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एक व्यक्ति ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस और भाजपा को वोट न दें, बल्कि किसी कुत्ते को वोट डाल दें। उन्होंने यह भी कहा कि चीन जैसा कोई नया मंत्री चुनना चाहिए। इस दौरान उन्होंने देशवासियों और 'अंध भक्तों' से आंखें खोलने का आग्रह किया।
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एक व्यक्ति ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस और भाजपा को वोट न दें, बल्कि किसी कुत्ते को वोट डाल दें। उन्होंने यह भी कहा कि चीन जैसा कोई नया मंत्री चुनना चाहिए। इस दौरान उन्होंने देशवासियों और 'अंध भक्तों' से आंखें खोलने का आग्रह किया।
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- एक व्यक्ति ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे कांग्रेस और भाजपा को वोट न दें, बल्कि किसी कुत्ते को वोट डाल दें। उन्होंने यह भी कहा कि चीन जैसा कोई नया मंत्री चुनना चाहिए। इस दौरान उन्होंने देशवासियों और 'अंध भक्तों' से आंखें खोलने का आग्रह किया।1
- यमुनानगर के केसरी क्रिकेट अकादमी ग्राउंड में 15 जून 2026 को दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया (DCCBI) के तत्वावधान में आयोजित केसरी दिव्यांग टूर्नामेंट 2026 का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में इंडिया बी ने इंडिया ए को 8 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। समापन समारोह में भाजपा नेता मोहित इशू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समान अवसर और समावेशिता को बढ़ावा देते हैं। फाइनल मुकाबले में, इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 16 ओवर में 10 विकेट खोकर 127 रन बनाए, जिसमें सैयद शाह अज़ीज़ ने 40, निशांत कुमार ने 15 और वेदांत गुप्ता ने 14 रन का योगदान दिया। इंडिया बी की ओर से राजकुमार गुर्जर ने 4, वागीश त्रिपाठी ने 3 और हिमांशु कोली ने 2 विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंडिया बी ने मात्र 8.2 ओवर में 2 विकेट खोकर 128 रन बनाकर मैच जीत लिया। इसमें गुलामदीन ने 42, बलराज सिंह ने 37 और लकी रावत ने 31 रन की तेजतर्रार पारियां खेलीं। टूर्नामेंट में राजकुमार गुर्जर को 'मैन ऑफ द मैच' और 'बेस्ट बॉलर' चुना गया, जबकि गुलामदीन को 'मैन ऑफ द सीरीज' और 'बेस्ट बैटर' का पुरस्कार मिला। मुख्य अतिथि मोहित इशू ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और यमुनानगर के युवाओं को इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने, नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी ध्यान देने का संदेश दिया, ताकि वे मानसिक और शारीरिक तौर पर फिट रह सकें। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में प्रसिद्ध क्रिकेटर राजशेखर मलिक, फिटनेस मॉडल मालिया खुराना, DCCBI की CEO ग़ज़ल खान और मंडल खेल सह सचिव पंकज चुघ उपस्थित रहे। टूर्नामेंट के सफल आयोजन में केसरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, GSA स्पोर्ट्स वर्ल्ड और अन्य सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने जगाधरी के एनसीसी शिविर में 450 से अधिक कैडेट्स को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाना था। उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कैडेट्स को नशे के भयानक परिणामों से अवगत कराया और उनसे संकल्प दिलाया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।1
- यमुनानगर के गधौला गाँव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक पति ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपनी 50 वर्षीय पत्नी महेंद्र देवी की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे गाँव में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, दर्शन लाल अपनी पत्नी महेंद्र देवी के साथ अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था और कई बार उन्हें घर से बाहर भी निकाल देता था। मृतका महेंद्र देवी ने अपनी बहन की बेटी प्राची को अपनी बेटी की तरह पाला था, लेकिन खुद उन्हें जीवन में कभी सुख नहीं मिला। परिवार के सदस्यों और गाँव वालों का कहना है कि महेंद्र देवी अपने रिश्ते को बचाने के लिए