नन्ही मानवी की पुकार पर ‘डीएम अंकल’ पहुंचे घर, भावुक मुलाकात के बीच सड़क दुरुस्त करने के निर्देश *‘डीएम अंकल’ तक पहुंची नन्ही आवाज, खुद पहुंचे घर, मानवी की मुस्कान के साथ सुधरेगा रास्ता* *सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का त्वरित संज्ञान* *सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर मानवी के घर तक पैदल किया निरीक्षण* *डीएम ने आमजन से की प्लॉट खरीदते समय मूलभूत सुविधाओं की जांच की अपील* लखीमपुर खीरी, 05 मई। जनसुनवाई और त्वरित समाधान की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक और प्रभावी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर कक्षा एक की नन्ही छात्रा मानवी सिंह की पुकार पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण का निर्णय लिया। शहर से सटे सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर डीएम ने न केवल जमीनी स्थिति का गहन आकलन किया, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश देकर प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। बिना औपचारिकता के डीएम ने गांव की खड़ंजे वाली सड़क पर पैदल चलते हुए मानवी के घर तक पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके पिता से आत्मीय बातचीत की। मानवी की परेशानी सुनकर डीएम का संवेदनशील पक्ष सामने आया और उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को खड़ंजा मार्ग की मरम्मत के निर्देश दे दिए। निरीक्षण में सामने आया कि रास्ते पर खड़ंजा तो है, लेकिन बारिश के कारण वह कई जगह पर ऊंचा नीचे हो गया है और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। डीएम ने साफ कहा कि लोगों को अब इस परेशानी से जल्द राहत दिलाई जाएगी। मौके पर ही डीएम ने क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बिना लेआउट पास कराए और नियमानुसार अनुमति लिए बिना प्लॉटिंग करना भविष्य की समस्याओं को जन्म देता है। इस तरह की गतिविधियों को नियमानुसार लाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। *प्लॉट खरीद से पहले सुविधाएं जांचें : डीएम अंजनी कुमार सिंह की अपील* डीएम अंजनी कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि जब भी लोग प्लॉट या भूमि की खरीद करें, तो केवल कीमत या स्थान देखकर निर्णय न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां सड़क, नाली, पार्क, बिजली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना नियोजित विकास के किए गए प्लॉटिंग क्षेत्रों में बाद में लोगों को आवागमन, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए खरीद से पहले पूरी सावधानी और जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो और लोग सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपने सपनों का घर बना सकें।
नन्ही मानवी की पुकार पर ‘डीएम अंकल’ पहुंचे घर, भावुक मुलाकात के बीच सड़क दुरुस्त करने के निर्देश *‘डीएम अंकल’ तक पहुंची नन्ही आवाज, खुद पहुंचे घर, मानवी की मुस्कान के साथ सुधरेगा रास्ता* *सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का त्वरित संज्ञान* *सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर मानवी के घर तक पैदल किया निरीक्षण* *डीएम ने आमजन से की प्लॉट खरीदते समय मूलभूत सुविधाओं की जांच की अपील* लखीमपुर खीरी, 05 मई। जनसुनवाई और त्वरित समाधान की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक और प्रभावी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सोशल मीडिया पर कक्षा एक की नन्ही छात्रा मानवी सिंह की पुकार पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण का निर्णय लिया। शहर से सटे सलेमपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर डीएम ने न केवल जमीनी स्थिति का गहन आकलन किया, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश देकर प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। बिना