Shuru
Apke Nagar Ki App…
बस्सी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पाटन लालपुरा के निवासी को जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।
Yogesh Kumar Gupta
बस्सी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पाटन लालपुरा के निवासी को जन्मदिन के अवसर पर ढेर सारी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।
More news from Rajasthan and nearby areas
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार दौसा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 27 और 28 जुलाई को ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के तहत फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराया जाएगा। सोमवार, 27 जुलाई को बांदीकुई की भांवता-भांवती, बसवा की केसरीसिंह पुरा, सिकराय की दुब्बी व फर्राशपुरा, महवा की गहनोली, मंडावर की धौलखेड़ा, लालसोट की लाडपुरा व सवांसा तथा रामगढ़ पचवारा की कल्लावास ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन होगा। इसी क्रम में मंगलवार, 28 जुलाई को दौसा की खैरवाल, बांदीकुई की रलावता, बसवा की पाड़ला, सिकराय की रामगढ़ व नाहरखोहरा, महवा की हड़िया, मंडावर की महुखुर्द, लालसोट की लाखनपुर और चौंडियावास, नांगल राजावतान की खवारावजी, रामगढ़ पचवारा की गांग्लायवास, लवाण की खानपुरा तथा सैंथल पंचायत समिति की सैंथल ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- ग्राम के खटीकों के मोहल्ले में पेयजल की पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पाइपलाइन में कई स्थानों पर रिसाव होने के कारण गंदी नालियों का दूषित पानी पीने के पानी में मिल रहा है। इस वजह से मोहल्ले के घरों में लगे नलों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है और सभी निवासी गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। दूषित पानी के सेवन से क्षेत्र में डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते इस जर्जर पाइपलाइन को नहीं बदला गया तो जनस्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। निवासियों ने इस समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करते हुए जर्जर पाइपलाइन को तत्काल बदलवाने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का आग्रह किया है ताकि आमजन को बीमारी से बचाया जा सके।1
- जयपुर के राजविलास होटल के पास गोनर रोड पर स्थित भगवान विहार (पिन कोड 302031) में सड़कों का पूरी तरह अभाव है। पूरी कॉलोनी में एक भी सड़क नहीं बनी है और जगह-जगह बहुत सारा गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की इस उपेक्षा को लेकर गहरा रोष है। निवासियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति पर ना तो क्षेत्रीय पार्षद कोई ध्यान दे रहे हैं और ना ही विधायक कोई सुनवाई कर रहे हैं। सरकार की तरफ से भी कॉलोनी की इस बदहाली पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- राजस्थान में प्रहलाद खटाना का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। अपने इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें न तो किसी के दबाव का डर है और न ही उन पर किसी के प्रभाव का असर है। बिना किसी डर और दबाव के दिया गया उनका यह राजनीतिक बयान काफी चर्चा में है।1
- राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है और इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चुनावी हलचल के बीच राज्य में आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।1
- जयपुर में पुलिस द्वारा सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी का चालान काटे जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारी द्वारा अपनाए गए नियमों और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किस नियम के तहत यह कार्रवाई की गई है। सड़क किनारे पार्क वाहनों पर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई और इसके कानूनी पहलुओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष की प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- असम में बाढ़ का कहर जारी है, जहाँ अब तक 61 लोगों की जान जा चुकी है और 7 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। राज्य के 856 से अधिक गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं। घर बह गए हैं और बेजुबान जानवरों की मौत हो गई है, जिससे लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। इसके अलावा 56,000 हेक्टेयर से ज़्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है और 1.15 लाख से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है। प्रभावित क्षेत्रों में सेना, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं, लेकिन कई इलाकों तक सहायता पहुँचाना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस संकट की घड़ी में असम की पुकार पूरे देश तक पहुँचाने का आह्वान किया जा रहा है। अगर लोग आर्थिक मदद करने में असमर्थ हैं, तो कम से कम उनकी आवाज़ बन सकते हैं ताकि हर जगह यह सवाल पहुँचे कि क्या उनकी आवाज़ कोई सुनेगा।1