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*पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं* *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*

21 hrs ago
user_जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

*पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं* *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*

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  • देश की राजधानी में दिल दहला देने वाली वारदात CCTV फुटेज: दिल्ली के पटेल नगर में खूनी खेल
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    देश की राजधानी में दिल दहला देने वाली वारदात 
CCTV फुटेज: दिल्ली के पटेल नगर में खूनी खेल
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पत्रकार Rewa, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*
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    *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* 
*मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* 
*खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* 
*शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* 
एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था?
हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया?
वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके।
*नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*
    user_जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • रामपुर बाघेलन में गैस सिलेंडर के लिए सुबह से लंबी कतार लगे लगी
    1
    रामपुर बाघेलन में गैस सिलेंडर के लिए सुबह से लंबी कतार लगे लगी
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • आराध्या मिश्रा आदर्श मिश्रा जेपी मिश्रा
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    आराध्या मिश्रा आदर्श मिश्रा जेपी मिश्रा
    user_जे पी मिश्रा
    जे पी मिश्रा
    सिरमौर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *हजार बार देखा* *लेकीन पेट नाही भरा*
    1
    *हजार बार देखा* 
*लेकीन पेट नाही भरा*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    1
    Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Bolti Divare
    1
    Post by Bolti Divare
    user_Bolti Divare
    Bolti Divare
    Voice of people हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* *मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* *खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* *शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था? हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया? वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके। *नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*
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    *पुष्पेंद्र गौतम का 'धमकी भरा' ऑडियो वायरल: "बचा सको तो बचा लो शिखा को!* 
*मौत से पहले का 'खौफनाक' सच? वायरल ऑडियो में विकास पाण्डेय को खुला चैलेंज।* 
*खाकी पर सवाल: क्या पुष्पेंद्र की कॉल डिटेल्स और लोकेशन खोलेगी मौत का राज?* 
*शादी के चंद महीने और सुसाइड आखिर पुष्पेंद्र गौतम के फोन कॉल के पीछे का मकसद क्या था?* 
एक हंसती-खेलती जिंदगी, सात फेरों के सात वचन और फिर चंद महीनों में मौत का मातम। शिखा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए थे, लेकिन अब जो वायरल ऑडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले में आग लगा दी है। निज सहायक पुष्पेंद्र गौतम का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो शिखा के पति विकास पांडे को खुलेआम धमकी दे रहा है। वो कह रहा है- 'बचा लो', 'रिकॉर्ड कर लो', 'पुलिस के पास चले जाओ'। आखिर ये आत्मविश्वास कहां से आ रहा है? आज हम इसी वायरल ऑडियो की परतें खोलेंगे। "बचा सको तो बचा लो" ये शब्द किसी फिल्म के विलेन के नहीं, बल्कि उस पुष्पेंद्र गौतम के बताए जा रहे हैं, जिस पर अब उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। शिखा की मौत के बाद एक के बाद एक दो ऑडियो क्लिप्स ने पुलिस की तफ्तीश पर सवालिया निशान लगा दिया है। वायरल ऑडियो में सुना जा सकता है कि कैसे पुष्पेंद्र, शिखा के पति विकास पाण्डेय को धमका रहा है। वो न सिर्फ बदतमीजी कर रहा है, बल्कि उसे पुलिस और कानून का डर तक नहीं है। सवाल ये है कि आखिर एक बाहरी शख्स, एक नवविवाहिता के परिवार में इतनी दखल अंदाजी क्यों कर रहा था? क्यों वो बार-बार फोन करके विकास को उकसा रहा था?
हैरान करने वाली बात ये है कि इस मामले में FIR दर्ज होने में एक महीने की देरी हुई। क्या ये देरी किसी दबाव का नतीजा थी? आज तीन लोग सलाखों के पीछे जरूर हैं, लेकिन क्या असली मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है? पुष्पेंद्र गौतम के हौसले ये बता रहे हैं कि उसे शायद किसी का संरक्षण प्राप्त है अब मांग उठ रही है कि पुलिस सिर्फ ऑडियो सुनकर न बैठ जाए। जनता पूछ रही है— क्या पुष्पेंद्र गौतम की Call Details (CDR) निकाली जाएगी? क्या उसकी Location और शिखा की मौत के वक्त की कड़ियां जोड़ी जाएंगी? आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने एक नई नवेली दुल्हन को मौत चुनने पर मजबूर कर दिया?
वायरल ऑडियो का दूसरा पार्ट अब सबके सामने है। ये चीख-चीख कर कह रहा है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। अगर पुलिस निष्पक्ष जांच करना चाहती है, तो पुष्पेंद्र गौतम की भूमिका, उसके फोन कॉल्स और विकास पाण्डेय के घर बार-बार फोन करने की वजह को खंगालना होगा। सच सामने आना चाहिए, ताकि शिखा को इंसाफ मिल सके।
*नोट/ मै उपरोक्त वायरल आडियो की पुष्टि नहीं करता हूं*
    user_जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • *सतना* डाली बाबा रोड शराब दुकान के सामने चलती कार के ऊपर गिरी बिजली की तार।
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    *सतना* डाली बाबा रोड शराब दुकान के सामने चलती कार के ऊपर गिरी बिजली की तार।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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