समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा में आयोजित एक व्यापारी एवं उद्यमी सम्मेलन में भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर से लेकर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे कारोबारियों के मुद्दे और आगामी चुनावों तक विभिन्न विषयों पर सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने छोटे व्यापारियों, किसानों, युवाओं और कारीगरों के लिए कई महत्वपूर्ण चुनावी घोषणाएं भी कीं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मुद्दा उठाया, जिसे उन्होंने मंदिर का नहीं बल्कि चढ़ावे का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों और मंदिर व्यवस्था की सरकारी अधिकारियों द्वारा जांच सनातन धर्म का अपमान है, और किसी भी गड़बड़ी का समाधान धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की जांच को आस्थावान लोगों के लिए अस्वीकार्य करार दिया। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं और संस्थाओं को केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के माध्यम से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य बंगाल में विपक्ष को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा चुनाव हार चुकी है और जनता ने उसे सत्ता से हटाने का मन बना लिया है। अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और विपक्ष पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। इसी क्रम में उन्होंने पीडीए की नई व्याख्या प्रस्तुत की, जिसमें पीडीए का अर्थ 'प्रेम, दया और अपनापन' बताया, और कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच यही भाव लेकर जाने का आह्वान किया ताकि पीडीए मजबूत हो और समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जा सके। छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता बताते हुए अखिलेश यादव ने कई चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर रेहड़ी-पटरी, ठेला और खोमचा संचालकों के लिए 'वेंडर सुरक्षा हेल्पलाइन' शुरू की जाएगी, जिसके तहत वीडियो सबूत मिलने पर 48 घंटे में एफआईआर दर्ज होगी। बाजारों में तैनात कर्मचारियों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य किया जाएगा और हफ्ता वसूली पर सख्त कार्रवाई होगी। बारिश या खराब मौसम से कारोबार प्रभावित होने पर छोटे व्यापारियों को सीधे उनके खातों में 'मानसून सहायता राशि' मिलेगी, साथ ही कम लागत वाले मौसम बीमा, बिना गिरवी ऋण, बिजली समस्याओं का समाधान और डिजिटल कारोबार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। बुनकरों, कारीगरों और कलाकारों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने का भी वादा किया गया। ई-टैक्सी चालकों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सब्सिडी और मुफ्त चार्जिंग की घोषणा करते हुए, युवाओं को नई तकनीक और एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया गया, साथ ही आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट संस्थानों को आधुनिक बनाने की बात भी कही गई। आगरा के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर शिवाजी संग्रहालय परिसर में राजमाता जीजाबाई की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि संग्रहालय आने वाले लोग सबसे पहले शिवाजी महाराज की माता के दर्शन कर सकें। उन्होंने मौजूदा सरकार पर पूर्ववर्ती परियोजनाओं के नाम बदलने और काम रोकने से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अधूरा छोड़ने का आरोप भी लगाया। शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर सपा प्रमुख ने आगरा में प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या घटने का दावा करते हुए निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने पर सवाल उठाए, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ा है। कानून-व्यवस्था पर उन्होंने महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का आरोप लगाते हुए पुलिस व्यवस्था, कमिश्नरेट प्रणाली और कथित फर्जी एनकाउंटरों पर भी सरकार को घेरा। अंत में, आलू किसानों, फुटवियर उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और पेठा उद्योग के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर और विशेष पैकेज का वादा करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा में आयोजित एक व्यापारी एवं उद्यमी सम्मेलन में भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर से लेकर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे कारोबारियों के मुद्दे और आगामी चुनावों तक विभिन्न विषयों पर सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने छोटे व्यापारियों, किसानों, युवाओं और कारीगरों के लिए कई महत्वपूर्ण चुनावी घोषणाएं भी कीं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मुद्दा उठाया, जिसे उन्होंने मंदिर का नहीं बल्कि चढ़ावे का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों और मंदिर व्यवस्था की सरकारी अधिकारियों द्वारा जांच सनातन धर्म का अपमान है, और किसी भी गड़बड़ी का समाधान धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की जांच को आस्थावान लोगों के लिए अस्वीकार्य करार दिया। