जालौन जिले के कालपी क्षेत्र की एक महिला ने गांव के तीन लोगों पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि एक विवाह समारोह के दौरान उसके साथ अश्लील हरकत की गई, और जब उसने इसका विरोध किया तो उसके पति के साथ उसे भी पीटा गया। इसके बाद घर पहुंचकर शिकायत करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। महिला का कहना है कि उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और यह समाचार पीड़िता के प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।
जालौन जिले के कालपी क्षेत्र की एक महिला ने गांव के तीन लोगों पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि एक विवाह समारोह के दौरान उसके साथ अश्लील हरकत की गई, और जब उसने इसका विरोध किया तो उसके पति के साथ उसे भी पीटा गया। इसके बाद घर पहुंचकर शिकायत करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। महिला का कहना है कि उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, और यह समाचार पीड़िता के प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।
- जालौन तहसील में युवाओं ने रिंकू सिंह राही के समर्थन में प्रदर्शन किया।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी में आयोजित एक बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वायरल वीडियो में मंत्री संजय निषाद कथित तौर पर एक कार्यकर्ता को डांटते हुए और उसके प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- कानपुर देहात में 2 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू का ज़िले भर में भव्य स्वागत किया गया, जिसके उपरांत उन्होंने कानपुर के हिंदी भवन में आयोजित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती एवं बलिदान दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी में सहभागिता की। क्षेत्रीय अध्यक्ष साहू का कालपी पुल पर ज़िला अध्यक्ष रेणुका सचान के नेतृत्व में अभिनंदन हुआ, जिसके बाद भोगनीपुर में अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर उन्होंने माल्यार्पण किया। रिलायंस पेट्रोल पंप पुखरायां और पूर्व विधायक विनोद कटियार के आवास सहित पटेल चौक देवीपुर में भी उनका स्वागत किया गया। अकबरपुर में युवा मोर्चा के सत्यम चतुर्वेदी ने हाइड्रा मशीन का उपयोग कर क्षेत्रीय अध्यक्ष को 20 फीट की विशाल माला पहनाकर विशेष अभिनंदन किया। हिंदी भवन, कानपुर में आयोजित इस विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि रामकिशोर साहू रहे, जिनका पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें ज़िला अध्यक्ष रेणुका सचान, ज़िला प्रभारी अशोक राजपूत, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, पूर्व केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा और विधायक पूनम शंखवार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मात्र एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बनकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाई और स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में देश की औद्योगिक नींव रखी। साहू ने ज़ोर देकर कहा कि कश्मीर में 'दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा था, और उनका 23 जून 1953 को श्रीनगर में रहस्यमय परिस्थितियों में हुआ बलिदान ही आज पूरे देश को एक संविधान, एक प्रधान और एक निशान के साथ खड़ा कर पाया है। उन्होंने युवाओं से डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और सामाजिक कुरीतियों के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ज़िला अध्यक्ष रेणुका सचान ने बताया कि डॉ. मुखर्जी ने तुष्टीकरण की नीतियों का विरोध करते हुए नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दिया था। एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने डॉ. मुखर्जी के 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' के विचार पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन ज़िला महामंत्री सत्यम सिंह चौहान ने किया और समापन पर सभी ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के गगनभेदी नारे लगाए। इस पूरे कार्यक्रम में क्षेत्रीय मंत्री सुनील तिवारी, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला, डॉ. सतीश शुक्ला, पूर्व विधायक विनोद कटियार, निर्मला शंखवार, ज़िला महामंत्री सत्यम सिंह चौहान, बबलू शुक्ला, पूर्व ज़िला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान, मदन पांडे, राजेश सचान, राहुल अग्निहोत्री, विकास मिश्रा और ज़िला मीडिया प्रभारी सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इन विवादों के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र पुलिस को सौंपे। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की और माहौल बिगाड़ने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्यवाही की है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि चार लोगों पर यह कार्यवाही की गई है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर महिला जिलाध्यक्ष मनोरमा शंखवार को पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार और उनके बेटे द्वारा जूते-चप्पल से पीटने का आरोप लगा है। यह घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के होटल सूर्या में हुई, जहाँ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र पाल गौतम के स्वागत के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर वर्तमान जिलाध्यक्ष अम्बरीष सिंह गौर और पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसी दौरान, मनोरमा शंखवार को जूते-चप्पल से गिराकर पीटने का आरोप नरेश कटियार के बेटे पर लगा है। मनोरमा शंखवार की शिकायत के आधार पर, सिकंदरा थाना में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही रसूलाबाद क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। इस पूरे मामले पर महिला जिलाध्यक्ष मनोरमा शंखवार, कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष अम्बरीष सिंह गौर और अकबरपुर के क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने अपनी बाइट्स दी हैं।4
- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर स्थित मुशनगर निवासी मोहम्मद अनीश कुरैशी पर राम मंदिर चोरी की घटना में पूरी तरह शामिल होने का आरोप लगाया गया है।1
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र के आलमपुर गांव में गुरुवार को लगभग 11 बजे दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने देसी शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि शराब ठेका संचालित होने के कारण छात्र-छात्राओं, महिलाओं और ग्रामीणों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने तत्काल ठेका बंद कराए जाने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि वे इस संबंध में पहले भी तहसील प्रशासन से कई बार शिकायतें कर चुकी हैं, लेकिन उन पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं की शिकायतें सुनीं और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान एहतियात के तौर पर देसी शराब का ठेका बंद रहा। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।1
- जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र के जायघा गांव में एक महिला की हत्या कर दी गई है, जो पिछले 25 वर्षों से अकेले रह रही थी। महिला का खून से लथपथ शव उसके घर में मिलने के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।2