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कौशांबी के चायल तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब ज्ञापन देने पहुंचे चायल बार एसोसिएशन के महामंत्री समेत कई अधिवक्ताओं की सीओ चायल से तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से तहसील परिसर में चर्चाओं का दौर जारी है, हालांकि मामले को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
शिव सागर मौर्य
कौशांबी के चायल तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब ज्ञापन देने पहुंचे चायल बार एसोसिएशन के महामंत्री समेत कई अधिवक्ताओं की सीओ चायल से तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद से तहसील परिसर में चर्चाओं का दौर जारी है, हालांकि मामले को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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- कौशांबी जिले की चायल तहसील में उस समय तीखी नोंकझोंक देखने को मिली, जब चायल तहसील सभागार में ज्ञापन देने पहुंचे चायल बार एसोसिएशन के महामंत्री और उनके साथ मौजूद अन्य अधिवक्ताओं का सीओ चायल से विवाद हो गया। समाधान दिवस के दौरान हुई इस बहस के कारण कुछ देर के लिए वहाँ का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। यह मामला अब भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, पीडीए की टीम ने सोराँव के लाल खातून क्षेत्र में आठ बीघा अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान, आठ बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग में बनाई गई बाउंड्रियों को एक-एक कर बुलडोजर से ढहाया गया।2
- उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखने को मिली।1
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह का मामला गरमा गया है, जहां 20 जून 2026 को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया कि उनके नाबालिग बच्चे को कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रिहा नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ मारपीट की गई। माता-पिता का कहना है कि जमानत आदेश की प्रति जमा करने के बाद भी प्रशासन ने बच्चे को छोड़ने में देरी की, और इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने बच्चे की पिटाई की। बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने से परिजन अत्यधिक आक्रोशित हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अदालत के कई अधिवक्ता बाल सुधार गृह पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और बाल सुधार गृह प्रभारी को निलंबित करने की मांग की। यह हंगामा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे एसीपी खुल्दाबाद ने अधिवक्ताओं और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, क्योंकि जमानत के बाद मारपीट का आरोप बेहद गंभीर है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और जमानत आदेश के तहत उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला स्तर पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। किशोर न्याय अधिनियम के तहत, जमानत मिलने के बाद नाबालिग को तुरंत रिहा करना अनिवार्य है, और किसी भी प्रकार की हिंसा या मानसिक प्रताड़ना एक दंडनीय अपराध है।1
- कौशाम्बी में एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह बाइक सवार युवक प्रयागराज से कानपुर की तरफ हाइवे के किनारे से जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह मामला सैनी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर कोदन नेशनल हाईवे के पास का है।1
- आज 20 जून 2026 को सुबह लगभग 6:30 बजे महेवाघाट पुलिस को सूचना मिली कि कौशाम्बी जिले के पौर काशीरामपुर गाँव में तालाब के किनारे एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। इस सूचना के तत्काल बाद, महेवाघाट पुलिस और फील्ड यूनिट ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेजा जा रहा है, और इस प्रकरण में अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्रीमती अमिता सिंह की वीडियो बाइट भी उपलब्ध है।1
- प्रयागराज के नगर निगम वार्ड नम्बर 45 स्थित नैका गांव में एक प्राथमिक विद्यालय के ठीक पीछे वाली सड़क पर गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है। नालियों के अभाव के कारण यह सड़क साल के 12 महीने पानी में डूबी रहती है, जिससे ग्रामीणों का इस मार्ग से चलना अत्यधिक कठिन हो गया है। इस गंदे पानी के जमाव से क्षेत्र में तमाम प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी 'कुंभकर्ण की निद्रा' में हैं और इस गंभीर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कोतारी पश्चिम स्थित न्यू प्रीति अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद, परिजनों ने मंझनपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, उनका मोबाइल छीना और बिना पंचनामा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पति, सुरसेना कोतवाली सराय अकिल निवासी लवकेश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी मुन्नी देवी को 6 दिन पहले उनके मायके वालों ने बिना उनकी जानकारी के न्यू प्रीति अस्पताल में भर्ती कराया था। वहाँ उनका ऑपरेशन हुआ और इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। लवकेश कुमार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके कारण मुन्नी देवी की मौत हुई। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कौशाम्बी जिले में 'नामी डॉक्टरों का बोर्ड लगाकर' जगह-जगह ऐसे 'मानक विहीन' अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जो कथित तौर पर 'मौत बांट रहे हैं', और जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर 'जिम्मेदारों की मेहरबानी' पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुन्नी देवी की मौत की खबर जब ससुराल वालों को मिली तो काफी संख्या में लोग मौके पर पहुँचे। लवकेश कुमार ने मंझनपुर पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मौके पर उनके साथ जबरन मारपीट की, उनका मोबाइल छीन लिया और बिना पंचनामा तैयार किए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच, अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौके से फरार बताए जा रहे हैं। मंझनपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच में जुटी है।1
- कौशांबी के सैनी थाना क्षेत्र में वन विभाग और समाजसेवियों की एक संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक हिरन को उसके बंधन से आज़ाद कराया। आरोप है कि एक व्यक्ति ने करीब एक वर्ष से इस हिरन को पकड़कर अपने घर में बंद कर रखा था। इस मामले की जानकारी गंगा गोमती इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष विनय पांडेय को मिली, जिसके बाद उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी को सूचित किया। सूचना के आधार पर, वन क्षेत्राधिकारी की टीम ने अझुवा निवासी रामलाल पुत्र मेवालाल के घर पर छापा मारा और वहां से हिरन को बरामद कर लिया। वन विभाग ने अब हिरन को अपने संरक्षण में ले लिया है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान समाजसेवी विनय पांडेय, मनोज कुशवाहा, वन सिपाही अजय कुमार और राम सिंह यादव सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1