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं और संस्थाओं को केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के माध्यम से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य बंगाल में विपक्ष को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा चुनाव हार चुकी है और जनता ने उसे सत्ता से हटाने का मन बना लिया है। अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और विपक्ष पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। इसी क्रम में उन्होंने पीडीए की नई व्याख्या प्रस्तुत की, जिसमें पीडीए का अर्थ 'प्रेम, दया और अपनापन' बताया, और कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच यही भाव लेकर जाने का आह्वान किया ताकि पीडीए मजबूत हो और समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जा सके। छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता बताते हुए अखिलेश यादव ने कई चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर रेहड़ी-पटरी, ठेला और खोमचा संचालकों के लिए 'वेंडर सुरक्षा हेल्पलाइन' शुरू की जाएगी, जिसके तहत वीडियो सबूत मिलने पर 48 घंटे में एफआईआर दर्ज होगी। बाजारों में तैनात कर्मचारियों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य किया जाएगा और हफ्ता वसूली पर सख्त कार्रवाई होगी। बारिश या खराब मौसम से कारोबार प्रभावित होने पर छोटे व्यापारियों को सीधे उनके खातों में 'मानसून सहायता राशि' मिलेगी, साथ ही कम लागत वाले मौसम बीमा, बिना गिरवी ऋण, बिजली समस्याओं का समाधान और डिजिटल कारोबार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। बुनकरों, कारीगरों और कलाकारों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने का भी वादा किया गया। ई-टैक्सी चालकों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सब्सिडी और मुफ्त चार्जिंग की घोषणा करते हुए, युवाओं को नई तकनीक और एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया गया, साथ ही आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट संस्थानों को आधुनिक बनाने की बात भी कही गई। आगरा के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर शिवाजी संग्रहालय परिसर में राजमाता जीजाबाई की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि संग्रहालय आने वाले लोग सबसे पहले शिवाजी महाराज की माता के दर्शन कर सकें। उन्होंने मौजूदा सरकार पर पूर्ववर्ती परियोजनाओं के नाम बदलने और काम रोकने से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अधूरा छोड़ने का आरोप भी लगाया। शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर सपा प्रमुख ने आगरा में प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या घटने का दावा करते हुए निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने पर सवाल उठाए, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ा है। कानून-व्यवस्था पर उन्होंने महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का आरोप लगाते हुए पुलिस व्यवस्था, कमिश्नरेट प्रणाली और कथित फर्जी एनकाउंटरों पर भी सरकार को घेरा। अंत में, आलू किसानों, फुटवियर उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और पेठा उद्योग के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर और विशेष पैकेज का वादा करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा में आयोजित एक व्यापारी एवं उद्यमी सम्मेलन में भाजपा सरकार पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर से लेकर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, छोटे कारोबारियों के मुद्दे और आगामी चुनावों तक विभिन्न विषयों पर सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने छोटे व्यापारियों, किसानों, युवाओं और कारीगरों के लिए कई महत्वपूर्ण चुनावी घोषणाएं भी कीं। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मुद्दा उठाया, जिसे उन्होंने मंदिर का नहीं बल्कि चढ़ावे का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि साधु-संतों और मंदिर व्यवस्था की सरकारी अधिकारियों द्वारा जांच सनातन धर्म का अपमान है, और किसी भी गड़बड़ी का समाधान धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की जांच को आस्थावान लोगों के लिए अस्वीकार्य करार दिया। