आगरा का एत्मादपुर ब्लॉक एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है, जहां सामने आए एक वीडियो और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, और सफाईकर्मियों की तैनाती तथा वेतन व्यवस्था में भी एक 'बड़ा खेल' चल रहा है। सामने आए वीडियो में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत कार्यालय का दृश्य है, जहां संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरें तक नहीं लगी हैं। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से सभी सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के चित्र लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल आदेशों की अवहेलना नहीं, बल्कि अधिकारियों की मानसिकता को भी उजागर करता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंचायतों में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नियुक्त किए गए सफाईकर्मियों को वर्षों से कार्यालयों में बैठाकर अन्य काम कराए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ सफाईकर्मी एडीओ कार्यालय में बाबू, निजी सहायक और ड्राइवर की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई सफाईकर्मी पिछले 10 से 12 वर्षों से अपनी मूल पंचायतों में सफाई कार्य के लिए गए ही नहीं हैं, जबकि सरकार उन्हें गांवों की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही वेतन देती है। सामने आई तस्वीरों में एक सफाईकर्मी कार्यालय में फाइलों का काम करता दिखाई दे रहा है, वहीं कार्यालय का ड्राइवर भी कथित तौर पर एक सफाईकर्मी ही बताया जा रहा है। इन आरोपों से यह गंभीर प्रश्न उठता है कि गांवों की सफाई व्यवस्था आखिर किसके भरोसे चल रही है।
आगरा का एत्मादपुर ब्लॉक एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है, जहां सामने आए एक वीडियो और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की जा रही है, और सफाईकर्मियों की तैनाती तथा वेतन व्यवस्था में भी एक 'बड़ा खेल' चल रहा है। सामने आए वीडियो में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत कार्यालय का दृश्य है, जहां संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरें तक नहीं लगी हैं। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से सभी सरकारी कार्यालयों में महापुरुषों के चित्र लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल आदेशों की अवहेलना नहीं, बल्कि अधिकारियों की मानसिकता को भी उजागर करता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंचायतों में सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नियुक्त किए गए सफाईकर्मियों को वर्षों से कार्यालयों में बैठाकर अन्य काम कराए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ सफाईकर्मी एडीओ कार्यालय में बाबू, निजी सहायक और ड्राइवर की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई सफाईकर्मी पिछले 10 से 12 वर्षों से अपनी मूल पंचायतों में सफाई कार्य के लिए गए ही नहीं हैं, जबकि सरकार उन्हें गांवों की स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही वेतन देती है। सामने आई तस्वीरों में एक सफाईकर्मी कार्यालय में फाइलों का काम करता दिखाई दे रहा है, वहीं कार्यालय का ड्राइवर भी कथित तौर पर एक सफाईकर्मी ही बताया जा रहा है। इन आरोपों से यह गंभीर प्रश्न उठता है कि गांवों की सफाई व्यवस्था आखिर किसके भरोसे चल रही है।
- आगरा में छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है, जहाँ के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह स्थिति विशेष रूप से तब चिंताजनक है जब लखनऊ में हुए अग्निकांड के प्रभाव के बावजूद भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, अग्निशमन विभाग से इन कोचिंग सेंटरों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।1
- ताजमहल पर तैनात ताज सुरक्षा पुलिस अपनी 'फ्रेंडली पुलिसिंग' और बेहतरीन सुरक्षा व्यवस्था के दम पर पर्यटकों का भरोसा लगातार जीत रही है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आगरा पुलिस के इन प्रयासों की खुले तौर पर सराहना कर रहे हैं। पुलिस द्वारा 'मिशन शक्ति' अभियान और साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी निरंतर चलाए जा रहे हैं।1
- वाराणसी में चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से आठवीं मोहर्रम का कदीम तुर्बत व अलम का पारंपरिक जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार निकाला गया। जुलूस शुरू होने से पहले अब्बास मुर्तज़ा शम्सी ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां और उनके साथियों ने सवारी पढ़ी। यह जुलूस चाहमामा से होते हुए दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पर पहुँचा, जहाँ से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू की। इसके बाद जुलूस दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुँचा। जुलूस में उस्ताद फतेह अली खां और उनके साथियों ने शहनाई पर 'आंसुओं का नज़राना' पेश किया। फ़ातमान से जुलूस फिर मुस्लिम स्कूल, लाहंगपुरा, रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपुरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी और चाहमामा होते हुए वापस इमामबाड़े में समाप्त हुआ। कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने 23 जून को मीडिया को इसकी जानकारी दी, जिसमें उन्होंने ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से निकलने वाले इस कदीम जुलूस की परंपरा पर जोर दिया।1