अत्याचार और अपमान सहती रहीं। ये मामले पहले पुलिस थानों तक भी पहुँचे थे, पंचायतें हुईं और कोर्ट में मुकदमे भी चले, लेकिन पति का अत्याचार जारी रहा। बताया गया है कि कुछ समय पहले ही महेंद्र देवी कोर्ट से न्याय मिलने के बाद अपने पति के घर लौटी थीं, इस उम्मीद में कि अब उनकी ज़िंदगी बदल जाएगी। देर रात जब ग्रामीणों को इस घटना का पता चला तो पूरे गाँव में सनसनी फैल गई। आरोप है कि दर्शन लाल ने अपनी पत्नी महेंद्र देवी की हत्या उन्हीं के दुपट्टे से की। चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि आरोपी को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं था। महेंद्र देवी की गोद ली हुई बेटी प्राची ने रोते हुए बताया कि उनके पिता अक्सर शराब पीकर माँ के साथ मारपीट करते थे और उन्हें घर से निकाल देते थे। माँ ने जीवनभर दुख और अपमान सहते हुए भी परिवार को टूटने नहीं दिया, लेकिन आज वही माँ दुनिया छोड़ गई। परिजनों, जिनमें विक्रम सिंह भी शामिल हैं, ने प्रशासन से माँग की है कि आरोपी को ऐसी कठोर सज़ा मिले जो समाज में एक मिसाल बन सके, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी महिला पर इस तरह का अत्याचार करने की हिम्मत न कर पाए।2
- यमुनानगर जिले के बालछप्पर (कल्याणपुर माजरी) गांव में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने सरपंच पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने, ग्राम सभा में पारदर्शिता का अभाव रखने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने गांव की विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों की ओर से संतोष कुमार ने बताया कि गांव में कई समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी पड़ी हैं। खेड़ा मंदिर से राम स्वरूप के घर तक और अनुज पंडित के घर से बबलू के घर तक जाने वाले फिरनी मार्ग की हालत बहुत खराब है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, जिसके बाद सरपंच ने गटका डालकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरपंच के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया है, जिसमें ग्राम सभा से लेकर सीवरेज निर्माण तक पंचायत के कार्य सवालों के घेरे में हैं।2
- यमुनानगर जिले के जगाधरी में स्थानीय निवासियों को पिछले 10 दिनों से गंभीर सफाई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, इलाके में न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही कूड़ा उठाया जा रहा है, जिसके कारण चारों ओर भारी गंदगी फैल गई है। शिकायत करने के बावजूद, अभी तक किसी भी संबंधित व्यक्ति या अधिकारी द्वारा इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।1
- यमुनानगर जिले के कस्बा रादौर के गांव छोटा बांस में देर शाम करनाल की सीआई स्टाफ पुलिस पर उस समय हमला कर दिया गया, जब वे एक नशा तस्कर को पकड़ने पहुंचे थे। पुलिस को सूचना मिली थी, जिसके आधार पर वे सीधे आरोपी के घर पहुंचे और उसे दबोच लिया। लेकिन, इसके तुरंत बाद आरोपी को पुलिस से छुड़ाने के लिए उसके परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण पुलिस की गाड़ी पर टूट पड़े। तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे ये लोग अपने साथी को पुलिस के चंगुल से छुड़ाने के लिए हमला करने पर उतारू हो चुके थे। काफी देर तक पुलिस और इन लोगों के बीच ज़ोरदार धक्का-मुक्की होती रही। इस दौरान, महिलाओं ने पुलिस के जवानों को दांतों से काटना शुरू कर दिया। जैसे ही इन लोगों ने अपने साथी को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाया, उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। गली के बीचों-बीच और छतों से भी लोगों ने पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके। ईंट-पत्थर से बचने के लिए पुलिस इधर-उधर भागती नज़र आई, जबकि आरोपी पक्ष के लोगों ने पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाते हुए उन पर जमकर पत्थरबाजी की। मौका मिलते ही पुलिस अपनी गाड़ियां लेकर वहां से भागने में सफल रही। अगर पुलिस वहां से नहीं भागती, तो शायद ये लोग पुलिस पर कोई बड़ा हमला कर सकते थे। इस पत्थरबाजी और दांतों से काटने की घटना में 3 से 4 पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं।3