रायबरेली जनपद में 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और जन जागरूकता में वृद्धि करना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत, सांसद के.एल. शर्मा ने जनपदवासियों से टीबी उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि "टीबी मुक्त जनपद का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।" उन्होंने लोगों से दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, लगातार वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना या बलगम में खून जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने और उन्हें नजरअंदाज न करने की सलाह दी। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच कराने पर जोर दिया गया। सांसद ने यह भी बताया कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को समाप्त करने, तथा अपने आसपास ऐसे लक्षण वाले लोगों को भी जांच कराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच, दवाएं और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में हाई-रिस्क आबादी की सक्रिय स्क्रीनिंग, घर-घर संपर्क, निक्षय शिविरों का आयोजन तथा संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच कर उन्हें उपचार से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच कराएं और उपचार बीच में न छोड़ें। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अनुपम सिंह ने अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि अब तक 30,157 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 2,857 संभावित मरीजों की जांच कराई गई, जबकि 1,993 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 864 ऐसे टीबी मरीजों की भी पहचान की गई है, जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। अभियान के दौरान अब तक 392 निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं, साथ ही एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 1,457 संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई है। डॉ. अनुपम सिंह ने आधुनिक तकनीक के उपयोग से टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार शुरू होने की संभावना पर जोर दिया, जिससे मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है और संक्रमण को दूसरों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।
रायबरेली जनपद में 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और जन जागरूकता में वृद्धि करना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत, सांसद के.एल. शर्मा ने जनपदवासियों से टीबी उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि "टीबी मुक्त जनपद का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।" उन्होंने लोगों से दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, लगातार वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना या बलगम में खून जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने और उन्हें नजरअंदाज न करने की सलाह दी। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच कराने पर जोर दिया गया। सांसद ने यह भी बताया कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को समाप्त करने, तथा अपने आसपास ऐसे लक्षण वाले लोगों को भी जांच कराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच, दवाएं और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान
के तहत जनपद में हाई-रिस्क आबादी की सक्रिय स्क्रीनिंग, घर-घर संपर्क, निक्षय शिविरों का आयोजन तथा संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच कर उन्हें उपचार से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच कराएं और उपचार बीच में न छोड़ें। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अनुपम सिंह ने अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि अब तक 30,157 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 2,857 संभावित मरीजों की जांच कराई गई, जबकि 1,993 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 864 ऐसे टीबी मरीजों की भी पहचान की गई है, जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। अभियान के दौरान अब तक 392 निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं, साथ ही एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 1,457 संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई है। डॉ. अनुपम सिंह ने आधुनिक तकनीक के उपयोग से टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार शुरू होने की संभावना पर जोर दिया, जिससे मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है और संक्रमण को दूसरों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।
- रायबरेली जनपद में 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और जन जागरूकता में वृद्धि करना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अभियान के अंतर्गत, सांसद के.एल. शर्मा ने जनपदवासियों से टीबी उन्मूलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि "टीबी मुक्त जनपद का सपना जनभागीदारी से ही साकार होगा।" उन्होंने लोगों से दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, लगातार वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना या बलगम में खून जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने और उन्हें नजरअंदाज न करने की सलाह दी। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच कराने पर जोर दिया गया। सांसद ने यह भी बताया कि टीबी का समय पर पता लगने और नियमित उपचार से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक कलंक को समाप्त करने, तथा अपने आसपास ऐसे लक्षण वाले लोगों को भी जांच कराने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच, दवाएं और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद में हाई-रिस्क आबादी की सक्रिय स्क्रीनिंग, घर-घर संपर्क, निक्षय शिविरों का आयोजन तथा संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच कर उन्हें उपचार से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की समय रहते पहचान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच कराएं और उपचार बीच में न छोड़ें। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अनुपम सिंह ने अभियान की प्रगति साझा करते हुए बताया कि अब तक 30,157 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से 2,857 संभावित मरीजों की जांच कराई गई, जबकि 1,993 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 864 ऐसे टीबी मरीजों की भी पहचान की गई है, जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। अभियान के दौरान अब तक 392 निक्षय शिविर आयोजित किए गए हैं, साथ ही एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से 1,457 संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई है। डॉ. अनुपम सिंह ने आधुनिक तकनीक के उपयोग से टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार शुरू होने की संभावना पर जोर दिया, जिससे मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है और संक्रमण को दूसरों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।2
