किशनगंज जिला अंतर्गत टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की भोरहा पंचायत स्थित कॉलेज चौक फुलवड़िया से गुरुवार को शिव शिष्य हरिंद्रानंद फाउंडेशन और प्रखंड शिव गुरु कार्य समिति के तत्वावधान में एक जागरूकता रैली निकाली गई। दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना था। यह रैली कॉलेज चौक फुलवड़िया से शुरू होकर टेढ़ागाछ बाजार होते हुए फुलवारी काली मंदिर परिसर पहुंची, जहां वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में शामिल गुरु भाइयों और गुरु बहनों ने पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया और पौधों की देखभाल करने का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं और युवाओं ने "पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ" और "हरियाली बढ़ाओ, जीवन बचाओ" जैसे नारे लगाकर लोगों को प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरु भाई श्री राम लाल, गोपाल जी, संतोष कुमार सिंह, प्रवीर कुमार दास और श्रीराम कृष्ण सिंह सहित अन्य शिव शिष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
किशनगंज जिला अंतर्गत टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र की भोरहा पंचायत स्थित कॉलेज चौक फुलवड़िया से गुरुवार को शिव शिष्य हरिंद्रानंद फाउंडेशन और प्रखंड शिव गुरु कार्य समिति के तत्वावधान में एक जागरूकता रैली निकाली गई। दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना था। यह रैली कॉलेज चौक फुलवड़िया से शुरू होकर टेढ़ागाछ बाजार होते हुए फुलवारी काली मंदिर परिसर पहुंची, जहां वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। रैली में बड़ी संख्या में शामिल गुरु भाइयों और गुरु बहनों ने पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया और पौधों की देखभाल करने का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं और युवाओं ने "पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ" और "हरियाली बढ़ाओ, जीवन बचाओ" जैसे नारे लगाकर लोगों को प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरु भाई श्री राम लाल, गोपाल जी, संतोष कुमार सिंह, प्रवीर कुमार दास और श्रीराम कृष्ण सिंह सहित अन्य शिव शिष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
- Post by Md Abu Farhan1
- किशनगंज में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गहरा रोष है और इस समस्या की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क की हालत बेहद खराब है और लोगों का कहना है कि यह रास्ता ऐसे ही रहेगा और कभी नहीं बन पाएगा। इस अनदेखी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सीधा निशाना साधा गया है, क्योंकि न तो सरपंच और न ही मुखिया इस स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम उठा रहे हैं।1
- पूर्णिया के अमौर में शराब तस्करी के खिलाफ अमौर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 282 लीटर बीयर बरामद की है। इस मामले में शामिल तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- अररिया में सोनम वांगचुक के समर्थन और पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं और छात्रों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। शहर की सड़कों पर हजारों छात्र-छात्राएं उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस पैदल मार्च में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आंदोलन का माहौल बन गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
- अररिया में सोनम वांगचुक के समर्थन और पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं और छात्रों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। शहर की सड़कों पर उतरकर हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध जताया। छात्र नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आंदोलन का माहौल देखने को मिला।1
- सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा गया है कि विवाद और दोषारोपण के डर से अब आगे कुछ भी नहीं बोला जाएगा। पोस्ट में सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इसमें किसका दोष है—आम जनता का या फिर किसी और का? इसके साथ ही लोगों से कमेंट के ज़रिए अपनी राय देने का आग्रह किया गया है। अंत में, यदि जाने-अनजाने में कुछ गलत बोला या किया गया हो, तो उसके लिए लोगों से क्षमा मांगते हुए 'सॉरी' भी कहा गया है।1
- जहां भी भारत के छात्र हैं, वहां उनके संघर्ष के समर्थन और उनके दर्द के प्रति संवेदना जताते हुए सड़कों पर उनके साथ खड़े रहने का संदेश दिया गया है। राहुल गांधी और 'छात्रों की गूंज' के आह्वान के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रों की लड़ाई और उनकी तकलीफ में पूरी संवेदना के साथ सड़कों पर उनका समर्थन किया जाएगा।1
- देश के बच्चों पर लाठियां चलाने की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले इस कदम के खिलाफ कड़ा आक्रोश जाहिर करते हुए सरकार को सीधे तौर पर कायर और डरपोक करार दिया गया है। देश के बच्चों पर लाठियां बरसाने वाली इस सरकार की नीयत पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए इसके रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की गई है।1