बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित इस अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह गए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना है। प्रशिक्षण के दौरान सर्वे दलों को घर-घर जाकर पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण करने, जानकारियों का सही संकलन करने और निर्धारित प्रपत्रों व डेटा प्रविष्टि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने सर्वे के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने, दस्तावेजों का सत्यापन करने, समय-सीमा का पालन करने और प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए सर्वे दलों को पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के अंतर्गत चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय, मास्टर ट्रेनर ज्ञानेंद्र सिंह, नवरंग सिंह, जनपद पंचायत के अधिकारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, सर्वे दल के सदस्य और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित इस अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी श्री आनंद राम नेताम के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह गए पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना है। प्रशिक्षण के दौरान सर्वे दलों को घर-घर जाकर पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण करने, जानकारियों का सही संकलन करने और निर्धारित
प्रपत्रों व डेटा प्रविष्टि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने सर्वे के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने, दस्तावेजों का सत्यापन करने, समय-सीमा का पालन करने और प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए सर्वे दलों को पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के अंतर्गत चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय, मास्टर ट्रेनर ज्ञानेंद्र सिंह, नवरंग सिंह, जनपद पंचायत के अधिकारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, सर्वे दल के सदस्य और संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश में आज मालगांव के शिवम नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं और स्टाफ के लिए एक विधिक व सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके, डीएसपी गोपाल वैश्य, जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम, मेमीचंद सोनवानी और गरियाबंद थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के कड़े नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके ने बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और डिजिटल बैंकिंग में सावधानी बरतने के टिप्स दिए। वहीं, थाना प्रभारी शिशिर पाण्डेय ने देश में लागू हुए नए कानूनी प्रावधानों और धाराओं के बारे में विस्तार से बताया ताकि भावी नर्स और नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें। इसके साथ ही, डीएसपी गोपाल वैश्य ने सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। तत्पश्चात, आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टर एम.के. श्याम ने दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेसन) तकनीक का लाइव डेमो दिया। इस प्रशिक्षण में नर्सिंग स्टाफ और उपस्थित पुलिस स्टाफ को जान बचाने की बारीकियां सिखाई गईं। इसी कड़ी में, राजिम थाना क्षेत्र के प्रेमरतन पैलेस में क्रेडिट एक्सेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित सामाजिक आर्थिक कार्यशाला में भी राजिम पुलिस टीम और गरियाबंद साइबर सेल की टीम ने पहुंचकर उपस्थित लोगों को साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।2
- कोंडागांव में बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष क्षमता-विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग (MHPSS) प्रशिक्षण कोंडागांव जिला प्रशासन, यूनिसेफ इंडिया और CMHLP के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे जरूरत पड़ने पर बच्चों को समय पर बेहतर सहायता और उचित परामर्श उपलब्ध करा सकें।1
- कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के तहसील मुख्यालय सरोना में 11 जुलाई की शाम 5 बजे नवनिर्मित 'मावा मोदोल निःशुल्क लाइब्रेरी' का लोकार्पण किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने इसका लोकार्पण किया, जो जिले की सातवीं मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लाइब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक एवं निःशुल्क अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन 5 बैचों में अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बैच में 75 विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा है। इसका संचालन सुबह 7 बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1