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं और संस्थाओं को केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग के माध्यम से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य बंगाल में विपक्ष को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा चुनाव हार चुकी है और जनता ने उसे सत्ता से हटाने का मन बना लिया है। अखिलेश यादव ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और विपक्ष पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। इसी क्रम में उन्होंने पीडीए की नई व्याख्या प्रस्तुत की, जिसमें पीडीए का अर्थ 'प्रेम, दया और अपनापन' बताया, और कार्यकर्ताओं से लोगों के बीच यही भाव लेकर जाने का आह्वान किया ताकि पीडीए मजबूत हो और समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जा सके। छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता बताते हुए अखिलेश यादव ने कई चुनावी वादे किए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर रेहड़ी-पटरी, ठेला और खोमचा संचालकों के लिए 'वेंडर सुरक्षा हेल्पलाइन' शुरू की जाएगी, जिसके तहत वीडियो सबूत मिलने पर 48 घंटे में एफआईआर दर्ज होगी। बाजारों में तैनात कर्मचारियों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य किया जाएगा और हफ्ता वसूली पर सख्त कार्रवाई होगी। बारिश या खराब मौसम से कारोबार प्रभावित होने पर छोटे व्यापारियों को सीधे उनके खातों में 'मानसून सहायता राशि' मिलेगी, साथ ही कम लागत वाले मौसम बीमा, बिना गिरवी ऋण, बिजली समस्याओं का समाधान और डिजिटल कारोबार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। बुनकरों, कारीगरों और कलाकारों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने का भी वादा किया गया। ई-टैक्सी चालकों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सब्सिडी और मुफ्त चार्जिंग की घोषणा करते हुए, युवाओं को नई तकनीक और एआई आधारित कौशल प्रशिक्षण देने का आश्वासन दिया गया, साथ ही आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट संस्थानों को आधुनिक बनाने की बात भी कही गई। आगरा के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर शिवाजी संग्रहालय परिसर में राजमाता जीजाबाई की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, ताकि संग्रहालय आने वाले लोग सबसे पहले शिवाजी महाराज की माता के दर्शन कर सकें। उन्होंने मौजूदा सरकार पर पूर्ववर्ती परियोजनाओं के नाम बदलने और काम रोकने से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को अधूरा छोड़ने का आरोप भी लगाया। शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर सपा प्रमुख ने आगरा में प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या घटने का दावा करते हुए निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने पर सवाल उठाए, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ा है। कानून-व्यवस्था पर उन्होंने महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का आरोप लगाते हुए पुलिस व्यवस्था, कमिश्नरेट प्रणाली और कथित फर्जी एनकाउंटरों पर भी सरकार को घेरा। अंत में, आलू किसानों, फुटवियर उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और पेठा उद्योग के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर और विशेष पैकेज का वादा करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।1
- फिरोजाबाद के टूंडला थाना क्षेत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी टूंडला के कुशल पर्यवेक्षण में गठित टीमों ने एफ.एच. मेडिकल कॉलेज के फ्लैट नंबर डी-3 में हुई चोरी की घटना का सफल अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में वांछित अभियुक्त शिवम प्रताप उर्फ सनी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान, अवैध हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है। यह मामला वादी महफूज आलम, असिस्टेंट प्रोफेसर, एच.एफ. मेडिकल कॉलेज द्वारा 12 मई 2026 को दर्ज कराई गई लिखित तहरीर पर आधारित था। उन्होंने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 226/2026, धारा 331 (4)/ 305 (ए) बीएनएस के तहत थाना टूंडला में मामला पंजीकृत कराया था, जिसमें उनके घर के गेट का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चुराने की बात कही गई थी। आज, 14 जून 2026 को, मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक सचिन कुमार, उप निरीक्षक प्रशांत कुमार विजय कुमार और उनकी टीम मौके पर पहुंची। मुखबिर ने जानकारी दी थी कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाला अपराधी, घटना में प्रयुक्त गाड़ी और अवैध असलहे के साथ बन्ना रोड पर एक टावर के पास खड़ा है और किसी अन्य घटना को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने रात्रि करीब 12:30 बजे अभियुक्त शिवम प्रताप उर्फ सनी (उम्र 33 वर्ष), पुत्र समरपाल निवासी मदनपुर, थाना मदनपुर, जिला फर्रुखाबाद (वर्तमान पता जे.