बोलेगांव में प्रशासनिक टीम की छापामार कार्यवाही बोलेगांव में प्रशासनिक टीम की छापामार कार्यवाही: कथित फर्जी डॉक्टर के अवैध संचालित क्लिनिक पर दबिश देकर भारी मात्रा में दवाईयां की बरामद लांजी। हाल ही में एक दैनिक अखबार के द्वारा हाल ही में कुछ दिनों पूर्व हेडलाईन 1 साल से घर के आंगन में तथाकथित डॉक्टर का संचालित हो रहा साप्ताहिक अवैध क्लिनिक: मौन जिम्मेदारों से सांठगांठ की आ रही बू के नाम से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसमें प्रशासनिक लोगों के सांठगांठ का भी जिक्र किया गया था, आखिरकार इस खबर पर संज्ञान लेते हुये प्रशासनिक टीम के द्वारा रविवार 1 मार्च को पुनः की गई शिकायत पर छापामार कार्यवाही करते हुए भारी मात्रा में दवाईयां बरामद की है, इस कार्यवाही के दौरान लांजी नायब तहसीलदार बारस्कर, बीएमओ अक्षय उपराड़े अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। बता दें कि परविंदर सिंह नामक शख्स के द्वारा जो कि खुद को लखनादौन का निवासी बताता है, और उक्त शख्स खुद को डॉक्टर बताकर लांजी तहसील मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम बोलेगांव में साप्ताहिक अवैध क्लिनिक का संचालन करता रहा है, जानकारी की माने तो यह सब राजनैतिक संरक्षण में हो रहा था तो वहीं प्रशासन भी इतने दिनों तक कोई कार्यवाही नही कर रहा था लेकिन आखिरकार अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद और शिकायत होने के बाद संभवतः मजबूरीवश प्रशासन को यह कार्यवाही करनी पड़ी। बता दें कि यह कथित अवैध क्लिनिक लांजी-बालाघाट मुख्य मार्ग के एक घर की छपरी में संचालित हो रहा था, जिसमें परविंदर सिंह के द्वारा आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाईयां मरीजों को दी जा रही थी। परविंदर के विजिटिंग कार्ड पर गगन आयुर्वेदिक औषधालय लिखा हुआ है और उसके नाम के सामने प्रोपाईटर लिखा हुआ है जिसमें ऑफिस का पता लखनादौन जिला सिवनी लिखा है और वह भी फर्जी है, जानकारी के मुताबिक परविंदर एक आयुर्वेदिक कंपनी के सेलर के तौर पर काम करता है और वह कोई डॉक्टर नहीं है, ऐसे में इस कथित फर्जी डॉक्टर की अनभिज्ञता से प्रशासन का इतने दिनों से मौन रहना सांठगांठ की तरफ इंगित करता है जो कि जांच का विषय है। यह फर्जी डॉक्टर सप्ताह में एक दिन आकर मरीजों को लाखो रूपयो की दवाईयां देकर विगत 1 वर्ष से भी अधिक समय से धड़ल्ले से कारोबार संचालित किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात है कि लगता है इस मामले से जिला स्वास्थ्य प्रशासन से लेकर स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन भी अनभिज्ञ है या अनभिज्ञता का ढोंग रच रहे है, स्थानीय बीएमओ के इस मामले के संज्ञान में नहीं होने अथवा संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किये जाने कारण जो भी हो यह स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है कि कैसे प्रति सप्ताह लाखों रूपयो की एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और अन्य पैथियों की दवाईयां मरीजो को थमा दी जा रही है। बहरहाल जब 1 मार्च को प्रशासनिक टीम के द्वारा कार्यवाही की गई उसके बाद वहां मौजूद मरीजों में आक्रोश भी देखा गया कि सरकारी अस्पताल में ईलाज नहीं हो पाता तो क्या ही करते, इनकी दवाईयों से उन्हे आराम मिलता है, हालांकि पंचनामा कार्यवाही करने के उपरांत मामले में एफआईआर किये जाने की बात बीएमओ अक्षय उपराड़े के द्वारा कही गई है, देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन कहां तलक कार्यवाही कर पाता है।
