उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ 80 वर्षीय नन्हे ने अपने 35 वर्षीय बेटे भगवत पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह घटना वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवादों का दर्दनाक अंत है। पुलिस के अनुसार, मृतक भगवत शराब का आदी था और अक्सर अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ झगड़ा और मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह कथित तौर पर नशे की हालत में घर पहुँचा और किसी बात को लेकर अपने पिता से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर अपने बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पिता नन्हे ने लाठी उठाकर अपने बेटे भगवत पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण भगवत की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ 80 वर्षीय नन्हे ने अपने 35 वर्षीय बेटे भगवत पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह घटना वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवादों का दर्दनाक अंत है। पुलिस के अनुसार, मृतक भगवत शराब का आदी था और अक्सर अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ झगड़ा और मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह कथित तौर पर नशे की हालत में घर पहुँचा और किसी बात को लेकर अपने पिता से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर अपने बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पिता नन्हे ने लाठी उठाकर अपने बेटे भगवत पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण भगवत की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ 80 वर्षीय नन्हे ने अपने 35 वर्षीय बेटे भगवत पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह घटना वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवादों का दर्दनाक अंत है। पुलिस के अनुसार, मृतक भगवत शराब का आदी था और अक्सर अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ झगड़ा और मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह कथित तौर पर नशे की हालत में घर पहुँचा और किसी बात को लेकर अपने पिता से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने कथित तौर पर अपने बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पिता नन्हे ने लाठी उठाकर अपने बेटे भगवत पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण भगवत की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस के अवसर पर किन्नर सनातनी किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर नंदिनी नंद गिरी ने सरोजिनी वृद्ध आश्रम पहुंचकर सेवा कार्य किया। इस दौरान आश्रम में रह रही बुजुर्ग महिलाओं को साड़ियां तथा बुजुर्गों को फल वितरित किए गए। नंदिनी नंद गिरी ने इस अवसर पर कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और सेवा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने जोर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस को सेवा और जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से मनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है। इस कार्यक्रम के दौरान वृक्षारोपण दिवस के उपलक्ष्य में पौधारोपण भी किया गया, जिसके साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने नंदिनी नंद गिरी एवं किन्नर सनातनी किन्नर अखाड़ा के इस सेवा कार्य के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन बुजुर्गों के सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना के साथ हुआ।1
- ओझा सर ने जनता को सही राह दिखाई है, जिसके अनुसार इस बार लोगों को जाति, धर्म और व्यक्तिगत मुद्दों से ऊपर उठकर अपने नेताओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछने चाहिए। यह इसलिए आवश्यक है क्योंकि एक मजबूत समाज और विकसित देश की नींव केवल अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से ही रखी जा सकती है। अब समय आ गया है कि जनता अपने प्रतिनिधियों से सीधे विकास के मुद्दों पर जवाब मांगे।1
- इटावा के खरदुली पोस्ट के अमराई गांव के ग्रामीण अपनी गलियों और नालियों के निर्माण न होने से बेहद परेशान हैं। संजू नगर नामक एक प्रार्थी ने बताया है कि गांव में कोई गली या नाली नहीं बनी है, जिससे उन्हें बड़ी असुविधा हो रही है। प्रार्थी और अन्य ग्रामीणों ने गांव के प्रधान से इस समस्या के बारे में बात की है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधान का कहना है कि उनकी गली और नाली के लिए कोई बजट पास नहीं हुआ है, जबकि प्रधान कथित तौर पर पहले ही सारे पैसे निकाल चुका है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि प्रधान ने एक गली आधी ही बनवाई, लेकिन लिखित में उसे पूरी तरह बना हुआ दिखाया गया था। संजू नगर (सन ऑफ़ मेवाराम) के घर से लेकर संदीप (सन ऑफ अतर सिंह) के घर तक न तो कोई नाली बन पाई है और न ही कोई सड़क। ग्रामीणों के बार-बार कहने पर भी प्रधान यही दोहराता है कि इस विशेष क्षेत्र के लिए कोई बजट पारित नहीं हुआ है, जबकि असल में बजट पास हो गया था और उसमें से पैसे भी निकाल लिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान ने उन्हें धोखा दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क और नालियों का निर्माण नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।1
- इटावा के गांधी नगर इलाके में एक कार पर पत्थरबाजी की गई, जिसके कारण कार का शीशा टूट गया। इस घटना में कार सवार लोग बाल-बाल बच गए। पीड़ित ने इस संबंध में फ्रेंड्स कॉलोनी थाने जाकर एक शिकायती पत्र सौंपा है और पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।1
- इटावा जिले की भरथना तहसील में अधिकारियों और लेखपालों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इन अधिकारियों की लापरवाही की कोई सीमा नहीं है, जिसके चलते सार्वजनिक इंटरलॉकिंग रास्ते पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है। जिलाधिकारी महोदय से गुजारिश की गई है कि ऐसे चिह्नित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।1
- बलरई थाना पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोपी नितिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। बलरई थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह ने जानकारी दी कि आरोपी नितिन कुमार, जो महामई का निवासी है, उसे बलरई मार्ग से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया है।1
- ट्रेन के एक डिब्बे में सीट पर अधिकार को लेकर दो यात्रियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसने देखते ही देखते 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह मामूली विवाद जल्द ही गाली-गलौज और एक-दूसरे को झापड़ व मुक्का मारने की धमकी तक पहुँच गया। इस दौरान डिब्बे में काफी देर तक तू-तू, मैं-मैं का माहौल बना रहा, जिससे अन्य यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, डिब्बे में मौजूद दूसरे यात्रियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने की कोशिश की और अंततः स्थिति नियंत्रण में आ गई। सौभाग्य से, इस 'जुबानी जंग' के बाद कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन सीट के विवाद ने एक 'तमाशा' ज़रूर खड़ा कर दिया।1