**महा-कवरेज: मोहम्मदी में 'जाम' का तांडव, जब व्यवस्था को बचाने खुद सड़क पर उतरे 'माननीय'** **महा-कवरेज: मोहम्मदी में 'जाम' का तांडव, जब व्यवस्था को बचाने खुद सड़क पर उतरे 'माननीय'** *गुलौली रोड की पुलिया: विकास की जरूरत या जनता की आफत? मंत्री लोकेंद्र प्रताप और इंस्पेक्टर चौरसिया ने मिलकर संभाला मोर्चा** *विशेष रिपोर्ट: संजय कुमार राठौर लोकेशन: मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)** **[हेडलाइन: सड़कों पर 'सिंघम' अवतार, खाकी और खादी ने मिलकर तोड़ा महाजाम का चक्रव्यूह]** **लखीमपुर खीरी:** मोहम्मदी की सड़कों पर आज जो मंजर दिखा, उसने यह साबित कर दिया कि जब जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन एक साथ मैदान में उतरते हैं, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकल आता है। भीषण गर्मी और धूल के गुबार के बीच जब हजारों राहगीरों की सांसें महाजाम में अटक गईं, तो **भाजपा विधायक और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह** ने वीआईपी कल्चर को किनारे रख, स्वयं पसीना बहाते हुए जाम खुलवाने की कमान संभाली। **पड़ताल: जाम का असली विलेन—गुलौली रोड की पुलिया** खबर की तह तक जाने पर **स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर** ने पाया कि इस भीषण जाम की जड़ **गुलौली रोड पर निर्माणाधीन पुलिया** है। जनता की मानें तो यह पुलिया काफी समय से टूटी हुई थी, जिससे आए दिन हादसे हो रहे थे। अब जबकि इसका निर्माण कार्य चल रहा है, तो रास्ता बेहद संकरा हो गया है। **जनता का कहना है कि:** > "पुलिया का निर्माण होना भी बेहद जरूरी है क्योंकि टूटी पुलिया मौत को दावत दे रही थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम न होने से यह मार्ग 'नरक' बन गया है। विकास की इस राह में जनता फिलहाल जाम के झाम में पिस रही है।" **मैदान-ए-जंग: जब 'माननीय' ने संभाली ट्रैफिक की कमान** तपती धूप में जब मंत्री **लोकेंद्र प्रताप सिंह** का काफिला इस जाम में फंसा, तो उन्होंने गाड़ी के अंदर ठंडी हवा खाने के बजाय सड़क पर उतरना चुना। मंत्री जी को हाथ के इशारों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली हटवाते देख राहगीर दंग रह गए। मंत्री जी ने साफ कहा कि पुलिया का बनना क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य है, लेकिन जनता को परेशानी न हो, इसका ख्याल रखना भी प्राथमिकता है। ### **खाकी का दम: प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया का 'शक्ति प्रदर्शन'** जैसे ही सूचना मिली कि मंत्री जी खुद मोर्चा संभाल रहे हैं, **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** अपने दलबल के साथ बिजली की तेजी से मौके पर पहुंचे। उनके साथ **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने भी मोर्चा संभाल लिया। प्रभारी निरीक्षक **उमेश चंद्र चौरसिया** की कड़ी मेहनत और रणनीतिक कौशल ने कमाल कर दिया। उन्होंने और उनकी टीम ने भीषण धूप की परवाह किए बिना हर उस वाहन को लाइन में लगवाया जो जाम की वजह बन रहा था। **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने सिपाहियों के साथ मिलकर एक-एक इंच जगह खाली करवाई, जिसके बाद ही घंटों से रुकी हुई गाड़ियों के पहिए दोबारा घूम सके। **विकास की कीमत या प्रशासनिक चूक?** गुलौली रोड की यह पुलिया मोहम्मदी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, इसमें कोई शक नहीं है। जनता भी मानती है कि **"पुलिया का निर्माण कार्य बहुत जरूरी है"**, लेकिन क्या निर्माण के दौरान जनता को ऐसे ही तिल-तिल कर जाम में जलना होगा? यह एक बड़ा सवाल है। आज तो मंत्री जी और इंस्पेक्टर चौरसिया की जांबाजी ने राहत दिला दी, लेकिन स्थायी समाधान की दरकार अब भी है। ### **निष्कर्ष: तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खुली सड़क** कड़ी मशक्कत और घंटों के संघर्ष के बाद जब मोहम्मदी को जाम से निजात मिली, तो राहगीरों ने राहत की सांस ली। **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** और उनकी टीम की मुस्तैदी और **विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह** की संवेदनशीलता की चारों ओर चर्चा हो रही है। **सावधान रहें, सुरक्षित रहें और विकास की इस राह में धैर्य बनाए रखें।**
**महा-कवरेज: मोहम्मदी में 'जाम' का तांडव, जब व्यवस्था को बचाने खुद सड़क पर उतरे 'माननीय'** **महा-कवरेज: मोहम्मदी में 'जाम' का तांडव, जब व्यवस्था को बचाने खुद सड़क पर उतरे 'माननीय'** *गुलौली रोड की पुलिया: विकास की जरूरत या जनता की आफत? मंत्री लोकेंद्र प्रताप और इंस्पेक्टर चौरसिया ने मिलकर संभाला मोर्चा** *विशेष रिपोर्ट: संजय कुमार राठौर लोकेशन: मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)** **[हेडलाइन: सड़कों पर 'सिंघम' अवतार, खाकी और खादी ने मिलकर तोड़ा महाजाम का चक्रव्यूह]** **लखीमपुर खीरी:** मोहम्मदी की सड़कों पर आज जो मंजर दिखा, उसने यह साबित कर दिया कि जब जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन एक साथ मैदान में उतरते हैं, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकल आता