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प्रयागराज के नगर निगम वार्ड नम्बर 45 स्थित नैका गांव में एक प्राथमिक विद्यालय के ठीक पीछे वाली सड़क पर गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है। नालियों के अभाव के कारण यह सड़क साल के 12 महीने पानी में डूबी रहती है, जिससे ग्रामीणों का इस मार्ग से चलना अत्यधिक कठिन हो गया है। इस गंदे पानी के जमाव से क्षेत्र में तमाम प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी 'कुंभकर्ण की निद्रा' में हैं और इस गंभीर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अजय सरोज~पत्रकार
प्रयागराज के नगर निगम वार्ड नम्बर 45 स्थित नैका गांव में एक प्राथमिक विद्यालय के ठीक पीछे वाली सड़क पर गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है। नालियों के अभाव के कारण यह सड़क साल के 12 महीने पानी में डूबी रहती है, जिससे ग्रामीणों का इस मार्ग से चलना अत्यधिक कठिन हो गया है। इस गंदे पानी के जमाव से क्षेत्र में तमाम प्रकार की संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी 'कुंभकर्ण की निद्रा' में हैं और इस गंभीर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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- प्रयागराज जनपद के विकास खंड शंकरगढ़ के बंधवा ग्राम में सरकार के ग्रामीण विकास और गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के विपरीत, प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाले एकमात्र जर्जर और कच्चे मार्ग तथा सरकारी चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और ग्राम संगठन के नेतृत्व में अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे चुका है, जिन्होंने प्रशासन की वादाखिलाफी से तंग आकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने इस जर्जर मार्ग को पक्का बनवाने के लिए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शंकरगढ़ के कई चक्कर काटे, लेकिन उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले। इसके बाद ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में 13 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक गांव में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस आंदोलन को शांत कराने के लिए 27 फरवरी 2026 को माननीय विधायक (बारा) और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बारा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे थे और उन्होंने जनसमुदाय के सामने 'एक महीने के भीतर' सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, महीनों बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसे ग्रामीणों ने प्रशासन का एक 'भद्दा मजाक' बताया है। इसके अतिरिक्त, गांव में सरकारी चकमार्ग आराजी संख्या 489, जो संतोष सिंह के फार्म हाउस से बांध तक जाता है, उस पर भू-माफियाओं और रसूखदारों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है। तहसील प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद आज तक इस चकमार्ग को पैमाइश कराकर खाली नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। प्रशासन की घोर लापरवाही और वादाखिलाफी से आहत होकर गांव के एक बुजुर्ग ने अपनी मांगें पूरी न होने पर धरना स्थल पर ही आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर प्राथमिक विद्यालय तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने और चकमार्ग संख्या 489 से तत्काल अवैध अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ, तो 13 जून 2026 से ग्राम बंधवा में पुनः अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती है या किसी ग्रामीण/बुजुर्ग को कोई हानि होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील और ब्लॉक प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया बारा तहसील प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता है या समय रहते जागकर ग्रामीणों को उनका हक दिलाता है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज सुबह प्रयागराज के संगम नोज़ पर योगा करने वालों की भारी भीड़ एकत्रित हुई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी संगम नोज़ के तट पर उपस्थित सभी नेताओं के साथ योग किया। कार्यक्रम के दौरान शासन और प्रशासन के लोग मुस्तैदी के साथ व्यवस्था बनाए रखने में लगे रहे।2
- प्रयागराज के खुलदाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। यह प्रदर्शन सुधार गृह के भीतर एक किशोर की पिटाई के आरोपों को लेकर हुआ। शिकायतकर्ता वकीलों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसके चलते वे खुलदाबाद थाने में एकत्रित हुए और अपना विरोध दर्ज कराया।1
- प्रयागराज के करछना में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवादों के मामलों की भारी संख्या सामने आई। इस अवसर पर, ज़मीनी विवाद से जुड़े अनेक प्रकरणों की भरमार देखी गई, जिससे इन समाधान दिवसों की आवश्यकता और प्रासंगिकता स्पष्ट होती है। इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए, उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सरकारी रास्तों, तालाबों और बंजर श्रेणी की जमीनों को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से बचाना और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है।1
- प्रयागराज के थाना घूरपुर के अंतर्गत ग्राम सभा पचखरा में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन जारी है। बताया गया है कि पूरे क्षेत्र में सिर्फ मिट्टी ही नहीं, बल्कि बालू का भी अवैध खनन और उसका परिवहन ट्रैक्टरों के माध्यम से धड़ल्ले से हो रहा है। इस गंभीर विषय पर कोई भी अधिकारी कार्यवाही करने को तैयार नहीं दिख रहा है, जबकि अधिकारी खुद मौके पर आकर इसकी जांच कर सकते हैं। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के कारण खुलेआम मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह भी बताया गया है कि यदि कोई कार्यवाही होती भी है, तो वह केवल नाम मात्र की होती है, जिससे अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लग रही है।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रत्येक शाखा ने पूरे देश में इस दिन को बड़े धूमधाम से मनाया। इसी कड़ी में, प्रयागराज के विश्वविद्यालय नगर स्थित महावीर शाखा में भी योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया, जिसकी कुछ झलकियाँ और जानकारी प्रस्तुत की गई है।4
- आज 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे देश और दुनिया में बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। 'योगः कर्मसु कौशलम्' की भावना को आत्मसात करते हुए हर तरफ योग का माहौल रहा। प्रयागराज सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशाल योग शिविरों का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के सैकड़ों लोगों ने एक साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। यह दिवस माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा शुरू किया गया था। वर्ष 2015 से शुरू हुआ यह सफर अब एक विशाल वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है, जो मात्र एक औपचारिकता नहीं रह गया है। सुबह होते ही पार्कों, खेल मैदानों, स्कूलों और सार्वजनिक केंद्रों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जहाँ योग गुरुओं के विशेष निर्देशन में सभी ने एक ही लय और ऊर्जा के साथ योगाभ्यास किया। शिविरों में उपस्थित जनसमूह ने मानसिक शांति के लिए अनुलोम-विलोम व कपालभाति जैसे आसन किए, जबकि शारीरिक शक्ति और लचीलेपन के लिए सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वज्रासन और वृक्षासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद एक योग प्रशिक्षक ने कहा कि सैकड़ों लोगों को एक साथ योग करते देखना बेहद प्रेरणादायक था, क्योंकि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से मुक्ति और खुद से जुड़ने का विज्ञान है। इस कार्यक्रम में पूर्व वरिष्ठ सभासद सुजीत केसरवानी और मंडल अध्यक्ष भाजपा अखिलेश सिंह पटेल भी उपस्थित रहे।1
- सहारनपुर के घंटाघर क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पुलिस दारोगा कथित तौर पर जूता पहने एक बुजुर्ग व्यक्ति को लात मारते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी बस यात्री ने बनाया और इसे वायरल कर दिया।1