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🙏 हेलो चित्तौड़गढ़ LIVE : श्री सांवरिया सेठ जी के दिव्य शृंगार दर्शन, जुड़ो प्यारे भक्तों और कमेंट में लगाओ जयकारा — जय श्री सांवलिया सेठ 🙏

3 hrs ago
user_Hello Chittorgarh News
Hello Chittorgarh News
Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
3 hrs ago

🙏 हेलो चित्तौड़गढ़ LIVE : श्री सांवरिया सेठ जी के दिव्य शृंगार दर्शन, जुड़ो प्यारे भक्तों और कमेंट में लगाओ जयकारा — जय श्री सांवलिया सेठ 🙏

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  • बंगाल में भगवा लहर: 74 साल का सूखा खत्म! 📈 भाजपा ऐतिहासिक जीत के साथ बनाएगी पहली सरकार। 🚨🗳️🚩 पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय लिखा जा रहा है! 📈 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के रुझान साफ कर रहे हैं कि बंगाल ने 'परिवर्तन' के लिए मतदान किया है। 🛡️ ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाते हुए भाजपा पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। 🛡️ रिकॉर्ड 92% मतदान और जनता का अटूट विश्वास—क्या यह 'सोनार बांग्ला' के सपने की ओर पहला कदम है? मतगणना जारी है, लेकिन बंगाल का मूड स्पष्ट दिख रहा है!
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    बंगाल में भगवा लहर: 74 साल का सूखा खत्म! 📈 भाजपा ऐतिहासिक जीत के साथ बनाएगी पहली सरकार। 🚨🗳️🚩
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय लिखा जा रहा है! 📈 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के रुझान साफ कर रहे हैं कि बंगाल ने 'परिवर्तन' के लिए मतदान किया है। 🛡️
ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाते हुए भाजपा पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। 🛡️ रिकॉर्ड 92% मतदान और जनता का अटूट विश्वास—क्या यह 'सोनार बांग्ला' के सपने की ओर पहला कदम है? मतगणना जारी है, लेकिन बंगाल का मूड स्पष्ट दिख रहा है!
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    42 min ago
  • 😏 नया भारत, नए रिश्ते… अब “सात फेरे” नहीं, सीधे “सात दिन में प्लान” बनते हैं। पति? बस एक औपचारिकता है… और प्यार? वो तो कहीं और “अपडेट” हो चुका है। 💔 व्रत-उपवास की जगह अब “सीक्रेट चैट” रखी जाती है। 💔 साथ निभाने की कसम की जगह “मौका मिलते ही छुटकारा” प्लान होता है। और फिर… 👉 कहानी खत्म 👉 एक ज़िंदगी खत्म 👉 और सिस्टम बोले — “जांच जारी है” ⚖️ कानून भी शायद यही सोचता है: “पहले सबूत मरते हैं, फिर इंसान…” 👏 वाह री तरक्की! जहां भरोसा सबसे सस्ता और धोखा सबसे आसान हो गया है। 📢 पूछना तो पड़ेगा — क्या अब शादी रिश्ता है… या एक रिस्की निवेश?
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    😏 नया भारत, नए रिश्ते…
अब “सात फेरे” नहीं,
सीधे “सात दिन में प्लान” बनते हैं।
पति?
बस एक औपचारिकता है…
और प्यार?
वो तो कहीं और “अपडेट” हो चुका है।
💔 व्रत-उपवास की जगह
अब “सीक्रेट चैट” रखी जाती है।
💔 साथ निभाने की कसम की जगह
“मौका मिलते ही छुटकारा” प्लान होता है।
और फिर…
👉 कहानी खत्म
👉 एक ज़िंदगी खत्म
👉 और सिस्टम बोले — “जांच जारी है”
⚖️ कानून भी शायद यही सोचता है:
“पहले सबूत मरते हैं, फिर इंसान…”
👏 वाह री तरक्की!
जहां भरोसा सबसे सस्ता
और धोखा सबसे आसान हो गया है।
📢 पूछना तो पड़ेगा —
क्या अब शादी रिश्ता है…
या एक रिस्की निवेश?
