उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपनी मांगों को लेकर मासूम स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों में तख्तियां थामकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर से सामने आईं इन तस्वीरों ने गांव-गांव सड़क और कनेक्टिविटी का दम भरने वाले सरकार के मंत्रियों और नेताओं के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी है। यह मामला बांदा के अतर्रा क्षेत्र स्थित भूरा यादव का पुरवा का है, जो विधायक प्रकाश द्विवेदी का गृह क्षेत्र भी है। यहां वर्षों से सड़क न बनने से परेशान ग्रामीणों और मासूम बच्चों ने "सड़क नहीं तो स्कूल नहीं" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अतर्रा केन-कैनाल ऑफिस से नहर पटरी स्थित भूरा यादव का पुरवा तक करीब 1 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है और स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस कच्चे मार्ग को जल्द से जल्द चलने योग्य बनाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका यह आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपनी मांगों को लेकर मासूम स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों में तख्तियां थामकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर से सामने आईं इन तस्वीरों ने गांव-गांव सड़क और कनेक्टिविटी का दम भरने वाले सरकार के मंत्रियों और नेताओं के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी
है। यह मामला बांदा के अतर्रा क्षेत्र स्थित भूरा यादव का पुरवा का है, जो विधायक प्रकाश द्विवेदी का गृह क्षेत्र भी है। यहां वर्षों से सड़क न बनने से परेशान ग्रामीणों और मासूम बच्चों ने "सड़क नहीं तो स्कूल नहीं" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन
में ग्रामीणों ने बताया कि अतर्रा केन-कैनाल ऑफिस से नहर पटरी स्थित भूरा यादव का पुरवा तक करीब 1 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है और स्कूली बच्चे समय
पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस कच्चे मार्ग को जल्द से जल्द चलने योग्य बनाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका यह आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
- उत्तर प्रदेश के बांदा में अतर्रा थाना क्षेत्र के बरेहड़ा गांव में बिजली विभाग की टीम को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने की दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। दोपहर के समय एसडीओ विद्युत अतर्रा के निर्देश पर आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के निस्तारण के लिए बिजली विभाग की टीम जांच करने गई थी, जहां उनके साथ यह हिंसक घटना घटी। पीड़ित कर्मचारियों के अनुसार, टीम में अवर अभियंता अजय कनौजिया, संजय गुप्ता, विजय बहादुर, तनवीर बैग और संविदा कर्मी नारायण सिंह शामिल थे। जब यह टीम बरेहड़ा गांव में राजेश कुमार कुशवाहा के घर पर शिकायत की जांच कर रही थी, तभी राजेश कुशवाहा के परिजनों ने बिजली कर्मियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद दबंगों ने पूरी टीम को जबरन घर के अंदर बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। इसी बीच, बंधक बनाए गए कर्मचारियों में से एक ने किसी तरह मोबाइल फोन के जरिए अतर्रा के एसडीओ और डायल 112 पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही एसडीओ अतर्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घर का दरवाजा खुलवाकर आरोपियों के चंगुल से टीम को सुरक्षित रेस्क्यू कराया। पुलिस ने मौके से ही 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़ित घायल बिजली कर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराकर मुकदमा दर्ज कर लिया है।2
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपनी मांगों को लेकर मासूम स्कूली बच्चे और ग्रामीण हाथों में तख्तियां थामकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर से सामने आईं इन तस्वीरों ने गांव-गांव सड़क और कनेक्टिविटी का दम भरने वाले सरकार के मंत्रियों और नेताओं के बड़े-बड़े दावों की हवा निकाल दी है। यह मामला बांदा के अतर्रा क्षेत्र स्थित भूरा यादव का पुरवा का है, जो विधायक प्रकाश द्विवेदी का गृह क्षेत्र भी है। यहां वर्षों से सड़क न बनने से परेशान ग्रामीणों और मासूम बच्चों ने "सड़क नहीं तो स्कूल नहीं" लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि अतर्रा केन-कैनाल ऑफिस से नहर पटरी स्थित भूरा यादव का पुरवा तक करीब 1 किलोमीटर का मार्ग पूरी तरह कच्चा है। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है और स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस कच्चे मार्ग को जल्द से जल्द चलने योग्य बनाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उनका यह आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।4
- हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में कजियाना यमुना घाट के पास एक खेत में ब्लैक कोबरा और कौओं के बीच एक अनोखी टक्कर देखने को मिली। खेत में निकले ब्लैक कोबरा को कौओं ने चारों ओर से घेर लिया और उस पर लगातार चोंच मारकर उसे परेशान करने लगे। इस हमले से खुद को बचाने के लिए कोबरा बार-बार अपना फन फैलाकर खुद को सुरक्षित करने का प्रयास करता रहा। इस दुर्लभ नजारे को देखकर मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इसका एक वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कोबरा कौओं से बचने की कोशिश कर रहा है और कौए लगातार उस पर हमला बोल रहे हैं।1
- हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के कजियाना यमुना घाट के पास एक खेत में उस समय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जब एक ब्लैक कोबरा पर कौओं के झुंड ने हमला बोल दिया। कौए लगातार अपनी चोंच मारकर कोबरा को चारों तरफ से घेर रहे थे, जबकि कोबरा अपना फन फैलाकर खुद का बचाव करने की कोशिश में जुटा रहा। खेत में मौजूद लोगों ने इस अनोखे और दुर्लभ नजारे को देखा और अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो बना लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा है। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है और पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- Post by Jitendra kumar कोरी1
- हमीरपुर के मौदहा में सरकारी एवं शत्रु संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने के अभियान के तहत प्रशासन ने मंडी समिति के सामने स्थित राजस्व विभाग की सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की है। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे उपजिलाधिकारी करणवीर सिंह के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था के बीच अवैध कब्जा हटवाया और सरकारी भूमि को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्राधिकारी राजकुमार पाण्डेय, तहसीलदार, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से सरकारी जमीन पर डाली गई मिट्टी, बालू तथा अन्य अतिक्रमण को हटाकर पूरी भूमि को खाली कराया है। उपजिलाधिकारी करणवीर सिंह ने इस कार्रवाई के संबंध में बताया कि कब्जाधारियों को पहले ही नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और स्वामित्व संबंधी साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इसके बावजूद जब उन्होंने अपने स्तर से कब्जा नहीं हटाया, तो प्रशासन को बुलडोजर चलाकर यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि सरकारी एवं शत्रु संपत्तियों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा सहन नहीं किया जाएगा और भूमाफियाओं व अतिक्रमणकारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।4
- बांदा जिले के कोतवाली बबेरू अंतर्गत सतन्याओ गांव में दबंग महिलाओं का कहर देखने को मिला है, जहां एक महिला को बेरहमी से पीटा गया। इस पूरी वारदात का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है, जिसमें महिला को घसीटते हुए मारने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बर्बरता के बाद पीड़ित महिला ने एसपी के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1