है। भीषण गर्मी और धूल के गुबार के बीच जब हजारों राहगीरों की सांसें महाजाम में अटक गईं, तो **भाजपा विधायक और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह** ने वीआईपी कल्चर को किनारे रख, स्वयं पसीना बहाते हुए जाम खुलवाने की कमान संभाली। **पड़ताल: जाम का
असली विलेन—गुलौली रोड की पुलिया** खबर की तह तक जाने पर **स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर** ने पाया कि इस भीषण जाम की जड़ **गुलौली रोड पर निर्माणाधीन पुलिया** है। जनता की मानें तो यह पुलिया काफी समय से टूटी हुई थी, जिससे आए दिन हादसे हो रहे थे। अब जबकि इसका निर्माण कार्य चल रहा है, तो रास्ता बेहद संकरा हो गया है। **जनता का कहना है कि:** > "पुलिया का निर्माण होना भी बेहद जरूरी है क्योंकि टूटी पुलिया मौत को दावत दे रही थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम न होने से यह मार्ग 'नरक' बन गया है। विकास की इस राह में जनता फिलहाल जाम के झाम में पिस रही है।" **मैदान-ए-जंग: जब 'माननीय' ने संभाली ट्रैफिक की कमान** तपती धूप में जब मंत्री **लोकेंद्र प्रताप सिंह** का काफिला इस जाम में फंसा, तो उन्होंने गाड़ी के अंदर ठंडी हवा खाने के बजाय सड़क पर उतरना चुना।
मंत्री जी को हाथ के इशारों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली हटवाते देख राहगीर दंग रह गए। मंत्री जी ने साफ कहा कि पुलिया का बनना क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य है, लेकिन जनता को परेशानी न हो, इसका ख्याल रखना भी प्राथमिकता है। ### **खाकी का दम: प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया का 'शक्ति प्रदर्शन'** जैसे ही सूचना मिली कि मंत्री जी खुद मोर्चा संभाल रहे हैं, **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** अपने दलबल के साथ बिजली की तेजी से मौके पर पहुंचे। उनके साथ **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने भी मोर्चा संभाल लिया। प्रभारी निरीक्षक **उमेश चंद्र चौरसिया** की कड़ी मेहनत और रणनीतिक कौशल ने कमाल कर दिया। उन्होंने और उनकी टीम ने भीषण धूप की परवाह किए बिना हर उस वाहन को लाइन में लगवाया जो जाम की वजह बन रहा था। **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने सिपाहियों के साथ मिलकर एक-एक इंच जगह खाली करवाई, जिसके बाद ही घंटों
से रुकी हुई गाड़ियों के पहिए दोबारा घूम सके। **विकास की कीमत या प्रशासनिक चूक?** गुलौली रोड की यह पुलिया मोहम्मदी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, इसमें कोई शक नहीं है। जनता भी मानती है कि **"पुलिया का निर्माण कार्य बहुत जरूरी है"**, लेकिन क्या निर्माण के दौरान जनता को ऐसे ही तिल-तिल कर जाम में जलना होगा? यह एक बड़ा सवाल है। आज तो मंत्री जी और इंस्पेक्टर चौरसिया की जांबाजी ने राहत दिला दी, लेकिन स्थायी समाधान की दरकार अब भी है। ### **निष्कर्ष: तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खुली सड़क** कड़ी मशक्कत और घंटों के संघर्ष के बाद जब मोहम्मदी को जाम से निजात मिली, तो राहगीरों ने राहत की सांस ली। **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** और उनकी टीम की मुस्तैदी और **विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह** की संवेदनशीलता की चारों ओर चर्चा हो रही है। **सावधान रहें, सुरक्षित रहें और विकास की इस राह में धैर्य बनाए रखें।**
- समाजवादी पार्टी द्वारा मंगलवार को पलिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुकरा स्थित भारत मैरिज लान में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों मरीजों ने पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य जांच कराई, परामर्श लिया और दवाएं प्राप्त कीं। शिविर में सर्जन डॉ. रविन्द्र पाल सिंह, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अंशुल शुक्ला तथा न्यूरो सर्जन डॉ. योगेश राना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चिकित्सकों ने मरीजों की विभिन्न बीमारियों की जांच कर उन्हें उचित उपचार एवं आवश्यक सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन पलिया स्थित गुड्डी सेवा अस्पताल के डॉ. अजय कुमार अवस्थी के निर्देशन में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान मरीजों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। डाॅ अवस्थी ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को समय पर इलाज मिल सके। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर स्थानीय लोगों ने सराहना व्यक्त की।1
