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- पीथमपुर यूनियन कार्बाइड कचरे के प्रोटेस्ट में दो लोगों ने खुद को आग के हवाले कर दिया क्या मध्य प्रदेश शासन इस पर कुछ करवाएगी या इसे ही चुप्पी साधे बैठी रहेगी1
- इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में किराए के कमरे से 24 वर्षीय युवती का सब मिला; कुछ दिनों से थी लापता परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदी.!1
- शास्त्री ब्रिज को नया बनाने के लिए सांसद शंकर लालवानी से रेलवे एवं नगर निगम के अधिकारियों की मुलाकात, कई मुद्दों पर चर्चा हुई ( इंदौर का रेलवे ओवरब्रिज गांधी हॉल ) इंदौर का शास्त्री ओवरब्रिज अब जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है और शहर की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं के अनुरूप इसे नए सिरे से विकसित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। सांसद शंकर लालवानी ने अधिकारियों से दौरा करने के लिए कहा था और इसी क्रम में आज रेलवे एवं नगर निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण किया और नए ब्रिज के निर्माण की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। (इंदौर शास्त्री ब्रिज गांधी प्रतिमा ) इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व उन्होंने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर शास्त्री ब्रिज को नए स्वरूप में बनाने का आग्रह किया था और रेलमंत्री ने अधिकारीयों को निर्देश दिए थे। उसी पहल का परिणाम है कि अब संबंधित विभागों ने तकनीकी सर्वे और व्यवहार्यता पर काम शुरू कर दिया है। प्रारंभिक चर्चा के अनुसार ब्रिज की लम्बाई, ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। ब्रिज की अनुमानित लागत लगभग 110 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सांसद लालवानी के अनुसार नया ब्रिज आधुनिक तकनीक से बनाया जाएगा, ताकि भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि शास्त्री ब्रिज इंदौर की प्रमुख कनेक्टिविटी का हिस्सा है और इसकी स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। आज का निरीक्षण एक सकारात्मक कदम है। अब सभी जनप्रतिनिधि, रेलवे और नगर निगम मिलकर आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप देंगे, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समन्वय और प्राथमिकता के आधार पर इस महत्वपूर्ण परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
- Post by Vishal Jadhav1
- इंदौर। शहर में बढ़ते नशे के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इंदौर के कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की नशे की दवाइयों या अवैध पदार्थों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर के सख्त आदेश के बाद आबकारी विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मेडिकल स्टोर, पान दुकानों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए। यदि कोई भी व्यक्ति नशे की दवा या प्रतिबंधित पदार्थ बेचते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना प्राथमिकता है। इसी के तहत संयुक्त टीमों द्वारा औचक निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जाएंगे। प्रशासन का संदेश साफ है — “नशे का कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं।” आबकारी विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नशामुक्त वातावरण तैयार करने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- एंकर इंदौर का 70 साल पुराना शास्त्री ब्रिज तोड़कर 6 लेन का नया ब्रिज बनेगा, इंदौर नगर निगम और रेलवे मिलकर निर्माण करेंगे, ट्रैफिक जाम की चुनौती को ध्यान में रखते हुए निगम के अधिकारियों और रेलवे के अधिकारियों ने आज रेलवे ओवर ब्रिज का निरीक्षण किया Vo इंदौर शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले शास्त्री ब्रिज को तोड़कर फिर से बनाया जाएगा. कलेक्टर, सासंद और महापौर की समन्वय बैठक के बाद इसका निर्माण जल्द ही शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इंदौर नगर निगम और रेलवे मिलकर इस प्रोजेक्ट को अंजाम देंगे. नया ब्रिज 6 लेन का होगा, जिससे वो ट्रैफिक के दबाव को झेल सकेगा. लंबे समय से शास्त्री ब्रिज की जर्जर हालत और वाहनों के दबाव को देखते हुए यहां नए ब्रिज की मांग की जा रही थी.