    user_प्रताप
    प्रताप
    Taxi Driver चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कारोई थाना परिसर स्थित मेस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) विष्णु कुमार (42) का शव फंदे से लटका मिलने की घटना ने न केवल पुलिस महकमे को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना के बाद विभाग के भीतर की परिस्थितियों, कार्यदबाव और व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले तक सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। लेकिन अगले ही दिन एएसआई का इस तरह मृत पाया जाना कई सवालों को जन्म देता है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इसी बीच, मृतक के एक सहकर्मी पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से विभाग के अंदरूनी हालात को लेकर कुछ चौंकाने वाले संकेत सामने आने की चर्चा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसने पुलिस व्यवस्था के भीतर कार्य संस्कृति और दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में लंबे समय से अत्यधिक कार्यभार, अनियमित ड्यूटी, मानसिक दबाव और सीमित संसाधनों जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि निचले स्तर के कर्मियों को पर्याप्त अवकाश, परामर्श या मनोवैज्ञानिक सहयोग नहीं मिल पाता, जिससे तनाव की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। यह घटना एक बार फिर इस बहस को हवा दे रही है कि क्या वर्तमान पुलिस व्यवस्था, जिसकी जड़ें औपनिवेशिक काल तक जाती हैं, आज के समय के अनुरूप है या इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुलिस सुधारों में कार्यघंटों का निर्धारण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, पारदर्शी कार्यसंस्कृति और जवाबदेही तंत्र को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगी और क्या न्यायपालिका ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। फिलहाल, भीलवाड़ा की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह गई है, बल्कि इसने पूरे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली, आंतरिक माहौल और सुधार की आवश्यकता पर एक गंभीर विमर्श छेड़ दिया है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष और शासन-प्रशासन की प्रतिक्रिया इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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    भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कारोई थाना परिसर स्थित मेस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) विष्णु कुमार (42) का शव फंदे से लटका मिलने की घटना ने न केवल पुलिस महकमे को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद घटना के बाद विभाग के भीतर की परिस्थितियों, कार्यदबाव और व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले तक सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था। लेकिन अगले ही दिन एएसआई का इस तरह मृत पाया जाना कई सवालों को जन्म देता है। मामले की जांच जारी है, और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इसी बीच, मृतक के एक सहकर्मी पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से विभाग के अंदरूनी हालात को लेकर कुछ चौंकाने वाले संकेत सामने आने की चर्चा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसने पुलिस व्यवस्था के भीतर कार्य संस्कृति और दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में लंबे समय से अत्यधिक कार्यभार, अनियमित ड्यूटी, मानसिक दबाव और सीमित संसाधनों जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि निचले स्तर के कर्मियों को पर्याप्त अवकाश, परामर्श या मनोवैज्ञानिक सहयोग नहीं मिल पाता, जिससे तनाव की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
यह घटना एक बार फिर इस बहस को हवा दे रही है कि क्या वर्तमान पुलिस व्यवस्था, जिसकी जड़ें औपनिवेशिक काल तक जाती हैं, आज के समय के अनुरूप है या इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुलिस सुधारों में कार्यघंटों का निर्धारण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, पारदर्शी कार्यसंस्कृति और जवाबदेही तंत्र को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगी और क्या न्यायपालिका ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
फिलहाल, भीलवाड़ा की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह गई है, बल्कि इसने पूरे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली, आंतरिक माहौल और सुधार की आवश्यकता पर एक गंभीर विमर्श छेड़ दिया है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष और शासन-प्रशासन की प्रतिक्रिया इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • SRI ♥️ LAKSHMINATH BHAGVAN SIV SANKAR JI VASAKRAJ 🙏🏽 ♥️ MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH ♥️ 🌺 🙏🏽 JI AAP HI AAP HO AAPKI ♥️ JAY HO ♥️ SDA SARVDA HARI 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 SIVAY NAMAH ♥️
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    SRI ♥️ LAKSHMINATH BHAGVAN SIV SANKAR JI VASAKRAJ 🙏🏽 ♥️ MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH ♥️ 🌺 🙏🏽 JI AAP HI AAP HO AAPKI ♥️ JAY HO ♥️ SDA SARVDA HARI 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🕉 🕉 SIVAY NAMAH ♥️
    user_Kanhaiya lal Joshi
    Kanhaiya lal Joshi
