्कृतिक एकजुटता का खास आकर्षण रहा।
- ब्रह्माकुमारी सेंटर पर विशेष राजयोग करवाया, भाई बहनों ने लिया भाग टोहाना। शहर के सपड़ा मोहल्ला स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय परिसर में नेपाल में आई त्रासदी से पीड़ितों के लिए विशेष राजयोग का आयोजन किया गया। इस दौरान बहन अमित ने उपस्थित साधकों को राजयोग की गहन साधना करवाई। सभी ने एकाग्रचित होकर दिवंगत आत्माओं की शांति, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और प्रभावित परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सेंटर इंचार्ज बहन वंदना ने कहा कि राजयोग केवल स्वयं की शांति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह विश्व कल्याण का सशक्त माध्यम है। योग के द्वारा की गई मनसा सेवा से हम दुखी और अशांत आत्माओं तक शांति व शक्ति की किरणें पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सामूहिक शुभ भावना और पवित्र संकल्पों से प्रकृति के पांच तत्व भी सहयोग करते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई उपस्थित रहे।1
- #इस पक्षी का क्या नाम है # इसकी आवाज़ बड़ी प्यारी है #कौन कौन जानता है इसका नाम #कहा पाया जाती है #इस पक्षी का क्या नाम है # इसकी आवाज़ बड़ी प्यारी है #कौन कौन जानता है इसका नाम #कहा पाया जाता है #सोशल मीडिया पर हो रहा हैं वायरल1
- फर्जी एप्पल कस्टमर केयर का खेल खत्म अमेरिका में बैठी ठगी की दुकान गुरुग्राम में बेनकाब, 11 दबोचे गुरुग्राम। गुरुग्राम मे अमेरिकी नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर डराकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का गुरुग्राम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर अपराध पश्चिम थाना पुलिस ने पालम विहार के जे ब्लॉक स्थित प्लॉट नंबर बारह सौ आठ में छापेमारी कर ग्यारह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से नौ लैपटॉप, बीस मोबाइल फोन, दो हेडफोन/माइक, दो कार, एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब दो - तीन महीनों से किराये के मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। कॉलर अंग्रेजी भाषा में अमेरिकी नागरिकों से एप्पल कर्मचारी बनकर बातचीत करते थे। उन्हें मोबाइल में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देकर वर्चुअल टोल फ्री नंबर पर संपर्क कराया जाता था। इसके बाद आरोपियों द्वारा फेडरल ट्रेड कमीशन का फर्जी पत्र दिखाकर पीड़ितों में डर पैदा किया जाता था और समस्या ठीक करने के नाम पर उनसे दस हजार से बीस हजार अमेरिकी डॉलर तक की रकम ऐंठी जाती थी। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे।1
- बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर का जोरदार स्वागत! 🔥नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। 🔥 बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर का जोरदार स्वागत! 🔥 📍 चिड़ावा। नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर के पहुंचने पर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। फूल-मालाओं और उत्साह के बीच समर्थकों ने अपना समर्थन जताया। मौके पर लोगों की भीड़ और उत्साह ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया। 🗳️ बंजारा बस्ती में सुरेश भूकर के समर्थन में दिखा जबरदस्त उत्साह, एकतरफा माहौल के दावे के बीच चुनावी चर्चाएं तेज!1
- नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक, बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के निर्देश बालोतरा। आगामी नगर निकाय चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर बालोतरा जिला मुख्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में बालोतरा नगर परिषद सहित सिणधरी, जसोल, सिवाना, समदड़ी, गुड़ामालानी एवं धोरीमन्ना नगर पालिकाओं में चुनावी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, जिला प्रभारी मोहनलाल डागर, पूर्व विधायक मदन प्रजापत, जिलाध्यक्ष प्रियंका मेघवाल, जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी सहित कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं को वार्ड एवं बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए। नेताओं ने घर-घर संपर्क, मतदाता संवाद और जनसंपर्क अभियान तेज करने तथा आपसी समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ता आमजन की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझकर कांग्रेस की नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाएं। वहीं विधायक हरीश चौधरी ने जनहित, विकास, पारदर्शिता और स्थानीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल एवं जिला प्रभारी मोहनलाल डागर ने सिवाना और समदड़ी में भी पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं टिकट के दावेदारों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान कांग्रेस नेता सुनील परिहार, पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे1
- बंदी सिखों की रिहाई को लेकर सात दिन से धरना जारी, सरकार से जल्द रिहाई की मांग टोहाना। बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर टोहाना में पिछले सात दिनों से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। सिख संगत और विभिन्न संगठनों के लोग टेंट लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने का नेतृत्व प्रधान कुलविंद्र सिंह कर रहे हैं। मंगलवार को धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए प्रधान कुलविंद्र सिंह ने कहा कि जो सिख नौजवान लंबे समय से जेलों में बंद हैं, उनकी सजा पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। यह मानवाधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। प्रधान कुलविंद्र ने बताया कि यह धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है। पिछले सात दिनों से रोजाना अरदास की जा रही है और संगत की ओर से लंगर की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि केंद्र और राज्य सरकारे बंदी सिखों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस धरने को इलाके के किसानों, मजदूरों और अन्य सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। धरने में बड़ी संख्या में बुजुर्ग शामिल हैं जो पिछले एक सप्ताह से लगातार बैठे हैं। कुलविंद्र सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2 सितंबर को धरना स्थल से शुरू होकर टोहाना लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया जाएगा और एसडीएम टोहाना को ज्ञापन दिया जाएगा धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।1
