इटावा की सैफई तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत हरदोई में चकरोड़ (रास्ता) विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम गांव में चकरोड़ की पैमाइश करने पहुंची थी, जहां समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के दौरान राजस्व टीम पर पथराव करने की कोशिश की गई, जिससे अधिकारी और कर्मचारी बिना पैमाइश पूरी किए ही वापस लौट गए। इस दौरान कुछ महिलाओं द्वारा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार के साथ मारपीट भी की गई। वहीं, सीमा यादव द्वारा लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों को ग्रामीणों ने पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने मारपीट की तहरीर संबंधित थाने में दे दी है और प्रशासन से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों ने सीमा यादव पर ग्राम समाज, श्मशान घाट, चरागाह और चकरोड़ सहित अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और पुलिस तथा राजस्व विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
इटावा की सैफई तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत हरदोई में चकरोड़ (रास्ता) विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम गांव में चकरोड़ की पैमाइश करने पहुंची थी, जहां समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के
दौरान राजस्व टीम पर पथराव करने की कोशिश की गई, जिससे अधिकारी और कर्मचारी बिना पैमाइश पूरी किए ही वापस लौट गए। इस दौरान कुछ महिलाओं द्वारा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार के साथ मारपीट भी की गई। वहीं, सीमा यादव द्वारा लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों को ग्रामीणों ने पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने
मारपीट की तहरीर संबंधित थाने में दे दी है और प्रशासन से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों ने सीमा यादव पर ग्राम समाज, श्मशान घाट, चरागाह और चकरोड़ सहित अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और पुलिस तथा राजस्व विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
- इटावा की सैफई तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत हरदोई में चकरोड़ (रास्ता) विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम गांव में चकरोड़ की पैमाइश करने पहुंची थी, जहां समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने इस कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध के दौरान राजस्व टीम पर पथराव करने की कोशिश की गई, जिससे अधिकारी और कर्मचारी बिना पैमाइश पूरी किए ही वापस लौट गए। इस दौरान कुछ महिलाओं द्वारा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार के साथ मारपीट भी की गई। वहीं, सीमा यादव द्वारा लगाए गए कथित छेड़छाड़ के आरोपों को ग्रामीणों ने पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार ने मारपीट की तहरीर संबंधित थाने में दे दी है और प्रशासन से प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा ग्रामीणों ने सीमा यादव पर ग्राम समाज, श्मशान घाट, चरागाह और चकरोड़ सहित अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और पुलिस तथा राजस्व विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।3
- इटावा में लव कुश जन कल्याण सेवा समिति के द्वारा सर्व समाज सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कराया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने पर लव कुश जन कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का दिल से धन्यवाद प्रस्तुत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय जी के नेतृत्व में छात्रों की विभिन्न समस्याओं तथा लोकतांत्रिक मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय राय जी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी घोर निंदा की गई है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को उठाने वालों पर दमनात्मक कार्रवाई करने को लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत बताया गया है। सरकार को विपक्ष की आवाज़ दबाने के बजाय छात्रों एवं आम जनता की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान मांग की गई है कि गिरफ्तार किए गए सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आ रही है। इस लाइव रील को देखने के लिए लाइक और सब्सक्राइब करने के लिए कहा गया है।1
- इटावा में जिलाधिकारी और भरथना के उपजिलाधिकारी को व्हाट्सएप तथा प्रार्थना पत्र के माध्यम से संबंधित वीडियो भेजकर पूरे मामले की जानकारी दी गई है। प्रार्थी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से बौखलाए लेखपाल पर धमकाने का आरोप है। शिकायत से बौखलाए लेखपाल द्वारा धमकाए जाने के इस पूरे मामले में प्रार्थी की ओर से निस्तारण रिपोर्ट भी डाली जाएगी।1
- इटावा के बलरई रेलवे स्टेशन पर सोमवार को तेज बारिश के दौरान प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए बनाया जा रहा एक निर्माणाधीन पेयजल बूथ अचानक भरभराकर गिर गया। घटना के समय वहां कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्टेशन के अप और डाउन दोनों प्लेटफार्मों पर यात्रियों को पानी की सुविधा देने के लिए किसी संस्था द्वारा इन बूथों का निर्माण कराया जा रहा था। जिस बूथ का ढांचा ढहा, वह ईंट और सीमेंट से पूरी तरह बनकर तैयार था तथा उसमें पाइपलाइन की फिटिंग भी हो चुकी थी। केवल रंग-रोगन का कार्य बचा था, लेकिन इस्तेमाल में आने से पहले ही पहली ही बारिश में यह गिर गया। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थान होने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और निर्माण में घटिया सामग्री के साथ पुरानी ईंटों का प्रयोग किया गया। हादसे के बाद प्लेटफार्म से मलबे को हटाने का काम शुरू कराया गया है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने निर्माण की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले पर स्टेशन अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि बूथ का निर्माण किस संस्था द्वारा कराया जा रहा था और इस कार्य से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बूथ का निर्माण कुछ टेढ़ा किया गया था, जिस पर उन्होंने पहले ही अपनी आपत्ति जताई थी।1
- जसवंतनगर के ग्राम नगला नरिया में हुई बारिश से गांव में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। सड़कें और गलियां पानी में डूब गई हैं तथा कई घरों के भीतर बारिश का पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के तालाबों पर हुए कथित अतिक्रमण और वर्षों से सफाई न होने के कारण पानी की निकासी बाधित हुई है। तालाब सफाई न होने से गाद से भर चुके हैं, जिससे अब जलभराव के चलते मच्छरों और सांपों का खतरा भी बढ़ गया है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने, उनकी सफाई कराने और गांव में स्थायी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। मामले में एडीओ पंचायत देवेंद्र पाल सिंह ने ग्रामीणों को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।1