सम्भल जनपद के कैला देवी थाना क्षेत्र के ठाठी गांव में एक युवती अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई थी, जिसे पुलिस ने बाद में सकुशल बरामद कर लिया था। इस घटना के बाद युवती के परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर प्रेमी के साथ मिलकर युवती का अपहरण करने का आरोप लगाया था। पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने युवती को नाबालिग साबित करने के लिए अमरोहा जनपद के एक निजी स्कूल से 17 वर्ष की उम्र का एक प्रमाणपत्र बनवाया, जबकि युवती के सरकारी स्कूल के प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाई गई है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस को कम उम्र का प्रमाणपत्र बनवाने की क्या आवश्यकता थी। स्वयं युवती ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी उम्र बालिग होने की बात कही है और पुष्टि की है कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रह रही है, साथ ही उसने अपने अपहरण की घटना को भी झूठा बताया है। जिस परिवार पर युवती के अपहरण का आरोप लगा था, उनके और युवती के भाई व उनका साथ देने वाले लोगों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद सुधीर, विक्रम, जसवीर और लोकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मुकदमे के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वर्तमान में युवती दोबारा अपने प्रेमी के साथ रह रही है और अपनी मर्जी से रहने तथा अपहरण की घटना को झूठा बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा किया है। इसके बावजूद, जसवीर के परिवार ने थाना कैला देवी पुलिस पर लगातार परेशान करने और अनावश्यक रूप से थाने में बंद करने का आरोप लगाया है। थाना कैला देवी पर तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार पर रुपए मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
सम्भल जनपद के कैला देवी थाना क्षेत्र के ठाठी गांव में एक युवती अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई थी, जिसे पुलिस ने बाद में सकुशल बरामद कर लिया था। इस घटना के बाद युवती के परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर प्रेमी के साथ मिलकर युवती का अपहरण करने का आरोप लगाया था। पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने युवती को नाबालिग साबित करने के लिए अमरोहा जनपद के
एक निजी स्कूल से 17 वर्ष की उम्र का एक प्रमाणपत्र बनवाया, जबकि युवती के सरकारी स्कूल के प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाई गई है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस को कम उम्र का प्रमाणपत्र बनवाने की क्या आवश्यकता थी। स्वयं युवती ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी उम्र बालिग होने की बात कही है और पुष्टि की है कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के
साथ रह रही है, साथ ही उसने अपने अपहरण की घटना को भी झूठा बताया है। जिस परिवार पर युवती के अपहरण का आरोप लगा था, उनके और युवती के भाई व उनका साथ देने वाले लोगों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद सुधीर, विक्रम, जसवीर और लोकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मुकदमे के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वर्तमान में युवती दोबारा
अपने प्रेमी के साथ रह रही है और अपनी मर्जी से रहने तथा अपहरण की घटना को झूठा बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा किया है। इसके बावजूद, जसवीर के परिवार ने थाना कैला देवी पुलिस पर लगातार परेशान करने और अनावश्यक रूप से थाने में बंद करने का आरोप लगाया है। थाना कैला देवी पर तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार पर रुपए मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
- संभल जनपद के हयातनगर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव में मोहर्रम के अवसर पर अकीदत और गम का माहौल है, जहाँ ताजियों के जुलूस को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गांव में एक भव्य मेले का भी आयोजन किया गया है, जिसमें 'मौत का कुआं' लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसमें पहुंच रहे हैं। 9 मोहर्रम की रात गांव के इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन हुआ, जिसमें मौलानाओं ने कर्बला के वाकये को बयान करते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कुर्बानी, सब्र और हक की राह में दी गई शहादत पर रोशनी डाली। इस मजलिस में महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। 10 मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा, जिसके दौरान अकीदतमंद नजराना-ए-अकीदत पेश करेंगे। मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है, और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि जुलूस और मेला शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।5
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले की विधानसभा असमोली 32 के कसेरुवा गाँव में स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद को 'शहीद' करने की घटना को प्रदेश में चल रही एक सोची-समझी साजिश का सिलसिला बताया गया है। इस गंभीर आरोप के बीच, आज इंडियन नेशनल कांग्रेस उत्तर प्रदेश (INCUttarPradesh) का एक प्रतिनिधिमंडल कुंवर दानिश अली के नेतृत्व में कसेरुवा गाँव पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय लोगों और मीडिया बंधुओं से बातचीत की। इस दौरान, विधानसभा असमोली 32 के पूर्व कांग्रेस विधायक प्रत्याशी और एआईसीसी सदस्य हाजी मरगुब आलम ने कहा कि, “संविधान के उसूल सब पर एक समान लागू होने चाहिए न कि किसी एजेंडे के तहत।”1