- ऊंचाहार, रायबरेली में शिवा पाल नामक एक युवक ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि उसके ससुराल वालों ने उसकी पत्नी को बंधक बना रखा है, उसे जबरन कहीं और बेचने की साजिश रच रहे हैं और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित पति शिवा पाल ने इस पूरे मामले में न्याय और सुरक्षा के लिए सूबे के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक सहित आला अधिकारियों को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। सलोन थाना कोतवाली क्षेत्र के कोठी पकसरावां निवासी शिवापाल ने बताया कि करीब दो साल पहले उसका विवाह ऊंचाहार के झालाबाग गांव की मोहिनी पाल से हुआ था। उन्होंने शादी का अनुबंध पत्र बनवाने के साथ-साथ प्रतापगढ़ जनपद के प्रसिद्ध घुइसरनाथ धाम मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से भी शादी की थी। शादी के बाद शिवापाल और उसकी पत्नी बेंगलुरु में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। करीब एक महीने पहले, 25 मई को, शिवापाल अपने चाचा की मृत्यु की खबर सुनकर दाह संस्कार में शामिल होने घर वापस आए। इसी दौरान, ससुरालियों के हस्तक्षेप के कारण उनकी पत्नी मोहिनी पाल अपने मायके चली गईं। शिवापाल का आरोप है कि उसकी सास और साले ने पहले किसी जरूरी काम के लिए उससे ₹60,000 उधार लिए थे, लेकिन जब उसने ये पैसे वापस मांगे तो उन्होंने देने से साफ इनकार कर दिया। पीड़ित पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने उसे फोन पर रोते हुए अपनी जान को खतरा बताया। पत्नी ने जानकारी दी कि उसके मायके वाले ₹1,50,000 लेकर 1 जुलाई को उसे किसी और जगह बेचने या उसकी दूसरी शादी कराने की फिराक में हैं। जब शिवापाल ने इन हरकतों का विरोध किया, तो उसकी सास, साले और सालियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित शिवापाल ने शासन-प्रशासन से अपनी पत्नी की सकुशल रिहाई सुनिश्चित करने और विपक्षियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति अभी तक कोतवाली नहीं आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तहरीर (शिकायत) मिलने के बाद आरोपों की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- रायबरेली के ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश सचिव और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अतुल सिंह ने खोर, धोविन झाला, पूरे बरियार सिंह सहित कई गाँवों में नुक्कड़ सभाएँ और जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उन्हें हर संभव समाधान का भरोसा दिलाया। सभाओं को संबोधित करते हुए अतुल सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रही है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों की खाद, बीज और सिंचाई के पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। अतुल सिंह ने भाजपा सरकार पर किसानों और आम जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया, साथ ही प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक पर भी जनता की समस्याओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान, अतुल सिंह ने सवैया धनी निवासी दिनेश कुमार सरोज की पुत्री संजना रावत को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में 13वीं रैंक प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की खाद, बीज और पानी की समस्याओं को उठाना था।1
- प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र में पुलिस एवं स्वाट टीम ने चेकिंग के दौरान एक पुलिस मुठभेड़ की। इस मुठभेड़ में एक अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही, इस कार्रवाई के दौरान एक बाल अपचारी को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है, जिसके संबंध में विधिक कार्यवाही की जा रही है। क्षेत्राधिकारी सदर श्रीमती करिश्मा गुप्ता ने इस घटना के बारे में जानकारी दी।1
- रायबरेली के ऊँचाहार क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी कड़ी में, ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत पूरे पदुम मजरे खरौली गांव में बंजर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सोमवार को प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई नायब तहसीलदार शम्भू शरण पांडेय की अगुवाई में प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई, जिसमें टीम ने मौके पर पहुँचकर अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस अचानक और ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है। नायब तहसीलदार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।1
- रायबरेली के जगतपुर थाने में मथुरा प्रसाद ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक शिकायती पत्र दाखिल किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी भूमिधरी भूमि, जो ग्राम सभा मेलथुआ, तहसील डलमऊ में स्थित है, पर कुछ लोग अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही, उनकी भूमि से सटी सरकारी भूमि पर भी लंबे समय से अतिक्रमण है। मथुरा प्रसाद का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी राजस्व अधिकारियों, एंटी भू-माफिया पोर्टल और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से अपनी भूमिधरी भूमि को कब्जा मुक्त कराने और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग की है। जगतपुर के कार्यवाहक थाना प्रभारी अजय मलिक ने पुष्टि की है कि उन्हें शिकायती पत्र मिल गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- रायबरेली के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के घोरवारा में एक भीषण सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़ी एक बाइक को टक्कर मार दी। इस बाइक पर महिला अपने बेटे के साथ खड़ी थी। हादसे में महिला का बेटा भी मामूली रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि डंपर बाइक को लगभग एक किलोमीटर तक घसीटता ले गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। डंपर चालक दुर्घटना के बाद वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, जिस पर पुलिस ने पीछा कर बहरिया मोड़ के पास उसे रोक लिया और चालक को हिरासत में ले लिया। मृतका की पहचान मधुकरपुर निवासी 45 वर्षीय सुनीता देवी के रूप में हुई है।3