    Pujari चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़।शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वाधान में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिन पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में बड़े ही उत्साह और सेवा भावना के साथ मनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को जनसेवा से जोड़ते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, उनके कार्यकाल में चित्तौड़गढ़ को बड़ी बड़ी सौगातें मिली हैं जिससे विकास को नई दिशा मिली। पूर्व में इंदिरा रसोई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में अन्नपूर्णा रसोई में भोजन की टिकट संख्या 100 टोकन कर दी गई थी जबकि पूर्व में अशोक गहलोत के कार्यकाल में टिकट संख्या असीमित थी जिससे कोई भूखा नहीं सोया। मौके पर संचालन कर्ताओं ने इसको लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की तय टोकन पश्चात मजदूर बिना भोजन के चला जाता है जिसको लेकर प्रशासन को भी अवगत कराया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने चित्तौड़गढ़ को बड़ी बड़ी सौगातें दी है जिससे विकास को नई दिशा मिली कार्यक्रम के अंत में सभी ने अशोक गहलोत के सुखद और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की। कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में शुरू की गई योजनाओं की जमकर सराहना की जो आज भी जनता के लिए मददगार साबित हो रही हैं। प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि सेवा कार्य के क्रम में गांधीनगर स्थित गौशाला में गायों को हरा चारा एवं सब्जियां खिलाकर गौसेवा कर पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर एवं चित्तौड़गढ़ शहर एवं ग्रामीण की सभी अन्नपूर्णा रसोई में निःशुल्क भोजन व्यवस्था कर मिठाइयां बांटकर मनाया गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व के अलावा प्रदेश नेताओं एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाए। बस्सी में मंडल अध्यक्ष दिनेश सोनी, सावा में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम जाट एवं अर्जुन रायका, घोसुंडा में सरपंच दिनेश भोई, चंदेरिया में वरिष्ठ नेता गजानंद शर्मा एवं स्टेशन पर यूसुफ एवं प्रमोद तंवर एवं अन्य पदाधिकारीयो एवं कार्यकर्ताओं ने इंदिरा रसोई में निःशुल्क भोजन व्यवस्था में पहुंचकर आमजन का मुंह मीठा कराया। ऋषि मंगरी गोशाला में ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गेहरूगिरी गोस्वामी एवं पदाधिकारियों ने गौसेवा की, सेवा क्रम में ही निलिया महादेव स्थल पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत एवं मंडल अध्यक्ष दिनेश सोनी एवं पदाधिकारी वानरों को भोजन कराकर सेवा कार्य कर मनाया।
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    चित्तौड़गढ़।शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वाधान में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्मदिन पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में बड़े ही उत्साह और सेवा भावना के साथ मनाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को जनसेवा से जोड़ते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि गहलोत सरकार के दौरान चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं, उनके  कार्यकाल में चित्तौड़गढ़ को बड़ी बड़ी सौगातें मिली हैं जिससे विकास को नई दिशा मिली। पूर्व में इंदिरा रसोई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में अन्नपूर्णा रसोई में भोजन की टिकट संख्या 100 टोकन कर दी गई थी जबकि पूर्व में अशोक गहलोत के कार्यकाल में टिकट संख्या असीमित थी जिससे कोई भूखा नहीं सोया। मौके पर संचालन कर्ताओं ने इसको लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की तय टोकन पश्चात मजदूर बिना भोजन के चला जाता है जिसको लेकर प्रशासन को भी अवगत कराया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने चित्तौड़गढ़ को बड़ी बड़ी सौगातें दी है जिससे विकास को नई दिशा मिली कार्यक्रम के अंत में सभी ने अशोक गहलोत के सुखद और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की। कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में शुरू की गई योजनाओं की जमकर सराहना की जो आज भी जनता के लिए मददगार साबित हो रही हैं।
प्रवक्ता नवरतन जीनगर ने बताया कि सेवा कार्य के क्रम में गांधीनगर स्थित गौशाला में गायों को हरा चारा एवं सब्जियां खिलाकर गौसेवा कर पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर एवं चित्तौड़गढ़ शहर एवं ग्रामीण की सभी अन्नपूर्णा रसोई में निःशुल्क भोजन व्यवस्था कर मिठाइयां बांटकर मनाया गया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व के अलावा प्रदेश नेताओं एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाए।
बस्सी में मंडल अध्यक्ष दिनेश सोनी, सावा में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम जाट एवं अर्जुन रायका, घोसुंडा में सरपंच दिनेश भोई, चंदेरिया में वरिष्ठ नेता गजानंद शर्मा एवं स्टेशन पर यूसुफ एवं प्रमोद तंवर एवं अन्य पदाधिकारीयो एवं कार्यकर्ताओं ने इंदिरा रसोई में निःशुल्क भोजन व्यवस्था में पहुंचकर आमजन का मुंह मीठा कराया। ऋषि मंगरी गोशाला में ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गेहरूगिरी गोस्वामी एवं पदाधिकारियों ने गौसेवा की, सेवा क्रम में ही निलिया महादेव स्थल पर पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत एवं मंडल अध्यक्ष दिनेश सोनी एवं पदाधिकारी वानरों को भोजन कराकर सेवा कार्य कर मनाया।