औपचारिकता के डीएम ने गांव की खड़ंजे वाली सड़क पर पैदल चलते हुए मानवी के घर तक पहुंचकर हालात देखे। इस दौरान उन्होंने बच्ची और उसके पिता से आत्मीय बातचीत की। मानवी की परेशानी सुनकर डीएम का संवेदनशील पक्ष सामने आया और उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को खड़ंजा मार्ग की मरम्मत के निर्देश दे दिए। निरीक्षण में सामने आया कि रास्ते पर खड़ंजा तो है, लेकिन बारिश के कारण वह कई जगह पर ऊंचा नीचे हो गया है और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। डीएम ने साफ कहा कि लोगों को अब इस परेशानी से जल्द राहत दिलाई जाएगी। मौके पर ही डीएम ने क्षेत्र में अनियोजित प्लॉटिंग पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बिना लेआउट पास कराए और नियमानुसार अनुमति लिए बिना प्लॉटिंग करना भविष्य की समस्याओं को जन्म देता है। इस तरह की गतिविधियों को नियमानुसार लाया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। *प्लॉट खरीद से पहले सुविधाएं जांचें : डीएम अंजनी कुमार सिंह की अपील* डीएम अंजनी कुमार सिंह ने आमजन से अपील की कि जब भी लोग प्लॉट या भूमि की खरीद करें, तो केवल कीमत या स्थान देखकर निर्णय न लें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि वहां सड़क, नाली, पार्क, बिजली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बिना नियोजित विकास के किए गए प्लॉटिंग क्षेत्रों में बाद में लोगों को आवागमन, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए खरीद से पहले पूरी सावधानी और जांच जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो और लोग सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण में अपने सपनों का घर बना सकें।
- लखीमपुर खीरी कक्षा 1 की छात्रा मानवी सिंह ने एक वीडियो जारी कर डीएम से सड़क बनवाने की गुहार लगाई है। बच्ची ने बताया कि सलेमपुर कोन स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल के पास जाने वाले मार्ग पर हमेशा जलभराव रहता है और सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इस रास्ते पर सामुदायिक शौचालय, आयुष्मान सेंटर, अंबेडकर पार्क और पानी की टंकी भी स्थित हैं, जिससे यहां लोगों का आना-जाना लगातार बना रहता है। खराब सड़क और पानी भरे रहने के कारण राहगीरों और खासकर स्कूली बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्ची की अपील का असर भी तुरंत देखने को मिला। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द सड़क दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि अब जल्द ही इस समस्या से राहत मिलेगी।1
- दो तस्कर कुलविंदर और रॉबिन ड्रग और हथियार लेकर जा रहे थे, मुखबिर की सूचना पर पुलिस पीछे लग गई तस्करों को भनक लग गई कि पुलिस पीछे है, वो गाड़ी भागने लगे. पुलिस ने नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टर लगाकर तस्करों की गाड़ी रोकी जब तस्कर गाड़ी छोड़कर भागे तो दौड़ाकर पकड़ लिया तस्करों की गाड़ी से 5 विदेशी पिस्टल, 72 कारतूस, 7 करोड़ रुपए की हेरोइन, 1 किलो अफीम बरामद हुई1
- Post by Anurag Patel1
- ज्येष्ठ माह के प्रथम बड़े मंगल के अवसर पर पलिया नगर में भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्टेशन रोड पर स्थित सुनील गुप्ता के प्रतिष्ठान पर विधायक रोमी साहनी, राकेश गर्ग "पप्पी" एवं सुनील गुप्ता के सौजन्य से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए छोले-चावल एवं हलुआ का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। आयोजन में उत्तम शाह एवं दिव्यांश अग्रवाल का सराहनीय सहयोग रहा। वहीं, प्रसाद की व्यवस्था श्री बालाजी कैटरिंग द्वारा की गई, जिसकी गुणवत्ता की लोगों ने प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त मधुकर बीज भंडार द्वारा राहगीरों एवं श्रद्धालुओं के लिए मीठे शर्बत का वितरण किया गया, जिससे गर्मी में लोगों को राहत मिली। बड़े मंगल के इस पावन अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर भी प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे पूरे शहर में धार्मिक माहौल बना रहा।1