बोलेगांव में प्रशासनिक टीम की छापामार कार्यवाही बोलेगांव में प्रशासनिक टीम की छापामार कार्यवाही: कथित फर्जी डॉक्टर के अवैध संचालित क्लिनिक पर दबिश देकर भारी मात्रा में दवाईयां की बरामद लांजी। हाल ही में एक दैनिक अखबार के द्वारा हाल ही में कुछ दिनों पूर्व हेडलाईन 1 साल से घर के आंगन में तथाकथित डॉक्टर का संचालित हो रहा साप्ताहिक अवैध क्लिनिक: मौन जिम्मेदारों से सांठगांठ की आ रही बू के नाम से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसमें प्रशासनिक लोगों के सांठगांठ का भी जिक्र किया गया था, आखिरकार इस खबर पर संज्ञान लेते हुये प्रशासनिक टीम के द्वारा रविवार 1 मार्च को पुनः की गई शिकायत पर छापामार कार्यवाही करते हुए भारी मात्रा में दवाईयां बरामद की है, इस कार्यवाही के दौरान लांजी नायब तहसीलदार बारस्कर, बीएमओ अक्षय उपराड़े अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। बता दें कि परविंदर सिंह नामक शख्स के द्वारा जो कि खुद को लखनादौन का निवासी बताता है, और उक्त शख्स खुद को डॉक्टर बताकर लांजी तहसील मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम बोलेगांव में साप्ताहिक अवैध क्लिनिक का संचालन करता रहा है, जानकारी की माने तो यह सब राजनैतिक संरक्षण में हो रहा था तो वहीं प्रशासन भी इतने दिनों तक कोई कार्यवाही नही कर रहा था लेकिन आखिरकार अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद और शिकायत होने के बाद संभवतः मजबूरीवश प्रशासन को यह कार्यवाही करनी पड़ी। बता दें कि यह कथित अवैध क्लिनिक लांजी-बालाघाट मुख्य मार्ग के एक घर की छपरी में संचालित हो रहा था, जिसमें परविंदर सिंह के द्वारा आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाईयां मरीजों को दी जा रही थी। परविंदर के विजिटिंग कार्ड पर गगन आयुर्वेदिक औषधालय लिखा हुआ है और उसके नाम के सामने प्रोपाईटर लिखा हुआ है जिसमें ऑफिस का पता लखनादौन जिला सिवनी लिखा है और वह भी फर्जी है, जानकारी के मुताबिक परविंदर एक आयुर्वेदिक कंपनी के सेलर के तौर पर काम करता है और वह कोई डॉक्टर नहीं है, ऐसे में इस कथित फर्जी डॉक्टर की अनभिज्ञता से प्रशासन का इतने दिनों से मौन रहना सांठगांठ की तरफ इंगित करता है जो कि जांच का विषय है। यह फर्जी डॉक्टर सप्ताह में एक दिन आकर मरीजों को लाखो रूपयो की दवाईयां देकर विगत 1 वर्ष से भी अधिक समय से धड़ल्ले से कारोबार संचालित किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात है कि लगता है इस मामले से जिला स्वास्थ्य प्रशासन से लेकर स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन भी अनभिज्ञ है या अनभिज्ञता का ढोंग रच रहे है, स्थानीय बीएमओ के इस मामले के संज्ञान में नहीं होने अथवा संज्ञान में होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किये जाने कारण जो भी हो यह स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है कि कैसे प्रति सप्ताह लाखों रूपयो की एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और अन्य पैथियों की दवाईयां मरीजो को थमा दी जा रही है। बहरहाल जब 1 मार्च को प्रशासनिक टीम के द्वारा कार्यवाही की गई उसके बाद वहां मौजूद मरीजों में आक्रोश भी देखा गया कि सरकारी अस्पताल में ईलाज नहीं हो पाता तो क्या ही करते, इनकी दवाईयों से उन्हे आराम मिलता है, हालांकि पंचनामा कार्यवाही करने के उपरांत मामले में एफआईआर किये जाने की बात बीएमओ अक्षय उपराड़े के द्वारा कही गई है, देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन कहां तलक कार्यवाही कर पाता है।
- बालाघाट विधायक के करीबी ठेकेदार अबूशाह तालिब से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले से झूठी शिकायतों का आरोप लगाने वाले अबूशाह ने कलेक्टर को दिए आवेदन में न्याय की मांग की थी, वहीं अब हाल ही में एक ऑडियो क्लिप वायरल होने से मामला और गरमा गया है।1
- Post by INDRAJEET SINGH DASHMER1
- कुम्हारी में अज्ञात महिला हत्याकांड का खुलासा, दुष्कर्म प्रयास के बाद हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार कुम्हारी थाना क्षेत्र में जनवरी माह में मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करीब डेढ़ महीने की व्यापक जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।17 जनवरी 2026 को केवल्य धाम के पीछे परसदा खार स्थित खेत में एक महिला का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद अपराध क्रमांक 58/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया। 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई। 100 घंटे से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। लाखों कॉल डिटेल रिकॉर्ड का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जिला और अंतरजिला स्तर पर गुमशुदगी रिकॉर्ड का मिलान भी कराया गया।