शहडोल में आगामी 18 जुलाई 2026 को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के.एन सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। इस विशेष लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी श्रीमती दीपाली शर्मा जी को जिला को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। लोक अदालत की तैयारियों को लेकर विशेष न्यायाधीश के निर्देशन में उन सभी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिनके चेक अनादरण के मामले न्यायालय में लंबित हैं। बैठक में विशेष न्यायाधीश द्वारा बैंक और फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर ₹50,000 से कम राशि के मामलों को प्राथमिकता देने और अधिक से अधिक प्रकरणों के निपटारे पर जोर दिया गया। इसके साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची उपलब्ध कराते हुए अधिकारियों से आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इस संयुक्त बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती श्वेता परते तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री देवेंद्र सिंह परस्ते, लीड बैंक मैनेजर श्री अमित चौरसिया और अन्य बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभी लंबित चेक बाउंस मामलों को चिन्हित कर उन्हें विशेष लोक अदालत में प्रस्तुत करने और इस कार्य में सहयोग प्रदान करने की बात कही गई।
शहडोल में आगामी 18 जुलाई 2026 को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के.एन सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। इस विशेष लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी श्रीमती दीपाली शर्मा जी को जिला को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। लोक अदालत की तैयारियों को लेकर विशेष न्यायाधीश के निर्देशन में उन सभी बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिनके चेक अनादरण के मामले न्यायालय में लंबित हैं। बैठक में विशेष न्यायाधीश द्वारा बैंक और फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर ₹50,000 से कम राशि के मामलों को प्राथमिकता देने और अधिक से अधिक प्रकरणों के निपटारे पर जोर दिया गया। इसके साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची उपलब्ध कराते हुए अधिकारियों से आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इस संयुक्त बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती श्वेता परते तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री देवेंद्र सिंह परस्ते, लीड बैंक मैनेजर श्री अमित चौरसिया और अन्य बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभी लंबित चेक बाउंस मामलों को चिन्हित कर उन्हें विशेष लोक अदालत में प्रस्तुत करने और इस कार्य में सहयोग प्रदान करने की बात कही गई।
- शहडोल के नवागत पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने शनिवार को अपनी पहली पत्रकार वार्ता में पुलिस की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर अंकुश लगाने और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस आम जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए संवेदनशील और जवाबदेह तरीके से काम करेगी। नशे की समस्या से निपटने के लिए जिले में 15 जुलाई से 30 जुलाई तक एक विशेष नशा विरोधी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों का सहयोग लिया जाएगा और अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी व नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य मीडिया माध्यमों में आने वाली खबरों पर पुलिस तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी, जिसके लिए सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रात्रि गश्त बढ़ाई जाएगी और पुलिस का सूचना तंत्र और मजबूत किया जाएगा। जिन थानों में पुलिस बल की कमी है, वहां पुलिस लाइन से अतिरिक्त जवान उपलब्ध कराए जाएंगे। बेहतर पुलिसिंग के लिए मीडिया और जनता के सहयोग पर जोर देते हुए एसपी संजय अग्रवाल ने कहा कि "जहां खबर होती है, वहां पुलिस पहुंचती है और जहां पुलिस होती है, वहां पत्रकार भी मौजूद रहते हैं।" उन्होंने पुलिस और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही ताकि समाज में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- मैहर में रामनगर नगर परिषद अध्यक्ष के पति और कांग्रेस नेता कैलाश (दीपू) मिश्रा पर कुर्मी क्षत्रिय समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप को लेकर आक्रोश भड़क गया है। इस टिप्पणी के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग मैहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में पूर्व में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के विरोध में समाज के लोग एकजुट हुए और उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय को घेरकर तुरंत एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
- मयहर में रविवार को क्षत्रिय कुर्मी समाज के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने ट्रैक्टरों और चारपहिया वाहनों के साथ एक विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग दीपू मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की है। अपनी मांगों को लेकर समाज के लोग ट्रैक्टरों के साथ शहर की ओर आगे बढ़े। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने जीरो पॉइंट पर भारी पुलिस बल तैनात कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उन्हें समझाया। सीएसपी के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शहर के अंदर प्रवेश नहीं करने पर सहमत हो गए और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1
- रीवा जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिछिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने क्षेत्र में नशीली कफ सिरप की अवैध रूप से फुटकर बिक्री करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि महाजन टोला निवासी नीरज यादव अपने साथी तोपखान निवासी सुनील तिवारी, सगरा निवासी सनी पटेल और कोठी निवासी सचिन पटेल के साथ मिलकर कोठी रिंग रोड क्षेत्र में नशीली कफ सिरप की फुटकर बिक्री कर रहा था, जिन्हें पुलिस ने धर दबोचा।1
- रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा अंतर्गत चचाई पंचायत के जोवा टोला स्थित शासकीय पाठशाला में निरीक्षण के दौरान शिक्षा और व्यवस्थाओं की गंभीर बदहाली सामने आई है। रीवा संभाग ब्यूरो रिप्पू पाण्डेय जब स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां बच्चों की शिक्षा का स्तर बेहद निम्न पाया गया। हालत यह थी कि बच्चे पूछे जाने पर अपनी ही शिक्षिका का नाम तक नहीं बता पाए, जबकि सवालों का जवाब देना तो दूर की बात थी। इसके अलावा, समूह द्वारा संचालित की जाने वाली खिचड़ी खाने की व्यवस्था का दावा भी पूरी तरह खोखला साबित हुआ और मौके पर कोई समुचित व्यवस्था नहीं दिखी। इस बदहाली को उजागर करने और बातचीत करने पर शिक्षिका गीता सिंह भड़क गईं। उन्हें यह जागरूक तरीका पसंद नहीं आया और उन्होंने रिपोर्ट कराने की धमकी दे डाली। इस पर गहरी चिंता और रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि पूरे सेमरिया में भ्रष्टाचार का हब चल रहा है, जहां इस गंदगी को साफ करने की कोशिश करने वालों पर रिपोर्ट और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। तंज कसते हुए कहा गया कि हमारे मोहन यादव का नया मध्यप्रदेश ऐसा ही है, जहां समाज में सकारात्मक कदम उठाने का परिणाम मुकदमे की धमकी के रूप में मिलता है।1
- रीवा में सिक्का स्वीकार न करने वालों को अब सीधे जेल की सजा भुगतनी होगी। रीवा कलेक्टर ने इस संबंध में एक बड़ा निर्देश जारी किया है, जिसके तहत यदि किसी ने भी सिक्का लेने से मना किया तो उसके खिलाफ जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।1
- सतना-सेमरिया मार्ग के परिवर्तित मार्ग पर स्थित नैना सगमनिया में सड़क और रेलवे अंडर ब्रिज की हालत बदहाल हो चुकी है। इस मार्ग पर सड़क और रेलवे अंडर ब्रिज के पूरी तरह से चिथड़े उड़ चुके हैं। इसके बावजूद, यहाँ से गुजरने वाले वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।1