- **महा-कवरेज: मोहम्मदी में 'जाम' का तांडव, जब व्यवस्था को बचाने खुद सड़क पर उतरे 'माननीय'** *गुलौली रोड की पुलिया: विकास की जरूरत या जनता की आफत? मंत्री लोकेंद्र प्रताप और इंस्पेक्टर चौरसिया ने मिलकर संभाला मोर्चा** *विशेष रिपोर्ट: संजय कुमार राठौर लोकेशन: मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)** **[हेडलाइन: सड़कों पर 'सिंघम' अवतार, खाकी और खादी ने मिलकर तोड़ा महाजाम का चक्रव्यूह]** **लखीमपुर खीरी:** मोहम्मदी की सड़कों पर आज जो मंजर दिखा, उसने यह साबित कर दिया कि जब जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन एक साथ मैदान में उतरते हैं, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकल आता है। भीषण गर्मी और धूल के गुबार के बीच जब हजारों राहगीरों की सांसें महाजाम में अटक गईं, तो **भाजपा विधायक और दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री लोकेंद्र प्रताप सिंह** ने वीआईपी कल्चर को किनारे रख, स्वयं पसीना बहाते हुए जाम खुलवाने की कमान संभाली। **पड़ताल: जाम का असली विलेन—गुलौली रोड की पुलिया** खबर की तह तक जाने पर **स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर** ने पाया कि इस भीषण जाम की जड़ **गुलौली रोड पर निर्माणाधीन पुलिया** है। जनता की मानें तो यह पुलिया काफी समय से टूटी हुई थी, जिससे आए दिन हादसे हो रहे थे। अब जबकि इसका निर्माण कार्य चल रहा है, तो रास्ता बेहद संकरा हो गया है। **जनता का कहना है कि:** > "पुलिया का निर्माण होना भी बेहद जरूरी है क्योंकि टूटी पुलिया मौत को दावत दे रही थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम न होने से यह मार्ग 'नरक' बन गया है। विकास की इस राह में जनता फिलहाल जाम के झाम में पिस रही है।" **मैदान-ए-जंग: जब 'माननीय' ने संभाली ट्रैफिक की कमान** तपती धूप में जब मंत्री **लोकेंद्र प्रताप सिंह** का काफिला इस जाम में फंसा, तो उन्होंने गाड़ी के अंदर ठंडी हवा खाने के बजाय सड़क पर उतरना चुना। मंत्री जी को हाथ के इशारों से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली हटवाते देख राहगीर दंग रह गए। मंत्री जी ने साफ कहा कि पुलिया का बनना क्षेत्र के विकास के लिए अनिवार्य है, लेकिन जनता को परेशानी न हो, इसका ख्याल रखना भी प्राथमिकता है। ### **खाकी का दम: प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया का 'शक्ति प्रदर्शन'** जैसे ही सूचना मिली कि मंत्री जी खुद मोर्चा संभाल रहे हैं, **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** अपने दलबल के साथ बिजली की तेजी से मौके पर पहुंचे। उनके साथ **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने भी मोर्चा संभाल लिया। प्रभारी निरीक्षक **उमेश चंद्र चौरसिया** की कड़ी मेहनत और रणनीतिक कौशल ने कमाल कर दिया। उन्होंने और उनकी टीम ने भीषण धूप की परवाह किए बिना हर उस वाहन को लाइन में लगवाया जो जाम की वजह बन रहा था। **कस्बा इंचार्ज अखिलेश प्रताप सिंह** ने सिपाहियों के साथ मिलकर एक-एक इंच जगह खाली करवाई, जिसके बाद ही घंटों से रुकी हुई गाड़ियों के पहिए दोबारा घूम सके। **विकास की कीमत या प्रशासनिक चूक?** गुलौली रोड की यह पुलिया मोहम्मदी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, इसमें कोई शक नहीं है। जनता भी मानती है कि **"पुलिया का निर्माण कार्य बहुत जरूरी है"**, लेकिन क्या निर्माण के दौरान जनता को ऐसे ही तिल-तिल कर जाम में जलना होगा? यह एक बड़ा सवाल है। आज तो मंत्री जी और इंस्पेक्टर चौरसिया की जांबाजी ने राहत दिला दी, लेकिन स्थायी समाधान की दरकार अब भी है। ### **निष्कर्ष: तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खुली सड़क** कड़ी मशक्कत और घंटों के संघर्ष के बाद जब मोहम्मदी को जाम से निजात मिली, तो राहगीरों ने राहत की सांस ली। **प्रभारी निरीक्षक उमेश चंद्र चौरसिया** और उनकी टीम की मुस्तैदी और **विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह** की संवेदनशीलता की चारों ओर चर्चा हो रही है। **सावधान रहें, सुरक्षित रहें और विकास की इस राह में धैर्य बनाए रखें।**4