जांच के आधार पर महाराजा देवार उर्फ राजा देवार, उम्र 22 वर्ष, निवासी कुम्हारी को 28 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने महिला को बहला-फुसलाकर खेत में ले जाने, दुष्कर्म का प्रयास करने और विरोध करने पर गला दबाकर हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी से घटना से जुड़े कपड़े, टूटा हुआ बटन, चप्पल, ए-वन पाउच और पानी की बोतल जब्त की है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। करीब डेढ़ महीने तक चली लगातार फील्ड जांच, तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के बाद यह अंधा कत्ल सुलझा है।1
- दुर्ग नगर पालिका निगम क्षेत्र में लगातार अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही में भेदभाव की नीति सामने नजर आ रही है। रसूखदारों द्वारा किए कब्जे पर शहरी सरकार मौन है अवैध बाजार संचालन पर शहरी सरकार मौन है गरीबों के ठेले गुमठी पर चल रहा बुलडोजर1
- NH-30 के 4-लेन विस्तार को केंद्र की मंजूरी, कवर्धा बायपास को भी स्वीकृति कवर्धा। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) के महत्वपूर्ण हिस्सों के 4-लेन उन्नयन को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जबलपुर से रायपुर के बीच बढ़ते यातायात दबाव और सड़क सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अपने पत्र में उप मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया था कि जबलपुर से रायपुर के मध्य स्थित यह मार्ग जिला कबीरधाम मुख्यालय से होकर गुजरता है और व्यावसायिक, सामाजिक तथा राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी वाहनों का आवागमन होता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 4-लेन विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया था कि जबलपुर–मंडला–चिल्फी सेक्शन (लगभग 160 किमी) को पहले ही 4-लेन किए जाने की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में चिल्फी (धरईपानी) से सिमगा (रायपुर) तक लगभग 122 किमी के शेष हिस्से को भी 4-लेन में उन्नयन की स्वीकृति मिलना जरूरी था, ताकि जबलपुर से रायपुर तक निर्बाध और सीधी 4-लेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, लोकहित और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कवर्धा बायपास (4L + PS) निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। केंद्र से मिली स्वीकृति के बाद क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं जगी हैं। 4-लेन सड़क बनने से व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आम नागरिकों को सुरक्षित और तेज आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।1
- आपको बता दे की प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा से उड़ीसा क्षेत्र में सक्रिय रहे 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने के लिए फोन कॉल के माध्यम से बात किया जिसकी वीडियो सामने आई है.1
- कवर्धा। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (भा.पु.से.) महोदय के मार्गदर्शन में, अति. पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं श्री अमित पटेल के निर्देशन में तथा एसडीओपी कवर्धा आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप के नेतृत्व में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 01/03/2026 को थाना कवर्धा कोतवाली क्षेत्र में देहात/कस्बा पेट्रोलिंग के दौरान अवैध शराब बिक्री के विरुद्ध कार्यवाही की गई। दिनांक 01/03/2026 को समय लगभग 14.20 बजे मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि नवीन बाजार सुलभ शौचालय के पास कवर्धा में चंद्रभान पार्त्रे नामक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बिक्री कर रहा है। सूचना पर थाना कवर्धा के सउनि सुनील यादव द्वारा हमराह स्टाफ व गवाहों के साथ बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही की गई। मौके पर एक व्यक्ति शराब बिक्री हेतु शराब रखे हुए मिला, नाम पूछने पर उसने अपना नाम चंद्रभान पार्त्रे पिता स्व. प्रेमलाल पार्त्रे उम्र 32 वर्ष साकिन वार्ड क्रमांक 27 नवीन बाजार कवर्धा थाना कवर्धा जिला कबीरधाम (छ.