रेलवे के अनुसार, ब्रिज को 5 मीटर ऊंचा करने की आवश्यकता है. 70 साल से अधिक पुराना शास्त्री ब्रिज शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग पर मौजूद है, जहां से रोजाना हजारों वाहन निकलते हैं. यह इंदौर के पूर्वी और पश्चिम क्षेत्र के बीच सेतु का काम करता है, जो मुख्य रूप से रीगल चौराहा, पलासिया MG रोड, महात्मा को राजवाड़ा, कलेक्ट्रेट, इंदौर रेलवे स्टेशन, शास्त्री मार्केट और सियागंज जैसे व्यापारिक केंद्रों से जोड़ता है. लंबे समय से रेलवे इस ब्रिज को ऊंचा करने की मांग कर रहा था वही ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए शहर हित में इसे जरूरी माना जा रहा है मुझे मुलाकात कर आज रेलवे के अधिकारियों और नगर निगम अपर आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया गया इनके साथ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से जुड़े हुए इंजीनियर भी मौजूद रहे बाइट अभय राजनगांवकर एडिशनल कमिश्नर नगर निगम1
- इंदौर के सरवाते बस स्टेशन पर आये दिन लड़ाई होती रहती है तथा नशा का अड्डा बनते जा रहा है प्रशासन से अनुरोध है इसपर की जाय कारवाही1
- Indore baba bhootnath mandir rangwasa rau me log apni arji le kar ke aa rhe or manokamna purn ho rhi पूरी वीडियो देखने के लिए bio दियी हुई लिंक पर क्लिक करें1
- मालवा बरलाई सरकारी शक्कर कारखाने की भूमि को उद्योगपतियों को देने पर किसानों ने जताया विरोध हुए लाबंद कांग्रेस भी हुई इनके साथ इंदौर जिले का मालवा बरलाई शुगर कारखाना शिप्रा इंदौर जिले के पीर कराड़िया (बरलाई), तहसील सांवेर स्थित मालवा सहकारी शक्कर कारखाने की भूमि को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रेडीमेड उद्योग विभाग को सौंप दी। उद्योग विभाग द्वारा नामांतरण के लिए sdm कार्यालय पर आवेदन दिया गया sdm कार्यालय से नामांतरण के लिए पेपर में विज्ञप्ति निकाली थी किसी को नमांतरण पर आपत्ति हो तो एसडीएम कार्यालय पर आकर आपत्ति दर्ज करे । सैकड़ो शेयर धारक किसानों ने इस निर्णय गंभीर आपत्ति ली है। जब यह कारखाना वर्ष 1974-80 के बीच स्थापित हुआ था, तब किसानों ने ₹1000 प्रति शेयर के हिसाब से अंशपूंजी जमा की थी। उस समय जमीन की कीमत लगभग ₹500 प्रति बीघा थी। कारखाना बंद होने के बाद भी किसानों को न तो कोई आर्थिक सहायता दी गई और न ही उनकी पूंजी का समुचित हिसाब किया गया। केंद्र मेंभाजपा सरकार बनने के बाद से सार्वजनिक एवं सहकारी संस्थानों को निजी उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है। शक्कर कारखाने में किसानों की अंशपूंजी लगी होने के बावजूद अब इस जमीन को रेडीमेड गारमेंट उद्योग के लिए निजी हाथों में दे दी गई किसान नेता मोतीसिंह पटेल ने सरकार से मांग की हे किशेयरधारक किसानों की उन्हें उनकी हिस्सेदारी के अनुसार आज के बाजार भाव से उचित मुआवजा दिया जाए।13 फरवरी को इंदौर जिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल मोतीसिंह पटेल के नेतृत्व में सांवेर एसडीएम कार्यालय में लग भग 5 हजार शेयर धारक किसानों की सूची के साथ पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराई किसानों ने एसडीएम श्री घनश्याम धनकर को अवगत कराया की आपके यहां से 30 हैकटेयर जमीन के लिए नामांतरण हेतु आपत्ति के लिए विज्ञप से निकाली गई जबकि हकीकत यह है कि मालवा सहकारी शक्कर कारखाने पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है अगर भूमि का नामांतरण ही नहीं हुआ है तो निर्माण कार्य कैसे शुरू हो सकता है निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए। यदि सरकार ने शेयर धारक किसानों की मांगों की अनदेखी की, तो कांग्रेस पार्टी किसानों को साथ लेकर आंदोलन करेगी। प्रतिनिधि मंडल में किसान नेता मोती सिंह पटेल श्याम सोनी सूर्यकुमार ओस्तवाल सुरेश चौधरी विक्रम चौधरी आशीष चौवीसिया कल्याणसिंह पंवार मोतीसिंह सांखला रघुनाथ सिंह पिछोलिया यशवंत अंजना सहित सैकड़ों किसान उपस्थित हुए। मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1