    user_ओम जैन शंभूपुरा
    ओम जैन शंभूपुरा
    Salesperson चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ से संवाददाता प्रियंका कुमावत की रिपोर्ट
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    चित्तौड़गढ़ से संवाददाता प्रियंका कुमावत की रिपोर्ट
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • संवाददाता – मुकेश बैरवा भूपालसागर, तहसील कार्यालय भूपालसागर, जिला चित्तौड़गढ़ आबादी क्षेत्र के पास अवैध भट्टों से फैल रहा प्रदूषण, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता भूपालसागर क्षेत्र में आबादी इलाके के समीप संचालित अवैध ईंट-भट्टों से निकल रहा घना काला धुआं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनता जा रहा है। दिनभर उठता धुआं आसपास के घरों, रास्तों और बस्तियों तक पहुंच रहा है, जिससे वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भट्टों से निकलने वाले धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से टीबी सहित अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार आबादी क्षेत्र के नजदीक इस प्रकार भट्टों का संचालन नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। लगातार निकलता धुआं जनस्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध भट्टों की तत्काल जांच कराई जाए, प्रदूषण नियंत्रण मानकों की पड़ताल हो तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आमजन को राहत दिलाने की मांग की है।
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    संवाददाता – मुकेश बैरवा
भूपालसागर, तहसील कार्यालय भूपालसागर, जिला चित्तौड़गढ़
आबादी क्षेत्र के पास अवैध भट्टों से फैल रहा प्रदूषण, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
भूपालसागर क्षेत्र में आबादी इलाके के समीप संचालित अवैध ईंट-भट्टों से निकल रहा घना काला धुआं स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनता जा रहा है। दिनभर उठता धुआं आसपास के घरों, रास्तों और बस्तियों तक पहुंच रहा है, जिससे वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भट्टों से निकलने वाले धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से टीबी सहित अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार आबादी क्षेत्र के नजदीक इस प्रकार भट्टों का संचालन नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। लगातार निकलता धुआं जनस्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध भट्टों की तत्काल जांच कराई जाए, प्रदूषण नियंत्रण मानकों की पड़ताल हो तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आमजन को राहत दिलाने की मांग की है।
    user_राष्ट्रीय महाकाल सेना व्यवस्था
    राष्ट्रीय महाकाल सेना व्यवस्था
    Actor भोपालसागर, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    18 min ago
  • कभी-कभी एक गलत फैसला… सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दो परिवारों और कई जिंदगियों की तबाही का कारण बन जाता है। जब रिश्ते सहमति से नहीं, बल्कि दबाव, भ्रम या जबरदस्ती से तय किए जाते हैं—तो उसका अंजाम अक्सर बहुत भारी होता है। एक तरफ वो युवक होता है जिसकी जिंदगी बिना किसी गलती के बिखर जाती है… और दूसरी तरफ दो परिवार होते हैं, जो “इज़्ज़त” और “समाज” के नाम पर खुद को सही साबित करने में उलझकर टूट जाते हैं। ये समझना जरूरी है— रिश्ते अगर दिल से नहीं बने, तो वो घर नहीं बसाते… सिर्फ विवाद पैदा करते हैं। और सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब फैसले संवाद से नहीं, मजबूरी और दबाव से लिए जाते हैं। नतीजा क्या निकलता है? कहीं दर्द, कहीं गुस्सा, कहीं टूटे हुए रिश्ते… और बीच में पिसती हुई जिंदगियाँ। समाज को अब यह समझना होगा— किसी की जिंदगी पर “जबरदस्ती का फैसला” करना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। क्योंकि गलत फैसला सिर्फ आज नहीं तोड़ता… वो आने वाले कल को भी हमेशा के लिए खराब कर देता है।
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    कभी-कभी एक गलत फैसला… सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि दो परिवारों और कई जिंदगियों की तबाही का कारण बन जाता है।
जब रिश्ते सहमति से नहीं, बल्कि दबाव, भ्रम या जबरदस्ती से तय किए जाते हैं—तो उसका अंजाम अक्सर बहुत भारी होता है।
एक तरफ वो युवक होता है जिसकी जिंदगी बिना किसी गलती के बिखर जाती है…
और दूसरी तरफ दो परिवार होते हैं, जो “इज़्ज़त” और “समाज” के नाम पर खुद को सही साबित करने में उलझकर टूट जाते हैं।
ये समझना जरूरी है— रिश्ते अगर दिल से नहीं बने, तो वो घर नहीं बसाते… सिर्फ विवाद पैदा करते हैं।
और सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब फैसले संवाद से नहीं, मजबूरी और दबाव से लिए जाते हैं।
नतीजा क्या निकलता है? कहीं दर्द, कहीं गुस्सा, कहीं टूटे हुए रिश्ते… और बीच में पिसती हुई जिंदगियाँ।
समाज को अब यह समझना होगा— किसी की जिंदगी पर “जबरदस्ती का फैसला” करना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।
क्योंकि गलत फैसला सिर्फ आज नहीं तोड़ता…
वो आने वाले कल को भी हमेशा के लिए खराब कर देता है।
    user_प्रताप
    प्रताप
    Taxi Driver चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    1 hr ago
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