ग.) बताया। आरोपी के कब्जे से एक सफेद रंग के बोरी के थैले में रखी हुई देशी मसाला एवं देशी प्लेन शराब तथा बिक्री की नगदी रकम 260/- रुपये बरामद की गई। आरोपी के कब्जे से निम्न सामग्री जप्त की गई – 01. देशी मसाला शराब पौवा 180 एमएल की 41 शीशी, कुल मात्रा 7.380 बल्क लीटर, अनुमानित कीमत 4100 रुपये 02. देशी प्लेन शराब पौवा 180 एमएल की 16 शीशी, कुल मात्रा 2.880 बल्क लीटर, अनुमानित कीमत 1280 रुपये 03. शराब बिक्री की नगदी रकम 260/- रुपये कुल जप्त शराब 10.260 बल्क लीटर, कुल कीमत 5640 रुपये आरोपी द्वारा शराब रखने एवं बिक्री करने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। आरोपी का कृत्य धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत अपराध पाए जाने से मौके पर अपराध क्रमांक 00/2026 पंजीबद्ध कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। घटना स्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किया गया तथा देहाती नालसी लेख कर विवेचना में लिया गया है। कबीरधाम पुलिस द्वारा अवैध शराब बिक्री करने वाले आरोपियों एवं इस प्रकार के अवैध कृत्यों में संलिप्त अन्य व्यक्तियों को सख्त चेतावनी दी जाती है कि वे अपने कृत्यों में सुधार लाएं। भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर उनके विरुद्ध और भी सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। कबीरधाम पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि अवैध शराब बिक्री या किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल थाना अथवा डायल 112 के माध्यम से दें।1
- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भाजपा नेता और समाजसेवी बसंत अग्रवाल का देखिए शानदार इंटरव्यू इन्होंने छत्तीसगढ़ बाद जमीन से जुड़े सभी आलोचनाओं पर खुलकर जवाब दिया1
- *भालीवाडा जलाशय में जल संकट मोटर पम्प हटाने की कलेक्टर से मांग* *मछुआ मांझी समिति ने दी चेतावनी, 130 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट* कुरई/भालीवाडा। कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बादलपार चौकी के ग्राम भालीवाडा स्थित जलाशय में बढ़ते जल संकट को लेकर विवाद गहरा गया है। जलाशय में लगभग 75 स्थाई व अस्थाई मोटर पम्प लगे होने से पानी का स्तर तेजी से घट रहा है। वर्तमान में जलाशय में मात्र लगभग 3 फीट पानी शेष है, जबकि करीब आधा सैकड़ा विद्युत मोटर पम्प लगातार संचालित हो रहे हैं। मछुआ मांझी समिति के अनुसार जलाशय में अब केवल 1-2 दिन का पानी ही बचा है। समिति से जुड़े लगभग 130 महिला-पुरुषों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। पानी की कमी के कारण मछलियों के मरने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। समिति द्वारा तहसीलदार, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत तथा बदलपार चौकी में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी संबंध में आज विद्युत वितरण केंद्र बादलपार, सिवनी ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत सारसडोल के सरपंच-सचिव की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें लगभग 50 से अधिक मोटर पम्प संचालित पाए गए। जानकारी के अनुसार बादलपार विद्युत वितरण केंद्र से 3 स्थाई एवं 13 टीसी कनेक्शन तथा सिवनी ग्रामीण क्षेत्र से 31 विद्युत मोटर पम्प चल रहे हैं। कुछ मोटरों में खुले तार होने से पानी में करंट फैलने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि की आशंका व्यक्त की जा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव ने बताया कि जल संकट, मछुआ मांझी समिति की आजीविका और मवेशियों के लिए पेयजल की समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। वहीं किसानों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई एवं विद्युत विभाग से विधिवत कनेक्शन प्राप्त किए हैं। इधर, मछुआ मांझी समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जलाशय से विद्युत मोटर पम्प नहीं हटाए गए तो वे उग्र आंदोलन करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जल संकट और बढ़ते विवाद को लेकर क्या कदम उठाता है।1