वाराणसी में चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से आठवीं मोहर्रम का कदीम तुर्बत व अलम का पारंपरिक जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार निकाला गया। जुलूस शुरू होने से पहले अब्बास मुर्तज़ा शम्सी ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां और उनके साथियों ने सवारी पढ़ी। यह जुलूस चाहमामा से होते हुए दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पर पहुँचा, जहाँ से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू की। इसके बाद जुलूस दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुँचा। जुलूस में उस्ताद फतेह अली खां और उनके साथियों ने शहनाई पर 'आंसुओं का नज़राना' पेश किया। फ़ातमान से जुलूस फिर मुस्लिम स्कूल, लाहंगपुरा, रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपुरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी और चाहमामा होते हुए वापस इमामबाड़े में समाप्त हुआ। कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने 23 जून को मीडिया को इसकी जानकारी दी, जिसमें उन्होंने ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से निकलने वाले इस कदीम जुलूस की परंपरा पर जोर दिया।
वाराणसी में चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से आठवीं मोहर्रम का कदीम तुर्बत व अलम का पारंपरिक जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार निकाला गया। जुलूस शुरू होने से पहले अब्बास मुर्तज़ा शम्सी ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां और उनके साथियों ने सवारी पढ़ी। यह जुलूस चाहमामा से होते हुए दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पर पहुँचा, जहाँ से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू की। इसके बाद जुलूस दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुँचा। जुलूस में उस्ताद फतेह अली खां और उनके साथियों ने शहनाई पर 'आंसुओं का नज़राना' पेश किया। फ़ातमान से जुलूस फिर मुस्लिम स्कूल, लाहंगपुरा, रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपुरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी और चाहमामा होते हुए वापस इमामबाड़े में समाप्त हुआ। कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने 23 जून को मीडिया को इसकी जानकारी दी, जिसमें उन्होंने ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से निकलने वाले इस कदीम जुलूस की परंपरा पर जोर दिया।
- नितिन नबीन के साथ राघव चड्ढा की मुलाकात के बाद दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राघव चड्ढा को एक मंत्रालय मिल सकता है, जिसके बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर गहमागहमी बढ़ गई है।1
- वाराणसी में चाहमामा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से आठवीं मोहर्रम का कदीम तुर्बत व अलम का पारंपरिक जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार निकाला गया। जुलूस शुरू होने से पहले अब्बास मुर्तज़ा शम्सी ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां और उनके साथियों ने सवारी पढ़ी। यह जुलूस चाहमामा से होते हुए दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पर पहुँचा, जहाँ से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू की। इसके बाद जुलूस दालमंडी, खजूर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित फ़ातमान पहुँचा। जुलूस में उस्ताद फतेह अली खां और उनके साथियों ने शहनाई पर 'आंसुओं का नज़राना' पेश किया। फ़ातमान से जुलूस फिर मुस्लिम स्कूल, लाहंगपुरा, रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपुरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी और चाहमामा होते हुए वापस इमामबाड़े में समाप्त हुआ। कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने 23 जून को मीडिया को इसकी जानकारी दी, जिसमें उन्होंने ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से निकलने वाले इस कदीम जुलूस की परंपरा पर जोर दिया।1
- नाजायज संबंधों के कारण एक पति ने अपनी पत्नी और बच्चे को घर से बाहर निकाल दिया है। इस घटना के बाद, न्याय की तलाश में महिला अपने बच्चों को लेकर दर-दर भटकने को मजबूर है।1
- आगरा के संजय पैलेस में वाल्मीकि समाज के दो सफाई कर्मचारी युवाओं के साथ हुई मारपीट के एक मामले में पुलिस द्वारा पीड़ितों पर ही मुकदमा दर्ज करने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में, वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल रखा था, जिसके चलते पिछले दो दिनों से संजय पैलेस मार्केट में सफाई का काम बंद कर हड़ताल की जा रही थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से आक्रोशित वाल्मीकि समाज के लोगों ने आज आगरा के एमजी रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि पार्क में एक विशाल पंचायत बुलाई। इस पंचायत में यह ऐलान किया गया कि यदि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो पूरे शहर में सफाई की हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। जब थाना हरी पर्वत प्रभारी को इसकी सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को समाप्त करने का आश्वासन देते हुए तीन दिन का समय मांगा। इस भरोसे के बाद, वाल्मीकि समाज के लोगों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को तीन दिनों के लिए टाल दिया। इस बैठक में वाल्मीकि महापंचायत के चौधरी गौरव वाल्मीकि, पूर्व महापौर इंद्रजीत आर्य, वाल्मीकि महापंचायत के सरपंच जालौर राम वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में समाज के युवा प्रमुख रूप से मौजूद थे।1
- लखनऊ में हुए एक भयानक अग्निकांड के दौरान यूपी पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जाबांज़ी की मिसाल पेश की है। राजधानी लखनऊ की एक इमारत में भीषण आग और धुएं के कारण बाहर निकलने का कोई रास्ता न बचने पर, जांबाज पुलिसकर्मियों ने हथौड़े से दीवार को तोड़ा और सूझबूझ से लोगों का रेस्क्यू किया। इस संकट की घड़ी में, पुलिस के जवानों ने सीढ़ी लगाकर और दीवारें तोड़कर लोगों की जान बचाई। आग और धुएं से मुख्य रास्ते बंद हो जाने के कारण, फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दीवार तोड़कर रास्ता बनाना आवश्यक हो गया था। यूपी पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता और सूझबूझ के कारण समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया, और पुलिस की इस बहादुरी को पूरा देश सलाम कर रहा है, उन्हें रियल-लाइफ हीरो कहा जा रहा है।1
- आगरा के फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में एक इंस्टाग्राम वीडियो को लेकर राहुल उर्फ बॉबी चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बॉबी चौधरी पर आरोप है कि वायरल वीडियो में उन्होंने पुलिसकर्मी से ड्रेस दिलाने की मांग की थी, जिसे पूरा न करने पर पुलिस को धमकाया गया। वीडियो में बॉबी चौधरी एक पुलिसकर्मी से बुशर्ट, पैंट, जूते और चश्मा दिलाने की बात कहते सुनाई दे रहे थे। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने पुलिस के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी कि अगर उसे कट्टा यानी अवैध असलाह मिला तो वह पुलिस की टांग में गोली मार देंगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियो की जांच की। जांच के उपरांत, पुलिस ने राहुल उर्फ बॉबी चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- Kantap TV ने दर्शकों से अपील की है कि वे देश-प्रदेश की सटीक और निष्पक्ष खबरें सबसे पहले पाने के लिए उनके चैनल को सब्सक्राइब करें। यह संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो विश्वसनीय और निष्पक्ष जानकारी सबसे पहले प्राप्त करना चाहते हैं। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत Kantap TV के YouTube चैनल से जुड़ें।1