- लखीमपुर खीरी। थाना खमरिया क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के अपहरण ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक गरीब परिवार अपनी बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहा है और पुलिस की भूमिका खुद संदेह के घेरे में आ गई है। पीड़ित मां के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12 बजे गांव के ही कुछ दबंगों ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस उसे बरामद नहीं कर सकी है, जिससे परिवार गहरे सदमे और भय में जी रहा है। पीड़िता का आरोप है कि खमरिया पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) और 87 के तहत मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है और रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए कुछ मुख्य नाम एफआईआर से हटा दिए गए हैं, इतना ही नहीं बल्कि केस को जानबूझकर कमजोर धाराओं में दर्ज कर आरोपियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नामजद आरोपी—बाला, गुड्डा, राजेश, माता संजय और धीरा—खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकाते हुए कहते हैं कि “तुम कुछ नहीं कर पाओगे, पुलिस हमारी जेब में है”, जिससे परिवार दहशत में है और किसी भी अनहोनी की आशंका जता रहा है। घटना के कई दिन बाद भी नाबालिग की बरामदगी न होना और आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है और क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हताश होकर पीड़िता की मां ने अब सीधे पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि उसकी बेटी को तुरंत सुरक्षित बरामद किया जाए, एफआईआर से हटाए गए आरोपियों के नाम दोबारा जोड़े जाएं और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए, अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या ठोस कदम उठाता है या फिर एक और पीड़ित परिवार न्याय के इंतजार में तड़पता रह जाएगा।1
- डीएम तक पहुंची बिटिया की आवाज बच्ची के पास पहुंचे डीएम, बिटिया को साथ लेकर किया जलभराव का निरीक्षण बतादें कक्षा 1 की छात्रा मानवी सिंह ने वीडियो जारी कर डीएम से लगाई थी गुहार -लखीमपुर खीरी सलेमपुर कोन के राजकीय पालीटेक्निक स्कूल के पास से गये मार्ग मे जलभराव रहता है इसी मार्ग मे सामुदायिक शौचालय, आयुष्मान सेंटर. अम्बेडकर पार्क. पानी की टंकी बनी हुई है यह मार्ग बहुत ही जर्जर है जिसके चलते राहगीरो,स्कूली बच्चो को आने जाने मे काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है। कृपया अधिक से अधिक लाइक कमेंट और शेयर करें ताकि बिटिया की आवाज डीएम तक पहुंच सके।1
- Post by Anurag Patel1
- पलिया नगर के मौनी बाबा चौराहे पर मंगलवार को करीब तीन वर्षीय एक मासूम बच्ची अपने परिजनों से बिछुड़ी हुई मिली। बच्ची को स्थानीय निवासी सूरज गौतम के पास पहुंचाया गया, जहां मौजूद लोगों ने उससे पूछताछ की, लेकिन वह अपने घर का पता नहीं बता सकी। मासूम ने अपना नाम फिजा बताया, जबकि मां का नाम मुस्कान और पिता का नाम असगर बताया। हालांकि वह यह नहीं बता पाई कि वह किस स्थान की रहने वाली है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर कोतवाली ले आई। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को बच्ची के बारे में कोई जानकारी हो या वह बच्ची उनकी हो, तो तत्काल पलिया कोतवाली पहुंचकर संपर्क करें। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्रों में भी बच्ची के परिजनों का पता लगाने का प्रयास जारी है।1