- जनपद संभल के कसेरुआ गांव में कथित मस्जिद ध्वस्तीकरण का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर पहुंचे कांग्रेस डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली ने इस घटना के लिए भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज एक पुरानी मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया, जबकि तहसीलदार या जिला प्रशासन के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। दानिश अली ने स्पष्ट किया कि यदि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड में दर्ज है और उस पर कोई विवाद है, तो उसका समाधान वक्फ ट्रिब्यूनल या हाईकोर्ट के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संभल में एक सोची-समझी साजिश के तहत इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है, और यहाँ कानून के शासन की जगह बुलडोजर राज स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए सवाल किया कि एक दिन पहले आदेश जारी होता है और अगले ही दिन बुलडोजर चल जाता है, भाजपा सरकार आखिर क्या करना चाहती है। मस्जिद की दीवार पर लिखे शब्दों को लेकर उठे विवाद पर पूर्व सांसद ने कहा कि मस्जिद के अंदर धार्मिक बातें ही लिखी जाएंगी। पूर्व सांसद दानिश अली ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी धर्म की इबादतगाह के साथ हुए अन्याय के खिलाफ खड़ी है, और राहुल गांधी के नेतृत्व में संविधान तथा कानून की रक्षा की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार खुद अपने सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर भरोसा नहीं कर रही है। कसेरुआ प्रकरण को लेकर कांग्रेस अब खुलकर मैदान में उतर आई है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक गरमागरमी पकड़ सकता है। जब उनसे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर सवाल किया गया, तो उन्होंने पत्रकार के एजेंडे पर न चलने की बात कहते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया।4
- चन्दौसी की इन्दिरा कॉलोनी में सड़कें कई सालों से खराब हालत में हैं, जिससे स्थानीय जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए लोगों ने विभिन्न स्तरों पर शिकायतें दर्ज कराई हैं और गुलावा देवी जी समेत कई अन्य लोगों से भी संपर्क किया है। हालांकि, इन शिकायतों के जवाब में, उन्हें बताया गया है कि सड़क निर्माण के लिए पैसों की माँग की जा रही है। वहीं, स्थानीय सदस्य ने कथित तौर पर यह कहकर सड़क बनवाने से इनकार कर दिया है कि उन्हें इस गली से वोट नहीं मिले हैं, जबकि अन्य गलियों से वोट मिले हैं।1
- सपा प्रवक्ता ने पासपोर्ट की प्रकृति पर एक तीखी और सीधी टिप्पणी की है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है, तो आखिर यह किस उद्देश्य के लिए है। यह टिप्पणी भारतीय नागरिकता, पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की कानूनी स्थिति और उनके नागरिकता से संबंध को लेकर चल रही व्यापक राष्ट्रीय बहस के संदर्भ में आई है, जिसमें विदेश मंत्रालय से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एकादशी के पावन अवसर पर शरबत सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान, कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने लोगों को शरबत वितरित कर ठंडक प्रदान की।1
- मुरादाबाद के रहमत नगर में 'यादगार-ए-कर्बला' की जियारत का आयोजन किया गया। इस जियारत के दौरान, इमाम हुसैन (अ.स.) के पैगाम से पूरा रहमत नगर क्षेत्र गूंज उठा, जिससे भक्तिमय माहौल बन गया।1
- सम्भल जनपद के कैला देवी थाना क्षेत्र के ठाठी गांव में एक युवती अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई थी, जिसे पुलिस ने बाद में सकुशल बरामद कर लिया था। इस घटना के बाद युवती के परिजनों ने गांव के ही एक परिवार पर प्रेमी के साथ मिलकर युवती का अपहरण करने का आरोप लगाया था। पुलिस पर यह भी आरोप है कि उन्होंने युवती को नाबालिग साबित करने के लिए अमरोहा जनपद के एक निजी स्कूल से 17 वर्ष की उम्र का एक प्रमाणपत्र बनवाया, जबकि युवती के सरकारी स्कूल के प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाई गई है। इस पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस को कम उम्र का प्रमाणपत्र बनवाने की क्या आवश्यकता थी। स्वयं युवती ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी उम्र बालिग होने की बात कही है और पुष्टि की है कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रह रही है, साथ ही उसने अपने अपहरण की घटना को भी झूठा बताया है। जिस परिवार पर युवती के अपहरण का आरोप लगा था, उनके और युवती के भाई व उनका साथ देने वाले लोगों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद सुधीर, विक्रम, जसवीर और लोकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मुकदमे के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वर्तमान में युवती दोबारा अपने प्रेमी के साथ रह रही है और अपनी मर्जी से रहने तथा अपहरण की घटना को झूठा बताते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो भी साझा किया है। इसके बावजूद, जसवीर के परिवार ने थाना कैला देवी पुलिस पर लगातार परेशान करने और अनावश्यक रूप से थाने में बंद करने का आरोप लगाया है। थाना कैला देवी पर तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार पर रुपए मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।4