- नाजायज संबंधों के कारण एक पति ने अपनी पत्नी और बच्चे को घर से बाहर निकाल दिया है। इस घटना के बाद, न्याय की तलाश में महिला अपने बच्चों को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है।1
- भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी-पटरी वालों) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की गई है। यह एक विशेष सूक्ष्म-ऋण योजना है, जिसके तहत पात्र वेंडरों को बिना किसी गारंटी के ₹50,000 तक का कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत, ऋण तीन चरणों में दिया जाता है। पहले चरण में ₹10,000 या ₹15,000 का ऋण मिलता है, जिसे 12 मासिक किस्तों में चुकाना होता है। पहला ऋण समय पर चुकाने पर दूसरे चरण में ₹20,000 या ₹25,000 तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। पिछले ऋणों के सफल भुगतान के बाद, तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इस ऋण पर कोई संपार्श्विक या प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगता है, और नियमित रूप से ऋण चुकाने वालों को सरकार द्वारा 7% प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी भी मिलती है। साथ ही, डिजिटल लेनदेन (जैसे UPI) करने पर प्रति माह ₹100 तक (प्रति वर्ष ₹1,200 तक) का कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाता है। इस योजना के लिए शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सभी स्ट्रीट वेंडर पात्र हैं, जिनमें सब्जी वाले, फल वाले, नाई, मोची आदि शामिल हैं, बशर्ते उनके पास वेंडिंग पहचान पत्र हो या वे स्थानीय निकायों द्वारा मान्यता प्राप्त हों। आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत जानकारी के लिए पीएम स्वनिधि पोर्टल या जनसमर्थ पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है, जहाँ आवेदक अपनी पात्रता भी जांच सकते हैं, जैसे कि उनके पास स्थानीय निकाय द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र है या नहीं और क्या वे शहरी क्षेत्र में रेहड़ी-पटरी लगाते हैं।1
- नितिन नबीन के साथ राघव चड्ढा की मुलाकात के बाद दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राघव चड्ढा को एक मंत्रालय मिल सकता है, जिसके बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गहमागहमी बढ़ गई है।1
- बिहार के चर्चित नायक और पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में आयोजित महाधरना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बिहार की जनता को डर नहीं, बल्कि सुरक्षा और न्याय चाहिए का नारा बुलंद किया। सांसद पप्पू यादव ने दृढ़ता से कहा कि आज बिहार में अपराध और भय का माहौल आम लोगों की चिंता बढ़ा रहा है, और यह 'सरकार पोषित अपराध' बिहार के लिए एक 'नासूर' बन चुका है। उन्होंने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनता असुरक्षित महसूस करे तो यह स्थिति चिंताजनक है। महाधरना को संबोधित करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने सभी से मिलकर अपराध और अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि कानून का राज स्थापित करना होगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों ने हाथों में तख्ती लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्वर्गीय जगवीर राय के आश्रितों को मुआवजा देने और हत्यारे दरोगा राजा सिंह की बर्खास्तगी की प्रमुख मांगें रखीं। बताया गया है कि दरोगा राजा सिंह ने पिछले महीने स्वर्गीय जगतवीर राय की एक 'फर्जी मुठभेड़' में हत्या कर दी थी। सांसद पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि अपराध के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा। भारत टीवी 24 के ब्यूरो चीफ अजय गुप्ता ने मुजफ्फरपुर से इस महाधरना और सांसद पप्पू यादव के बयान को लेकर रिपोर्ट दी है।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित लर्निंग स्पेस लाइब्रेरी की दूसरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। इस गंभीर हादसे के समय एक दर्जन से अधिक छात्र लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे थे। जान बचाने की कोशिश में कुछ छात्रों ने ऊपर से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई, जबकि कई अन्य छात्र आग की चपेट में फंसे रह गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी CM बृजेश पाठक भी तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और उन्होंने राहत तथा बचाव कार्यों का जायजा लिया।1