- वार्ड 10 में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, भाजपा के गिरिराज सिंह फिर मैदान में इकबाल खान बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 10 में इस बार मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। भाजपा ने गिरिराज सिंह चारण को टिकट दिया है। गिरिराज सिंह इससे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह के सामने कुछ मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।चुनाव हारने के बाद भी गिरिराज सिंह वार्ड में सक्रिय रहे और स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य करवाने के प्रयास किए। इसी के चलते इस बार उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है।वहीं कांग्रेस ने इस बार हनुमान चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर निर्दलीय उम्मीदवार आजाद भाटी भी मैदान में हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि आजाद भाटी मुस्लिम मतदाताओं के साथ अन्य वर्गों के वोट भी हासिल कर सकते हैं, जिससे मुकाबले के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।वहीं कांग्रेस के मौजूदा पार्षद सुरेंद्र सिंह के कार्यकाल को लेकर भी वार्ड में तरह तरह की चर्चाएं हैं। कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए और इसी वजह से लोगों में नाराजगी है।कुल मिलाकर वार्ड नंबर 10 में भाजपा के गिरिराज सिंह चारण, कांग्रेस के हनुमान चौधरी और निर्दलीय आजाद भाटी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि वार्ड की जनता इस बार किस प्रत्याशी के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।1
- जमीनी विवाद में व्यक्ति ने तहसील कार्यालय में पीया कीटनाशक, तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी समेत दो भाइयों पर प्रताड़ित करने का आरोप, जेब से मिला सुसाइड नोट झील निवासी 48 वर्षीय प्रहलाद सिंह ने जमीनी विवाद में तहसील कार्यालय उचाना में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। उसकी जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें चचेरे भाई सुमित नंबरदार और सचिन ने तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो पर जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के आरोप लगाए हैं। उचाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। झील निवासी सोमपाल ने एफआईआर में बताया कि उनके परिवार के पास करीब आठ एकड़ जमीन है, जो उसके पिता के चारों भाइयों के हिस्से में 2-2 एकड़ आती है। आरोप है कि उसका चाचा राजकुमार के बेटे सुमित नंबरदार और सचिन उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। दोनों आरोपी कथित तौर पर धमकी देते थे कि जमीन उन्होंने खरीद ली है और उस पर कब्जा कर लेंगे। आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर मामला कमिश्नर हिसार के पास विचाराधीन था। सोमवार को उसके पिता तहसील कार्यालय उचाना में जमीन के सिलसिले में गए थे। वहां कथित तौर पर तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो के साथ मिलकर कब्जा करवाने का प्रयास किया गया। इसके बाद उसके पिता ने कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें नागरिक अस्पताल जींद रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल में मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। आरोप है कि सुमित नंबरदार और उसके भाई सचिन ने तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो व पटवारी के साथ मिलीभगत करके उनकी जमीन की तकसीम अपने नाम करवा ली। सोमपाल ने कहा कि आरोपियों ने उस जमीन की तकसीम अपने नाम करवा ली, जिस जमीन की जुताई उसके पिता प्रहलाद करते थे। इसी कारण उसके पिता कई दिनों से परेशान रहते थे। इसी परेशानी में उसके पिता ने आत्महत्या की है। सुसाइड नोट में भी प्रहलाद ने यही लिखा है कि सुमित नंबरदार व उसके भाई सचिन ने तहसीलदार, पटवारी व कानूनगो के साथ मिलकर जिस जमीन की वह जुताई करता था, उसकी तकसीम अपने नाम करवा ली। इसके अलावा सचिन व सुमित उसे बार-बार उसकी जमीन पर कब्जा करने की धमकी देते थे। पुलिस ने प्रहलाद के सुसाइड नोट व उसके बेटे सोमपाल की शिकायत के आधार पर सुमित नंबरदार व उसके भाई सचिन को नामजद करते हुए तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।1
- न्यायपालिका में महिला जजों के यौन उत्पीड़न का ‘काला रहस्य’, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह का सनसनीखेज दावा नई दिल्ली। पत्रकार इकबाल खान: सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने भारतीय न्यायपालिका में महिला जजों के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर गंभीर और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में यौन उत्पीड़न एक ऐसा ‘काला रहस्य’ है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता।इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, उनके पास कई महिला जज शिकायत लेकर आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला जजों ने अपने पुरुष सहकर्मियों और वरिष्ठ जजों की ओर से यौन उत्पीड़न किए जाने की शिकायतें उनसे की हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई महिला जजों का प्रतिनिधित्व भी किया है।जयसिंह ने एक महिला जज का उदाहरण देते हुए दावा किया कि संबंधित महिला जज ने एक पुरुष जज की कथित मांग मानने से इनकार कर दिया था। उनके अनुसार, उस महिला जज से पुरुष जज ने अपनी 25वीं शादी की सालगिरह की पार्टी में ‘आइटम नंबर’ पर डांस करने को कहा था। महिला जज ने इसका विरोध किया और जयसिंह के मुताबिक बाद में उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।उन्होंने न्यायपालिका में मौजूद पदानुक्रम और कथित सामंती संस्कृति को ऐसी घटनाओं की एक बड़ी वजह बताया। जयसिंह ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों तथा जिला अदालतों की महिला जजों के बीच मौजूद पदानुक्रम का महिलाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।इंदिरा जयसिंह ने ये बातें ‘माय विजन ऑफ इंडिया 2047 एडी’ विषय पर आयोजित 29वें डीएस बोरकर मेमोरियल लेक्चर के दौरान कहीं। उनका बयान ऐसे समय सामने आया है जब न्यायपालिका के भीतर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कार्यस्थल पर उत्पीड़न को लेकर बहस एक बार फिर तेज हुई है।जयसिंह ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2047 तक न्यायपालिका में इस तरह की कथित प्रथाओं और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभावपूर्ण व्यवहार में बदलाव आएगा।1