जे. कॉलोनी, थाना भलस्वा डेयरी, दिल्ली) को बन्ना रोड पर टावर के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान, अभियुक्त के पास से चोरी से संबंधित मुकदमा 226/2026 से जुड़ा 1 लाख 1 हजार 210 रुपये नकद और एक आधार कार्ड बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त, उसके कब्जे से एक अदद 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी मिला। घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर गाड़ी (रजिस्ट्रेशन नंबर DL 1 ZD 0903) को भी जब्त किया गया है। अवैध हथियार रखने के आरोप में अभियुक्त के खिलाफ थाना टूंडला में मुकदमा अपराध संख्या 286/26, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्यवाही के उपरांत अभियुक्त शिवम प्रताप उर्फ सनी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा के शमशाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया और एक जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त नीति, तथा महाराणा प्रताप के शौर्य पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित थे।1
- कानपुर के शिवराजपुर रेलवे स्टेशन पर लखनऊ से कासगंज जा रही एक पैसेंजर ट्रेन के इंजन के डिब्बे से टकराने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब ट्रेन शिवराजपुर स्टेशन पर रुकने के बाद अपने निर्धारित समय पर आगे बढ़ रही थी। मोर के टकराने के कारण पायलट को तुरंत शिवराजपुर रेलवे स्टेशन पर गाड़ी रोकनी पड़ी। पायलट ने रेलवे प्रशासनिक अधिकारी को घटना की सूचना दे दी है और मोर को इंजन से निकालने के लिए बिजली विभाग के एआरडी कर्मचारियों का इंतजार किया जा रहा है।1
- आगरा के किरावली स्थित गांव नागर में किसानों ने आगरा-बांदीकुई रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का कड़ा विरोध किया है। प्रभावित किसानों ने एक बैठक आयोजित कर मुआवजे की दरों को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। किसानों ने इस संबंध में आगामी 21 जून को गांव नागर में एक महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया है। किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि इस महापंचायत को सफल बनाने के लिए प्रभावित गांवों में बड़े पैमाने पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे की आगरा से बांदीकुई तक एकल रेललाइन को दोहरीकरण करने की योजना के तहत दोरैठा, सुचेता, चौहटना, सदरवन, अंगूठी, नागर सहाई, सहता, रायभा, कचौरा, अछनेरा, अरुआ, मांगरोल जाट सहित एक दर्जन से अधिक गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसान सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। बैठक में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि भूमि अधिग्रहण का मुआवजा वर्ष 2017 की सर्किल रेट के आधार पर तय किया जा रहा है, जबकि अधिग्रहण की प्रक्रिया स्वयं वर्ष 2026 में पूरी की जा रही है। किसानों का आरोप है कि यह उनके साथ घोर अन्याय है और वे वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप उचित मुआवजा दिए बिना किसी भी भूमि अधिग्रहण को स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक में सुरेन्द्र सिंह सोलंकी, सोमेश्वर, कोमल सिंह, धर्मवीर सोलंकी, अशोक नरवार, दौलतराम नरवार, राम गणेश, प्रमोद नरवार, सत्यदेव सिंह, शिव सिंह, राम लखन, रविन्द्र नरवार, पवन कुमार, अमरदेव सिंह और मोनू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।2
- फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे अवैध हथियार रखने वाले अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, टूण्डला थाना पुलिस टीम ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक नगर फिरोजाबाद के कुशल निर्देशन और क्षेत्राधिकारी टूण्डला के निकट पर्यवेक्षण में की गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्ति-वाहन की जाँच के दौरान मिली मुखबिर की सूचना पर, पुलिस ने 13 जून 2026 को तड़के 2:00 बजे कार्रवाई की। पुलिस ने सोनू उर्फ चटका, पुत्र केरन सिंह, निवासी जौनपाई, राजा का ताल, थाना टूण्डला, जनपद फिरोजाबाद, जिसकी उम्र 23 वर्ष बताई गई है, को गिरफ्तार किया। अभियुक्त को बच्चू बाबा आश्रम के पास एक टेलर की दुकान से आगे दाहिनी ओर प्लाटिंग के पक्के रास्ते पर, थाना टूण्डला से लगभग 100 कदम की दूरी से पकड़ा गया। उसके पास से एक अदद 315 बोर का तमंचा और एक अदद 315 बोर का जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर, थाना टूण्डला में मुकदमा अपराध संख्या 285/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद, गिरफ्तार अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।1
- आगरा में ईदगाह बस स्टैंड के पास श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस में भीषण आग लग गई। गंगा स्नान के लिए जा रहे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे। बस के बोनट से धुआं निकलने के बाद देखते ही देखते आग तेजी से भड़क गई और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती बस से कूदना शुरू कर दिया, वहीं स्थानीय लोगों ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग लगने की शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की वजह से जताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।1