- विजय थलापति की विजय की जीत पर जश्न का माहौल तमिलनाडु खुशियां ही खुशियां1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- *‘डीएम अंकल’ तक पहुंची नन्ही आवाज, खुद पहुंचे घर, मानवी की मुस्कान के साथ सुधरेगा रास्ता* *सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का त्वरित संज्ञान* *सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर मानवी के घर तक पैदल किया निरीक्षण* *डीएम ने आमजन से की प्लॉट खरीदते समय मूलभूत सुविधाओं की जांच की अपील* लखीमपुर खीरी, 05 मई। जनसुनवाई और त्वरित समाधान की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक और प्रभावी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर कक्षा एक की नन्ही छात्रा मानवी सिंह की पुकार पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण का निर्णय लिया। शहर से सटे सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर डीएम ने न केवल जमीनी स्थिति का गहन आकलन किया, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश देकर प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। बिना औपचारिकता के डीएम ने गांव की खड़ंजे वाली सड़क पर पैदल चलते हुए मानवी के घर तक पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके पिता से आत्मीय बातचीत की। मानवी की परेशानी सुनकर डीएम का संवेदनशील पक्ष सामने आया और उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को खड़ंजा मार्ग की मरम्मत के निर्देश दे दिए। निरीक्षण में सामने आया कि रास्ते पर खड़ंजा तो है, लेकिन बारिश के कारण वह कई जगह पर ऊंचा नीचे हो गया है और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। डीएम ने साफ कहा कि लोगों को अब इस परेशानी से जल्द राहत दिलाई जाएगी। मौके पर ही डीएम ने क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बिना लेआउट पास कराए और नियमानुसार अनुमति लिए बिना प्लॉटिंग करना भविष्य की समस्याओं को जन्म देता है। इस तरह की गतिविधियों को नियमानुसार लाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। *प्लॉट खरीद से पहले सुविधाएं जांचें : डीएम अंजनी कुमार सिंह की अपील* डीएम अंजनी कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि जब भी लोग प्लॉट या भूमि की खरीद करें, तो केवल कीमत या स्थान देखकर निर्णय न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां सड़क, नाली, पार्क, बिजली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना नियोजित विकास के किए गए प्लॉटिंग क्षेत्रों में बाद में लोगों को आवागमन, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए खरीद से पहले पूरी सावधानी और जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो और लोग सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपने सपनों का घर बना सकें।1
- *कोतवाली सदर क्षेत्रान्तर्गत नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी सदर श्री विवेक तिवारी की बाइट*1
- Post by नरेंद्र1
- सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का त्वरित संज्ञान सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर मानवी के घर तक पैदल किया निरीक्षण डीएम ने आमजन से की प्लॉट खरीदते समय मूलभूत सुविधाओं की जांच की अपील लखीमपुर खीरी, 05 मई। जनसुनवाई और त्वरित समाधान की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक और प्रभावी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर कक्षा एक की नन्ही छात्रा मानवी सिंह की पुकार पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण का निर्णय लिया। शहर से सटे सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर डीएम ने न केवल जमीनी स्थिति का गहन आकलन किया, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश देकर प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। बिना औपचारिकता के डीएम ने गांव की खड़ंजे वाली सड़क पर पैदल चलते हुए मानवी के घर तक पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके पिता से आत्मीय बातचीत की। मानवी की परेशानी सुनकर डीएम का संवेदनशील पक्ष सामने आया और उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को खड़ंजा मार्ग की मरम्मत के निर्देश दे दिए। निरीक्षण में सामने आया कि रास्ते पर खड़ंजा तो है, लेकिन बारिश के कारण वह कई जगह पर ऊंचा नीचे हो गया है और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। डीएम ने साफ कहा कि लोगों को अब इस परेशानी से जल्द राहत दिलाई जाएगी। मौके पर ही डीएम ने क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बिना लेआउट पास कराए और नियमानुसार अनुमति लिए बिना प्लॉटिंग करना भविष्य की समस्याओं को जन्म देता है। इस तरह की गतिविधियों को नियमानुसार लाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। प्लॉट खरीद से पहले सुविधाएं जांचें : डीएम अंजनी कुमार सिंह की अपील डीएम अंजनी कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि जब भी लोग प्लॉट या भूमि की खरीद करें, तो केवल कीमत या स्थान देखकर निर्णय न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां सड़क, नाली, पार्क, बिजली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना नियोजित विकास के किए गए प्लॉटिंग क्षेत्रों में बाद में लोगों को आवागमन, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए खरीद से पहले पूरी सावधानी और जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो और लोग सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपने सपनों का घर बना सकें।4
- Post by संदीप कुमार शर्मा1